की



दिल वाला टैटू

क्षमा मिश्रा नाम था उसका। लेकिन मोहल्ले के सारे लड़के उसे छमिया कह कर पुकारते थे। महज़ अठारह बरस की उम्र में मोहल्ले में हुई अठाईस झगड़ों का कारण बन चुकी थी वो। उसका कोई भी आशिक़ चार महीने से ज्यादा उसकी फ़रमाइशों को पूरी नहीं कर पाता था। इसलिए प्रत्येक चार महीने बाद क्षमा के दिल के रजिस्टर पर नए आशिक़



मज़दूर

कामिनी देवी जब कभी भी अपने राइस मिल पर जाती थीं, माधो से ज़रूर मिलती थीं। माधो उनकी राइस मिल में कोई बड़ा कर्मचारी नहीं, बल्कि एक मज़दूर था। राइस मिल में काम करने वाले सभी लोगों का मानना था कि माधो कामिनी मैडम का सबसे विश्वासी कामगार है क्योंकि वह कभी झूठ नहीं बोलता। माधो गठीले बदन वाला छब्बीस वर्षीय



अंधविश्वास

प्रत्येक दिन किसी न किसी व्यक्ति की मौत हो रही थी। पिछले दस दिनों में पंद्रह लोगों की जानें जा चुकी थीं। पूरे गांव में दहशत का माहौल था। "कोई नहीं बचेगा इस गांव में। अगले महीने तक सब मर जाएंगे। इस गांव को उस फ़क़ीर की बद्दुआ लग गई है, जिसके साथ दीपक ने गाली-गलौज और हाथापाई किया था। अगर उस दिन दीपक उस



गर्भावस्था में बेबी की मूवमेंट कब और कैसे होती है?

अपने बच्चे की लात मारना, मरोड़ते और हिचकी महसूस करना गर्भावस्था के सबसे खूबसूरत क्षणों में से एक है।



गर्भवस्था के दौरान आयरन की कमी होने के कारण और इसका उपचार !

आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया रक्त विकार का एक प्रकार है।



रुख़्सत

ये जो लोग मेरी मौत पर आजचर्चा फरमा रहे हैंऊपर से अफ़सोस जदा हैंपर अन्दर से सिर्फ एक रस्मनिभा रहे हैंमैं क्यों मरा कैसे मराक्या रहा कारन मरने कापूछ पूछ के बेवजह की फिक्रजता रहे हैंमैं अभी जिंदा हो जाऊँतो कितने मेरे साथ बैठेंगेवो जो मेरे र



जिस्म मंडी की रेशमा

सीमा परवीन उर्फ रेशमा को बेगमसराय के महबूबा जिस्म मंडी में उसके चाहने वाले उसके हसीन और आकर्षक जिस्म के कारण सनी लियोन के नाम से पुकारते थे। उसके आशिक़ों में सफ़ेदपोश, काले कोट और ख़ाकी वाले भी शामिल थे। जिस्म बेचना कभी भी उसकी मजबूरी नहीं रही। वह इस धंधे में इसलिए आई थी क्योंकि उसे लगता था कि रईस बनने



जीवन: आरंभ या शून्य

ज़िन्दगी मुश्किल कब होती है? क्या तब जब आप जीवन के संघर्षो से लड़ते - लड़ते थक जाते है? या तब जब सारी मुश्किलें जाले की तरह साथ में आपको फांस लेती है?या फिर तब जब जीवन में आपके साथ कोई नहीं होता और आपको अपनी लड़ाई खुद लड़नी होती है? मेरे ख्याल से नहीं; इन सारी दुविधाओं से



आशिकी

इस बात पे खुश है कि हुई तारीफ़ हमारी, नहीं दुःख कितने मरे इस तारीफ़ की खातिर. ख़ूबसूरत हो फिर भी तो तुम्ही हो कातिल , बेबस है हम यही तो है आशिकी हमारी. (आलिम)



सकारात्मक जीवन की कला

सकारात्मक जीवन कीकला आज की ताजा ख़बरक्या है? टीवी के समाचार चैनलों पर हम क्या ढूंढ रहे हैं?समाचार पत्रोंकी शीर्ष पंक्ति में हमें किसकी तलाश है?आखिर किसी बुरी ख़बर की हमें अपेक्षाक्यों है? क्या समाज में नकारात्मकता बढ़ रही है. अगर यह सच है तोइसके लिए जिम्मेदार कौन है?क्या सोशल मीडिया,समाचार के दृश्य-श्र



क्या काले रंग की ब्रा पहने से स्तन कैंसर हो सकता है !

