नारायणी

स्वीकृति / अस्वीकृति के बीचकेवलएक 'अ' का नहीं,अपितुअसमान विचार-धाराओं का,सोच का,भावनाओं का गहन अंतर होता है। इन दोनों के बीच,पैंडुलम सा झूलता मनव्यक्तिगत संस्कारोंऔर धारणाओं के आधार पर हीनिजी फ़ैसले करता है। आज,भ्रमित-मानसिकता के कारणभयमिष्रित ऊहापोह में भटकते हुएहमभ्र



हे माँ, तुझे समर्पण ...

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Navratri 2019- दुर्गा सप्तशती पाठ करते समय रखें ये सावधानियां, नहीं तो होगा अनर्थ

आज नवरात्री का दूसरा दिन है। आज आपको माँ दुर्गा की उपासना के बारे में बतायेगे. नवरात्रि के दौरान बहुत से लोग दुर्गा सप्तशती का पाठ करते है लेकिन ये नहीं जानते है की अगर सही तरीके से नहीं किया जाये तो माँ क्रोधित हो जाती है। दुर्गा सप्तशती में १३ अध्याय है जिसमे माँ दुर्गा



द्वितीया ब्रह्मचारिणी

द्वितीया ब्रह्मचारिणीनवदुर्गा– द्वितीय नवरात्र - देवी के ब्रह्मचारिणी रूप की उपासनाचैत्र शुक्ल द्वितीया– दूसरा नवरात्र – माँ भगवती के दूसरे रूप की उपासना का दिन | देवी का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी का है – ब्रह्म चारयितुं शीलं यस्याः सा ब्रह्मचारिणी – अर्थात् ब्रह्मस्वरूप की प्राप्ति करना जिसका स्वभाव ह



Navratri 2019- नवरात्रि में होते है सभी शुभ कार्य, फिर शादी क्यों नहीं जानिए क्यों ?

माँ शक्ति के नौ स्वरूपों की पूजा, अर्चना, उपासना की जाती है। इस साल शारदीय नवरात्रि २९ सितम्बर से शुरू हो रही है। नवरात्रि का पूर्व हिन्दू धर्म से लोगो के लिए बहुत ही महत्व पूर्ण होता है। इन नौ दिनों तक माँ दुर्गा के शक्ति रूपों की पूजा की जाती है हर दिन एक रूप की पूजा की



अश्विन मास है बहुत खास, करें मां शक्ति की उपासना, जानिए महत्व

हिन्दू धर्म में देखा जाये तो हर महीने का अपना खास महत्तव है। हिन्दू कैलेंडर तथा पंचांक के मुताबिक साल का सांतवा महीना अश्विन माह होता है। यह महीना देव पूजा और पितृ पूजा दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस महीने से सूर्य का प्रभाव धीरे धीरे कमजोर होने लगता है, वही शनि और तमस का प्रभाव बढ़ने लगता है। इ



Archana Ki Rachna: Preview "इस बार की नवरात्री "

इस बार घट स्थापना वो ही करेजिसने कोई बेटी रुलायी न होवरना बंद करो ये ढोंग नव दिन देवी पूजने का जब तुमको किसी बेटी की चिंता सतायी न हो सम्मान,प्रतिष्ठा और वंश के दिखावे में जब तुम बेटी की हत्या करते हो अपने गंदे हाथों से तुम ,उसकी चुनर खींच लेते होइस बार माँ पर चुनर तब



दुर्गा चालीसा : देवी मां की अराधना से दूर होगी सारी बाधाएं || Durga Chalisa

हिंदू धर्म में करोड़ों देवी-देवता हैं लेकिन कुछ को सर्वोच्च माना जाता है। जैसे देवों में देव महादेव शंकर भगवान होते हैं वैसे ही सभी देवियों में दुर्गा मां को उच्च स्थान दिया गया है। सीता, पार्वती, लक्ष्मी, काली सभी इन्ही के अवतार हैं और इन्हें हिंदू धर्म में सर्वोच्च भगवान माना जाता है जिनके आगे ईश्



नवदुर्गा - छठा नवरात्र - षष्ठं कात्यायनी

नवदुर्गा – छठा नवरात्र – देवी के कात्यायनी रूपकी उपासनाविद्यासु शास्त्रेषु विवेकदीपेषुवाद्येषु वाक्येषु च का त्वदन्या |ममत्वगर्तेSतिमहान्धकारे,विभ्रामत्येतदतीव विश्वम् ||आज षष्ठी तिथिहै – छठा नवरात्र – कात्यायनी देवी की उपासना का दिन | देवी के इस रूप में भी इनकेचार हाथ माने जाते हैं और माना जाता है



