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बच्चों की देखभाल के आसान तरीके || Child Health Care In Hindi

बच्चे भगवान का रूप होते हैं मगर उन्हें अच्छे-बुरे की कोई समझ नहीं होती है. इसलिए उनकी केयर करना बहुत जरूरी हो जाता है क्योंकि उन्हें अपने लिए क्या करना है क्या नही इसके बारे में पता नहीं होता. माता-पिता अपने बच्चों को बहुत प्यार करते हैं और उनके लिए वे कुछ भी कर जाते हैं क्योंकि पैरेंट अपने बच्चों क



बच्चा नहीं सुनता आपकी बात, अपनाएं यह आसान उपाय

आज के समय में अधिकतर माता-पिता की यही शिकायत होती है कि बच्चे उनकी बात ही नहीं सुनते। वह हमेशा अपने मन की ही करते हैं या फिर छोटी-छोटी बातों पर जिद करते हैं। जिसके कारण माता-पिता को काफी परेशानी होती है। इस स्थिति से निपटने के लिए या तो



बेटियां अच्छी, लेकिन चाह फिर भी एक बेटे की ही

आज अंतरराष्टीय महिला दिवस के दिन जब पूरे विश्व में महिलाओं की कामयाबी, उनके गुणों व क्षमताओं का बखान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर फिर भी लोग मन ही मन एक बेटे की ही आस करते हैं। यह सच है कि आज के समय में स्त्रियों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन हर मोर्चे पर किया है। मैरी काॅम से लेकर मानुषी छिल्लर, हि



बच्चे को हेल्दी खाना है खिलाना, अपनाएं यह अचूक उपाय

वर्तमान समय में, बच्चे जिस तरह का लाइफस्टाइल जी रहे हैं, उसका सबसे बुरा प्रभाव उन्हीं की हेल्थ पर देखने को मिल रहा है। माॅडर्न युग के बच्चे घर के बने हेल्दी फूड के स्थान पर नूडल्स, बर्गर, पिज्जा आदि खाना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक व मानसिक विकास बाधित होने लगा है। अगर आपके घर में भी



"बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" पर हिंदी की 11 सर्वश्रेष्ट कवितायेँ - Top 11 Hindi poems empowering Beti Bachao Beti Padhao aandolan

भारत में “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” (Beti Bachao Beti Padhao) एक अति महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील मुद्दा है | बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं पर कविताओं और नारों के जरिए न केवल सरकार बल्कि आम आदमी भी अपनी बात को लोगों के समक्ष रख रहे है, जिससे समाज में फ़ैली कुरीतियां जैसे कन्याभ्रूण हत्य



“बाल-दिवस” ( Children’s Day, 14 नवम्बर )

आजादीके बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जन्म-जंयती को“ बाल-दिवस ” के रूप में मनाया जाता है । इस दिन बच्चों के अधिकार, देखभाल और शिक्षा के बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है । भारत के अलावाबाल दिवस दुनिया भर में अलग अलग तारीखों पर मनाया जात



बच्चे खुला आसमान चाहते हैं

जो उनके खेलने की उम्र में उनसे खेल जाते हैंबताइये इतनी दरिंदगी कहाँ से लाते हैंनासमझ ने गुड्डे को गिर जाने पर बड़े प्यार से सहलाया थावो गुड्डे-गुड़ियों को गिराते हैं फिर नोच जाते हैं।वो जो सबकी नाक में दम कर देता थाउसके चेहरे की शरारत को गुम क्यूँ पाते हैंव्यस्त ज़िन्दगी



छोटा सा सवाल

भारत हो या कोई भी देश हो हर माता पिता अपने बच्चों को असीम प्रेम करते है जिसका ऋण कोई भी नहींउतार सकता । पर असीम प्रेम करने पर बच्चों पर क्या क्या भीत सकती है शायद वो भी नहीं सोचते । मै एक ऐसा ही वाक्या बताने जा रहा हूँ । यदि आपके 2 बच्चें है और कोई विपत्ति या आपदा आती है जिसमें आप या तो अपने अपने आप



बच्चों को बख्श दे पाकिस्तान !

इस बात की सच्चाई पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं है कि आज़ादी के बाद से ही पाकिस्तान भारत विरोध पर ही ज़िंदा रहा है, अन्यथा उसके न केवल कई टुकड़े हो गए होता बल्कि गृह युद्ध के कई दौर उसके सामने आ चुके होते. आतंकवाद के अपने कई प्रयासों के असफल होने के बाद पाकिस्तान की ओर से नयी कोशिशें बदस्तूर जारी हैं. एक ओर ज



अनसुलझा प्रश्न - Unsolved question, hindi short story by Mithilesh Anbhigya

रोज की तरह निर्मल अपने नर्सरी में पढ़ने वाले बेटे को छोड़ने स्कूल गया तो गेट पर उसकी क्लास टीचर खड़ी थीं. स्वभाववश निर्मल ने अभिवादन किया तो इशारे से मैडम ने उसे अपने पास बुलाया तो उसे लगा कि बेटे के बारे में कुछ सुझाव या शिकायत होगी शायद! जी मैडम! वो आपसे कुछ बात करनी है... जी! प्रिंसिपल सर से नह



मिथिलेश 'अनभिज्ञ' द्वारा लिखी कविताओं का संकलन - POEM Book by Mithilesh in hindi

Read this book in 'PDF' Format... (Click here !!) POEM Book by Mithilesh in hindi book, peom, hindi poem, mithilesh anbhigya, new poem, new poet, kavi, kavitaye, kudaliya, metro poem, children poem, women poem, nari



भूकम्प - Short story by Mithilesh Anbhigya on Earthquake in Hindi

दूसरे की तकलीफ़ तुम्हें ज़रा भी समझ नहीं आती है, कभी किचेन में दो रोटियां बनाओ फिर एक हाउसवाइफ का दर्द पता चलेगा, रागिनी ने भड़कते हुए कहा! उसका पति रमेश भी कहाँ कम था, ताना मारते हुए बोला- कभी हमारी तरह धूप में बाहर निकलो और ऑफिस की पॉलिटिक्स झेलो, तुम्हें भी आटे-दाल का भाव पता चल जायेगा. उन दोनों की



थैंक्यू से क्या होगा... ? Thank you se kya hoga, Hindi Short Story by Mithilesh

थोड़ा तेज भगाओ भाई इस रेगिस्तान के जहाज को, सचिन ऊंट वाले से बोला! जैसलमेर के रेगिस्तान में ऊंट पर मैं अपने दोस्त सचिन के साथ बैठा हुआ था. उस रेगिस्तान में दूर-दूर तक पेड़ पौधों का नामोनिशान तक नहीं दिख रहा था सिवाय कुछ कंटीली झाड़ियों के. और साथ में रेत पर ढ़ेर सारी बियर की बोतलें भी बिखरी हुई थीं. इस





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