नारीशक्ति

मुस्लिम महिलाओं को यशोदा बेन मत बनाओ मोदी जी

तीन तलाक के खिलाफ लोकसभा से बिल पारित किए जाने के ठीक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हज यात्रा को लेकर मुस्लिम महिलाओं के हक में आवाज उठाई है। पुरुष अभिभावक के बिना महिलाओं के हज यात्रा पर रोक को भेदभाव और अन्याय बताते हुए पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने इसे खत्म कर दिया है। पीएम ने साल के अंति



इस डर के आगे जीत नहीं

कांधला के गांव श्यामगढ़ी में छात्रा सोनी को उसी के गांव के अमरपाल ने कथित एकतरफा प्रेम में बलकटी से मारकर मौत के घाट उतार दिया और जिस वक़्त ये घटना हुई छात्रा सोनी के साथ तकरीबन 50 छात्राएं मौजूद थी किन्तु सिवाय सोनी की अध्यापिका के किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं क



सैल्यूट टू शामली एस.पी.डॉ.अजयपाल शर्मा

शामली जिला अपराधियों से भरपूर क्षेत्र ,कोई भी अधिकारी पुलिस का ज्यादा समय नहीं टिक पाता और इन्हीं अपराधियों की भरमार ने जन्म दिया ''कैराना पलायन प्रकरण '' को .जब दिनदहाड़े अपराधी वारदात को अंजाम देने लगें ,दुकान पर बैठे व्यापार ी को गोली मार मौत के घाट उतारने लग



कानूनन भी नारी बेवकूफ कमजोर पर क्या वास्तव में

नारी की कोमल काया व् कोमल मन को हमारे समाज में नारी की कमजोरी व् बेवकूफी कह लें या कम दिमाग के रूप में वर्णित किये जाते हैं .नारी को लेकर तो यहाँ तक कहा जाता है कि इसक



राजस्थान की संगठित शक्ति की जय हो

पद्मावती आजकल सुर्ख़ियों में हैं .हों भी क्यूँ न नारी शक्ति की जो मिसाल पद्मावती ने पेश की वह अनूठी है और ऐसी मिसाल ही होती हैं जो अनुकरणीय बन जाती हैं यही कारण है कि आज राजस्थान उनके सम्मान को लेकर भंसाली की सोच से ,भंसाली की फिल्म से लड़ रहा है और साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि भंस



नारी तो चुभती ही है .

नहटौर में एक चुनावी सभा में ''आप''नेता अलका लम्बा पर पत्थर से हमला ,कोई नई बात नहीं है .राजनीति के क्षेत्र में उतरने वाली महिलाएं आये दिन कभी शब्द भेदी बाणों का तो कभी पत्थरों आदि के हमलों का शिकार होती रहती हैं .ममता बनर्जी तो पश्चिमी बंगाल में इसका जीता-जागता उदाह



हाय रे ! क्रूरता पर भी भरण-पोषण

पति द्वारा क्रूरता से तो सभी वाकिफ हैं और उसके परिणाम में पति को सजा ही सजा मिलती है किन्तु आनंद में तो पत्नी है जो क्रूरता भी करती है तो भी सजा की भागी नहीं होती उसकी सजा मात्र इतनी कि उसके पति को उससे तलाक मिल सकता है किन्तु नारी-पुरुष समानता के इस युग में पारिवारिक संबंधों के मामले में पुरुष



कामकाजी महिलाएं और कानून

. आज यदि देखा जाये तो महिलाओं के लिए घर से बाहर जाकर काम करना ज़रूरी हो गया है और इसका एक परिणाम तो ये हुआ है कि स्त्री सशक्तिकरण के कार्य बढ़ गए है और स्त्री का आगे बढ़ने में भी तेज़ी आई है किन्तु इसके दुष्परिणाम भी कम नहीं हुए हैं जहाँ एक तरफ महिलाओं को कार्यस्थल



तू गुलाम है ......

अभी अभी एक नए जोड़े को देखा पति चैन से जा रहा था और पत्नी घूंघट में ,भले ही दिखाई दे या न दे किन्तु उसे अब ऐसे ही चलने का अभ्यास करना होगा आखिर करे भी क्यूँ न अब वह विवाहित जो है जो कि एक सामान्य धारणा के अनुसार यह है कि अब वह धरती पर बोझ नहीं है ऐसा हमारे एक परिचित हैं उनका कहना है कि ''जब तक



गौतम से पहले मुनेश को सलाम

''दरों दीवार पे हसरत से नज़र रखते हैं , खुश रहो अहले वतन हम तो सफर करते हैं .'' कह एलम का नौजवान गौतम पंवार भी अपने देश पर शहीद हो गया और नाम रोशन कर गया न केवल अपने छोटे से कसबे एलम का बल्कि पूरे प्रदेश का जहाँ से कोई भी अब ये नहीं कह सकता कि यहाँ की मिटटी में



इज़्ज़तघर मतलब नया बलात्कार घर

PM मोदी ने रखी शौचालय की नींव, बोले-शौचालय महिलाओं के लिए इज्जतघर वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी दौरे पर शहंशाहपुर में शौचालय की नींव रख स्वच्छता अभियान की शुरुआत की पीएम ने यहां एक जमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम में से कोई गंदगी में नहीं रहना



