नारीशक्ति

नारीशक्ति से सम्बंधित लेख निम्नलिखित है :-

400 अफसरों को अपने साथ मॉर्निंग वॉक पर ले जाने वाली महिला IAS अफसर, युवाओं की हैं रोल मॉडल

एक ऐसी महिला आईएएस ऑफिसर जो सिटी बजवाकर खुले में शौच रुकवाती हैं तो कभी अपनी गाड़ी से घायल बच्चे को हॉस्पिटल में दाखिल कराने के बाद स्वयं अपने वाहन समेत चालक को भी पुलिस के हवाले कर देती हैं. हम बात कर रहे हैं आईएएस डॉ प्रियंका शुक्ला की जो अपनी कार्यशैली से सिर्फ सुर्खिय



इस बाप ने बेटी के साथ जो किया उससे वाकई लगता है 'इस्लाम खतरे में है'

राजस्थान के जोधपुर जिले में एक बड़ी अमानवीय घटना हुई है. जेसै बकरीद पर बकरे की कुर्बानी दी जाती है, ठीक वैसे ही एक आदमी(आदमी कहना गलत होगा, राक्षस समझिए) ने रमजान के महीने में अपनी बेटी की कुर्बानी दे दी. ये आदमी है जोधपुर के पीपड़ शहर का रहने वाला 26 साल का नवाब अली कुरे



इंटरव्यू में पूछा ‘क्या करोगी अगर आपका पति आपको जुए में हार दे? महिला के जवाब ने सबको हिला दिया

हमारे जहन में जब भी इंटरव्यू की बात आती है तो पूरे शरीर में पसीना आने लगता है। लिखित में पेपर देना आसान होता है लेकिन इंटरव्यू में आपको अथाह नोलेज, हाजिरजवाबी और संयम तीनो की जरूरत पड़ती है।पहला सवाल तो अक्सर महिलाओ से पूछा जाता है, अगर आपके पति का किसी और महिला से अफेयर



बचपन में पिता ने एसिड से जला दी थी ज़िन्दगी. आज वो अपनी कहानी से रौशन कर रही है सबकी ज़िन्दगी

एसिड अटैक सर्वाइवर्स को समाज या तो बहिष्कृत महसूस कराता है या फिर उनको संवेदना और दया भाव से ही देखा जाता है. दया दिखाने से ज़्यादा ज़रूरी है संवेदनशीलता दिखाना. सर्वाइवर्स की जगह पर ख़ुद को रखकर सोचने की ज़रूरत है.Source- KettoHumans of Bombayफ़ेसबुक पेज पर एक एसिड अटैक



बुरे रिश्ते में रहने, आज़ाद होकर एक नई ज़िन्दगी शुरू करने की इस सुपरहीरो की दास्तां एक प्रेरणा है

प्यार से ही दुनिया चल रही है. नफ़रत कितनी भी जगह क्यों न बना ले, अगर प्यार है तो हर मर्ज़ की दवा मिल जाती है, सारी परेशानियों का हल मिल जाता है.लेकिन कई बार कुछ लोग ग़लत इंसान से मोहब्बत कर लेते हैं. इतनी गहरी मोहब्बत कि उनके लिए सही-ग़लत के सारे पैमाने ख़त्म हो जाते हैं.



हर मर्द, हर औरत देखे कल्कि का ये वायरल वीडियो

इस वीडियो को देखिए. एक बार नहीं. बार बार. ईयरफोन लगाकर. स्पीकर तेजकर. अकेले. दोस्तों के साथ. तब तक. जब तक इसकी एक एक आवाज, एक एक शब्द, एक एक भाव रोएं रोएं से भीतर न पैठ जाए.ये कल्कि कोएचलिन हैं. ये उनकी लिखी कविता है. या कि एक सच्चाई. एक खौफ. जिसके हम सब जो पढ़ रहे हैं, ह



