भावुक कर देगी मां की गोद में अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर

भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब पंचतत्व में विलीन हो चुके हैं, लेकिन उनकी स्मृतियां अभी भी देश के लोगों के जहन में जीवित है। बीजेपी के नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अटल बिहारी वाजपेयी की एक बहुत पुरानी तस्वीर शेयर की है,



द कल्चरल कैपिटल ऑफ़ इंडिया – कोलकाता

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता, जिसे सिटी ऑफ़ जॉय के रूप में जाना जाता है , भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर तथा पाँचवाँ सबसे बड़ा बन्दरगाह है | आबादी के हिसाब से कोलकाता भारत का तीसरा सबसे बड़ा शहर है | कोलकाता शहर हुबली नदी के बायें किनारे पर स्थित है | ब्रिटिश शासन के दौरान जब कोलकाता एकीकृत भारत क



नवरुज मुबारक , आज है पारसियों का न्यू ईयर

नवरुज मुबारक : आज 17 अगस्त को पारसी समाज का न्यू ईयर है, जिसे पारसी भाषा मे नवरोज या नवरुज भी कहते है। नवरुज पारसियों के सबसे प्राचीन त्योहारों में से एक है जो कि 3000 सालो से मनाया जा रहा है। पारसी सभ्यता भी लगभग 3000 साल पुरानी है।पारसी लोग मूलतः ईरान से है और 7वी सदी में ईरान से भारत आये थे। पार



कौन देगा अटल बिहारी वाजपेयी को मुखाग्नि?

भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार शाम 5.05 बजे निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे। अटलजी के निधन पर 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा गई की।अटल बिहारी वाजपेयी दो महीने से एम्स में भर्ती थे, लेकिन पिछले 36 घंटों के दौरान उनकी सेहत बिगड़ती चली गई। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा



माँ भारती की आरती

माँ भारती की आरती, हम यूँ सदा गाते रहे।चरणों में अपनी माँ के, हम शीश झुकाते रहे।।है मन में इक आस, कि बढ़ता रहे विश्वासप्रेम की धारा दिलों में, हम सदा बहाते रहे।माँ भारती की आरती, हम यूँ सदा गाते रहे।।खेतों में हो हरियाली, चहुँओर हो खुशहाली फूल खुशियों के हम, सदा ही उगाते रहे।माँ भारती की आरती, हम यूँ



कहां से आता हैं लाल किले पर फहराए जाने वाला तिरंगा? जानिए इससे जुड़े कुछ खास तथ्य !!!

भारत के 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूरा देश आजादी के जश्न में डूबा हुआ है. कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक देश के हर एक कोने में आजादी के जश्न की तैयारियां की जा रही हैं. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सबसे खास होता है देश की राजधानी लाल किले पर मनाए जाने वाला जश्न और प्



लद्दाख जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है और यहां तक कैसे पहुंचा जा सकता है? लद्दाख में देखने लायक जगह कौन सी हैं?

लद्दाख कब जाएंमई के अंतिम हफ्ते से सितंबर तक लद्दाख जा सकते हैं। यहां सड़क या हवाई मार्ग से ही पहुंचा जा सकता है। सड़क से जाना चाहें, तो एक रास्ता मनाली और दूसरा श्रीनगर होते हुए है। दोनों ही रास्तों पर दुनिया के कुछ सबसे ऊंचे दर्रे यानी पास पड़ते हैं। मई से पहले और सितंब



आजादी: राम प्रसाद बिस्मिल

आजादी: राम प्रसाद बिस्मिलइलाही ख़ैर! वो हरदम नई बेदाद करते हैं,हमें तोहमत लगाते हैं, जो हम फ़रियाद करते हैंकभी आज़ाद करते हैं, कभी बेदाद करते हैंमगर इस पर भी हम सौ जी से उनको याद करते हैंअसीराने-क़फ़स से काश, यह सैयाद कह देतारहो आज़ाद होकर, हम तुम्हें आज़ाद करते हैंरहा करता है अहले-ग़म को क्या-क्या



आजादी: राम प्रसाद बिस्मिल

आजादी: राम प्रसाद बिस्मिलइलाही ख़ैर! वो हरदम नई बेदाद करते हैं,हमें तोहमत लगाते हैं, जो हम फ़रियाद करते हैंकभी आज़ाद करते हैं, कभी बेदाद करते हैंमगर इस पर भी हम सौ जी से उनको याद करते हैंअसीराने-क़फ़स से काश, यह सैयाद कह देतारहो आज़ाद होकर, हम तुम्हें आज़ाद करते हैंरहा करता है अहले-ग़म को क्या-क्या



Video : पन्द्रह अगस्त का दिन कहता - आज़ादी अभी अधूरी है। सपने सच होने बाक़ी हैं, राखी की शपथ न पूरी है॥

