अधजल गगरी छलकत जाय :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस धरती पर जन्म लेने के बाद मनुष्य को कई कर्तव्यों का पालन करना पड़ता है , इन्हीं कर्तव्यों में एक मुख्य कर्तव्य बताया गया है ज्ञान लेना एवं ज्ञान देना | सर्वप्रथम मनुष्य को किसी भी विषय में विधिवत ज्ञान प्राप्त करना चाहिए | उस विषय में पारंगत हो जाने के बाद कि मनुष्य को उस विषय की चर्चा करते हुए क



छल कपट एक दुर्गुण :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल से इस धरा धाम पर मनुष्य अपने कर्मों के माध्यम से सफलता एवं विफलता प्राप्त करता रहा है | किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए सर्वप्रथम मनुष्य को छलहीन एवं निष्कपट होना परम आवश्यक है | मनुष्य कुछ देर के लिए सफल होकर अपनी सफलता पर प्रसन्न तो हो सकता है परंतु उसकी प्रसन्नता चिरस्थाई नह



निराभिनता का उदाहरण हनुमान जी -- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस समस्त विश्व में जन जन के मनोमस्तिष्क में भारतीयता , बुद्धिमत्ता , वीरता , दासता , कुशलता एवं चातुर्य का प्रतीक माने जाने वाले पवनपुत्र , केशरीनन्दन , रामदूत बजरंगबली का चित्र अवश्य अंकित होगा | यदि निराभिमानता (अभिमान रहित) का उदाहरण भारतीय ग्रंथों में ढूँढ़ा जाय तो एक ही चरित्र उभर कर सामने आता



हनुमान जन्मोत्सव :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन हिन्दू धर्म के चरित्रों का यदि अवलोकन करके आत्मसात करने का प्रयास कर लिया जाय तो शायद इस संसार में न तो कोई समस्या रहे और न ही कोई संशय | हमारे महान आदर्शों में पवनपुत्र , रामदूत , भगवत्कथाओं के परम रसिया अनन्त बलवन्त हनुमन्तलाल जी का जीवन दर्शन दर्शनीय है | हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाने में य



तिलक का महत्त्व --- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸 *‼ भगवत्कृपा हि केवलम् ‼* 🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻 *भारतीय सनातन की मान्यतायें एवं परम्परायें सदैव से अलौकिक एवं अद्भुत होने के साथ ही मानव मात्र के लिए सहयोगी व उपयोगी सिद्ध हुई हैं | जिस प्रकार सनातन की सभी मान्यतायें दिव्य रही हैं उसी प्रकार



नववर्ष संवत्सर :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस संसार में अनेकों प्रकार के पंथ , संप्रदाय एवं धर्म देखे जा सकते हैं , प्रत्येक धर्म एवं संप्रदाय का अपना अपना नियम अपने व्रत , पर्व , त्यौहार यहां तक कि "नववर्ष" भी अलग होते हैं | जिस प्रकार ईसा (अंग्रेजी), चीन या अरब का कैलेंडर है उसी तरह राजा विक्रमादित्य के काल में भारतीय वैज्ञानिकों ने इन सब



मंत्रों का प्रभाव :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव जीवन में यदि मनुष्य अपने कर्मों का शुभाशुभ फल प्राप्त करता है तो वहीं उसके जीवन पर कुण्डली में उपस्थित ग्रहों का भी सीधा प्रभाव देखने को मिलता है | ग्रहों के दुष्प्रभाव से मनुष्य का जीवन इतना अधिक प्रभावित हो जाता है कि मनुष्य राजा भी बन सकता है एवं कुछ ही पलों में राजा भी रंक हो जाता है | कभी



मासिक धर्म का चक्र कितने दिन चलता है - Periods Kitne Din Chalta Hai

Periods Kitne Din Chalta Hai-महिलाओं में पीरियड्स की समस्या आम है लेकिन बहुत सी महिलाओं को इन दिनों बहुत ज्यादा समस्या रहती है. लड़कियां जब 9 या 10 साल की हों तभी उन्हें पीरियड से जुड़ी सारी बातें बताना शुरु कर देना चाहिए, जिससे आने वाले माहवारी के लिए वे तैयार रहें. वैसे तो 12 से 15 साल के अंदर ही



पीरियड्स से संबंधित समस्याएं और उनके उपचार - Monthly Periods Problems In Hindi

Monthly Periods Problems In Hindi- महिलाओं में पीरियड्स को लेकर अलग ही बातें होती हैं. 13 से 14 साल की उम्र से लेकर 50 से 55 साल की उम्र तक उन्हें हर महीने माहवारी या मासिक धर्म से गुजरना होता है. महीने म



शीतला अष्टमी :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*हमारा देश भारत पर्वों एवं त्योहारों का देश है | यहां पर पर्व एवं उत्सव का रस हमारे जीवन में घुला मिला हुआ है | किसी भी उत्सव के समय मन प्रफुल्लित हो जाता है | अनायास ही खुशियां मनाने लगता है , खुशियां बांटने लगता है | जीवन में जब भी कोई क्षण आनन्द व उल्लास का आता है तो हमारा चित्त अनायास ही प्रसन्न



तीन प्रकार के ऋण :----- आचार्य अर्जुन तिवारी

*चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ मानव योनि कही गयी है | मनुष्य का जन्म मिलना है स्वयं में सौभाग्य है | देवताओं की कृपा एवं पूर्वजन्म में ऋषियों के द्वारा दिए गए सत्संग के फलस्वरूप जीव को माता पिता के माध्यम से इस धरती पर मानव रूप में आने का सौभाग्य प्राप्त होता है | इस प्रकार जन्म लेकर के मनुष्य



जाने भगवान शिव से जुड़े वो रोचक तथ्य जिनके बारे में आप नहीं जानते होंगे......

