शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 17

1. जिमनार       क-व्यायामशाला      ख-कसरत      ग-भोज        2. जिष्णु   क-शारीरिक    ख-विजयी    ग-विषाणु      3. जील    क-हल्की, धीमी    ख-उत्साह       ग-जला हुआ       4. जीवेश          क-जीता हुआ     ख-जीवन       ग-ईश्वर      उत्तर 1. ग   2. ख 3.



शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 16

1. चलावा      क-विचलित     ख-छलना     ग-रीति       2. चला  क-चलना   ख-बिजली   ग-अस्थिर     3. चवाई   क-निंदक   ख-चपल      ग-चाल      4. चांइयां         क-चहक    ख-चहकना      ग-धूर्त     उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग



भारतीय राजनीति के रंगमंच मायावती जी लड़ाई अब माँ है

भारतीय राजनीति के रंगमंच मायावती जी लड़ाई अब माँ हैभाषा के विषय में निर्मला जोशी जी के बेहद खूबसूरत शब्द  'माता की ममता यही  , निर्मल गंगा नीर  इसका अर्चन कर गए तुलसी सूर कबीर ' आज भारत की राजनीति ने उस भाषा को जिस स्तर तक गिरा दिया है वह वाकई निंदनीय है। उत्तर प्रदेश   बीजेपी के वाइस प्रेसीडेन्ट दया



शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 15

1. टांट       क-टलना    ख-टाट    ग-खोपड़ी      2. ठकुरसुहाती क-ठाकुरों का समूह  ख-चापलूसी  ग-रीता    3. ठसक   क-अभिमान  ख-निठल्ला     ग-ठिकाना     4. ठाकना         क-नखरा   ख-अंदाज     ग-मना करना    उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग



शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 14

1. झाबर      क-तालाब   ख-पोखर   ग-दलदल     2. झिल्लड़  क-पापड़ ख-झीना ग-झिल्ली   3. झीमर  क-मल्लाह ख-कीड़ा    ग-झूमना    4. झुटुंग        क-मल्लाह  ख-भ्रम    ग-जटाधारी   उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग



शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 13

1. तिय     क-छाया  ख-अंधकार  ग-स्त्री    2. तिरिया क-पार होना ख-औरत ग-पत्ते  3. तिरोधान क-अंतर्धान ख-आड़   ग-अपमान   4. तीमार       क-अंधेरा  ख-परछाईं   ग-सेवा  उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग



शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 12

1. तीय    क-गीला ख-तीखा ग-औरत   2. तुंगिमा क-मुख ख-ऊंचाई ग-नाभि 3. तुमुल क-कोलाहल, हलचल ख-हल्का  ग-दुर्बल  4. तुर्त-फुर्त      क-घुड़सवार ख-घोड़ी  ग-झटपट, तुरन्त उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग



शब्द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 11

1. झुठकाना   क-झूठ बोलना ख-गोबरग-भ्रम में डालना  2.झौर क-गन्‍दगी  ख-समूह ग-झटका 3. टल्‍लेबाजी  क-बहानेबाजी   ख-कीड़ा ग-झूमना 4. टसुआ     क-टेसू के फूल ख-भारी वस्तु  ग-आंसू  उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग



ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता

ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता                             मित्रों 'सफलता सूत्र' आपके लिए लेकर आया है, हिन्दी की पहली 'ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता'। यहां आप पाएंगे ज्ञान और उपहार का खजाना। यह प्रतियोगिता प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिन्दी का सम्मान व आप सभी का ज्ञान अभिवर्धन करना है। यह प्रत



आपकी बात, आपकी भाषा में

शब्दनगरी मंच के माध्यम से, आप अपने विचार जन-मानस तक हिंदी में पहुँचा सकते हैं| इस मंच से जुड़कर, आप हिन्दी की विभिन्न विधाओं जैसे- कविता, कहानी, निबन्ध, संस्मरण तथा अन्य विधाओं में अपने लेख प्रकाशित कर सकते है| शब्दनगरी पर हिन्दी-भाषी ब्लॉगर्स अपनी रचनाओ को समकक्ष एवं अपेक्षित रचनाकारों के साथ साझा



