लगता है तुम्हारा भूत उतारना ही पड़ेगा / जोक्स

ऑफिस में मेरे दोस्त ने सलाह दी कि बीवी से बहस में कभी नहीं जीता जा सकता है। इसलिए, बीवी की किसी भी बहस वाली बात पे हल्का सा मुस्कुरा दिया करो ! घर में कभी अशांति नहीं रहेगी



उठो बहना शमशीर उठा लो....

"उठो बहना शमशीर उठा लो..."उठो बहना शमशीर उठा लोसोयी सरकार न जागेगीहर घर में है दुःशासन बैठाऔर कब तक तू भागेगी...?समय आ गया फिर बन जाओतुम झाँसी की रानीशमशीर उठाकर लिख डालोएकदम नई कहानीमरते दम तक याद रहेसबको एकदम जुबानी....।उठो बहना शमशीर उठा लोबन जाओ तुम मरदानीकोई नज़र



बहुत याद आता है.. वो गुजरा जमाना

बहुत याद आता है..वो गुजरा जमाना...बहुत याद आता है, वो गुजरा जमानावो बीता बचपन, हरकतें बचकानाआपस में लड़ना, फिर रूठना-मनानाचंदा मामा का आना, खाना खिलानासुबह का कलेवा, वो बासी खानाजिसके बिना दिन, लागे सूना-सूना।दादा-दादी के पास, नित होता था सोनानीदिया रानी का आना, चुपके से सुलानापरियों की कहानी का, नित



विशुद्ध किसान गुदड़ी के लाल

विशुद्ध किसान गुदड़ी के लालहम किसान हमें खेती प्याराहम कुछ भी उगा सकते हैंइस जग में दूजा काम नहीं जो मेरे मन को भा सकते हैं।हम उस किसान के बेटे हैंसंभव है तुझको याद नहींजय जवान जय किसान का नाराबिल्कुल तुझको है याद नहीं।ईमानदारी जिसके रग-रग में समायाबेमिसाल ऐसा इनसान कहाँसादा जीवन और उच्च विचार होमिलत



हे कवि मन हिंदी की जय बोल

हे कवि मन, हिंदी की जय बोलजिसने निजभाषा का मान बढ़ायाहिंदी को जन - जन तक पहुँचायाराजभाषा का दर्जा भी दिलवायाहे कवि मन, हिंदी की जय बोल।जो घर-घर में बोली जाती हैजो सबके मन को हरसाती हैसभी जाति धरम को भाती हैहे कवि मन हिंदी की जय बोल।जिसके बावन अक्षर होते हमारेकवि जिससे प्रकृति को चितारेजो जनमानस के भा



रिज़वी महाविद्यालय में हिंदी काव्य-पाठ का आयोजन संपन्न

रिज़वी महाविद्यालय में ऑनलाइन मंच के माध्यम से दो दिवसीय 'हिंदी काव्य-पाठ समारोह' सम्पन्नरिज़वी महाविद्यालय कला, विज्ञान एवं वाणिज्य के कनिष्ठ महाविद्यालय हिंदी विभाग के तत्वाधान में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय 'हिंदी काव्य-पाठ समारोह' का आयोजन संपन्न हुआ। दोनों दिन समारोह का शुभारंभ सरस्वती



हिंदुस्तान के युव हिंदी अब कहते भी शर्माते हैं

हिंदी दिवस पर विशेष___ *प्रतियोगिता हेतु* *मातृभाषा,हिन्दी* *हास्य,कविता* 🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦 देश हमारा उन्नति पर है, सब अंग्रेजी बतलाते हैं ।हिंदुस्तान के युवा हिंदी, अब कहते भी शर्माते है ।🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷कविता हो या छन्द-वन्दना,



जानिए कब नहीं करते लोग मदद

हमें अपनी ज़िंदगी की जिम्मेदारियां खुद हीउठानी पड़ती है, लेकिन मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है तो ऐसे में ये कहना कि वो हीअकेले सारे काम कर सकता है तो ये कहना गलत ही होगा। एक दूसरे के सहयोग से ही समाजआगे बढ़ता है लेकिन कब लोग मदद करने से मुंह फेर लेते है इसका उदाहरण बचपन



मुक्तक, हिंदी दिवस

हिंदी दिवस की हार्दिक बधाई ( "हिंदी है पहचान हमारी" शब्द साधना सबसे न्यारी" "मुक्तक"हिंदी ही पहचान है, हिंदी ही अभिमान।कई सहेली बोलियाँ, मिलजुल करती गान।राग पंथ कितने यहाँ, फिर भी भारत एक-एक सूत्र मनके कई, हिंदी हुनर महान।।-1एक वृक्ष है बाग का, डाल डाल फलदार।एक शब्द है ब्रम्ह का, पढ़ न सका संसार।पूज



हिंदी

अनेकों को लिखता देख मेरे मन में उठा ख्याल, मैं भी लिखूं कुछ ऐसा जिस पर उठे सवाल। फिर चाहे उस पर होता रहे हैं जितना बवाल , सोचा कविता को शीर्षक क्या दूँ, क्यों ना इस कविता का नाम अपना ही रख दूँ। कविता में



भारती का प्यार हिन्दी...

