राष्ट्रचिंतन

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जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म के प्रत्येक धर्म ग्रंथ में स्वर्ग एवं नर्क की व्याख्या पढ़ने को मिलती है और साथ ही यह भी बताया जाता है कि मनुष्य के यदि अच्छे कर्म होते हैं तो वह स्वर्ग का अधिकारी होता है और बुरे कर्म करने वाले नर्क में जाकर अनेक प्रकार की यातनाएं सहन करते हैं | स्वर्ग एवं नर्क की व्याख्या पढ़ने के बाद





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