बन्दर और हाथी की पूजा किस लिए ?

मेरे कॉलेज में मेरे सीनियर ने मुझसे एक बेहद बेतुका सवाल पूछा है की गाय की पूजा तो मानी जा सकती है लेकिन लोग अंधविश्वास में आकर सालों से बन्दर और हाथी की पूजा क्यों करते हैं ? उनका लिहाज़ करते हुए मैंने उस वक्त तो बात को ताल दिया लेकिन मेरे दिमाग में ये प्रश्न बराबर घूम रहा है , आपके हिस



ईश्वर यदि एक उपयोगी संकल्पना भी है तो वरेण्य तो हैं ही...!!!

धर्म की बात होती है तो सबसे पहले मुझे वोल्तेयर की कही ये उक्ति याद आती है-ईश्वर ना होता तो उसके अविष्कार की आवश्यकता पड़ती. “If God did not exist, it would be necessary to invent him.”यह उक्ति ईश्वर अस्तित्व



Sketches from Life: मन्नू महाराज

गाड़ी हरिद्वार स्टेशन पर रुकी तो मन्नू उतरा. सामान के नाम पे एक झोला था जिसमें दो जोड़ी कपड़े और टूथ ब्रश वगैरा था. जेब में टिकट तो था नहीं इसलिए प्लेटफार्म की तरफ ना उतर कर दूसरी ओर उतरा. गाड़ी के साथ साथ उलटी



कही तुर्की एक और कट्टर धार्मिक राष्ट्र बनने की राह पर तो नहीं जा रहा ?

तुर्की ने अपने लोकतंत्र को बचाया या वो धार्मिक कट्टरता की ओर बढ़ रहा है ?तुर्की में जो कुछ हुआ उस पर सीधे सीधे कोई राय कायम कर लेना थोड़ी जल्दबाजी होगी ! क्या वास्तव में तुर्की की जनता अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए सेना से भिड़ गई ? इस पर भ्रम पैदा हो रहा है तो उसके कारण हैं ! सवाल कई हैं जैसे की किस



विज्ञान और धर्म

विज्ञान और धर्म की ऐसी एक पहचान होविज्ञान ही धर्म हो और धर्म ही विज्ञान हो|आतंक हिंसा भेदभाव मिटें इस संसार सेएक नया युग बने रहे जहाँ सब प्यार से||विज्ञान जो है सिमट गया उसकी नयी पहचान होमेरा तो कहना है, कि हर आदमी इंशान हो||हर आदमी पढ़े बढ़े नये-2 अनुसंधान होउन्नति के रास्ते चले, पर सावधान हो||प्या



कौन थमा रहा है हाथों में बंदूकें

कौन थमा रहा है हाथों में बंदूकेंपठानकोट एयर बेस हमला, फ्रांस , तुर्की,पाकिस्तान ,इज़रायल ,ईराक ,सुमोलिया पैरिस ,और अब बांग्लादेश ----। दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो आतंकवाद के जख़्मों से स्वयं को बचा पाया हो। अभी बांग्लादेश में एक सप्ताह के भीतर दो आतंकवादी हमले -- एक ईद की नमाज़ के दौरान और उस



नवरात्र का वैज्ञानिक महत्व :

 पृथ्वी सूर्य कि परिक्रमा एक निश्चित अवधि में करती है और एक निर्धारित कक्ष में ही करती है । पृथ्वी का कक्ष एक दीर्घवृत्त (ellipse) जबकि सूर्य उसके एक केंद्र पर होता है । जब पृथ्वी सूर्य के अधिक पास होती है तो यहाँ ग्रीष्म ऋतु होती है और जब दूर तो शरद ऋतु । अब जब ऋतुओं में बदलाव होता यानि सूर्य के दू



गीता और विज्ञान

गीता औरविज्ञान गीता  के शब्द  आज  भी  हैं,  गूँजते गगन मेंकृष्ण की वाणी है  छिपी  ध्वनि-तरंग  में।हे विज्ञान !  तू ही बन जा, ईश का आविष्कारक,एकत्र कर,  वह  संचित  शब्द-कोष  पुनश्च।। ऊर्जा नष्ट न होती,  यह  है विज्ञान का सिद्धांतध्वनि-ऊर्जा  का  संभव  रूपांन्तरण  मात्र ।खोज लो कृष्ण के  शब्द,  उदगम क



सनातन धर्म की वैज्ञानिकता

33 करोड देवी देवता !ॐ , एक ओमकार ,परमेश्वेर, ईश्वर, भगवानहिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...सबसे पहली बात तो ये की अधूरा ज्ञान खतरना होता है।वैसे ही जैसे बिना सीखे



हिन्दू धर्म व्यापार नहीं है ।.......