संस्कृति रक्षक केवल नारी

. यूनान ,मिस्र ,रोमां सब मिट गए जहाँ से , बाकी अभी है लेकिन ,नामों निशां हमारा . कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी , सदियों रहा है दुश्मन ,दौरे ज़मां हमारा . भारतीय संस्कृति की अक्षुणता को लक्ष्य कर कवि इक़बाल ने ये ऐसी अभिव्यक्ति दी जो हमारे जागृत व् अवचेतन मन में चाहे -अनचाहे विद्यम



देवी पूजन के नाम पर - 15 दिनों तक शरीर के ऊपरी भाग को न ढके, पंडित संग यहां रह रही लड़कियां

देशभर में आश्विन के महीने में देवी की पूजा की जाती है. देश के अलग-अलग क्षेत्रों में देवी के पूजा के विधि-विधान भी अलग होते हैं.कहीं पर पूरे निरामिष (शाकाहारी) तरीके से पूजी जाती हैं आदिशक्ति, तो कहीं पर आमिष (मांसाहारी) तरीके से. श्रद्धा के तौर-तरीके अलग-अलग. कोई नौ दिनों तक कठिन व्रत करता है, तो को



भारत के इस गांव में आज भी निवस्त्र रहती है महिलाएं, कारण जानकार होश उड़ जायेंगे आपके।

वैसे तो कहने के लिए हम चाँद पर पहुँच गए है लेकिन आज भी हमारे देश भारत में तमाम ऐसे रीती-रिवाज और परंपरा है जो सदियों से अभी तक कायम है। ऐसा नहीं है की सभी रीती रिवाज गलत है या फिर समाज के लिए गलत है लेकिन अभी भी कुछ ऐसे रिवाजें है जिसे समाज में एक काला धब्बा को छोड़कर कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसा नही



इंटरनेट इस लड़की को बोल रहा 'वाइफ ऑफ द ईयर', इसे देखकर पेट में होने लगेगा दर्द

दुनिया दो ऐसे प्राणी हैं जिन पर सबसे ज्यादा चुटकुले बनते हैं- पति और पत्नी। ये दोनों ही प्राणी जीवन में एक दूसरे के सबसे घनिष्ठ साथी होते है और सबसे ज्यादा आपस में नोंकझोंक भी यही करते हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में पाया गया है कि पत्नियों के नखरों और मांगों के आगे पति की एक नहीं चल पाती है। पत्नी न



’आज से मैं आज़ाद हूं’... इतना कहकर उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने हिंसक पति को दे दिया तलाक़

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और अपने पति को तलाक दे दिया. शाजदा का कहना है कि मौलवी और उनका पति 'खुला' के लिए बात तक करने को तैयार नहीं थे. खुला के द्वारा मुस्लिम महिलाएं अपने पति से तलाक़ ले सकती हैं.Source: Matrubhoomiशाजदा ख़ातून ने बताया कि वो चिट्ठी द्वारा



गणेश विसर्जन के समय दिन-दहाड़े छेड़-छाड़ करते 30 लोगों की हरकतें हुई वीडियो में रिकॉर्ड

जिस घटना के बारे में आज आपको बता रही हूं, उसके लिए 'छेड़-छाड़' शब्द बहुत हल्का है. हर दिन अख़बार रेप, छेड़-छाड़, यौन शोषण की ख़बरों से पटे रहते हैं. जगहों के नाम बदल जाते हैं पर दरिंदों के इरादे वही होते हैं. इस बार हैदराबाद में दिन-दहाड़े छेड़-छाड़ की घटना वीडियो में रिकॉर्ड की गयी है.मौका था गणेश विसर्जन क



भारतीय महिलाओं की ये 21 तस्वीरें देख कर समझ आएगा कि क्यों कहा जाता है इन्हें शक्ति का रूप

महिलाओं पर होते अत्याचार और उनकी समस्याओं के बारे में तो हम सब जानते हैं. अपने देश में महिलाएं मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जूझती दिखती हैं. लेकिन हर महिला का ये हाल नहीं है. कुछ को देख कर आपको समझ आएगा कि महिलाओं को क्यों दुर्गा या शक्ति का रुप कहा जाता है. ये तस्वीरें आपको बताएंगी कि महिलाओं से गलती



कपड़े फटे, चोट लगी फिर भी IAS गौरी ने शहर को उस नुकसान से बचाया, जिसकी उम्मीद ले कर दंगाई आये थे

बीते शुक्रवार सीबीआई की विशेष अदालत ने जैसे ही राम रहीम को बलात्कार का दोषी घोषित किया, वैसे ही पंचकुला, सिरसा समेत हरियाणा के कई ज़िलों में हिंसा, आगजनी जैसी घटनायें सामने आने लगी. आलम ये था कि दंगाई, मीडिया कर्मियों और आम लोगों की भी निशाना बना रहे थे.उपद्रव के ऐसे माहौल में दंगाइयों को संभालना मुश



गलत है यह रवायत

तेरी मुबहम दावेदारियां, सबब हैं,मेरी आदतन खुशगवारियों का,तूं जो यूं, करके जुल्फें परीशां,तूफां को दावते-जुनूं देती हो,अल्फाजों के सितारे बिखेर कर,कहकशां को बटुए में सहेज लेती हो,खूब दिखती हो, अच्छी लगती हो...।किसको गरज है खुलूस की आम



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