लव रिलेशनशिप -: 8 नवम्बर से इन दो राशियों को मिलेगी अपनी अधूरी मोहब्बत

मकर राशिकल ८ नवंबर २०१९ मकर राशि वाले जातको के लिए बड़ा शुभ दिन है | इन राशि वालो को कल अपना सच्चा प्यार मिल सकता है जो आपकी भावनाओं की कद्र करेगा | जो आपके दुःख और सुख में आपका साथ देगा| आपके जीवन के अटके सभी कार्य में सफलता प्राप्त होगी| संतान की सफलता से आपका मन अत्यधिक



पंचकोसी परिक्रमा का महत्त्व :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼ 🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻 *हमारे देश में हिंदू संस्कृति में बताए गए बारहों महीने में कार्तिक मास का विशेष महत्व है , इसे दामोदर मास अर्थात भगवान विष्णु के प्रति समर्पित बताया गया है | कार्तिक मास का क्या महत्व है इसका वर



अयोध्यापुरी की परिक्रमा :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में मनुष्य को मोक्ष प्रदान करने वाली दिव्य सप्तपुरियों का उल्लेख मिलता है | यथा :- अयोध्या - मथुरा माया काशी कांचीत्वन्तिका ! पुरी द्वारावतीचैव सप्तैते मोक्षदायिकाः !! अर्थात :- अयोध्या , मथुरा , माया (हरिद्वार) काशी , कांची (कांचीपुरम्) अवन्तिका (उज्जैन) एवं द्वारिका यह सात ऐसे स्थान है



अक्षय नवमी एवं परिक्रमा :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸🌞🌸 ‼ *भगवत्कृपा हि केवलम्* ‼🌳 *"अक्षयनवमी / परिक्रमा" पर विशेष* 🌳🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻☘🌻 *सनातन धर्म में कार्तिक मास का बहुत ही महत्व है , इसे दामोदर मास भी कहा जाता है | कार्तिक मास में महीने भर स्नान एवं दीपदान का



गोपाष्टमी :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

!! भगवत्कृपा हि केवलम् !!आदिकाल से भारतीय परंपरा में सनातन के अनुयायियों के द्वारा अपने धर्म ग्रंथों का दिशा निर्देश प्राप्त करके भांति भांति के पर्व त्यौहार एवं व्रत का विधान करके मानव जीवन को सफल बनाने का प्रयास किया गया है | सनातन धर्म का मानना है ईश्वर कण - कण में व्याप्त है इसी मान्यता को आधार



देवउठनी एकादशी २०१९ - देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व और मुहूर्त

हिन्दू धर्म में बहुत सारे पर्व और त्योहार मनाये जाते है | उसी तरह हिन्दू धर्म में देवउठनी एकादशी का बहुत महत्व होता है | यह पर्वे शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव जागरण के रूप में मनाया जाता है | इस बार यह पर्वे ८



राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर)

..... इंसानियत ही सबसे पहले धर्म है, इसके बाद ही पन्ना खोलो गीता और कुरान का......"जय हिन्द"



सनातन धर्म संस्कार व त्योहार

📿📿📿📿📿📿📿📿📿 *जय श्रीमन्नारायण*🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹 *श्री राधे कृपा हि सर्वस्वम* 🌲🌳🌲🌳🌲🌳🌲🌳🌲 *सनातन संस्कृति एवं त्योहार* समस्त मित्रों एवं श्रेष्ठ जनों को दीपावली गोवर्धन पूजा यम द्वितीय की हार्दिक शुभकामनाएं यह पावन पंच पर्व जन-जन में ज्ञान अन्न धन से परिपूर्ण करें यही कामना है आज पा



धनतेरत पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6 से रात 8.34 बजे तक रहेगा

पांच दिवसीय महोत्सव शुरू हो गया है। धनतेरस से शुरू होने वाले इस पर्व की तैयारी हो गयी है बाजार और घर रौशनी से जगमगा गए है। बाजारों और घर में महालक्ष्मी, श्री गणेश, रिद्धि-सिद्धी, और धन कुबेर की पूजा-अर्चना की खरीदारी जारी है।धनतेरस को सभी लोग नए जेवर, वस्त्र , नए वाहन की



जानिए कुछ ज्योतिष ज्योतिषीय उपाय/सुझाव-

भारत में जितने भी बड़े-बड़े व्यापारी और सेलिब्रिटीज हैं उनके अपने पर्सनल पंडितजी होते हैं। जिनसे पूछकर ही वे अपने सारे शुभ काम करते हैं। ऐसा हर कोई करता है और धार्मिक गुरु पर उनका ये विश्वास ही उन्हें सच्ची सफलता प्रदान करता है। ज्योतिषीयों के बारे में बहुत सारी बातें होती हैं जिन्हें समझने के लिए ज



अगर श्री राम का मंदिर तोड़ा गया तो इसका जिक्र तुलसीदास ने क्यों नहीं किया...????

सुप्रीमकोर्ट में अब हिंदू और मुस्लिम पक्ष से सारी दलीलें 16 अक्टूबर को ही बंद कर दी गई थी। अब इस राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर फैसला दीवाली की छुट्टियों के बाद आ सकता है। पूरा देश अपने-अपने समर्थन में फैसला आने का इंतजार कर रहे हैं मगर क्या आपको ये मामला पूरी तरह से पता है? अगर पता है तो क्या आपको



जानिए भारत के मुख्य नगरों में दीपावली 2019 के लिए शुभ पूजन मुहूर्त..

