किसान चिंतित है

किसान चिंतित हैसुशील शर्माकिसान चिंतित है फसल की प्यास से ।किसान चिंतित है टूटते दरकते विश्वास से।किसान चिंतित है पसीने से तर बतर शरीरों से।किसान चिंतित है जहर बुझी तकरीरों से।किसान चिंतित है खाट पर कराहती माँ की खांसी से ।किसान चिंतित है पेड़ पर लटकती अपनी फांसी से।किसान चिंतित है मंडी में लूटते लुट



राजनीति

सपा-बसपा आैर भाजपा,कांग्रेस चुनाव में लगे हैं |जनता की सुध- बुध छोड़कर फार्चूनर लिए भगे हैं |चुनाव के वक्त झूठा वादा करके,जनता को बेवकूफ बनाते हैं|कुर्सी पाते ही वादा भूलकर,रेस्टोरेन्ट में खाना खातें हैं|एेसे तो हो गया देश का कल्याण|



किया नेता ने घोटाला

@@@@@@ किया नेता ने घोटाला @@@@@@********************************किया नेता ने घोटाला ,दौलत के लिए |न कोई पुल बना नदी पर ,न कोई सड़क बनायी |बिना बने ही टूट गये दोनों ,घूस की जिनकी खायी ||किया नेता ने घोटाला ,ऐश के लिए |भुगतान कर दिया उस खाद का ,जो कभी नहीं आयी |खा गये नेता चारे को भी ,गायें खा नहीं पा



भारत में मुसलमानों के 800 वर्ष के शासन काल का झूठ-

शायद अब तक जो आपने सुना वो कितना गलत है यहाँ जानें भारत में मुसलमानो ने 800 वर्षो तक शासन किया है। सुनने में यही आता है पर न कभी कोई आत्ममंथन करता है और न इतिहास का सही अवलोकन।प्रारम्भ करते है मुहम्मद बिन कासिम से।भारत पर पहला आक्रमण मुहम्मद बिन ने 711 ई में सिंध पर किया। राजा दाहिर पूरी शक्ति से ल



हिन्दुस्तान : एक आह्वान

हिंदुस्तान :एक आह्वानसोचिये ! वो भारत कितना प्यारा होता जब मस्तक पर जगतगुरु का ताज होता |केवल खुद पर ही गर्व नहीं करते वरन दुनिया के दिल पर हमारा राज होता ||हम न करते 'परदेसियों ' की नकल, गर अपने हुनर, संस्कृति पे नाज़ होता |अपनत्व को भरसक लगा पाते गल



यदि मोदी विदेश यात्रा नहीं करेंगे तो क्या भारत बदनाम हो जायेगा ।…

ये सत्य है की पुरे विश्व  मैं मोदी जी ने यात्राये करके भारत का नाम रोशन   कर दिया...  पर  सत्यता यह भी   है की भारत  मैं एक  आम  आदमी अभी  भी जैसा पहले था वैसा  ही अभी  भी  है बल्कि महंगाई  बढ़ने  के कारण ओर  ज्यादा परेशान ….  राष्ट्र धर्म संस्कृति विरोध  ,, दंगो के कारण असुरक्षित ।...  हमको दूसरे  ल



एक अरब पर्यटक...एक अरब अवसर : बुर्कीना-फासो (विश्व पर्यटन दिवस पर विशेष)

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा हर वर्ष २७ सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस का आयोजन होता है, एक नई थीम या प्रसंग के टैगलाइन से, जिसकी मेज़बानी अलग-अलग देश में होती है. इस बार विश्व पर्यटन दिवस (२७ सितम्बर, २०१५ ) की थीम है- एक अरब पर्यटक . . . एक अरब अवसर, जिसका प्रायोजक देश है – बुर्किना-फासो



अब समय आ गया है , हमेँ अस्त्र - शस्त्र उठाने का

अब समय आ गया है , हमेँ अस्त्र - शस्त्र उठाने का।अब समय आ गया हैँ , उस पाक को जवाब देने का।जिसने सुला दिये कई भारतीय वीरोँ को भूमि पर ,नित - नित करता उल्लघँन संघर्ष विराम काअब वक्त नहीँ हैँ , करने आराम का अब वक्त आ गया महासंग्राम का।अपनी इज्जत की रक्षा हेतु , भारत माँ ने पुकारा हैँ।क्या हैसियत उस नाप



महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास: वूमन पावर लाइन १०९०

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए वूमन पावर लाइन १०९० कॉल सेंटर शुरू कर दिया गया हैं। प्रदेश में महिला सुरक्षा की चिंताजनक हालत देखते हुए, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वूमन पावर लाइन १०९० कॉल सेंटर की शुरुवात की है। इस वूमन पावर लाइन १०९० के जरिये, महिलाएं इस नम्बर पर अ



महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास: वूमन पावर लाइन १०९०

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए वूमन पावर लाइन १०९० कॉल सेंटर शुरू कर दिया गया हैं। प्रदेश में महिला सुरक्षा की चिंताजनक हालत देखते हुए, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वूमन पावर लाइन १०९० कॉल सेंटर की शुरुवात की है। इस वूमन पावर लाइन १०९० के जरिये, महिलाएं इस नम्बर पर



ऐ देश के वीर सिपाही तुम्हे सलाम!