पन्द्रह अगस्त का दिन कहता - आज़ादी अभी अधूरी है।सपने सच होने बाक़ी हैं, राखी की शपथ न पूरी है॥जिनकी लाशों पर पग धर कर आजादी भारत में आई।वे अब तक हैं खानाबदोश ग़म की काली बदली छाई॥कलकत्ते के फुटपाथों पर जो आंधी-पानी सहते हैं।उनसे पूछो, पन्द्रह अगस्त के बारे में क्या कहते हैं॥हिन्दू के नाते उनका दुख स



स्वतंत्रता दिवसः देखिए देश में एक रेलवे स्टेशन, जहां जाने के लिए चाहिए वीजा और पासपोर्ट

72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं, देश में मौजूद एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में जिसके अंदर जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरूरत होती है।सुनने में बड़ा अजीब लगता है न, कि विदेश जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा चाहिए और यहां रेलवे स्टेशन में जाने के लिए, पर



चीन का भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण

नाथू ला, सिक्किम में भारत-चीन सीमा की स्थिति 28 अगस्त, 2017 को 73 दिन के डोक्कलम स्टैंडऑफ समाप्त होने के बाद अपेक्षाकृत शांत रही है। हालांकि, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी अब पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में चली गई है, जहां सैनिकों ने जुलाई में भारतीय पक्ष में लगभग 500 मीटर घुसपैठ की है और यहां तक ​​कि क्



स्‍वतंत्रता दिवस: जानिए उन दो शख्सियतों को, जिन्होंने किया था भारत-पाक के बीच संपत्तियों का बंटवारा

नई दिल्ली : भारत को लंबे संघर्ष के बाद अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति मिलने जा रही थी. स्वतंत्रता की तारीख (Independence Day) मुकर्रर हो गई थी. देश में हर तरफ जश्न का माहौल था, लेकिन जैसे-जैसे यह तारीख (15 अगस्त) नजदीक आती जा रही थी दिल्ली के वायसराय हाउस में माउंटबेटेन क



73वां स्वतंत्रता दिवस : क्या है 15 अगस्त का सही महत्व ?

भारत का स्वतंत्र दिवस : स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन भारत को दासता के लंबे वर्षों के बाद ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिली थी। 15 अगस्त 19



जानिए, उस शख्स के बारे में जो पाकिस्तान से लाया था कटी लाशों से भरी ट्रेन

1947 का गदर वो खौफनाक मंजर था, जिसे भूलना भी चाहो तो मुमकिन नहीं। 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जानिए उस शख्स के बारे में जो पाकिस्तान से कटी लाशों से भरी ट्रेन लेकर आया था।स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बुजुर्ग बाल कृष्ण गुप्ता व सोहन सिंह



मेरा भारत 2020

मेरा भारत 2020 (लेख) परतंत्र भारत में नहीं जन्मे न देखी है परतंत्रता भारतीय होकर भी दोस्तों पाश के बंधनों में जकड़ी है हमारी स्वयं की विचारशीलता जी हाँ मित्रों आज स्थिति यह है कि हम स्वतंत्र होते हुए भी परतंत्र हैं । परतंत्र हैं अपने ही विचारों के अपनी ही सोच के



भारत बनाम इंग्लैंड : बारिश की वजह से रुका खेल

भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जा रहा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने दो विकेट खोकर 11 रन बना लिए हैं और क्रीज पर चेतेश्वर पुजारा व विराट कोहली मौजूद हैं। बारिश की वजह से खेल को रोक दिया गया है। लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन का खेल भ



ये हैं भारत की 26 ऐसी दुर्लभ तस्वीरें, जो आपको इतिहास की सुनहरी राह पर ले जाएंगी

तस्वीरें इतिहास का आईना होती हैं. इन पर नज़र पड़ते ही यादों का एक ऐसा झरोखा सामने आता है, जो हमें किसी न किसी की यादों में ले ही जाता है. आज़ादी के पहले की भारत की कई तस्वीरें हम सब ने देखी हैं, लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी तस्वीरों से रू-ब-रू करवाते हैं, जो आपने इससे पहले क



10 अगस्त 2018

भारतीय उच्च शिक्षा की समस्याएं

जब टाइम्स हायर एजुकेशन( जो लगभग 1,000 वैश्विक संस्थानों को रेट करती है) ने मई में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी की थी तो इसमें एक भी भारतीय संस्थान शीर्ष 100 में शामिल नहीं थी, हालांकि भारतीय विज्ञान संस्



आज़ादी से पहले नहीं था भारत का ख़ुद का झंडा, उस दौर में कुछ इस तरह बदलता रहा भारत का झंडा

आज़ादी से पहले भारत का अपना कोई एक स्थिर झंडा नहीं था. उस दौर में क्रांतिकारी अपने मुताबिक़ समय-समय पर अलग-अलग झंडा फ़हराया करते थे. 15 अगस्त 1947 को पहली बार आज़ाद भारत ने अपना तिरंगा फ़हराया था. 22 जुलाई 1947 को हुई Constituent Assembly की मीटिंग में पहली बार तिरंगे को भारत का झंडा बनाने का प्रस्ताव रख



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