ब्रा पहनने का कारण ख़ास तौर पर स्तनों को सपोर्ट देना है।



जानकी का घर

कई वर्ष पश्चात दूरदर्शन पर धारावाहिक 'रामायण' के पुनः प्रसारण से कौशल्या देवी बहुत खुश थीं। सुबह के नौ बजते ही टेलीविजन के सामने हाथ जोड़ कर बैठ जाती थीं। आज रामायण देखते हुए वह अत्यंत भावविभोर हो रही थीं। सीता एवं लक्ष्मण को राम के संग वन जाते हुए देखकर कौशल्या देवी की आंखों से अश्रु प्रवाहित होने



पर उपदेश

*आदिकाल से इस धरा धाम पर मनुष्य अपने संस्कारों , संस्कृति एवं मर्यादा को अवलंब बनाकर निरंतर विकास करता चला गया | यहां प्रत्येक मनुष्य की (नर एवं नारी दोनों की ) मर्यादा निर्धारित थी परंतु धीरे धीरे संपूर्ण समाज पुरुष प्रधान होता चला गया और पुरुष प्रधान समाज ने मर्यादा पालन का सारा दायित्व नारियों क



जीवन

मिलता है विषाद इसमें इसमें ही मिलता हर्ष है कहते हैं इसको जीवन इसका ही नाम संघर्ष है दोनों रंगों में यह दिखता कभी श्याम कभी श्वेत में कुछ मिलता कुछ खो जाता रस जीवन का है द्वैत में लक्ष्य होते हैं पूर्ण कई थोड़े शेष भी रह जाते हैं स्वप्न कई सच हो जाते कुछ नेत्रों से बह जाते हैं चाहे बिछे हों पथ में क



राष्ट्र सर्वोपरि :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस धराधाम पर मनुष्यों का दिव्य इतिहास रहा है | मनुष्य जहां जन्म लेता है वह परिवार एवं राष्ट्र उसके लिए सर्वोपरि होता है , राष्ट्र की सेवा एवं सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर देने वाले महावीरा से हमारा इतिहास भरा पड़ा है | जब देश पर कोई संकट आता है तो प्रत्येक देशवासी का एक ही धर्म होता है



बेइंतहा प्यार

डीएम ऑफिस से आने के बाद से ही दीपमाला बहुत दुखी और परेशान थी। वह आईने के सामने खड़ी होकर अपने ढलते यौवन और मुरझाए सौंदर्य को देखकर बेतहाशा रोए जा रही थी। ऐसा लग रहा था मानो वह आईने से कह रही हो कि तुम भी लोगों की तरह झूठे हो। आज तक मुझे सिर्फ झूठ दिखाते रहे। कभी सच देखने ही नहीं दिया। उसने रात का खा



करें प्राणों की रक्षा :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*परमपिता परमात्मा द्वारा बनाई गई इस सृष्टि में चौरासी लाख योनियाँ भ्रमण करती हैं , इन चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ कही गई है मानवयोनि | अनेक जन्मों की संचित पुण्य जब उदय होते हैं तो जीव को मनुष्य का जीवन मिलता है | गोस्वामी तुलसीदास जी मनुष्य जीवन को दुर्लभ बताते हुए अपने मानस में लिखते हैं :-



नन्हे राजकुमार

मेरे नन्हे से राजकुमार करता हूं मैं तुमसे प्यार जब भी देखूं मैं तुझको ऐसा लगता है मुझको था मैं अब तक बेचारा और क़िस्मत का मारा आने से तेरे हो गया है दूर जीवन का हर अंधियार मेरे नन्हे से राजकुमार... मेरे दिल की तुम धड़कन तेरी हंसी से मिटती थकन प्यारी लगे तेरी शरारत तुम हो जीवन की ज़रूरत तुझको देकर मेर



संघे शक्ति :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस धरा धाम पर मानव समाज का एक दिव्य इतिहास रहा है | मनुष्य ने संगठित होकर ऐसे ऐसे कार्य किए हैं जिसकी जितनी बड़ाई की जाए उतना ही कम है | मनुष्य का सबसे बड़ा बल होता है इसका आपस में संगठित होना , संगठित होकर के मनुष्य ने बड़े से बड़े संकटों का सामना भी बड़ी सरलता से किया है | आज तक का इतिहास देखा जा



काली काली रात में

काली काली रात में काले काले बादलों को देखकरकाला हो गया मैं अब काल देव भी काले रथ में आ रहे है काले काले बादलों को देखकर अब नजरो के सामने दोनों आ चुके है काले काले बादलों को देखकर ये भी काले मैं भी कालासारा जहां है काला काले काले बादलों को देखकरअब प्राण ले जा रहे है मे



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