स्वज्ञान

1


स्वयं की समीक्षा ;---- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस संसार में परमात्मा ने बड़ी विचित्र सृष्टि की है | देखने में तो सभी पक्षी एक प्रकार के ही दिखते हैं , सभी मनुष्यों की आकृति एक समान ही बनाई है परमात्मा ने परंतु विचित्रता यह है कि एक समान आकृति होते हुए भी प्रत्येक प्राणी के गुण एवं स्वभाव भिन्न - भिन्न ही हैं | अपने गुण , स्वभाव एवं कर्मों से ही





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x