हिंदी एक वैज्ञानिक भाषा है और कोई भी अक्षर वैसा क्यूँ है उसके पीछे कुछ कारण है , अंग्रेजी भाषा में ये बात देखने में नहीं आती | ______________________

क, ख, ग, घ, ङ- कंठव्य कहे गए,क्योंकि इनके उच्चारण के समयध्वनिकंठ से निकलती है।एक बार बोल कर देखिये |च, छ, ज, झ,ञ- तालव्य कहे गए,क्योंकि इनके उच्चारण केसमय जीभतालू से लगती है।एक बार बोल कर देखिये |ट, ठ, ड, ढ , ण- मूर्धन्य कहे गए,क्योंकि इनका उच्चारण जीभ केमूर्धा से लगने पर ही सम्भव है।एक बार बोल कर द



हिंदी भाषा

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख ने विश्व के अनेक देशों को हिंदी समझने के लिए विवश कर दिया है. निःसंदेह इससे हमारी हिंदी भाषा की समृद्धि का अहसास होता है..



भाषा एकमात्र अनन्त है

हिन्दी साहित्य के सृजन में श्री अशोक वाजपेयी जी का नाम अत्यंत सम्मान से लिया जाता है । 16 जनवरी सन 1941 को दुर्ग (मध्य प्रदेश) में जन्मे अशोक वाजपेयी कई वर्षों तक मध्य प्रदेश शासन भोपाल के संस्कृति एवं प्रकाशन विभाग में विशेष सचिव के पद पर सेवारत रहे । आपने ‘पूर्वाग्रह’ पत्रिका का अनेक वर्षों तक सफल



हिंदी हम सबकी परिभाषा

कोटि-कोटि कंठों की भाषा,जनगण की मुखरित अभिलाषा,हिंदी है पहचान हमारी,हिंदी हम सबकी परिभाषा ।आज़ादी के दीप्त भाल की,बहुभाषी वसुधा विशाल की,सहृदयता के एक सूत्र में,यह परिभाषा देश-काल की ।निज भाषा जो स्वाभिमान को,आम आदमी की जुबान को, मानव गरिमा के विहान को, अर्थ दे रही संविधान को ।हिंदी आज चाहती हमसे-हम



मातृभाषा हिन्दी

अब भाषा भारत की हिंदी, ऐसी है अलबेली ।ज्यों घन घुमड़े, करे दामिनी घटा मध्य अठखेली ।।आज परिष्कृत शुभ्र सुन्दरी, हो गई हिन्दी भाषा ।कवि, लेखकों, विद्वानों की मिटती ज्ञान पिपासा ।।विकसित हुई आज ये हिन्दी, सब बाधाएँ झेलीं ।अनुपमेय लगती जैसे, अभिसारिका नई नवेली ।।अब भाषा भारत की हिंदी, ऐसी है अलबेली ।ज्यो



हिंदी भाषा

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख ने विश्व के अनेक देशों को हिंदी समझने के लिए विवश कर दिया है. निःसंदेह इससे हमारी हिंदी भाषा की समृद्धि का अहसास होता है..



आपकी बात, आपकी भाषा में

शब्दनगरी मंच के माध्यम से, आप अपने विचार जन-मानस तक हिंदी में पहुँचा सकते हैं| इस मंच से जुड़कर, आप हिन्दी की विभिन्न विधाओं जैसे- कविता, कहानी, निबन्ध, संस्मरण तथा अन्य विधाओं में अपने लेख प्रकाशित कर सकते है| शब्दनगरी पर हिन्दी-भाषी ब्लॉगर्स अपनी रचनाओ को समकक्ष एवं अपेक्षित रचनाकारों के साथ साझा



भाषा एवं साहित्य (०१)

भारतीय संविधान में २४ भाषाओँ को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है. इनमें कुछ प्रमुख भाषाएँ हैं-संस्कृत, हिन्दी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, बांग्ला, मराठी, पंजाबी, गुजराती और असमिया.आइये जानते हैं संस्कृत भाषा के बारे में कुछ प्रमुख तथ्य.►'संस्कृत' विश्व की प्रथम भाषा मानी जाती है I►'संस्कृत' भारत की एक



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x