motivational



Hindi love poetry based on sentiments- मेरा श्रृंगार तुमसे ;अर्चना की रचना

प्रेम में स्त्री की भावना को दर्शाती हिंदी कविता मेरा श्रृंगार तुमसे दर्पण के सामने खड़ी होकर, जब भी खुद को सँवारती हूँ उस दर्पण में तुमको साथ देख,अचरज में पड़ जाती हूँशरमाकर कजरारी नज़रें नीचे झुक जाती हैं पर कनखियों से तुमको ही देखा करती हैं यूं आँखों ही आँखों में पूछ लेती



Hindi poetry on life of river and women - शिवांशी ; अर्चना की रचना

नदी और स्त्री जीवन को दर्शाती हिंदी कविता शिवांशी मैं शिवांशी , जल की धार बन शांत , निश्चल और धवल सी शिव जटाओं से बह चली हूँ अपने मार्ग खुद ढूँढती और बनातीआत्मबल से भरपूर खुद अपना ही साथ लिए बह चली हूँ कभी किसी कमंडल में पूजन को ठहर गई हूँ कभी नदिया बन किसी सागर में विलय



Hindi poetry on woman - मेरे जैसी मैं ; अर्चना की रचना

नारी पर आधारित एक विचारणीय हिंदी कविता मेरे जैसी मैं मैं कहाँ मेरे जैसी रह गयी हूँ वख्त ने बदल दिया बहुत कुछमैं कोमलांगना से काठ जैसी हो गई हूँमैं कहाँ मेरे जैसी रह गयी हूँ समय के साथ बदलती विचारधारा ने मेरे कोमल स्वरुप कोएक किवाड़ के पीछे बंद तो कर दिया है पर मन से आज



Hindi inspirational poetry based on love - करम - अर्चना की रचना

प्रेम पर आधारित प्रेरक हिंदी कविता करम मेरे महबूब का करम मुझ पर जिसने मुझे, मुझसे मिलवाया है नहीं तो, भटकता रहता उम्र भर यूं ही मुझे उनके सिवा कुछ भी न नज़र आया है लोग इश्क में डूब कर फ़ना हो जाते हैं पर मैंने डूब करअपनी मंजिलोंको रु ब रु पाया है मेरे महबूब का करम मुझ पर जि



Hindi poetry on Mother and child love - आँखों का नूर ; अर्चना की रचना

कल उस बात को एक साल हो गया वख्त नाराज़ था मुझसे न जाने कैसे मेहरबान हो गया मेरी धड़कन में आ बसा तू ये कैसा कमाल हो गयाकल उस बात को एक साल हो गया रोज़ दुआ भी पढ़ी और आदतें भी बदलीसिर्फ तेरी सलामती की चाहत रखना मेरा एक एकलौता काम हो गया कल उस बात को एक साल हो गया सिर्फ तू ही मे



Hindi poetry on Friendship - दोस्ती हिंदी कविता ; अर्चना की रचना

चलो थोडा दिल हल्का करें कुछ गलतियां माफ़ कर आगे बढें बरसों लग गए यहाँ तक आने में इस रिश्ते को यूं ही न ज़ाया करें कुछ तुम भुला दो , कुछ हम भुला देंकड़ी धूप में रखा बर्तन ही मज़बूत बन पाता है उसके बिगड़ जाने का मिटटी को क्यों दोष दें कुछ तुम भुला दो , कुछ हम भुला देंयूं अगर दफ़न



Life Inspiring Hindi poetry based on love - छल ; अर्चना की रचना

जीवन और प्रेम पर आधारित हिंदी कविता छल छल और प्यार में से क्या चुनूँजो बीत गया उसे साथ ले कर क्यों चलूँपतंग जो कट गई डोर से वो खुद ही कब तक उड़ पायेगी हालात के थपेडों से बचाने को उसको फिर नयी डोर का सहारा क्यों न दूंजो शाख कभी फूलों से महकी रहती थी वो पतझड़ में वीरान हो चली



Inspirational Hindi poetry on love and life - वख्त ; अर्चना की रचना

ज़िन्दगी और प्रेम पर आधारित प्रेरणात्मक हिंदी कविता वख्त वख्त जो नहीं दिया किसी ने उसे छीनना कैसा उसे मांगना कैसा छिनोगे तो सिर्फ २ दिन का ही सुख पाओगे और मांगोगे तो लाचार नज़र आओगे छोड़ दो इसे भी वख्त के हाल पर जो जान कर सो गया , उसे जगाना कैसावख्त जो किसी के साथ गुज़ार आये



Hindi poetry satire on love - इश्क का राज़ीनामा > अर्चना की रचना

काश इश्क करने से पहले भी एक राज़ीनामा ज़रूरी हो जाये जो कोई तोड़े तो हो ऐसा जुर्मानाजो सबकी जेबों पर भारी हो जाये फिर देखो बेवज़ह दिल न फिसला करेंगे इश्क की गलियों से बच- बच निकला करेंगेवो ही पड़ेगा इसके चक्करों में,जो सारी शर्तों को राज़ी हो जाये कोई मनचला किसी कॉलेज के बाहर



Hindi love poetry on rain and missing someone - बारिश > अर्चना की रचना

प्रेम और याद पर आधारित हिंदी कविता बारिशबारिश से कहो यूं न आया करे मुझे तेरा उनके बगैर आना अच्छा नहीं लगतातूने आने से पहले दस्तक तो दी थीसर्द मौसम में भिगोने की जुर्रत तो की थी जितना चाहे रिझा ले मुझको रूमानी हो केमुझे उनके बिना भीगना अच्छा



