अमीर बनने की चाबी

अमीर बनने की चाबी कार्ल हेनरिख मार्क्स जर्मन का महान दार्शनिक मार्क्सवाद का जन्म दाता जो गरीबी में पैदा हुआ गरीबों के लिए लड़ा और गरीबी में ही मर गया पर वह मरते मरते मकार लोगों के हाथ में सरलता से अमीर बनने की चाबी दे गया इस चाबी का नाम था मार्क्सवाद मार्क्सवाद के तहत उन्होंने मजदूरों को शोषण करने वा



कला की डोर (लघुकथा)

रोज़ की तरह मंदिर के पास से घंटो भजन गा कर उठ रहे बुज़ुर्ग को पंडित जी ने रोका। पंडित जी - “बाबा मैंने सुना आपकी पेंशन आपका नकारा लड़का और बहु खा रहे हैं। आप घर से सटे टीन शेड में सोते हो?”बाबा - “हाँ, शायद अपने ही कर्म होंगे पहले के जो सामने आ रहे हैं।”पंडित जी - “तो पड़ोसी-पुलिस-रिश्तेदार किसी से बात



देश के बच्चे

हमारे देश के बच्चे अश्लीलता का शिकार हो रहे हैं इसका वजह सिर्फ बॉलीवुड है |और एक बात और है कि आज के बच्चे सभ्यता से बेखबर हैं कहने का मतलब अंग्रेज की औलाद जैसे कुछ भी स्वदेशी नहीं सिर्फ विदेशी कपड़ा विदेशी ,चप्पल विदेशी और घर भी विदेशी ,पत्नी विदेशी जैसी लटके -झटके वाली ये है हमारे देश की नयीं पीढ़



राजनीति, आरक्षण और देश का विकास बाधित

हम जानते है कि भारत देश में राजनीति और आरक्षण दो ऐसे मुद्दे है जो आजकल बच्चे बच्चे की जुबान पर है और यही दो मुद्दे देश के विकास को रोक रहे है कहने को तो भारत देश काफी विकसित देश है और ये सच भी है पर इस देश में से राजनीति और आरक्षण हटा दिए जाये तो ये देश कहाँ से कहाँ पहुंच जाये ! देश के नेता सिर्फ वा



आओ मिलकर देश सजाएँ



देश हमारा बदल रहा है

देश हमारा बदल रहा हैदेश हमारा बदल रहा हैधीरे धीरे संभल रहा है दुनिया में खुद को साबित करने कोयुवा हदृय फिर मचल रहा है।।गॅाव -गाॅव और शहर -शहर में परिवर्तन का दौर चला हैंऐसा लगता है मानोदेश हमारा दौड़ पडा है।।नये अन्वेषण,नये लक्ष्य सेप्रतिपल भारत बदल रहा हैउन्नत तकनीको के प्रयोग सेकृषि जगत भी संभल रहा



देश वासी देश की तरक्कीमे सहयोग करें

देश वासी देश की तरक्कीमे सहयोग करें ============================आरक्षण जैसी कई बीमारिया की वजह से टीना डाभी पास हुई और अंकित श्री वास्तव फेल जो की अंकित कोsahyog तिनसे ज्यादा मार्क्स है ३५ मार्क ज्यादा लेकिन अंकित को आरक्षण व्यवस्ताने फेल करदिया और तिनको पास , ये बिमारिकि जड़ देश में डालने वाला नहेरु



राजनीति का देश पर प्रभाव

किसी भी देश की राजनीति उस देश के विकास देशवासियों के हितार्थ होती है. भारत में पहले राजतंत्र था. तमाम राजा अपने प्रभुत्व अपनी शक्ति और पराक्रम से अपने राज्य काविस्तार करते थे.राजाओं की आपसी लड़ाई दुश्मनी के कारण ही भारत गुलाम हो गया.आठ सौ साल गुलामी झेलने के बाद बड़ी त्याग तपस्या और वलिदान के बाद भारत



किसान चिंतित है

किसान चिंतित हैसुशील शर्माकिसान चिंतित है फसल की प्यास से ।किसान चिंतित है टूटते दरकते विश्वास से।किसान चिंतित है पसीने से तर बतर शरीरों से।किसान चिंतित है जहर बुझी तकरीरों से।किसान चिंतित है खाट पर कराहती माँ की खांसी से ।किसान चिंतित है पेड़ पर लटकती अपनी फांसी से।किसान चिंतित है मंडी में लूटते लुट



राजनीति

सपा-बसपा आैर भाजपा,कांग्रेस चुनाव में लगे हैं |जनता की सुध- बुध छोड़कर फार्चूनर लिए भगे हैं |चुनाव के वक्त झूठा वादा करके,जनता को बेवकूफ बनाते हैं|कुर्सी पाते ही वादा भूलकर,रेस्टोरेन्ट में खाना खातें हैं|एेसे तो हो गया देश का कल्याण|



किया नेता ने घोटाला

@@@@@@ किया नेता ने घोटाला @@@@@@********************************किया नेता ने घोटाला ,दौलत के लिए |न कोई पुल बना नदी पर ,न कोई सड़क बनायी |बिना बने ही टूट गये दोनों ,घूस की जिनकी खायी ||किया नेता ने घोटाला ,ऐश के लिए |भुगतान कर दिया उस खाद का ,जो कभी नहीं आयी |खा गये नेता चारे को भी ,गायें खा नहीं पा