भारत माँ की रक्षा में तत्पर, ऐ वीर तुम्हे सलाम,दुश्मन से ना डरे, ना झुके तुम, भारत माँ को हँसते- हँसते दे दी अपनी जान,जितना भी करूँ नमन तुम्हारा, जितना भी करूँ सम्मान,ऐ देश के वीर सिपाही, तुम पे सब कुर्बान,ऐसी है हस्ती तुम्हारी, बर्फ को भी पिघला देते हो तुम,शोलों पे जल-जल कर, दुश्मनों के छक्के छूड़ा



10 सितम्बर 2015

ऐ देश के वीर सिपाही तुम्हे सलाम!

भारत माँ की रक्षा में तत्पर, ऐ वीर तुम्हे सलाम, दुश्मन से ना डरे ना झुके तुम, भारत माँ को हँसते- हँसते दे दी अपनी जान,जितना भी करूँ नमन तुम्हारा, जितना भी करूँ सम्मान,ऐ देश के वीर सिपाही, तुम पे सब कुर्बान,ऐसी है हस्ती तुम्हारी, बर्फ को भी पिघला देते हो तुम,शोलों पे जल-जल कर, दुश्मनों के छक्के छूड़ा



आरक्षण की आग!

हर-क्षण, हर-पल देश के पैरों को जकड़ती ये आरक्षण की आग,देश का युवा, इसमें जलकर न हो जाये राख,मेहनत और काबिलियत कि कद्र करो तुम, आरक्षण कर देगा सबको खाक,हर दिन एक सुअवसर हैं, इसका मूल्य समझो जनाब,न करो युवाओं को गुमराह तुम,देश के सिपाहियों में भरो उत्साह तुम,ले जाए देश को ये प्रगति पथ पर,ऐसे गीत गुनगुन



आरक्षण की आग!

हर-क्षण, हर-पल देश के पैरों को जकड़ती ये आरक्षण की आग,देश का युवा, इसमें जलकर न हो जाये राख,मेहनत और काबिलियत कि कद्र करो तुम, आरक्षण कर देगा सबको खाक,हर दिन एक सुअवसर हैं, इसका मूल्य समझो जनाब,न करो युवाओं को गुमराह तुम,देश के सिपाहियों में भरो उत्साह तुम,ले जाए देश को ये प्रगति पथ पर,ऐसे गीत गुनगुन



31 अगस्त 2015

आरक्षण की आग!

हर-क्षण, हर-पल देश के पैरों को जकड़ती ये आरक्षण की आग,देश का युवा, इसमें जलकर न हो जाये राख,मेहनत और काबिलियत कि कद्र करो तुम, आरक्षण कर देगा सबको खाक, हर दिन एक सुअवसर हैं, इसका मूल्य समझो जनाब,न करो युवाओं को गुमराह तुम,देश के सिपाहियों में भरो उत्साह तुम,ले जाए देश को ये प्रगति पथ पर, ऐसे गीत गुनग



अमर देशभक्त

ज़ि‍न्‍दगी लड़ती रहेगी, गाती रहेगीनदियाँ बहती रहेंगीकारवाँ चलता रहेगा, चलता रहेगा, बढ़ता रहेगामुक्ति की राह परछोड़कर साथियो, तुमको धरती की गोद में। खो गये तुम हवा बनकर वतन की हर साँस मेंबिक चुकी इन वादियों में गन्‍ध बनकर घुल गयेभूख से लड़ते हुए बच्‍चों की घायल आस मेंकर्ज़ में डूबी हुई फसलों की रंगत



बिहार और हिमाचल प्रदेश में राज्यपालों की नियुक्ति | Free Current Affairs PDF Download, Free Current Affairs

प्रश्न-08 अगस्त, 2015 को किसे बिहार राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया गया है?(a) राजनाथ कोविंद(b) आचार्य देवव्रत(c) राम नारायण पाल(d) साध्वी त्रिकाल भवन्ताउत्तर-(a)संबंधित तथ्य



महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर "आज़ाद"

भारत माता के इन महान सपूत को हमारा भी नमन! अपने "आज़ाद" नाम को सार्थक करने वाले महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर "आज़ाद" का जन्म 23 जुलाई 1906 को श्रीमती जगरानी देवी व पण्डित सीताराम तिवारी के यहाँ भाबरा (झाबुआ मध्य प्रदेश) में हुआ था। जननी, जन्मभूमि के प्रति आदरभाव से भरे "आज़ाद" को "बिस्मिल" से लेक



आओ सदा सच बोलें

काम कठिन है ना !जरूर होगा क्योंकि हमें झूठ बोलने की आदत है और मैं कह रहा हूँ सच बोलें |परन्तु सच बोलने से ईश्वर हम पर सदा प्रसन्न होते हैं |लेकिन सच कैसा बोलें ;-"सत्यम ब्रूयात प्रियं ब्रूयात ना ब्रूयात सत्यमप्रियम "अर्थात ;-सच बोले प्रिय बोले [अच्छा बोले ] परन्तु अप्रिय सत्य कभी ना बोलें |सच मे



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