मी



एक था बचपन भाग 3 (संस्मरण)

मजा तब शुरू होता जब सबसे छोटे बापू मामा गर्मी की छुट्टियों में गांव आते साथ में देवगांव के प्रसिद्ध पेडे जरूर लाते ।उनके आते ही हवेली कि रौनक बढ़ जाती ,क्योंकि मामा भले ही



दूर

दुनिया में आए अकेले हैं। दुनिया से जाना अकेले हैं। दर्द भी सहना पड़ता अकेले हैं। लोग मतलब निकलते ही छोड़ देते अकेला है। तो फिर काहे की दुनियादारी, लोगों से दूर रहने में ही ठीक है। दर्द जब हद से गुजरता है तो गा लेते हैं। जिंदगी इम्तिहान लेती है। कभी इस पग में कभी उस पग में घुंघरू की तरह बजते ही रहें



सफाई कर्मचारियों के हक और अधिकारों की दास्तां को बयां करती हुई नरेंद्र वाल्मीकि की कविता 'आखिर कब तक'

आखिर कब तकआखिर कब तककरते रहोगे अमानवीय कामढोते रहोगे मलमूत्रमरते रहोगे सीवरों मेंनिकालते रहोगे गंदी नालियाँढोते रहोगे लाशेंआखिर कब तकसहोगे ये जुल्मकब तक रहोगेखामोश ?सुनो सफाईकर्मियों !अब बजा दोबिगुलइन गंद



आज की राख

मीठी जुबान बनके कटार हुई मन के पार, जब मुंह ढककर अपने सामने आने लगें। क्या बेटी, क्या बहु, क्या प्रेमिका, क्या मइया, सब मुंह ढककर घर बाहर आने जाने लगें। रिश्तों का भंवर, बीमारी के कहर से शरमाने लगें। छाया ऐसा कोरोना का डर कि अपने भी, गले मिलने से घबराने लगे। दो गज की दूरी, दो गज की कोठरी से है भली।



सफाई कामगार समुदाय को उनके पुशतैनी कार्यो को छोड़ने की अपील करती हुई नरेन्द्र वाल्मीकि की कविता "छोड़ दो"

छोड़ दोआधुनिकता केदौर मेंनित नई-नईखोज हो रही है।कभी मंगल तोकभी चाँदपर बसने की टोह हो रही है।ये सबदेखते हुए भीतुम -नही सीख रहे हो,अभी भीजीवन ज



युवा कवि नरेन्द्र वाल्मीकि की समाज को प्रेरित करने वाली कविता "उजाले की ओर"

उजाले की ओर हमारे पूर्वजहमारा अभिमान है,हमारे पूर्वज इसदेश की मूल संतान हैं,हमारे पूर्वज कभीशासक हुआ करते थेइस देश के।हमारे पूर्वजों कोगुलाम बनाकरकराये गये घृणित कार्यअब समय आ गया हैइन कार्यों को छोड़ने काअपने पूर्वजों के गौरव कोआगे बढ़ान



06 मई 2020

समीक्षा: उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक पूरी फिल्म

18 सितंबर 2016 को वह दिन था जब आतंकवादी समूह भारतीय सैनिकों पर हमला कर रहे थे जब वे बस से जा रहे थे। यह भारतीय सेना पर बड़े आतंकवादी हमलों में से एक था। इस हमले में 19 बहादुर सैनिक मारे गए थे।भारतीय सरकार के समर्थन के साथ भारतीय सेना ने आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने के बदला पर इस बहादुर ऑपरेशन को अं



गर्भवस्था के दौरान आयरन की कमी होने के कारण और इसका उपचार !

आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया रक्त विकार का एक प्रकार है।



संतुलन

संतुलनहर तरफ़ अफ़रा -तफ़री का माहौल था ,अचानक उठे तूफ़ान की थपेड़ों में जहाज़ हिचकोले खा रहा था । पूरा वातावरण बेचैनी और खौफ़ में सिमट गया था । तभी जहाज़ के कप्तान ने आकर कहा – यह बहुत मुश्किल का समय है , मगर धैर्य से स्थिति को नियंत्रण में किया जा सकता है । आप सब घबराएँ नहीं ,मैं जहाज़ को किनारे तक ले जाने



इकोनॉमी

जब इकोनॉमी हो आउट ऑफ़ कन्ट्रोल,ताली बजाकर बोल, थाली बजाकर बोल, दिया जलाकर बोल आल इस बेस्ट.