भारत में मुसलमानों के 800 वर्ष के शासन काल का झूठ-

शायद अब तक जो आपने सुना वो कितना गलत है यहाँ जानें भारत में मुसलमानो ने 800 वर्षो तक शासन किया है। सुनने में यही आता है पर न कभी कोई आत्ममंथन करता है और न इतिहास का सही अवलोकन।प्रारम्भ करते है मुहम्मद बिन कासिम से।भारत पर पहला आक्रमण मुहम्मद बिन ने 711 ई में सिंध पर किया। राजा दाहिर पूरी शक्ति से ल



हिन्दुस्तान : एक आह्वान

हिंदुस्तान :एक आह्वानसोचिये ! वो भारत कितना प्यारा होता जब मस्तक पर जगतगुरु का ताज होता |केवल खुद पर ही गर्व नहीं करते वरन दुनिया के दिल पर हमारा राज होता ||हम न करते 'परदेसियों ' की नकल, गर अपने हुनर, संस्कृति पे नाज़ होता |अपनत्व को भरसक लगा पाते गल



यदि मोदी विदेश यात्रा नहीं करेंगे तो क्या भारत बदनाम हो जायेगा ।…

ये सत्य है की पुरे विश्व  मैं मोदी जी ने यात्राये करके भारत का नाम रोशन   कर दिया...  पर  सत्यता यह भी   है की भारत  मैं एक  आम  आदमी अभी  भी जैसा पहले था वैसा  ही अभी  भी  है बल्कि महंगाई  बढ़ने  के कारण ओर  ज्यादा परेशान ….  राष्ट्र धर्म संस्कृति विरोध  ,, दंगो के कारण असुरक्षित ।...  हमको दूसरे  ल



एक अरब पर्यटक...एक अरब अवसर : बुर्कीना-फासो (विश्व पर्यटन दिवस पर विशेष)

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा हर वर्ष २७ सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस का आयोजन होता है, एक नई थीम या प्रसंग के टैगलाइन से, जिसकी मेज़बानी अलग-अलग देश में होती है. इस बार विश्व पर्यटन दिवस (२७ सितम्बर, २०१५ ) की थीम है- एक अरब पर्यटक . . . एक अरब अवसर, जिसका प्रायोजक देश है – बुर्किना-फासो



अब समय आ गया है , हमेँ अस्त्र - शस्त्र उठाने का

अब समय आ गया है , हमेँ अस्त्र - शस्त्र उठाने का।अब समय आ गया हैँ , उस पाक को जवाब देने का।जिसने सुला दिये कई भारतीय वीरोँ को भूमि पर ,नित - नित करता उल्लघँन संघर्ष विराम काअब वक्त नहीँ हैँ , करने आराम का अब वक्त आ गया महासंग्राम का।अपनी इज्जत की रक्षा हेतु , भारत माँ ने पुकारा हैँ।क्या हैसियत उस नाप



महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास: वूमन पावर लाइन १०९०

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए वूमन पावर लाइन १०९० कॉल सेंटर शुरू कर दिया गया हैं। प्रदेश में महिला सुरक्षा की चिंताजनक हालत देखते हुए, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वूमन पावर लाइन १०९० कॉल सेंटर की शुरुवात की है। इस वूमन पावर लाइन १०९० के जरिये, महिलाएं इस नम्बर पर अ



महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास: वूमन पावर लाइन १०९०

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए वूमन पावर लाइन १०९० कॉल सेंटर शुरू कर दिया गया हैं। प्रदेश में महिला सुरक्षा की चिंताजनक हालत देखते हुए, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वूमन पावर लाइन १०९० कॉल सेंटर की शुरुवात की है। इस वूमन पावर लाइन १०९० के जरिये, महिलाएं इस नम्बर पर



ऐ देश के वीर सिपाही तुम्हे सलाम!

भारत माँ की रक्षा में तत्पर, ऐ वीर तुम्हे सलाम,दुश्मन से ना डरे, ना झुके तुम, भारत माँ को हँसते- हँसते दे दी अपनी जान,जितना भी करूँ नमन तुम्हारा, जितना भी करूँ सम्मान,ऐ देश के वीर सिपाही, तुम पे सब कुर्बान,ऐसी है हस्ती तुम्हारी, बर्फ को भी पिघला देते हो तुम,शोलों पे जल-जल कर, दुश्मनों के छक्के छूड़ा



10 सितम्बर 2015

ऐ देश के वीर सिपाही तुम्हे सलाम!

भारत माँ की रक्षा में तत्पर, ऐ वीर तुम्हे सलाम, दुश्मन से ना डरे ना झुके तुम, भारत माँ को हँसते- हँसते दे दी अपनी जान,जितना भी करूँ नमन तुम्हारा, जितना भी करूँ सम्मान,ऐ देश के वीर सिपाही, तुम पे सब कुर्बान,ऐसी है हस्ती तुम्हारी, बर्फ को भी पिघला देते हो तुम,शोलों पे जल-जल कर, दुश्मनों के छक्के छूड़ा



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