रामधारीसिंहदिनकर

1


रामधारी सिंह “दिनकर”-परिचय

Ramdhari Singh Dinkar - Hindi poem परिचय – रामधारी सिंह “दिनकर”सलिल कण हूँ, या पारावार हूँ मैंस्वयं छाया, स्वयं आधार हूँ मैंबँधा हूँ, स्वप्न हूँ, लघु वृत हूँ मैंनहीं तो व्योम का विस्तार हूँ मैंसमाना चाहता, जो बीन उर मेंविकल उस शून्य की झंकार हूँ मैंभटकता खोजता हूँ, ज्



रामधारी सिंह “दिनकर”- बालिका से वधू

Ramdhari Singh Dinkar - Hindi poem बालिका से वधू – रामधारी सिंह “दिनकर”माथे में सेंदूर पर छोटीदो बिंदी चमचम-सी,पपनी पर आँसू की बूँदेंमोती-सी, शबनम-सी।लदी हुई कलियों में मादकटहनी एक नरम-सी,यौवन की विनती-सी भोली,गुमसुम खड़ी शरम-सी।पीला चीर, कोर में जिसकेचकमक गोटा-जाली,चली पिया के गांव उमर केसोलह फूलों





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x