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कश्मीर धर्मांधता व सेकूलर इंडिया !

वर्तमान समय में संसार में कहीं भारत या इंडिया के संबंध में चर्चा होती होगी तो कश्मीर उसका अभिन्न विषय बनकर जनसामान्य के मस्तिष्क की रेखाओं पर उभरता होगा ! आखिर है क्या कश्मीर ? हम इस बात पर तर्क व चर्चा कुछ सामान्य प्रश्नों से करेंगे “कहा जाता है जो प्रश्नों की अभिलाषा व प्रश्नों की गंभीरता को नहीं



राम मंदिर - राम के वंशज कहाँ है ?!

समस्या ये है supreme court रामचरितमानस या अनन्य रामायणों के साक्ष्यों को प्रमाण नहीं मानती वही supreme कोर्ट २०१५ में जब बकरा-ईद की सुनवायी में कहती है कि ये रीति है जो हज़ार साल से चली आ रही है !जहाँ रामसेतु को congress सरकार ने ख़ुद court में कहा ऐसी कोई चीज़ है ही नहीं सेक्युलर लिबरल गैंग ने भी क



कीर्ति के लिए क्या secular लोग माँगेंगे इंसाफ़? क्या bjp साफ़ करेगी अपना द्रष्टिकोंण?

दो प्रशन सिर्फ़ मेरे पहला क्या हिंदू-मुस्लिम का भेद ख़ुद social-media व news-media द्वारा किया जाता है? कोई क्यों न्याय की भावना से नहीं कहता लड़का मुनासिर है लड़की कीर्ति ? यहीं अगर इसका विरूद्ध प्रकरण होता तो हर जगह बात सुनी जाती ,मुस्लिम समाज व secular-बुध्ह्जीवी c



babri masjid: आइए जानते हैं कि क्या है बाबरी विध्वंस मामला और क्या हैं इसके तथ्य

6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद (babri masjid) के विध्वंस किया गया। जिसके बाद से वर्तमान समय में इस मामले की सुनवाई चल रही है। चूंकि Babri Masjid Case काफी समय से कोर्ट में है जिसके चलते सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर रोज सु



दिल्ली में लोकतान्त्रिक प्रक्रियाओं से छेड़छाड़

दिल्ली का दंगल,दिल्ली का ड्रामा,धरना वाला मुख्यमंत्री जैसे शब्द आजकल सुनने को मिल जाते है मीडिया,नेता,संविधान बिशेषज्ञ सबके अलग अलग विचार हैं परंतु जो मुलभूत विचार है उसको ठेंगा दिखाने की कोशिश जरूर की जा रही यह स्पष्ट है।विशेषज्ञों का यह मानना है की दिल्ली में यह समस्या तब शुरू हुई जब दो अनुभवी



जनता तो भगवान बनाती है साहब लेकिन शैतान आप

जनता तो भगवान बनाती है साहब लेकिन शैतान आप 13 मई 2002 को एक हताश और मजबूर लड़की, डरी सहमी सी देश के प्रधानमंत्री को एक गुमनाम ख़त लिखती है। आखिर देश का आम आदमी उन्हीं की तरफ तो आस से देखता है जब वह हर जगह से हार जाता है। निसंदेह इस पत्र की जानकारी उनके कार्याल



*गोचरणमुक्ति आंदोलन आखिर क्यों ..?

गौमाता गांव गरीब गोपाल को बचाने का अभियान है गोचरणमुक्ति आंदोलन- भगवान कृष्ण ने गोपाष्टमी के दिन से गोचरान में गौमाता को चराने निकले थे भगवान कृष्ण से प्रेरणा लेकर विदेशियों ने अपने देश मे चारागाह भूमि का प्रबंध किया ।*विदेशो में चारागाह भूमि की स्थिति**इंग्लैंड - 3.5 एकड़ प्रति पशु के लिए आरक्षित*



बिहार के पास तो सरकार ही सरकार है !

आप देख रहे हैं 2019 लाइव। बिहार की जनता ही जानती होगी भ्रष्टाचार का हाल। बी डी ओ, इंजीनियर, अधिकारी ही बेहतर बता सकते हैं कि जो भ्रष्टाचार कभी ख़त्म नहीं होता,उसके लिए दो बड़े नेता कैसे सैद्धांतिक लाइन लेकर अलग हो जाते हैं। सरकार गिर जाती है। इस्तीफ़ा नीतीश के लिए कभी समस



नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया 4 साल पुराना वादा!

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सनोसरा गांव में SAUNI (Saurashtra Narmada Avataran for Irrigation) प्रोजेक्ट के पहले फेज का उद्घाटन कर दिया है. इस प्रोजेक्ट की वजह से राजकोट, जामनगर और मोरबी के 10 बांधों में नर्मदा नदी का पानी पहुंचेगा. 12 हज़ार करोड़ रुपये का ये प्रोजेक्ट सौराष्ट्र क्षेत्र



अखिलेश बनाम योगी आदित्यनाथ



स्वाति सिंह के समर्थकों को बड़ा झटका, भाजपा नहीं लड़ाएगी चुनाव

पति के 'गालीकांड' के बाद मायावती से मोर्चा लेकर सुर्खियों में आईं पत्नी स्वाति सिंह को भाजपा टिकट नहीं देगी। खुद प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या ने यह दावा किया है।  नई दिल्लीः सोशल मीडिया पर 15 दिन से उछल रहे स्वाति समर्थकों के लिए बुरी खबर है। बेटी के सम्मान में बसपा के खिलाफ लड़ाई छेड़कर सुर्खियों मे



थरूर ने कुरेदा गुलामी का ज़ख्म!

