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Hindi Inspirational poetry on life - मृत  टहनियाँ ; अर्चना की रचना

जीवन पर प्रेरक हिंदी कविता मृत टहनियाँवो टहनियाँ जो हरे भरे पेड़ोंसे लगे हो कर भीसूखी रह जाती है जिनपे न बौर आती है न पात आती है आज उन मृत टहनियों को उस पेड़ सेअलग कर दिया मैंने… हरे पेड़ से लिपटे हो कर भी वो सूखे जा रही थी और इसी कुंठा में उस पेड़ को ही कीट बन खाए जा रही



Hindi poetry on love - तुमको लिखा करूंगी ; अर्चना की रचना

Hindi poetry on love - तुमको लिखा करूंगी > अर्चना की रचना अब से मैं प्यार लिखूंगी तो तुमको लिखा करूंगी वो शामें मेरी ,जो तुम पर उधार हैं , उन पर ख्वाब लिखूंगी तो तुमको लिखा करूंगी वो गलियाँ जिन पर तेरेवापस आने क



Hindi poetry on love and betrayal - मलाल ; अर्चना की रचना

प्रेम और विश्वासघात पर हिंदी कविता मलाल मुझे ताउम्र ये मलाल रहेगा तुम क्यों आये थे मेरी ज़िन्दगी में ये सवाल रहेगा जो सबक सिखा गए तुम वो बहुत गहरा है चलो प्यार गहरा न सही पर उसका हासिल सुनहरा है गैरों की नज़र से नहींखुद अपनी नज़र से परखा था तुम्हें मुझे लगा तेरे मेरा संग कमा



Inspirational Hindi Poetry on life - मेरे दर्द > अर्चना की रचना

प्रेरक हिंदी कविता मेरे दर्द मेरे दर्द सिर्फ मेरे हैं इन्हें अपनी आँखों का पता क्यों दूँतरसे और बरसेइन्हें अपने दर्दों से वो लगाव क्यों दूँमेरा अंधापन मेरी आँखों को चुभता है पर अपने लिए फैसलों पर इसे रोने क्यों दूँमेरे दर्द सिर्फ मेरे हैं इन्हें अपनी आँखों का पता क्यों द



Hindi poetry on holy festival Ramadan - एक ऐसी ईद ; अर्चना की रचना

रमज़ान के मौके पर हिंदी कविता एक ऐसी ईद ( कोरोना में त्यौहार )एक ऐसी ईद भी आई एक ऐसी नवरात गई जब न मंदिरों में घंटे बजे न मस्जिदों में चहल कदमी हुईबाँध रखा था हमने जिनको अपने सोच की चार दीवारों में अब समझा तो जाना हर तरफ उसके ही नूर से दुनिय



रुख़्सत

ये जो लोग मेरी मौत पर आजचर्चा फरमा रहे हैंऊपर से अफ़सोस जदा हैंपर अन्दर से सिर्फ एक रस्मनिभा रहे हैंमैं क्यों मरा कैसे मराक्या रहा कारन मरने कापूछ पूछ के बेवजह की फिक्रजता रहे हैंमैं अभी जिंदा हो जाऊँतो कितने मेरे साथ बैठेंगेवो जो मेरे र



ताज महल

नाकाम मोहब्बत की निशानीताज महल ज़रूरी हैजो लोगो को ये बतलाये केमोहब्बत का कीमती होना नहींबल्कि दिलों का वाबस्ता होना ज़रूरी हैदे कर संगमरमर की कब्रगाहकोई दुनिया को ये जतला गयाके मरने के बाद भीमोहब्बत का सांस लेते रहना ज़रूरी हैवो लोग और थे शायद, जोतैरना न आता हो तो भीदरि



प्रेम

प्रेम, जिसमें मैं ही मैं होहम न होडूब गए हो इतने केउबरने का साहस न होवो प्रेम नहीं एक आदत हैउसकीजो एक दिन छूट जाएगीफिर से जीने की कोई वजहतो मिल जाएगीजब तू उस घेरे के बाहरनिहारेगातब ही तेरा आत्म सम्मानतुझे फिर से पुकारेगातू झलांग लगा पकड़ लेनाउसकी कलाई कोउसकी आदत के चलतेतूने नहीं सोचा खुद कीभलाई कोतब



हाय रे चीन (कोरोना और चाइना )

हिंदी कविता व्यंग्यशीर्षक-: हाय रे चीन (कोरोना और चाइना )हाय रे चीनचैन लिया तूनेसबका छीनकुछ भी न बचातुझसे ऐसाजो न खायातूने बीन बीनहाय तू कैसा शौक़ीनसारी दुनिया कोदे के Covid 19कर दिया तूनेशक्तिहीनजब वो रो रहीबिलख रहीतब तू बन ने चलामहा महीमहाय रे चीनतुझ पर Biological Weaponबनाने का आरोप लगाफिर भी तू ह



Hindi love poetry On Occasion of Holi - मैं तो तेरी होली ; अर्चना की रचना

होली के अवसर पर एक प्रेम भरी हिंदी कविता मैं तो तेरी होली…ओ रे पिया मैं तो तेरी होली तन मन धन सब वारा तुझपे तेरे पीछे मैंने अपनी सुद्बुध खो ली ओ रे पिया मैं तो तेरी होली रूप श्रृंगार से रिझाया तुझको स्वाद से भी लुभाया तुझको पत्नी ,माँ,प्रेमिका और सेविका चारों रूप से समर्प



The Best Inspirational Hindi Poetry Blog - अर्चना की रचना : Preview "ज़िन्दगी एक शतरंज"

