की



बेइंतहा प्यार

डीएम ऑफिस से आने के बाद से ही दीपमाला बहुत दुखी और परेशान थी। वह आईने के सामने खड़ी होकर अपने ढलते यौवन और मुरझाए सौंदर्य को देखकर बेतहाशा रोए जा रही थी। ऐसा लग रहा था मानो वह आईने से कह रही हो कि तुम भी लोगों की तरह झूठे हो। आज तक मुझे सिर्फ झूठ दिखाते रहे। कभी सच देखने ही नहीं दिया। उसने रात का खा



करें प्राणों की रक्षा :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*परमपिता परमात्मा द्वारा बनाई गई इस सृष्टि में चौरासी लाख योनियाँ भ्रमण करती हैं , इन चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ कही गई है मानवयोनि | अनेक जन्मों की संचित पुण्य जब उदय होते हैं तो जीव को मनुष्य का जीवन मिलता है | गोस्वामी तुलसीदास जी मनुष्य जीवन को दुर्लभ बताते हुए अपने मानस में लिखते हैं :-



नन्हे राजकुमार

मेरे नन्हे से राजकुमार करता हूं मैं तुमसे प्यार जब भी देखूं मैं तुझको ऐसा लगता है मुझको था मैं अब तक बेचारा और क़िस्मत का मारा आने से तेरे हो गया है दूर जीवन का हर अंधियार मेरे नन्हे से राजकुमार... मेरे दिल की तुम धड़कन तेरी हंसी से मिटती थकन प्यारी लगे तेरी शरारत तुम हो जीवन की ज़रूरत तुझको देकर मेर



संघे शक्ति :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस धरा धाम पर मानव समाज का एक दिव्य इतिहास रहा है | मनुष्य ने संगठित होकर ऐसे ऐसे कार्य किए हैं जिसकी जितनी बड़ाई की जाए उतना ही कम है | मनुष्य का सबसे बड़ा बल होता है इसका आपस में संगठित होना , संगठित होकर के मनुष्य ने बड़े से बड़े संकटों का सामना भी बड़ी सरलता से किया है | आज तक का इतिहास देखा जा



काली काली रात में

काली काली रात में काले काले बादलों को देखकरकाला हो गया मैं अब काल देव भी काले रथ में आ रहे है काले काले बादलों को देखकर अब नजरो के सामने दोनों आ चुके है काले काले बादलों को देखकर ये भी काले मैं भी कालासारा जहां है काला काले काले बादलों को देखकरअब प्राण ले जा रहे है मे



नाजायज़ रिश्ता

"अगले हफ्ते डैडी घर आ रहे हैं। मैं आप दोनों की करतूतों के बारे में डैडी को जरूर बताऊंगी। घर को नर्क बना कर रख दिया है।" ज्योति ने अपनी मां और चाचा को धमकाते हुए कहा। ज्योति तेईस वर्षीया युवती थी। ज्योति के पिताजी निर्मल सिंह फ़ौजी थे और मां नीलम देवी उपचारिका (नर्स) थीं। मनीष और आकाश दो छोटे भाई थे।



काश : दिनेश डाक्टर

काश दिनेश डॉक्टरसत्रह लाख पीड़ित ! एक लाख से ऊपर मौतें !! सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका परेशान हैरान !!! हम सब पूछ रहे है खुद से ही कि क्या होगा ? क्या दुनिया वापस पहले जैसी हो पाएगी ? क्या हम पहले की तरह मर्



किसी को छोटा न समझें :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस पृथ्वी पर अनेकों छोटे बड़े जीव हैं सबका अपना - अपना महत्त्व है | इन जीवों के अतिरिक्त अनेक जीवाणु एवं विषाणु भी पृथ्वीमण्डल में भ्रमण किया करते हैं जो कि मवुष्य जैसे बलवान प्राणी के लिए घातक सिद्ध होते रहे हैं | हाथी से लेकर चींटी तक कोई भी महत्वहीन नहीं है , पृथ्वी का सबसे विशलकाय प्राणी हाथी ज



कोरोना एवं मृत्यु :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस संसार का नाम है मृत्युलोक , यहां जो भी आया है उसे एक दिन इस संसार का त्याग करके जाना ही है अर्थात जो भी आया है उसकी मृत्यु भी निश्चित है | मृत्यु कों आज तक कोई भी टाल नहीं पाया है इसका अर्थ यह नहीं हुआ कि जानबूझकर मृत्यु को गले लगाया जाय | मृत्यु को गले लगाना भी दो प्रकार का होता है :- एक तो लोक



लैप्रोस्कोपिक सर्जरी क्या है?