कांग्रेस नेता और संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की ओर से महासचिव पद का चुनाव लड़ चुके शशि थरूर आजकल काफी चर्चा में हैं. चर्चा की कई वजहें हैं, जिनमें एक सोनिया गांधी द्वारा उनको साफगोई के लिए डांट पड़ना था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनकी काउंटर तारीफ़ करना भी चर्चा के कारणों में शामिल रहा है.



घूसखोरी और राजनीतिक कनेक्शन

भ्रष्टाचार हमारे लिए कोई अपरिचित शब्द नहीं है. ट्रांसपरेन्सी इंटरनेशनल द्वारा २००५ में किये गए एक अध्ययन में यह बात सामने आयी थी कि करीब ६२ फीसदी लोगों द्वारा घूस देने के बाद उनका काम सफलतापूर्वक हो जाता था. इसी संस्था द्वारा २०१५ में किये गए एक अध्ययन के अनुसार भारत भ्रष्ट देशों की सूची में 85 व



चुनावी राजनीति और काला धन

हाल ही में अमित शाह द्वारा दिया गया बयान बड़ा चर्चित रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पांच साल मोदी सरकार के लिए काफी नहीं हैं. इससे पहले उन्होंने काले धन को लेकर बयान दिया था कि यह एक 'चुनावी जुमला' था. इन प्रश्नों के सहारे यदि हम राजनीतिक दलों के खर्चों और चंदों की जड़ तक पहुँचने की कोशिश करें तो



राष्ट्रगान और राष्ट्रवादिता

जन गण मन 'अधिनायक' जय हे ... बचपन से इसे हम सब गाते रहे हैं और इसकी धुन कहीं सुन भी लें तो अपने आप सावधान की मुद्रा बन जाती है. दुःख की बात यह है कि हृदय और आत्मा तक घुस चुके इस गीत पर भी विवाद खड़ा करने से लोग खुद को रोक नहीं पाते हैं. इस बार राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने भारत के राष्ट्र गान प



आतंकी संगठन का खतरनाक 'वैश्विक' उभार

अपनी सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और दक्षता के बावजूद यदि ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और फ़्रांस जैसे देश आतंकियों के निशाने पर आ जाएँ तो विश्व के दुसरे विकासशील देशों में भय का माहौल उत्पन्न होना स्वाभाविक ही है. आतंक के शिकार अब तक तीसरी दुनिया के देश ही हुआ करते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इस ट्रेंड ने विकसित



लोकतंत्र की बाहें न मरोड़ी जाएँ - Respect the democratic system, hindi article

बुद्धिजीवियों के एक समूह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को हल्के रूप में पेश करने की प्रतिस्पर्धा सी चल पड़ी है. आप तमाम विचारकों के लेखों को देखिये अथवा सोशल मीडिया पर नए रंगरूटों द्वारा चलाये जा रहे अभियानों पर गौर करें तो पाएंगे कि दिल्ली सरकार जैसी-तैसी, लड़खड़ाती, संभलती राजनीति के लंग



किसानों के साथ हमदर्दी या दिखावा देश के लिए घातक - Sympathy or something else with Indian Farmers

भाजपा की पहली पूर्ण बहुमत सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी को अगर किसी मुद्दे पर सरदर्द हुआ है तो वह निश्चित रूप से किसानों की बदहाली का ही मसला है. यदि यह बात कही जाए कि किसानों की यह हालत कोई एक दिन में नहीं हुई है तो कोई गलत नहीं होगा, किन्तु इसके साथ यह भी उतना ही सच है कि किसानों के मसले पर अपने एक



दिल्ली चुनाव पर मिथिलेश की कुण्डलिया - Poem on Delhi Election, Politics, BJP, AAP, Congress by Mithilesh

आया चुनाव नजदीक है, बन लोकतंत्र की लाज देखो, सुनो परखो जरा, यह है ज़रूरी काज। यह है ज़रूरी काज, नाच नेता की देखो। छल कपट दंश प्रपंच, वक्त पर तुम भी समझो। कहते 'अनभिज्ञ' सही, दूर हो मोह व माया शांत बुद्धि से वोट दो, दिन तुम्हारा आया। साठ साल तक राज में, ना उभरा दूजा और | कांग्रेस की दुर्गति में, यह



दिल्ली की भावी मुख्यमंत्री 'किरण बेदी' - Delhi's future chief minister Kiran Bedi.

किरण बेदी किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. वर्तमान समय में यदि युवकों/ युवतियों से उनके आदर्श व्यक्तित्वों की सूची बनाने को कहा जाय, तो उनमें से अधिकांश की सूची में किरण बेदी का नाम टॉप-१० में जरूर होगा. बचपन से उनके किये गए कार्यों, उनकी सूझबूझ, उनका साहस, दूरदर्शिता और इन सबसे बड़ा उनका जुझारूपन सक्र



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