शबाना नाज को प्रति उत्तर ।...भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश भी है जहां सभी धर्म ; सम्प्रदाय ;समुदाय के लोगो को भी सहज ही स्वीकार किया जाता है और स्थान भी दिया जाता है ।. धार्मिक  आजादी भी दी जाती है  ।. रही बात साईं की ।.....तो उसने कोई भी कार्य ऐसा नहीं किया जो राष्ट्र या समाज हित  मैं मना जाए ।. सा



हिंदू धर्म की वैज्ञानिकता

हिंदू परम्पराओं से जुड़े ये वैज्ञानिक तर्क1- कान छिदवाने की परम्परा-भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है।वैज्ञानिक तर्क-दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्त‍ि बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली अच्छी होती है और कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का रक्त संचा



सरकार और एन जी ओस् ?

करीब 8000+ एन जी ओ पर मौजूदा सरकार की कार्यवाही .!!!! और साथ ही साथ उठ रहे सवालो मेरी छोटी सी राय... अधिकतर विदेशी पैसा जो एन जी ओस् के जरिए आते है उसका उपयोग धर्मांतरण , और ब्लैक मनी को व्हाइट किये जाने होता है.. और कौन सी गलत कार्यवाही की सरकार अगर फर्जी और धार्मिक अस्थिरता पैदा करने वाली संस्थाओ



26 फरवरी 2015

सुधार किसका होना जरूरी है

एक बार स्वामी विवेकानंद जी से किसी ने जिज्ञासा की और अपना प्रश्न पूछा .."हिन्दुओं में बाल विवाह होता है, ये गलत है, हिन्दू धर्म में सुधार होना चाहिए ! स्वामी जी ने उस से पूछा :-"क्या हिन्दू धर्म ने कभी कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति का विवाह होना चाहिए और वह विवाह उसके बाल्यकाल में ही होना चाहिए " प्र



गांधी बनाम गोडसे बनाम लोकतंत्र

आज गांधी जी की पुण्य-तिथि है। अख़बार और नेट पर भी एक दो ही सन्देश देखने को मिले। शायद महापुरुषो की महानता भी हमारी राजनीति की मोहताज है। शायद इस सरकार में गांधी को गोडसे से रेप्लेस कर दिया जाये, क्योंकि हिंदुत्व, हिन्दूदेश का नारा तो यही दे सकते हैं। संविधान के महत्वपूर्ण शब्दों में बदलाव का प्रयास



सनातन वृक्ष

सनातन वृक्ष की एक ही प्रकृति (अयन) है, दो फल हैं-(सुख तथा दुख), तीन मूल हैं (सत, रज, तम), चार रस हैं (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष), पंच विध (पंचेंद्रिय), छ: स्वभाव (उत्पन्न होना, स्थिर होना, बढ़ना, परिवर्तित होना, घटना और नष्ट हो जाना), सात वल्कल (रस, रुधिर, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, वीर्य), आठ शाखा (पंच



गढ़ कुंडार : एक ऐतिहासिक महत्त्व का दुर्ग ही नही बल्कि राष्ट्र धर्म और जुझारू संस्कृति का जनक

जुझारू संस्कृति का जनक गढ़ कुण्डार अशोक सूर्यवेदी नक्षत्रों में सूर्य सी आभा लिए जुझौती (आधुनिक बुंदेलखंड ) का प्राचीनतम और पवित्रतम दुर्ग, गढ़ कुंडार एक ऐतिहासिक महत्त्व का दुर्ग ही नही बल्कि राष्ट्र धर्म और जुझारू संस्कृति का जनक भी है!अपने एक सह्त्राब्दी के जीवन काल में इस गढ़ ने अनेकानेक राजनैति



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