भारती का प्यार है ये हिंदवी,भारतेन्दु ,शुक्ल और द्विवेदी प्रसाद ,जैसे , गोमुखी से गंगा काप्रयास है ये हिंदवी,हिम कन्दराओं दे उदित वेद मंत्रों युक्त,ऋषि मुनियों का इतिहास है ये हिंदवी,सूर का आभास है ये मीरा हरी प्यास है ये,पीड़ा महादेवी



पेरियार ललई सिंह यादव की जयंती समारोह

अब तक हिंदी न्यूज़ /प्रयागराज /मेजा/लोहड़ी आज पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक के तत्वावधान में आज मेजा विधनसभा के लोहड़ी जिला कार्यालय पर पेरियार ललई सिंह यादव की जयंती मनाई गई।जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मा. रोहित लाल पटेल जी ने किया कार्यक्रम का संचालन मा.जगत बहादुर यादव प्रदेश उपाध्यक्ष जी ने क



अपना दल एस कौशांबी में कार्यकर्ताओ की बैठक

अब तक हिंदी न्यूज़ /प्रयागराज/अपना दल एस कौशांबी*आज दिनाक 29/08/2020 को अपना दल एस के *प्रदेश अध्यक्ष (विधायक सोराव) मा- डॉ जमुना प्रसाद सरोज जी को मुरतगंज बाईपास पर रीशिवड किया गया और फिर कौशांबी जिले के मंझनपूर विधान सभा के मासनीपूर गाँव में अपना दल एस के सक्रिय कार्य कर्ता श्री राजेश सरोज जी के य



हासिल

शीर्षक :- हासिलकभी – कभी बिन माँगें बहुत कुछ मिल जाता हैऔर कभी माँगा हुआ दरवाज़े पे दस्तक दे लौट जाता हैशायद इसी को ज़िन्दगी कहते हैंसब्र का दामन थाम कर यहाँ हर कोई यूं ही जिये जाता है …मिले न मिले ये मुकद्दर उसकाफिर भी कोशिश करना फ़र्ज़ है सबकाआगे उसकी रज़ा कि किसको क्या हासिल हो पाता है …कभी – कभी सब्र



संदीप कुमार मिश्रा को तहसील मंत्री मेजा और संजीव उपाध्याय जी को महा मंत्री मेजा के पद से सम्मनित किया गया

अजय विश्कर्मा तहसील अध्यक्ष मेजा के उपस्थिति में मनोज कुमार बिन्दतहसील उपाध्यक्ष मेजा प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना के पद से सम्मनित किया गया जिसमे संदीप कुमार मिश्रा कोतहसील मंत्री मेजा औरसंजीव उपाध्याय जी कोमहा मंत्री मेजा के पद से सम्मनित किया गया।



फरिस्ता बने -वरिष्ठ समाज सेवी संदीप कुमार मिश्रा ने किया घायल बच्चे की मदद

अब तक हिंदी न्यूज़ /मेजा/ पटिया मौके पर पहुँच कर -वरिष्ठ समाज सेवी संदीप कुमार मिश्रा ने किया घायल बच्चे की मददराशिद अली 6 वर्ष पिता मोहर्रम अली जो कि अपने घर से खेत की तरफ जा रहा था. उतने में बाइक सवार से टक्कर होने से गम्भीर रूप से सर में काफी चोट आयी तुरंत सी.एच. सी. रामनगर ले आया गया तुरंत एस. आर



प्रेम कविता

#प्रेमरचना



मस्त हवाओं का ये झोंका....

मस्त हवाओं का ये झोंका, बेमौसम ही प्यार करे…प्रियतम पास नहीं हैं फिर भी मिलन को बेकरार करेजीवन में बहार नहीं फिर भी प्रणय गीत स्वर नाद करेसजना की कोई खबर नहीं फिर जीना क्यों दुस्वार करेबिन तेरे सजना जीना मुश्किल रग - रग में है ज्वार उठे तेरे ही नाम से मेरी सुबह हुई है तेरे ही नाम से शाम ढले।मस्त हवा



सागर की लहरें....

सागर की लहरें...सागर की लहरें किनारे से बार-बार टकरातीचीखती उफान मारती रह-रहकर इतरातीमन की बेचैनी विह्वलता साफ झलकतीसदियों से जीवन की व्यथा रही छिपाती पर किनारे पहुँचते ही शांत सी हो जातीवह अनकही बात बिना कहे लौट जातीअपने स्पर्श से मन आल्हादित कर जातीसंग खेलने के लिए उत्साहित हो उकसातीजैसे ही हाथ बढ़



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