अल्फ़ाज़

1


अल्फ़ाज़

रोज इंतेज़ार करते है, तुम्हारे इन अलफाजों का,शोर मच जाता है,इस खामोशी के आलम में,जब आगाज़ होता है, इन अलफाजों का।



अल्फ़ाज़ तेरे कहीं खो ना जाए

अल्फ़ाज़ तेरे कहीं खो ना जाए, जल्दी से समेट ले ,कहीं देर ना हो जाए।पिरों दे माला में इन्हे,कहीं भटक ना जाए।वक़्त बहुत है कम,कहीं ये फिसल ना जाए।इबारत का रास्ता है कठिन,कहीं अटक ना जाए।मंजिल पे पहुंचा जल्दी इन्हें,कहीं देर ना हो जाए। अल्फ़ाज़ तेरे कहीं खो ना जाए।





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x