जीने की कला

हां दर्द सहना भी एक कला है। गम बर्दाश्त कर लेना भी एक कला है। खुद नाखुशी के दौर में रहकरदूसरों से ना जलना भी एक कला है। छिपकर रोना भी एक कला है । अंधेरे में भी जुगनू बनकर जीनाएक कला है। कहती है अगर खुदगर्ज़ दुनिया तोकहने तो कहने दो। क



सिड्रेंला और लैला जब मिली

सिड्रेंला और लैलामें बहस एक दिनजमकर हुई। लैला सिड्रेंलाकी किस्मत कोबेहतर बता गईसिड्रेंला को लैलाने कहा देखोफर्श से तू अर्शपर पहुंचगई। मैं महलों की रानीहोकर अकेली ही रह गई। कुछ इस तरह वो फ़कीरीको वो अमीरी से बेहतरबता गईऔर कह गई प्यार मेंउंच और नीचकी बात गलती से भी ना कर



सोशल प्राणी का सच

खुश है कुछ लोगइंस्टाग्राम, फ़ेसबुक, और ट्विटरपर अपनी फ़ैन फॉलोइंग को गिनकर.अपनी निज़ी जिंदगी को सार्वजनिककर.मगर भूल जाते है इस वर्चुअल दुनियामें खोकर उस पड़ोस को जो सबसेपहले पूछते है उनका हाल चाल.वो स्कूल कॉलेज और दफ़्तर केदोस्त जो बिना बताएं ही जान लेते हैदिल की बात.उंगल



अब नारी सम्मान की बात कहां करे ?

क्या अब नारी सिर्फ देव लोक में हीसम्मानित रह गई है ?मां की कोख में होतब भ्रूणहत्या की बात सोचकर सहम जाती है.गर दुनिया में आने का सौभाग्य पा जाए तोतब अस्मत को लेकर जाती है सहम.चढ़ती है डोली तबदहेज जैसे दानव को देखकर जाती है सहम.दुनिया मे



सुधार की कैसी चाह ?

है जुटे हुए कुछ लोगसुधार में.है जुटे कुछ लोग आधुनिकताकी दुहाई देकर पंरपराओं कोप्राचीन बताने में.तो कुछ पंरपराओं की आड़ लेकरबदलाव को ठुकराने में.है जुटे हुए कुछ लोगअपनी ही बात सही मनवाने में.उनकी इच्छाओं का नहीं कोईअंत, सिर्फ इसलिए जुटे है व



जनम जनम की बात है

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लहरों जैसे बह जाना

लहरों जैसे बह जाना✒️मुझको भी सिखला दो सरिता, लहरों जैसे बह जानाबहते - बहते अनुरागरहित, रत्नाकर में रह जाना।बड़े पराये लगते हैंस्पर्श अँधेरी रातों मेंघुटनयुक्त आभासित होलहराती सी बातों मेंजब तरंग की बलखातीशोभित, शील उमंगों कोक्रूर किनारे छूते हैंकोमल, श्वेत तमंगों कोबंद करो अब और दिखावे, तटबंधों का ढह



खिलौनों की सभा- बाल कविता

हुई सभा एक दिन गुड्डे गुड़ियों की.गुड़िया बोली,मैं सुंदरता की पुड़ियामुझसे ना कोई बढ़िया.इतने में आया गुड्डापहन के लाल चोला,कितनों का घमंड है मैंने तोड़ा.बीच में उचका काठी का घोड़ाअरे चुप हो जाओ तुम थोड़ा.मैंने ही हवा का रुख़ है मोड़ा.लट्टू घूमा, कुछ झूमा.बोला लड़ों



दोहा

महोदय आपको सादर प्रणाम मैंने कुछ दोहे आपको लिंक में भेंजे है आपको अच्छा लगे तो सूचित करे ...और प्रकाशित कर सके तो बड़ी कृपा होगी बहुत बहुत धन्यबाद रुपेश धनगर मथुरा 9410490520 9760986966



सोने की चिड़िया ?