लावारिस बच्चे को दूध पिलाती कॉन्स्टेबल की ये फोटो आज की सबसे खूबसूरत फोटो है

सोशल मीडिया पर दिनभर में बहुत कुछ दिखता है. अच्छा-बुरा, हर तरह का कॉन्टेंट. पर कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं कि देखकर एकदम दिल खुश हो जाता है. बेंगलुरु से ऐसी ही एक फोटो आई है, जो आपने ऊपर देखी. इसकी कहानी भी दिल खुश कर देने वाली है.शुक्रवार की सुबह बेंगलुरु के दोद्दाथगुरु इलाक



तुमसे है मेरी दुनिया

गुड़ियाँ प्यारी गुड़ियाँतुम से हैमेरी दुनियाबेजान हो कर भी तुमकरती हो कमालमंत्रं मुग्ध कर देतीतुम्हारी मुस्कानमुझे है सपना आयामैंने तुम्हें ज़िंदा पायाउन कहानियों मेंउन किताबो मेंउन किस्सो मेंउन फिल्मों मेंजहाँ पे है शिक्षाप्यार कीसाथ कीईश



हाय रे ! क्रूरता पर भी भरण-पोषण

पति द्वारा क्रूरता से तो सभी वाकिफ हैं और उसके परिणाम में पति को सजा ही सजा मिलती है किन्तु आनंद में तो पत्नी है जो क्रूरता भी करती है तो भी सजा की भागी नहीं होती उसकी सजा मात्र इतनी कि उसके पति को उससे तलाक मिल सकता है किन्तु नारी-पुरुष समानता के इस युग में पारिवारिक संबंधों के मामले में पुरुष



संस्कृति रक्षक केवल नारी

. यूनान ,मिस्र ,रोमां सब मिट गए जहाँ से , बाकी अभी है लेकिन ,नामों निशां हमारा . कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी , सदियों रहा है दुश्मन ,दौरे ज़मां हमारा . भारतीय संस्कृति की अक्षुणता को लक्ष्य कर कवि इक़बाल ने ये ऐसी अभिव्यक्ति दी जो हमारे जागृत व् अवचेतन मन में चाहे -अनचाहे विद्यम



देवी पूजन के नाम पर - 15 दिनों तक शरीर के ऊपरी भाग को न ढके, पंडित संग यहां रह रही लड़कियां

देशभर में आश्विन के महीने में देवी की पूजा की जाती है. देश के अलग-अलग क्षेत्रों में देवी के पूजा के विधि-विधान भी अलग होते हैं.कहीं पर पूरे निरामिष (शाकाहारी) तरीके से पूजी जाती हैं आदिशक्ति, तो कहीं पर आमिष (मांसाहारी) तरीके से. श्रद्धा के तौर-तरीके अलग-अलग. कोई नौ दिनों तक कठिन व्रत करता है, तो को



भारत के इस गांव में आज भी निवस्त्र रहती है महिलाएं, कारण जानकार होश उड़ जायेंगे आपके।

वैसे तो कहने के लिए हम चाँद पर पहुँच गए है लेकिन आज भी हमारे देश भारत में तमाम ऐसे रीती-रिवाज और परंपरा है जो सदियों से अभी तक कायम है। ऐसा नहीं है की सभी रीती रिवाज गलत है या फिर समाज के लिए गलत है लेकिन अभी भी कुछ ऐसे रिवाजें है जिसे समाज में एक काला धब्बा को छोड़कर कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसा नही



इंटरनेट इस लड़की को बोल रहा 'वाइफ ऑफ द ईयर', इसे देखकर पेट में होने लगेगा दर्द

दुनिया दो ऐसे प्राणी हैं जिन पर सबसे ज्यादा चुटकुले बनते हैं- पति और पत्नी। ये दोनों ही प्राणी जीवन में एक दूसरे के सबसे घनिष्ठ साथी होते है और सबसे ज्यादा आपस में नोंकझोंक भी यही करते हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में पाया गया है कि पत्नियों के नखरों और मांगों के आगे पति की एक नहीं चल पाती है। पत्नी न



’आज से मैं आज़ाद हूं’... इतना कहकर उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने हिंसक पति को दे दिया तलाक़