"भगवान शिव का कोई माता-पिता नहीं हैं ! उन्हें अनादि माना गया है! मतलब, जो हमेशा से था, जिसके जन्म की कोई तिथि नही!" कथक, भरतनाट्यम करते वक्त भगवान शिव की जो मूर्ति रखी जाती है, उसे "नटराज" कहते है!" किसी भी देवी-देवता की टूटी हुई मूर्ति की पूजा नही होती! लेकिन शिवलिंग चाहे कितना भी टूट जाए फिर भी पू



प्यार का दंश या फर्ज

प्यार का दंश या फर्ज तुलसीताई के स्वर्गवासी होने की खबर लगते ही,अड़ोसी-पड़ोसी,नाते-रिश्तेदारों का जमघट लग गया,सभी के शोकसंतप्त चेहरे म्रत्युशैय्या पर सोलह श्रंगार किए लाल साड़ी मे लिपटी,चेहरे ढका हुआ था,पास जाकर अंतिम विदाई दे रहे थे.तभी अर्थी को कंधा देने तुलसीताई के पति,गोपीचन्दसेठ का बढ़ा हाथ,उनके बे



Shiv ji ki aarti - शिवजी की आरती - In Hindi

Shiv ji ki aarti - शिवजी की आरती - In HindiShiv ji ki aarti - शिवजी की आरतीॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥ दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज



इन 5 राशियों पर होगी गौरी पुत्र गणेश की असीम कृपा, होगा भाग्योदय, दूर होंगे सभी संकट

ग्रहों की स्थिति कब बदल जाये कुछ कहा नहीं जा सकता, ज्योतिष की मानें तो रोज़ाना किसी न किसी ग्रह में परिवर्तन ज़रूर होता है जिसकी वजह से 12 रशियन प्रभावित होती हैं। तो आइये जानते हैं पं दयानन्द शास्त्री से कि किन-किन राशियों पर है गौरी पुत्र गणेश की असीम कृपा और साथ ही कैसा रहेगा आपका आज का दिन । मेष व



जानिए सिंह राशि के चन्द्रमा, शतभिषा नक्षत्र और कुम्भ राशि के सूर्य का आज आपकी राशि पर क्या प्रभाव डालेगा , पढ़े कैसे रहेंगे ग्रह गोचर/तारे सितारे......

जानिए सिंह राशि के चन्द्रमा, शतभिषा नक्षत्र और कुम्भ राशि के सूर्य का आज आपकी राशि पर क्या प्रभाव डालेगा , पढ़े कैसे रहेंगे ग्रह गोचर/तारे सितारे......मेष आज व्यस्तता भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह दुरुस्त रहेगी। विशेष लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैय



ये हैं वो 7 भाग्यशाली राशियां जिन पर बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा, होगी धन की बरसात, मिलेगी कामयाबी

ग्रहों की स्थिति कब बदल जाये कुछ कहा नहीं जा सकता, ज्योतिष की मानें तो रोज़ाना किसी न किसी ग्रह में परिवर्तन ज़रूर होता है जिसकी वजह से 12 रशियन प्रभावित होती हैं। तो आइये जानते हैं पं दयानन्द शास्त्री से कि किन-किन राशियों पर है भगवान विष्णु की असीम कृपा और साथ ही कैसा रहेगा आपका आज का दिन । वो 7 भा



जानिए की क्या हैं माघ पूर्णिमा और माघ पूर्णिमा का महत्व..???

हिन्दू धर्म में धार्मिक दृष्टि से माघ मास को विशेष स्थान प्राप्त है। भारतीय संवत्सर का ग्यारहवां चंद्रमास और दसवां सौरमास माघ कहलाता है।मघा नक्षत्र से युक्त होने के कारण इस महीने का नाम का माघ नाम पडा। ऐसी मान्यता है कि इस मास में शीतल जल में डुबकी लगाने वाले पापमुक्त होकर स्वर्ग लोक जाते हैं। ज्योत



14 फरवरी (वेलेन्टाइन डे) पर विशेष जानिए क्यों प्रेम और वासना के देवता "कामदेव" को,कोई नहीं बच पाया जिनके तीरो से........

सनातन (हिन्दू) धर्म में कामदेव, कामसूत्र, कामशास्त्र और चार पुरुषर्थों में से एक काम की बहुत चर्चा होती है। खजुराहो में कामसूत्र से संबंधित कई मूर्तियां हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या काम का अर्थ सेक्स ही होता है? नहीं, काम का अर्थ होता है कार्य, कामना और कामेच्छा से। वह सारे कार्य जिससे जीवन आनंदद



घर या दुकान (कार्यस्थल) पर वास्तु अनुसार यहाँ मन्दिर होने से होती हैं माँ लक्ष्य प्रसन्न, होती है धन की बरसात, बनते हैं बिगड़े काम.....

यह सच है कि ईश्‍वर सर्वव्यापी हैं और वे हमेशा सबका कल्याण ही करेंगे, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि दिशाओं के स्वामी भी देवता ही हैं। अत: आवश्यक है कि पूजा स्थल बनवाते समय भी वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान रखा जाए।वास्तु विज्ञान के अनुसार देवी-देवताओं की कृपा घर पर बनी रहे, इसके लिए पूजाघर वास्तुदोष से



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