लैप्रोस्कोपी एक तरह की सर्जिकल डायग्नोस्टिक प्रक्रिया या ऑपरेटिव प्रक्रिया होती है जिसके प्रयोग पेट के अंदर के अंगों को देखने के लिए किया जाता है। यह प्रक्रिया ज्यादा जोखिम भी भरी नहीं होती है। इस प्रक्रिया के दौरान अंदरूनी अंगों तक पहुँचने के लिए लैप्रोस्कोप नामक यं



शिव सूत्र

महेश्वर सूत्र माहेश्वर सूत्रों की उत्पत्ति भगवान नटराज (शिव) के द्वारा किये गये ताण्डव नृत्य से मानी गयी है|नृत्तावसाने नटराजराजो ननाद ढक्कां नवपञ्चवारम्|उद्धर्त्तुकामो सनकादिसिद्धादिनेतद्विमर्शे शिवसूत्रजालम्||अर्थात:- नृत्य (ताण्डव) के अवसान (समाप्ति) पर नटराज (शिव) ने सनकादि ऋषियों की सिद्धि और क



संकटकाल में विवेकपूर्ण कृत्य करें :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मनुष्य को ईश्वर ने विवेक दिया है जिसका प्रयोग वह उचित - अनुचित का आंकलन करने में कर सके | मनुष्य के द्वारा किये गये क्रियाकलाप पूरे समाज को किसी न किसी प्रकार से प्रभावित अवश्य करते हैं | सामान्य दिनों में तो मनुष्य का काम चलता रहता है परंतु मनुष्य के विवेक की असली परीक्षा संकटकाल में ही होती है |



जय गणेश देवा आरती लिरिक्स हिंदी में

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा माता जाँकी पार्वती पिता महादेवा माता जाँकी पार्वती पिता महादेवा पूरी आरती देखने के लिए नीचे क्लिक करें जय गणेश जय



बहुमूल्य हैं प्राण :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस समस्त सृष्टि में ईश्वर ने एक से बढ़कर एक बहुमूल्य , अमूल्य उपहार मनुष्य को उपभोग करने के लिए सृजित किये हैं | मनुष्य अपनी आवश्यकता एवं विवेक के अनुसार उस वस्तु का मूल्यांकन करते हुए श्रेणियां निर्धारित करता है | संसार में सबसे बहुमूल्य क्या है इस पर निर्णय देना बह



स्व शासन :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*समस्त सृष्टि में मनुष्य सर्वश्रेष्ठ प्राणी कहा जाता है | मनुष्य ने इस धरती पर जन्म लेने के बाद विकास की ओर चलते हुए इस सृष्टि में उत्पन्न सभी प्राणियों पर शासन किया है | आकाश की ऊंचाइयों से लेकर की समुद्र की गहराइयों तक और इस पृथ्वी पर संपूर्ण आधिपत्य मनुष्य ने स्थापित किया है | हिंसक से हिंसक प्रा



गर्भावस्था में बेबी की मूवमेंट कब होती है?

गर्भवती महिला के लिए वह पल बेहद खास होता, जब उसे अपने गर्भधारण का पता चलता है। यह ख़ुशी तब और बढ़ जाती है, जब उसे गर्भ में पहली बार अपने शिशु की हलचल बार बार महसूस होती है। शिशु जब पहली बार पेट में लात मारता है, तो उसे समझने के लिए गर्भवती महिला को उस पर थोड़ा ध्यान द



जय श्री राम

त्याग का पर्याय प्रतीक शौर्य का पुरुषों में उत्तम संहर्ता क्रौर्य का परहित प्रियता भ्राताओं में ज्येष्ठ कर्तव्य परायण नृप सर्वश्रेष्ठ शरणागत वत्सल हैं आश्रयदाता दशरथ नंदन भाग्य विधाता भजे मुख मेरा तेरा ही नाम जय सिया राम जय श्री राम :- आलोक कौशिक संक्षिप्त परिचय:-नाम-



साहित्य के संकट

संकट साहित्य पर है बड़ा ही घनघोर धूर्त बना प्रकाशक लेखक बना है चोर भूखे हिंदी के सेवक रचनाएं हैं प्यासी जब से बनी है हिंदी धनवानों की दासी नकल चतुराई से कर रहा कलमकार हतप्रभ और मौन है सच्चा सृजनकार प्रकाशन होता पैसों से मिलता छद्म सम्मान लेखक ही होते पाठक करते मिथ्याभिमान :- आलोक कौशिक संक्षिप्त परि



दान का महत्त्व :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में प्रत्येक व्यक्ति को धर्म का पालन करने का निर्देश बार - बार दिया गया है | धर्म को चार पैरों वाला वृषभ रूप में माना जाता है जिसके तीन पैरों की अपेक्षा चौथे पैर की मान्यता कलियुग में अधिक बताया गया है , धर्म के चौथे पैर को "दान" कहा गया है | तुलसीदास जी मामस में लिखते हैं :-- "प्रगट चार



क्यों है लॉकडाउन की मजबूरी

समाज की उत्पति से लेकर आजतक विश्व एक हीथ्यूरी पर चल रहा है कि समाज में वर्चस्व किस का होगा। जंगलराज को नकेल डालकर कुछव्यवस्थाएं स्थापित हो गईं लेकिन जिनके साथ अन्याय होता था उन्होंने प्रतिरोध जारीरखा। वर्तमान युग में विश्व की ओर से फेस की जा रही समस्याओं का मुख्य कारण पश्चिमजगत और उनका अंधानुकर



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