ज़िन्दगी एक शतरंज की बिसात सी चलती रहीकिसी के शह पे किसी की मात होती रहीबिछा रखे थे एहसासों के मोहरेंएक राजा को बचाने के लिएऔर एक एक कर केउन मोहरों की ज़िन्दगी कुर्बान होती रहीये खेल बहुत अलग सा हैकोई न जानेकिस की चाल में क्या छिपा हैदिमाग वाले तो जीत गए औरदिलजलों की हार हो



"Archana Ki Rachna" Best blog for Hindi poetry based on different shades of life. : Preview "ख्वाब और हक़ीक़त"

जो चाहूँ वो पाऊँतो कैसा हो?ख्वाब और हक़ीक़त अगर एक सा हो?न कोई खौफ हो दिल में तुमसे बिछड़ने का तू हर लम्हा सिर्फ मेरा हो मैं हर शाम करूँ इंतज़ार तेरा बन संवर के मेरे सिवा तेरा कोई और पता न हो बैठ बगीचे में निहारा करे उन दो फूलों को जिन्हे हमने अपने प्यार से सींचा हो तेरी सिगर



Archana Ki Rachna: Preview "तेरा तलबगार "

जाओ अब तुम्हारा इंतज़ार नहीं करूंगीके अब खुद को मायूस बार बार नहीं करूंगीबहुत घुमाया तुमने हमें अपनी मतलबपरस्ती मेंके अब ऐसे खुदगर्ज़ से कोई सरोकार नहीं रखूंगीरोज़ जीते रहे तुम्हारे झूठे वादों कोके अब मर के भी तुम्हारा ऐतबार नहीं करूंगीतरसते रहे तुझसे एक लफ्ज़ " मोहब्बत "



Archana Ki Rachna: Preview "किराये का मकान "

बात उन दिनों की है जब बचपन में घरोंदा बनाते थे उसे खूब प्यार से सजाते थे कही ढेर न हो जायेआंधी और तूफानों में उसके आगे पक्की दीवारबनाते थेवख्त गुज़रा पर खेल वहीअब भी ज़ारी हैबचपन में बनाया घरोंदाआज भी ज़ेहन पे हावी हैघर से निकला हूँकुछ कमाने के लिएथोड़ा जमा कर कुछ ईंटेंउस बचप



Archana Ki Rachna: Preview "रुक्मणि की व्यथा "

श्याम तेरी बन केमैं बड़ा पछताईन मीरा ही कहलाई न राधा सी तुझको भायी श्याम तेरी बन केमैं बड़ा पछताईन रहती कोई कसकमन मेंजो मैं सोचती सिर्फअपनी भलाईश्याम तेरी बन केमैं बड़ा पछताईसहने को और भीगम हैंपर कोई न लेना पीरपरायीश्याम तेरी बन केमैं बड़ा पछताईन कोई खबर न कोईठोर ठिकानाबहुत



Archana Ki Rachna: Preview "सपने "

सपने हमें न जानेक्या क्या दिखा जाते हैं हमें नींदों में न जानेकैसे कैसे अनुभव करा जाते हैंकभी कोई सपना यादरह जाता है अक्सरकभी लगता है ये जोअभी हुआ वो देखा साहै कही परसिर्फ एक धुंधली तस्वीरसे नज़र आते हैंसपने हमें न जानेक्या क्या दिखा जाते हैंकुछ सपने सजीलेऔर विरले भी होते



Archana Ki Rachna: Preview " ज़िन्दगी का उपकार "

अपने कल की चिंता मेंमैं आज को जीना भूल गयाज़िन्दगी बहुत खूबसूरत हैमैं उसको जीना भूल गयाखूब गवाया मैंने चिंता करकेजो मुझे नहीं मिला उसका गम कर केअपने कल की चिंता मेंमैं अपनी चिंता भूल गयाज़िन्दगी बहुत खूबसूरत हैमैं उसको जीना भूल गयाजब तक मैं आज़ाद बच्चा थामुझे तेरी परवाह



Archana Ki Rachna: Preview "" चिकने घड़े" "

" चिकने घड़े"कुछ भी कह लोकुछ भी कर लोसब तुम पर से जाये फिसलक्योंकि तुम हो चिकने घड़ेबेशर्म बेहया और कहने कोहो रुतबे में बड़ेउफ्फ ये चिकने घड़ेबस दूसरों का ऐब ही देखता तुमकोअपनी खामियां न दिखती तुमकोपता नहीं कैसे आईने के सामने होपाते हो खड़ेक्योंकि तुम हो चिकने घड़ेदूसरों का



Archana Ki Rachna: Preview "एक छोटी सी घटना "

जब भी तुम्हें लगे की तुम्हारी परेशानियों का कोई अंत नहींमेरा जीवन भी क्या जीना है जिसमे किसी का संग नहींतो आओ सुनाऊँ तुमको एक छोटी सी घटनाजो नहीं है मेरी कल्पनाउसे सुन तुम अपने जीवन पर कर लेना पुनर्विचारएक दिन मैं मायूस सी चली जा रही थीखाली सड़को पर अपनी नाकामयाबियों क



कई बार हुआ है प्यार मुझे

हाँ ये सच है, कई बार हुआ है प्यार मुझेहर बार उसी शिद्दत से हर बार टूटा और सम्भ्ला उतनी ही दिक्कत से हर बार नया पन लिये आया सावन हर बार उमंगें नयी, उमीदें नयी पर मेरा समर्पण वहीं हर बार वही शिद्दत हर बार वही दिक्कत हाँ ये सच है, कई बार हुआ है प्यार मुझेहर बार सकारात्मक



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