लाइटदेलिटरेसी

ज़िंदगी पिंजरे में बंद पंछी की तरह थी “लाइट दे लिट्रेसी” ने हमें उड़ना सिखाया -Light de Literacy NGO IN DELHI

कहा जाता है की बच्चे गीली मिट्टी की तरह होते हैं अगर इन्हें सही समय पर सही आकार न दिया जाये तो ये बिखर जाते हैं। “लाइट दे लिट्रेसी” संगठन ने लाखों बच्चों को एक भविष्य दिया है। बता दें लाइट दे लिट्रेसी- "एक आशा नवनिर्माण की” एक प्रयास है उन बच्चों के लिए जो शिक्षा से





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x