दुर्गा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

दुर्गा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं



सोशल मीडिया के खतरे

सोशलमीडिया के खतरेसंचार के प्राचीन साधनों में सर्वाधिकप्रचलित,पत्रों से जोमाहौल आज से बीस साल पहले बनता था,आज उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकतीहै.उत्साह, भय और रोमांच सेभरकर ज



सूर्य का मीन में गोचर

शनिवार 14 मार्च2020 को दिन में 11:54 के लगभग पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र पर भ्रमण करते हुए ही भगवान् भास्कर अपने शत्रु ग्रह शनि की राशि कुम्भसे निकल कर मित्र ग्रह गुरु की मीन राशि में भ्रमण करने के लिए प्रस्थान करेंगे जहाँशनि की तीसरी दृष्टि भी सूर्य पर रहेगी | सूर्य के मीन राशि में प्रस्थान के समय चैत्रक



02 मार्च 2020

देशभक्ति की भूख

*देशभक्ति की भूख*प्रिय स्नेही मित्रों जय श्रीकृष्णा *देशभक्ति की भूख* मैंं जाति से ब्राह्मण पं0 रमाकान्त मिश्र हूँँ, लेकिन आज मैं एक ठाकुरवादी (राजपूताना) पोस्ट लिख रहा हूं।राजपूतोंं के बारे में कहा जाता है.. अजी साहब बहुत भेदभाव हुआ दलितों के साथ।उनसे खेतों में काम कराया गया।हरवाह



है,जहाँ जीना कठिन, मरना जहाँ आसान है! क्या .... यही हिंदोस्तान है ?

है,जहाँ जीना कठिन, मरना जहाँ आसान है! क्या .... यही हिंदोस्तान है ? पकड़ो, पकड़ो , .... मारो ,मारो , की आवाज़ों से वहकांप रहा था । एकाएक आवाज़ें नजदीक आने लगी । उसे कुछ समझ नहीं आ रहाथा। वह जड़ खड़ा था, तभीकिसी ने झपट कर उसे खींच लिया और छिपा लिया अपने आँचल में.....थोड़ी दूर का मंजर देखकर वह छटपटाने ल



पानी को पानी रहने दो

पानी को पानी रहने दोनदी अकेले बहकर अनेको घाट बनाती थी। हर घाट निराला होता था।पनघट मे पानी भरी बाल्टी रस्सी से खीच कर औरत सुस्ताती थी।भर मटका कलस फुरसत मे सखी सहेलियों से बतियाती थी, बेटी बहू।चरवाहा बैठ पेड़ की छांव मे मन से गीत गुंगुनाता, गीले होठो से। जानवर तालाबो मे डुबकी लगाते तैरते इतराते ले प



मोबाईल

पहले ज़रुरत थी आदमी को, केवल रोटी- कपड़ा - मकानआज लग रहा है यह नारा, कि ' मेरा मोबाईल महान 'क्रांति लाई है इसने, आया युग जानकारी काघर बैठे काम हो गए, नहीं इंतजार अब बारी काई - कॉमर्स से घर पहुंचते हैं छोटे - बड़े सामानआज लग रहा है यह नारा, कि ' मेरा मोबाईल महान 'बना यह घर का सदस्य, बसा यह सबके दिल म



शुक्र का मीन में गोचर

शुक्र का मीन राशि में गोचर रविवार 2 फरवरी, माघ शुक्ल नवमी को 26:18 (अर्द्धरात्र्योत्तर दो बजकरअठारह मिनट) के लगभग बालव करण और शुक्ल योग में समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख,कला, शिल्प, सौन्दर्य,बौद्धिकता, राजनीति तथा समाज में मानप्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपने परम मित्र शनि



वसन्त पञ्चमी की हार्दिक शुभकामनाएँ

वसन्त पञ्चमी की हार्दिक शुभकामनाएँआया वसन्त, आया वसन्त, लो फिर से मदिराया वसन्त | वसुधा के कोने कोने में छाया वसन्त छाया वसन्त ||लो फिर से है आया वसन्त, लो फिर से मुस्कायावसन्त |हरियाली धरती को मदमस्त बनाता लो आया वसन्त ||और अंग अंग में मधु की मस्त बहारों सा छाया वसन्त |आया वसन्त, आया वसन्त, लो फिर



मीन राशि के लिए शनि का मकर में गोचर

शनि का मकर में गोचरमाघ मास की अमावस्या को यानी शुक्रवार 24 जनवरी 2020 को दिन में नौ बजकर अट्ठावन मिनट के लगभग अनुशासन और न्याय का कारक मानाजाने वाला ग्रह शनि तीन वर्षों से भी कुछ अधिक समय गुरु की धनु राशि में व्यतीतकरके चतुष्पद करण और वज्र योग में उत्तराषाढ़ नक्षत्र पर रहते हुए ही अपनी स्वयं कीराशि म



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