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और अपने पति को तलाक दे दिया. शाजदा का कहना है कि मौलवी और उनका पति 'खुला' के लिए बात तक करने को तैयार नहीं थे. खुला के द्वारा मुस्लिम महिलाएं अपने पति से तलाक़ ले सकती हैं.Source: Matrubhoomiशाजदा ख़ातून ने बताया कि वो चिट्ठी द्वारा



गणेश विसर्जन के समय दिन-दहाड़े छेड़-छाड़ करते 30 लोगों की हरकतें हुई वीडियो में रिकॉर्ड

जिस घटना के बारे में आज आपको बता रही हूं, उसके लिए 'छेड़-छाड़' शब्द बहुत हल्का है. हर दिन अख़बार रेप, छेड़-छाड़, यौन शोषण की ख़बरों से पटे रहते हैं. जगहों के नाम बदल जाते हैं पर दरिंदों के इरादे वही होते हैं. इस बार हैदराबाद में दिन-दहाड़े छेड़-छाड़ की घटना वीडियो में रिकॉर्ड की गयी है.मौका था गणेश विसर्जन क



भारतीय महिलाओं की ये 21 तस्वीरें देख कर समझ आएगा कि क्यों कहा जाता है इन्हें शक्ति का रूप

महिलाओं पर होते अत्याचार और उनकी समस्याओं के बारे में तो हम सब जानते हैं. अपने देश में महिलाएं मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जूझती दिखती हैं. लेकिन हर महिला का ये हाल नहीं है. कुछ को देख कर आपको समझ आएगा कि महिलाओं को क्यों दुर्गा या शक्ति का रुप कहा जाता है. ये तस्वीरें आपको बताएंगी कि महिलाओं से गलती



कपड़े फटे, चोट लगी फिर भी IAS गौरी ने शहर को उस नुकसान से बचाया, जिसकी उम्मीद ले कर दंगाई आये थे

बीते शुक्रवार सीबीआई की विशेष अदालत ने जैसे ही राम रहीम को बलात्कार का दोषी घोषित किया, वैसे ही पंचकुला, सिरसा समेत हरियाणा के कई ज़िलों में हिंसा, आगजनी जैसी घटनायें सामने आने लगी. आलम ये था कि दंगाई, मीडिया कर्मियों और आम लोगों की भी निशाना बना रहे थे.उपद्रव के ऐसे माहौल में दंगाइयों को संभालना मुश



गलत है यह रवायत

तेरी मुबहम दावेदारियां, सबब हैं,मेरी आदतन खुशगवारियों का,तूं जो यूं, करके जुल्फें परीशां,तूफां को दावते-जुनूं देती हो,अल्फाजों के सितारे बिखेर कर,कहकशां को बटुए में सहेज लेती हो,खूब दिखती हो, अच्छी लगती हो...।किसको गरज है खुलूस की आम



''बेटी को इंसाफ -मरने से पहले या मरने के बाद ?

'' वकील साहब '' कुछ करो ,हम तो लुट गए ,पैसे-पैसे को मोहताज़ हो गए ,हमारी बेटी को मारकर वो तो बरी हो गए और हम .....तारीख दर तारीख अदालत के सामने गुहार लगाने के बावजूद कुछ नहीं कर पाए ,क्या वकील साहब अब कहीं इंसाफ नहीं है ? " रोते रोते उसने मेरे सामने अपनी बहन की दहेज़ हत



सारे घोंचू आज 'रेप' और 'सेक्स' का फर्क समझ लें

सेक्स से जुड़ा एक बहुत ही जरूरी शब्द है, ‘कंसेंट’. यानी सहमति, इजाजत. बोले तो परमीसन.रेप पर जब भी बहस हुई, ये सवाल हमेशा उठा कि हम किसे रेप कहें. किसी कम्बख्त ने ये भी कहा कि लड़कियों को रेप में मजा आता है. पति के जबरन सेक्स को हम आज भी रेप नहीं मानते. कहते हैं वो तो पत



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x