नरेन्द्र मोदी की सफलता का यह है राज़

नरेन्द्र मोदी ने 2014 के चुनावों में भाजपा को प्रचंड जीत दिलाई। भाजपा ने मोदी को चेहरा बनाकर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। प्रचार के दौरान मोदी ने धुंआधार सभाएं कीं। उनके प्रचार की आक्रामक शैली ने कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया। बच्चों से लेकर बुर्जुग तक की जुबां पर एक ही न



क्या कानून व्यवस्था ‘कांग्रेस’ व ‘भाजपा’ के लिये अलग-अलग है?

विगत दिवस मंदसौर में भाजपा नेता व प्रथम नागरिक नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की सरे आम गोली मारकर हत्या कर दी गई। निश्चित रूप से यह एक बेहद दुखद घटना थी और पुलिस ने त्वरित कार्यवाही कर 24 घंटे के भीतर ही एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया। लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ का उक्त घटना पर यह बयान कि यह भाजप



संसद का तिहाई हिस्सा रहा दागी नेताओं के हवाले, आंकड़ा 34% के पार

हर 5 साल बाद भारत में एक चुनावी लहर आती है, जैसे ही लोकसभा चुनावों का बिगुल बजता है।चारों ओर बस चुनावी माहौल गरमाया हुआ होता है। चुनाव आते ही सभी नेता अपने-अपने पार्टियों के साथ जनता के पास पहुंच जाते हैं



2019 लोकसभा चुनावी ऐलान से पहले ही मोदी ने फूंका चुनावी बिगुल, विपक्ष अभी भी नींदों में

2019 लोकसभा चुनावों को लेकर सारी पार्टियां अपने जीत की जद्दोज़हद में लग गए हैं। इस बार पूरा विपक्ष एक होता दिख रहा है वहीं मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। लेकिन एक कहावत है कि जंगल में एक ही शेर होता है और भाजपा इस वाक्य को सही साबित करने में लगी हुई है। इसी के चलते अभी बाकि पार्टियां



कांग्रेस की बड़ी रणनीति का खुलासा, इसलिए सिंधिया की जगह कमलनाथ को बनाया मुख्यमंत्री

मध्य प्रदेश में सियासत का रंग बदले हुए हम सब ने देखा है पिछले 15 सालों से मध्य प्रदेश के तख़्त पर बैठी भारतीय जनता पार्टी को अपना तख़्त छोड़ना पड़ा और इसी के साथ कांग्रेस का वनवास ख़त्म हो गया। वहीँ सत्ता बदलने के बाद जहां लोगों में आशा की नई उम्मीद जाएगी है तो कांग्रेस पर भी बड़ी ज़िम्मेदारी भी आन पढ़ी है।



तो इस वजह से मंदिर मंदिर भटक रहे राहुल गांधी , शशि थरूर ने खोला राज़

चुनाव शुरू होते ही हर पार्टी अपने नए नए पैंतरे अपनाना शुरू कर देती है। बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों कई मंदिरों में दर्शन करते हुए दिख जाते हैं।और इतना ही नहीं राहुल गाँधी ने खुद को जनेऊधारी हिंदू और शिवभक्त तक बताया है। लेकिन उनके इस बयानों और उनके उठाये क़दमों ने विर



शाह का एक ‘कॉल’ पड़ा राहुल गांधी पर भारी, इस तरह कांग्रेस के ‘भारत बंद’ में हो गया बड़ा खेल

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर विपक्ष लामबंद हो रहा है । प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वाहन किया है जिसका असर दिखना शुरू हो गया है । देश भर के बाजारों में बंद का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है । कांग्रेस के भारत बंद में कई दूसरी राजनीतिक पार



मुस्लिम नेता नकवी की बैंक डिटेल्स लीक, 6 करोड़ से ज्यादा के मालिक है मुख्तार

भारतीय जनता पार्टी में अहम भूमिका निभाने वाले मुख्तार अब्बास नकवी यूं तो पार्टी से लेकर मोदी सरकार के अहम फैसलों पर बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही वे फिलहाल मोदी कैबिनेट मंत्री का हिस्सा है। हिंदूवादी पार्टी के नाम से पहचानी जानी वाली भारतीय जनता पार्टी के साथ अपना र



लोकसभा सदस्य हेमा मालिनी का जीवनपरिचय

हेमा मालिनी हिन्दी फ़िल्मजगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं। इन्होंने अपने फ़िल्म कैरियर की शुरुआत राज कपूर के साथ फ़िल्म सपनों का सौदागर से की। 1981 में इन्होंने अभिनेता धर्मेन्द्र से विवाह किया। ये अब भी फ़िल्मों में सक्रिय हैं। इसके साथ ही हेमा मालिनी भारतीय जनता पार्ट



लोकसभा सदस्य नीलम सोनकर का जीवनपरिचय

नीलम सोनकर का जन्म 11 फरवरी 1973 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हुआ था। नीलम सोनकर ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी से मास्टर्स इन आर्ट्स (एमए) पूरा किया है। उन्होंने 10 दिसंबर, 1993 को श्री राजेंद्र प्रसाद से शादी की।श्रीमती नीलम सोनकर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आज़मगढ़ के एक मुखर ज्ञानी राजनीतिज्ञ हैं। व



