नारीशक्ति



अब महिला सम्मान को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए ।

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#क्या वाकई निर्भया?

जो दिखाई देता है, हम सभी जानते हैं कि वह हमेशा सत्य नहीं होता है किन्तु फिर भी हम कुछ ऐसी मिट्टी के बने हुए हैं कि तथ्यों की जांच परख किए बगैर दिखाए जा रहे परिदृश्य पर ही यकीन करते हैं और इसका फायदा भले ही कोई भी उठाता हो लेकिन हम अपनी भावुकतावश नुकसान में ही रहते है



देश और समाज के विकास में महिलाओं का योगदान अहम्

-स्वाति आनंदनारी ईश्वर की उत्कृष्ट सृष्टि है । कहते है कि नारी को देवी का रूप मन जाता है।देश के सम्पूर्ण विकास में इस देवी की भागीदारी अनिवार्य है। किसी भी समाज या देश के विकास में नारी का योगदान महत्वपूर्ण होता है। किसी भी राष्ट्रनिर्माण या समाज के विकास में जब तक न



मिसालः सरपंच ने की अनोखी शादी, फैसला सुन दूल्हे का चेहरा देखती रह गई दुल्हन, मां-बाप भी हैरान

देश के एक सरपंच ने बेहद अनोखी शादी करके मिसाल पेश की। ऐन मौके पर दूल्हे का फैसला सुनकर दुल्हन उसका चेहरा ही देखती रह गई, वहीं मां बाप और गांव वाले भी हैरान हैं।हरियाणा में रोहतक जिले के कलानौर क्षेत्र के तैमूरपुर गांव के सरपंच ने अपनी शादी में कन्या भ्रूण हत्या न करने का भी संदेश दिया। शादी में सात



गोद में बच्चा लेकर रिक्शा चलाती है यह मां,इसके जज्बे के आगे पुरुषों की हिम्मत भी जवाब दे जाएगी

मां. एक ऐसा शब्द है जो दिल को बेहद सुकून देता है। घर संभालने के लिए मां दिन-रात एक कर देती है। 24 घंटे ड्यूटी होती है इनकी। सुबह उठकर खाना बनाना, काम पर जाना, घर की छोटी सी छोटी बातों का ख्याल रखना..ऐसा सिर्फ मां ही कर सकती है। मां के जज्बे



इस पीपल के पौधे को इतनी इज़्ज़त और सुरक्षा क्यों मिलती है, जिसकी आधी भी सुरक्षाऔर इज़्ज़त हमारे देश की बेटियों को नहीं मिलती

भारत कहने को तो एक महान देश है, पर मैं नहीं मानती... क्यों क्योंकि जिस देश में बड़े-बड़े मंचों पर, चुनावी रैलियों में, महिला सशक्तिकरण की डिबेटों में, तो एक औरत को देवी का दर्ज़ा दिया जाता है, उसी देश में उसकी सुरक्षा मुद्दा नहीं बनता, बल्कि उसकी सुरक्षा से ज़्यादा एक पीपल के



लिज्जत पापड़ के सफलता की कहानी : 7 औरतों ने 80 रुपये उधार लेके की थी शुरुआत

15 मार्च 1959 को साउथ मुंबई की 7 औरते ने मिलकर एक ऐसा बिसनेस शुरू किया, जिसके बारे में किसीने सोचा भी नहीं था। इन औरतो ने पापड़ बनाने का काम शुरू किया ताकि को खुद भी कुछ पैसे कमा सके, पहले दिन पापड़ बेचकर जिन्होंने सिर्फ 50 पैसे की कमाई की थी आज वो उसी पापड़ की कंपनी की कमाई 1600 करोड हैं। 7 औरतों न



हाई डिमांड "बहू-बेटी जैसी"????

आकांक्षा श्रीवास्तव। .....?????"बहू बेटी जैसी चाहिए???? क्या हुआ आप भी भौचक्के रह गए न ,भइया आजकल अलग अलग तरह कि डिमांड शुरू हो गयी है। यह सुनते मेरे मन मे भी लाखों प्रश्न उमड़ते बादलों की तरह गरजने लगे कि ये कैसी डिमांड??? बहू- बेटी जैसी.???आख़िर एक स्त्री पर इतना बड़ा प्रहार क्यों???? आख़िर एक बहू को



World Breastfeeding Week 2018: पार्लियामेंट हाउस हो या रैम्प, जब ब्रेस्टफीडिंग करती माओं की ये तस्वीरें हुईं Viral

ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding) को बढ़ावा देने के लिए हर साल 1 से 7 अगस्त के बीच ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाया जाता है. इस साल ब्रेस्टफीडिंग वीक की थीम है "Breastfeeding: Foundation for Life". वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक नवजात बच्चे के शुरुआती 6 महीने सिर्फ उन्हें मां का



एक ख़त हर ‘मर्द’ के लिए, जिसने राह चलते, बस में, मेट्रो में, ऑटो में मर्ज़ी के बग़ैर मुझे छुआ

कुछ दिनों पहले की बात है... यही कोई 7:30 बजे मैं दफ़्तर से निकली. मेट्रो लेट चल रही थी तो घर पहुंचते-पहुंचते 9:15 बज गए. बरसात के कारण स्ट्रीट पर लगी लाइटें भी ख़राब थी. मैं घर से तकरीबन 1 मिनट की ही दूरी पर थी कि एक बाइक की आवाज़ पीछे से सुनाई दी.मैंने अपना लैपटॉप बैग पी



जुकरबर्ग को टक्कर दे रही 20 साल की ये लड़की, 6000 करोड़ है दौलत !

सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग जब 23 साल के थे, तब उन्होंने अपने बलबूते पर दुन‍िया का सबसे युवा अरबपति बनने का ख‍िताब हासि‍ल किया था. अब यह ख‍िताब 20 साल की एक लड़की अपने नाम करने वाली है. कर्दाश‍ियां परिवार की सदस्य और रियलिटी टीवी स्टार काइली जेनर म



400 अफसरों को अपने साथ मॉर्निंग वॉक पर ले जाने वाली महिला IAS अफसर, युवाओं की हैं रोल मॉडल

एक ऐसी महिला आईएएस ऑफिसर जो सिटी बजवाकर खुले में शौच रुकवाती हैं तो कभी अपनी गाड़ी से घायल बच्चे को हॉस्पिटल में दाखिल कराने के बाद स्वयं अपने वाहन समेत चालक को भी पुलिस के हवाले कर देती हैं. हम बात कर रहे हैं आईएएस डॉ प्रियंका शुक्ला की जो अपनी कार्यशैली से सिर्फ सुर्खिय



इस बाप ने बेटी के साथ जो किया उससे वाकई लगता है 'इस्लाम खतरे में है'

राजस्थान के जोधपुर जिले में एक बड़ी अमानवीय घटना हुई है. जेसै बकरीद पर बकरे की कुर्बानी दी जाती है, ठीक वैसे ही एक आदमी(आदमी कहना गलत होगा, राक्षस समझिए) ने रमजान के महीने में अपनी बेटी की कुर्बानी दे दी. ये आदमी है जोधपुर के पीपड़ शहर का रहने वाला 26 साल का नवाब अली कुरे



इंटरव्यू में पूछा ‘क्या करोगी अगर आपका पति आपको जुए में हार दे? महिला के जवाब ने सबको हिला दिया

हमारे जहन में जब भी इंटरव्यू की बात आती है तो पूरे शरीर में पसीना आने लगता है। लिखित में पेपर देना आसान होता है लेकिन इंटरव्यू में आपको अथाह नोलेज, हाजिरजवाबी और संयम तीनो की जरूरत पड़ती है।पहला सवाल तो अक्सर महिलाओ से पूछा जाता है, अगर आपके पति का किसी और महिला से अफेयर



बचपन में पिता ने एसिड से जला दी थी ज़िन्दगी. आज वो अपनी कहानी से रौशन कर रही है सबकी ज़िन्दगी

एसिड अटैक सर्वाइवर्स को समाज या तो बहिष्कृत महसूस कराता है या फिर उनको संवेदना और दया भाव से ही देखा जाता है. दया दिखाने से ज़्यादा ज़रूरी है संवेदनशीलता दिखाना. सर्वाइवर्स की जगह पर ख़ुद को रखकर सोचने की ज़रूरत है.Source- KettoHumans of Bombayफ़ेसबुक पेज पर एक एसिड अटैक



बुरे रिश्ते में रहने, आज़ाद होकर एक नई ज़िन्दगी शुरू करने की इस सुपरहीरो की दास्तां एक प्रेरणा है

प्यार से ही दुनिया चल रही है. नफ़रत कितनी भी जगह क्यों न बना ले, अगर प्यार है तो हर मर्ज़ की दवा मिल जाती है, सारी परेशानियों का हल मिल जाता है.लेकिन कई बार कुछ लोग ग़लत इंसान से मोहब्बत कर लेते हैं. इतनी गहरी मोहब्बत कि उनके लिए सही-ग़लत के सारे पैमाने ख़त्म हो जाते हैं.



हर मर्द, हर औरत देखे कल्कि का ये वायरल वीडियो

इस वीडियो को देखिए. एक बार नहीं. बार बार. ईयरफोन लगाकर. स्पीकर तेजकर. अकेले. दोस्तों के साथ. तब तक. जब तक इसकी एक एक आवाज, एक एक शब्द, एक एक भाव रोएं रोएं से भीतर न पैठ जाए.ये कल्कि कोएचलिन हैं. ये उनकी लिखी कविता है. या कि एक सच्चाई. एक खौफ. जिसके हम सब जो पढ़ रहे हैं, ह



लावारिस बच्चे को दूध पिलाती कॉन्स्टेबल की ये फोटो आज की सबसे खूबसूरत फोटो है

सोशल मीडिया पर दिनभर में बहुत कुछ दिखता है. अच्छा-बुरा, हर तरह का कॉन्टेंट. पर कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं कि देखकर एकदम दिल खुश हो जाता है. बेंगलुरु से ऐसी ही एक फोटो आई है, जो आपने ऊपर देखी. इसकी कहानी भी दिल खुश कर देने वाली है.शुक्रवार की सुबह बेंगलुरु के दोद्दाथगुरु इलाक



हमारी बेटी बुलबुल है मगर पिंजरे में रहती है।

उसे हम पर तो देते हैं मगर उड़ने नहीं देते,हमारी बेटी बुलबुल है, मगर पिंजरे में रहती है।- प्रो. रहमान मुस्सवीरयह कुछ अल्फ़ाज़ है जो इस तस्वीर की सारी कहानी को बयां करते है। वैसे तो इस तस्वीर को समझने के लिए शायद ही शब्दों की कोई जरूरत हैं। यह तस्वीर उजागर करती है हमारे समाज के दोहरे चरित्र को, जहां हमन



प्रकृति से पवित्र है नारी

राजनीति का सुनहरा आकाश हो या बिजनेस का चमकीला गगन ,अंतरिक्ष का वैज्ञानिक सफर हो या खेत -खलिहान का हरा-भरा आँगन ,हर जगह आज की नारी अपनी चमक बिखेर रही है ,अपनी सफलता का परचम लहरा रही है .आज घर की दहलीज को पार कर बाहर निकल अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने वाली महिलाओं की संख्या में दिन



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