27 अक्टूबर के दिन पूरा देश दीपावली का शुभ त्यौहार मनाएगा। हर कोई इसकी खरीदारी और तैयारी में लगा हुआ है लेकिन अगर इनमें सबसे अहम बात को जाना जाए तो पूजा सबसे अहम होती है। अगर दीपावली वाले दिन पूजा नहीं हो तो ये दिन मनाने का कोई मतलब नहीं होता है। यहां हम आपको दीपावली मनाने का तरीका और शुभ मुहूर्त के



समझें राम मंदिर विवाद, धर्म और भारत की कुंडली को..

उज्जैन (मध्यप्रदेश) निवासी आदरणीय पंडित सूर्य नारायण व्यास वह मूर्धन्य विद्वान ज्योतिषी थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता का मुहूर्त 14 अगस्त की रात्रिकालीन अभिजीत (12 बजे ) या ये कहें की 15 अगस्त की सुबह 00 बजे का निकला था l स्वतंत्र भारत का जन्म 15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि दिल्ली में हुआ था और कुंडल



ब्रह्मचर्य क्या है ??:-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में मानव जीवन को चार भागों में विभक्त करते हुए इन्हें आश्रम कहा गया है | जो क्रमश: ब्रह्मचर्य , गृहस्थ , सन्यास एवं वानप्रस्थ के नाम से जाना जाता है | जीवन का प्रथम आश्रम ब्रह्मचर्य कहा जाता है | ब्रह्मचर्य एक ऐसा विषय है जिस पर आदिकाल से लेकर आज तक तीखी बहस होती रही है | स्वयं को ब्रह्म



जानिए क्यों मनाई जाती है दिवाली, इससे जुडी है 4 पौराणिक कथाएं

भारतीय संस्कृति के अनुसार दिवाली साल का प्रमुख त्यौहार और बड़ा पर्व होता है। दिवाली का त्यौहार जीवन में ख़ुशी, उल्लास, नयी रौशनी लेकर आता है। इस बार दिवाली 27 अक्टूबर को आ रही है। यह त्यौहार क्यों खास है इसका पता बाज़ारो की रौनक से पता लगाया जा सकता है। चारो तरफ सजावट, बाजार



'औरत सेब है, छिलेगी तो कीड़े लगेंगे'- इस्लामिक धर्मगुरू ने दिए ऐसे सामाजिक संदेश

इस संसार में महिलाओं का जीवन सरल नहीं है और हर पग पर उन्हें कोई ना कोई परीक्षा देनी होती है। उनके ही कारण रमायण, महाभारत जैसे कई युद्ध हुए लेकिन फिर भी हिंदू धर्म में कहीं ना कहीं महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है। मगर इस्लामिक धर्म



इस धनतेरस बन रहे है शुभ संयोग, जानिए लक्ष्मी पूजा के शुभ मुहूर्त

धनतेरस का पर्व दिवाली से ठीक 2 दिन पहले मनाया जाता है। यह पर्व बहुत ही खास होता है इस बार तो यह पर्व और भी खास होने वाला है। इस बार धनतेरस पर लग्नादि, चंद्र, मंगल, सदा संचार और अष्टलक्ष्मी फलदायी के संयोग बन रहे है जो इस दिन को बहुत खास बना



नारी का त्याग / अहोई अष्टमी :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*भारत देश में अपने परिवार तथा समाज को संपन्न एवं दीर्घायु की कामना से नारियों ने समय-समय पर कठिन से कठिन व्रत का पालन किया है | वैसे तो वर्ष भर कोई न कोई पर्व एवं त्योहार यहां मनाया जाता रहता है , परंतु कार्तिक मास विशेष रुप से पर्व एवं त्योहारों के लिए माना जाता है | कार्तिक मास में नित्य नए-नए त्य



Dhanteras 2019- घर की इस दिशा में रखे नयी झाड़ू, होगी धन की वर्षा

दिवाली का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। दिवाली से कुछ ही दिन बचे है। इस बार दिवाली रविवार २७, अक्टूबर को है। दिवाली के ठीक २ दिन पहले धनतेरस को बड़े धूम से मनाया जाता है। इस दिन मान्यता है की भगवान् धनतेरस का जन्म हुआ था। अधिकतर लोग इसी दिन नए गहने, और अन्य समान की



महाबलीपुरम में दो प्राचीन संस्कृतियों का मिलन आपसी रिश्तों की मजबूत कड़ी साबित होगा

महाबली पुरम में दो प्राचीनसंस्कृतियों का मिलन आपसी रिश्तों की मजबूत कड़ी साबित होगा ? डॉ शोभा भारद्वाज तमिलनाडू की राजधानी चेन्नई से 60किलोमीटर दूर महाबलीपुरम प्राचीन ऐतिहासिक शहरों में से एक ,बंगाल की खाड़ी केकिनारे स्थित प्राचीन बन्दरगाह था |सातवीं सदी में इसकी स्थापना पल्लव वंश के शक्तिशाली राजा



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