तृतीया चन्द्रघंटा

नवदुर्गा – तृतीय नवरात्र- देवी के शैलपुत्री रूप की उपासनादेव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या,निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या |तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्यानताः स्म विदधातु शुभानि सा नः ||आज चैत्र शुक्ल तृतीया है – तीसरा नवरात्र - देवी केचन्द्रघंटा रूप की उपासना का दिन | चन्द्रःघंटायां यस्याः सा च



साम्वत्सरिक नवरात्र २०१९

साम्वत्सरिक नवरात्र 2019सर्वमंगल मांगल्ये शिवेसर्वार्थसाधिके, शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोSस्तु ते |शनिवार 6 अप्रेल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से परिधावीनामक विक्रम सम्वत 2076 आरम्भ होने जा रहा है | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही विकारीनामक शक सम्वत 1941 भी आरम्भ हो रहा है | शुक्रवार पाँच अप्रेल को अपराह



भगवान शिव की कथाओं का अनसुना पहलु, दो नहीं बल्कि 6 पुत्रों के पिता थे शिव

आपने भगवान विष्णु के पुत्रों के नाम पढ़े होंगे। नहीं पढ़ें तो अब पढ़ लें- आनंद, कर्दम, श्रीद और चिक्लीत। विष्णु ने ब्रह्मा के पुत्र भृगु की पुत्री लक्ष्मी से विवाह किया था। शिव ने ब्रह्मा के पुत्र दक्ष की कन्या सती से विवाह किया था, लेकिन सती तो दक्ष के यज्ञ की आग में कूदकर भस्म हो गई थी। उनका तो को



खिलखिलाता रहे खड़गपुर...

ढाक भी वही सौगात भी वहीपर वो बात कहां जो बचपन में थीठेले भी वही , मेले भी वहीमगर वो बात कहां जो बचपन में थीऊंचे से और ऊंचे तोभव्य से और भव्य होते गएमां दुर्गा के पूजा पंडाललेकिन परिक्रमा में वो बात कहां जो बचपन में थीहर कदम पर सजा है बाजारमगर वो रौनक कहां जो बचपन में थी।नए कपड़े तो हैं अब भी मगर पहन



दुर्गा पूजा पर निबंध हिंदी में

दुर्गा पूजा के महत्त्व पर निबंध हिंदी में-Essay on Durga Pooja.दुर्गा पूजा पर निबंध: हम भारत देश में रहते है यहाँ विभिन्न धर्मो के लोग आपस में भाईचारे के साथ रहते है जैसे- हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई| और अलग अलग धर्मो को मानते है| दुर्गा



कलश स्थापना मुहूर्त १०अक्टूबर

http://ptvktiwari.blogspot.com/2018/10/blog-post.html?m=1http://ptvktiwari.blogspot.com/2018/10/blog-post.html?m=1 जानिए : नवदुर्गा में कलश/ धट स्थापना सही समय पर क्यों जरूरी है।



नई ऊर्जा के साथ नववर्ष का स्वागत करें

नई ऊर्जा के साथ नववर्ष का स्वागत करें कर्नाटक में युगादि, तेलुगु क्षेत्रों में उगादि, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, सिंधी समाज में चैती चांद, मणिपुर में सजिबु नोंगमा नाम कोई भी हो तिथि एक ही है चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा, हिन्दू पंचांग के अनुसार सृष्टि की उत्पत्ति का दिन, न



झिनकू के चचा और दुर्गापूजा (लघुकथा)

"झिनकू के चचा और दुर्गापूजा" जी हाँ सर, मुझे आज भी याद है 1978 की वह शाम जब मैंने माँ दुर्गा जी का दर्शन कलकत्ता के आलीशान पंडाल में किया था और आप मेरे बगल में खड़े थे। मुझे बंगाली नहीं आती थी और मैं मन में कुछ प्रश्न भाव लिए हुए किसी हिंदीभाषी को तलाश कर रहा था कि इतने म



कुछ की आदत होती है

आधे लोग तो बस इसीलिये बक बकाने लगते हैं कि - लडकी है और इतना बोल गयी... लडकी है और इतना कर गयी... इतने लड़को को सुना दी ! फ़िर कुछ सोचते हैं केसे भी करके इसकी आवाज़ दबा दे ... बस यही वो सबसे बडी भूल कर जाते हैं ! उन्हे लगता है जेसे उनकी घर की औरते हैं विजि ही और है क्युकिं



***नारी भी नारायणी भी***

***नारी भी नारायणी भी*** मंगल मृदुल मुस्कानवाली मेरी मैया,दाहक प्रचंड चण्डिका स्वरूपिणी भी है।करूणामयी है, तापनाशिनी है मैया,रिपुदल का दलन करे दुष्टमर्दिनी भी है।ममतामयी वरदायिनी है महामाया,क्रोधित स्वरूप स्वयं भस्मकारिणी भी है।गुण, ज्ञान, बुद्धिदायिनी है मेरी मैया,कष्ट,



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