Hindi poetry on love and expectations - ख़त ; अर्चना की रचना

प्रेम पर आधारित कविता हिंदी में ख़त मैंने उन्हें एक ख़त भिजवाया है एक लिफाफे में उसे रखवाया है देखने में कोरा न लगे,इसलिए उस लिफाफे को खूब सजाया है जो पहुचेगा वो उनके हाथों में रख देंगें वो उसे किताबें मेंसोचेंगे की क्या पढूं , जब ख़त के अन्दर का हाल लिफाफे की सजावट में उभर



Hindi Inspirational Poetry on New Year - नया साल ; अर्चना की रचना

देखो फिर एक नया साल जुड़ गयाहर बात वही घात वहीफिर से उसे ठीक करने कानया ज़ज्बा जुड़ गयादेखो फिर एक नया साल जुड़ गयाबहुत कुछ देखा और सीखा बीते साल मेंबहुत कुछ मिला भी मुफलिसी के हाल मेंउस ऊपर वाले के करम से मैंमैं हर वार सह गयादेखो फिर एक नया साल जुड़ गयाकुछ मेरे अपने थे जो दूर



Hindi poetry on love and missing someone - ये ज़मीन; अर्चना की रचना

प्रेम पर आधारित हिंदी कविता ये ज़मीन ये ज़मीन जो बंजर सी कहलाती है बूँद जो गिरी उस अम्बर से, रूखे मन पर तो उस ज़मीन की दरारें भर सी जाती हैजहाँ तक देखती है , ये अम्बर ही उसने पाया है पर न जाने, उस अम्बर के मन में क्या समाया है कभी तो बादलों सा उमड़ आया है और कभी एक बूँद को भी



Romantic Love Poetry In Hindi - सर्दी की धूप ; अर्चना की रचना

सर्दी की धूप प्रेम पर आधारित हिंदी कविताइश्क तेरा सर्दी की गुनगुनी धूप जैसा जो बमुश्किल निकलती है पर जब जब मुझ पर पड़ती है मुझे थोडा और तेरा कर देती है मैं बाहें पसारे इसकी गर्माहट को खुद में समा लेती हूँ इसकी रंगत न दिख जाये चेहरे में कही इसलिए खुद को तेरे सीने में छुपा



Hindi Motivational Poetry On Life - समझौता ; अर्चना की रचना

ज़िन्दगी जीने का एक ही मंत्र है जो मिला उसे गले लगाओ जो नहीं मिला उसे भूल जाओ यही ज़िन्दगी है जिये जाओ जिये जाओ चिंता ,आशा और निराशा की स्मृतियाँ अपने दिलो से मिटाओ चैन से सोना है तो समझौते का तकिया सरहाने लगाओ यही ज़िन्दगी है जिये जाओ जिये जाओ ये ज़िन्दगी एक समझौता एक्सप्रे



Inspirational Hindi Poetry Satire - इमारतें ; अर्चना की रचना

इन बड़ी इमारतों में जो लोगे रहते हैं बहुत कुछ देख कर भी खामोश रहते हैं अगले घर में क्या हुआ क्या नहीं उसकी फिक्र इनको सिर्फgossiping तक है वरना ये अपने काम से काम रखते हैं किसी ने पुकारा भी हो तो सिर्फ बंद दरवाज़ों के झरोखे से तमाशा देखते हैं और खुद को महफूस समझउस आवाज़ को i



"Archana Ki Rachna" A Hindi Poetry Blog based based on life. : Preview "धुंध "

तुझ में उलझा हूँ इस कदर केअब कुछ भी सुलझता नहीं हर तरफ एक धुंध सी हैजो तेरे जातेकदमो से उठी है इसमें जीने की घुटनको मैं बयां कर सकता नहींहर जरिया बंद कर दियातुझ तक पहुंचने कापर एक तेरे ख्यालको कोई दरवाज़ारोक पाता नहींमैं जानता हूँ के तून आएगा अब कभीमेरा हाल भी पूछने क



Archana Ki Rachna: Preview ""पिता ""

लोग कहते हैं , मैं अपने पापा जैसे दिखती हूँ,एक बेटे सा भरोसा था उनको मुझपरमैं खुद को भाग्यशाली समझती हूँ।मैं रूठ जाती थी उनसे, जब वो मेरे गिरने पर उठाने नहीं आते थेपर आज समझती हूँ , वो ऐसा क्यों करते थेआज मैं अपने पैरों पे हूँ , उसी वजय सेदे कर सहारा वो मुझे हमेशा के लि



Archana Ki Rachna: Preview "कुछ कही छूट गया मेरा "

तुम अपना घर ठीक सेढूंढना ,कुछ वहींछूट गया मेराढूंढ़ना उसे , अपने किचन मेंजहाँ हमने साथ चाय बनाई थीतुम चीनी कम लेते होये बात तुमने उसे पीने के बाद बताई थीउस गरम चाय की चुस्की लेकरजब तुमने रखा था दिल मेरातुम अपना किचन ठीक सेढूंढना , कुछ वही छूट गया मेराढूंढना उसे , उस परदे



Archana Ki Rachna: Preview "तेरी याद "

मैंने घर बदला औरवो गलियाँ भी फिर भी तेरी याद अपने संग इस नए घर में ले आया एक मौसम पार कर मैं फिर खड़ी हूँ, उसी मौसम की दस्तक पर, वही गुनगुनाती ठंड और हलकी धुंध,जिसमे कभी तू मुझे आधी रात मिलने आया वो एक पल में मेरा बेख़ौफ़ हो कुछ भी कह जाना ,और फिर तुझे अजनबी जान कसमसा जाना



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x