लोकसभा सदस्य नागेंद्र सिंह का जीवनपरिचय

नागेंद्र सिंह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और खजुराहो (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से भारतीय आम चुनाव, 2014 जीते हैं। नागेंद्र सिंह संसद सदस्य बनने से पहले मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री थे।नागेंद्र सिंह का जन्म 2 मार्च 1943 को हुआ था। इनका जन्म महाराजा महेंद्र सिंह और महारानी श्याम कुमारी के पुत्र क



जन्मदिन विशेष: कश्मीर में धारा 370 के सबसे मुखर विरोधी थे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, हुई थी रहस्यमयी मौत

श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक ऐसा नाम जिन्होंने कश्मीर से धारा 370 खत्म करने के लिए अपने प्राण लुटा दिए. कश्मीर को भी भारत के अन्य राज्यों की तरह मनवाने के लिए उन्होंने अपना जीवन न्यौछावर कर दिया. कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति के बेटे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपनी लड़ाई लड़न



राष्ट्र का संचालन करने वाले के लिए हर भारतीय ,पुत्र के सामान ,निजी स्वार्थ के लिए समुदाय के बीच पक्षपात करने वाला राष्ट्रप्रेमी नहीं हो सकता

हमारे देश में हिन्दू ,मुश्लिम ,सिख ,इशाई समुदाय के लोग रहते है संविधान की मनसा के अनुशार मनुष्य -मनुष्य में कोई भेद नहीं है जाती ,वंश ,धर्म ,लिंग में भेदभाव नही हो सकतासभी के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाइये यही प्रकृति का नियम भी है ! भारत के एक राजनैतिक दल को जनता ने पूर्ण बहुमददिया हर सम



आप ही सोंचिये

एक देश में दो राजा थे, एक अँधा और एक काना. उस देश में 40 प्रतिशत ऐसे लोग थे जो अंधे थे, 40 प्रतिशत ऐसे थे जो काने थे, और 20 प्रतिशत लोगो की दोनो आँखे ठीक थी.अंधे लोग कानो से नफ़रत करते थे, काने अंधो से, और आँख वाले लोग अंधे और काने दोनो



प्रचार फोबिया की शिकार भाजपा !

किसी जमाने एक कहावत हुआ करती थी, नेकी कर दरिया में डाल। कहावत तो आज के समय में भी खूब चलती है, लेकिन अब मानो इससे कोई इत्तेफाक नहीं रखता। और जमाने ने इसे तोड़ मरोड़कर कुछ ऐसा बना दिया है, कि नेकी कर बड़े बड़े बैनर पोस्टर छपवा और शहर के मैन चौराहे पर लगवा दे। क्योंकि जब तु



मजबूत होकर वापसी कर सकते हैं अखिलेश!

कहते हैं जो बाजी हारकर जीत जाए, वही सिकंदर कहलाता है. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की सत्ता पर विराजमान समाजवादी पार्टी में जो कलह खुलकर सड़कों पर सामने आयी, उसने इस पार्टी के सामने विपक्ष की चुनौतियों के अतिरिक्त नयी चुनौतियां भी पैदा कर डाला. अगर आप राजनीति के इतिहास को देखें तो इस तरह के आपसी विवाद, ल



क्या इनमें देशद्रोहियों व देशभक्तों काे अलग कर पाएंगे?

साहब, राहुल गांधी जी ने कभी कोई मुख्यमंत्री या किसी सरकारी पदवी का चुनाव नहीं लड़ा है। उन्हें इंदिरा गांधी व अत्यधिक अनुभवी कांग्रेसी नेताओं से तुलना करना वैसे ही है जैसे किसी प्राथमिक विद्यालय के छात्र की किसी प्रकाण्ड पंडित से की जाए। जहां तक भाजपा का सवाल है, उसका नेतृत्व का सवाल है, तो यह



क्या इन देशद्रोहियों को अंग्रेज़ों से लड़ते देखा है?

साहब, राहुल गांधी जी ने कभी कोई मुख्यमंत्री या किसी सरकारी पदवी का चुनाव नहीं लड़ा है। उन्हें इंदिरा गांधी व अत्यधिक अनुभवी कांग्रेसी नेताओं से तुलना करना वैसे ही है जैसे किसी प्राथमिक विद्यालय के छात्र की किसी प्रकाण्ड पंडित से की जाए। जहां तक भाजपा का सवाल है, उसका



नरेंद्र मोदी VS अटल बिहारी वाजपेयी :- कौन है बेहतर प्रधानमंत्री ?

आज हम सब जानते है की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में कितने चर्चित है जब वो दूसरे देशो में जाकर भाषण देते है तो सेकड़ो लोगो उनको सुनने के लिए जमा हो जाते है | जब उन्होंने अमेरिका विधानसभा में कांग्रेस को सम्भोधित किया तो उनके भाषण पर 40 से भी ज्यादा बार तालिया एवं 9 बार स्टैंडिंग ओवेशन मि



स्वाति सिंह के समर्थकों को बड़ा झटका, भाजपा नहीं लड़ाएगी चुनाव

पति के 'गालीकांड' के बाद मायावती से मोर्चा लेकर सुर्खियों में आईं पत्नी स्वाति सिंह को भाजपा टिकट नहीं देगी। खुद प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या ने यह दावा किया है।  नई दिल्लीः सोशल मीडिया पर 15 दिन से उछल रहे स्वाति समर्थकों के लिए बुरी खबर है। बेटी के सम्मान में बसपा के खिलाफ लड़ाई छेड़कर सुर्खियों मे



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