फ्रेंच के साथ फ्रांसीसी जर्मन के साथ जर्मनवासी,जापानी भाषा के साथ जापान निवासी बना गए देश को विकसित और उन्नत.अंग्रेजी सभ्यता के बनकरअनुगामी, विकासशील से विकसित राष्ट्र का सफर अब तक क्या तय कर पाए है हिन्दुस्तानी ?



जानिए डिजिटल मर्केटिंग क्या है?-what is digital marketing in hindi-step by step full guide.

Digital marketing kya hai-दोस्तो डिजिटल marketing दो सब्दो से मिलकर बना है।पहला डिजिटल और दूसरा मर्केटिंग दोस्तो डिजिटल का अर्थ होता है internet और मर्केटिंग का अर्थ होता है। advertisement।दोस्तो आज का युग digital का युग है।आज के बदलते टाइम पर सबकुछ डिजिटल हो गया है।एक समय था जब लोग बाज़ारों मे दुकान



तो इस मामले में बहनें है मराठी और हिंदी

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कुछ यूं होती है जापानी शैली में बनी हिंदी कविता

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जीवन

जीवन एक रास्ते जैसा लगता है मैं चलता जाता हूँ राहगीर की तरह मंजिल कहाँ है कुछ पता नहीं रास्ते में भटक भी जाता हूँ कभी-कभीहर मोड़ पर डर लगता है कि आगे क्या होगा रास्ता बहुत पथरीला है और मैं बहुत नाजुक दुर्घटनाओं से खुद को बचाते हुए घिसट रहा हूँ जैसे पर रास्ता है कि ख़त्म होने का नाम नहीं लेता कब तक और



वो बॉलीवुड फ़िल्में जिनमें हिंदी साहित्य बना प्रेरणा

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Archana Ki Rachna: Preview " मेरी ज़िन्दगी का रावण "

अपनी ज़िन्दगी के रावणअब मुझे जलाने हैंमान मर्यादा लोक लाजके बंधन अब मुझेभुलाने हैंमैं प्यारी और दुलारी थीजब तक अपनीउपेक्षा सेहती रहीतुम्हारे बेटा बेटी के दुर्भाव मेंमैं अपने अधिकार छोड़ती रहीतुम्हारी इस मानसिक सोचसे मुखौटे अब हटाने हैंअपनी ज़िन्दगी के रावणअब मुझे जलाने हैंतु



Archana Ki Rachna: Preview "मनमर्ज़ियाँ"

चलो थोड़ी मनमर्ज़ियाँ करते हैं पंख लगा कही उड़ आते हैंयूँ तो ज़रूरतें रास्ता रोके रखेंगी हमेशापर उन ज़रूरतों को पीछे छोड़थोड़ा चादर के बाहर पैर फैलाते हैंपंख लगा कही उड़ आते हैंये जो शर्मों हया का बंधनबेड़ियाँ बन रोक लेता हैमेरी परवाज़ों कोचलो उसे सागर में कही डूबा आते हैंपंख लगा



हिंदी भाषा का दबदबा कहां तक?

क्या हिंदी भाषा वैश्विक भाषा है या ये केवल भारत तक ही सिमित है?



मौजूदा लेखकों की चुनौतियां

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Scorpio Horoscope Today: Scorpio (वृश्चिक) Horoscope Today- 05-10-2019 (Friday)

पॉजिटिव:- वृश्चिक राशि वालो के लिए आज का दिन शुभ, फलदायी होगा। परिवार में भी आज ठीक और आपके अनुकूल परिस्थति रहेगी। परिवार के बड़ो के साथ कुछ समय निकले आपको आनंद महसूस होगा। लम्बी यात्रा का प्लान बन सकता है। आप जो भी कार्य कर रहे है उसमे सफलता मिल सकती है जिसके कारण आपकी आर्थिक स्थिति ठीक हो सकती है।



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