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भारत में वायरल हुआ था ये वीडियो, पाकिस्तानी फौजियों को कहा कब्जा करने वाला ग्रुप

आसमां पाकिस्तान से ज्यादा भारत में पॉपुलर थी।आसमां का एक वीडियो भारत में वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने पाकिस्तानी सेना को कब्जा करने वाला ग्रुप बता दिया था। आसमा जहांगीर नहीं रहीं। | तस्वीर साभार: Twitterनई दिल्‍ली : पाकिस्तान की जानी-मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील असमां जहांगीर नहीं रहीं। रविवा



भगवान

बच्चे भगवान तुम भगवान के पिताजी,ऊँची कैंटीन की बेकार पावभाजी।पानी बेभाव सागर बगल में दहाड़े,जिह्वा है ऐंठती क्या खूब जालसाजी।माना बलवान हो है पूँछ भी तुम्हारी,रावण के बन्धुगण देने को आग राजी।सोंचो शैतान आखिर चीख क्यों पड़ा है?उसके व्यवसाय पर भगवान है फ



तिब्बत और कश्मीर

तिब्बत और कश्मीर दोनों आसपास हैं और दोनों , पिछली शताब्दी में ,एक ही तरह की समस्या से गुजरे हैं ! पहले तिब्बत बाद में कश्मीर ! तिब्बत में बुद्धिज़्म सैकड़ो वर्षों से है ! जिसका मूल मन्त्र है ध्यान और अहिंसा ! शांतप्रिय लोग हैं, मगर वहाँ क्या हुआ ? इतिहास गवाह है ! चीन की विस्तारवादी कट्टरता के आगे, कै



बच्चे नहीं, बिगड़ रहे है बड़े

आज का ज्वलंत सवाल 'बच्चे बिगड़ रहे है? जिसने हर किसी को परेशान कर रखा है कि जबकि सच तो यह है कि बच्चे नहीं अभिभावक बिगड़ रहे हैं. क्योंकि हमारी आदत है कि अपनी कमियां न देखकर सीधे दूसरे पर आरोप लगाने की रही है. अभिभावक और टीचर्स के बीच फं



क्या तब भी ममता बनर्जी जैसे नेता ऐसे ही लोकतंत्र को खतरे में बताते

अभी हाल ही में देश में दो बड़ी घटनाएँ घटीं, एक घटना तब घटी जब माननीय सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जे. चम्लेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने मीडिया के समक्ष कहा कि “हम चारों इस बात से सहमत हैं कि इस संस्थान को बचाया नहीं जा गया तो इस देश या



लोहड़ी --------- उल्लास का पर्व

पंजाब का लोकपर्व मकर सक्रांति से ठीक एक या कभी - कभी दो दिन पहले आता है | ये पर्व पंजाब की जिन्दादिली से भरे जनजीवन को दर्शाता है .| इस दिन लोगों का उत्साह देखते ही बनता है | . घरो और गलियों में रेवड़ी और मूंगफली की



गीत / मैं क्या गाऊँ

प्रिय, तुम भूले,  मैं क्या गाऊँ बस तुमको ही, मैं दोहराऊं .सदियाँ बीती, तुम न आए. क्या कोई पत्थर बन जाए. मना -मना कर हार गई मैं, कैसे आखिर तुम्हे मनाऊं ?प्रिय तुम भूले, मैं क्या गाऊँ तप्त धरा औ नीलगगन है.मन में भी तो नित्य अगन है .तुम आओ तो पड़े फुहारें प्रेम-नीर में डूब नहाऊँ.प्रिय तुम भूले, मैं क्या



यह हैं दुनिया के 10 सबसे अदभुत और खूबसूरत होटल

आइये आज हम आपको बताते हैं दुनिया के10 सबसे खूबसूरत और बेहतरीन होटलों के बारे में, जिनको देख कर आप भी रह जायेंगे दंग ।प्रकृति ने दुनिया को पहले से ही बेहद खूबसूरत बनाया है, लेकिन इंसानी कारीगरी और रचनात्मकों ने इसमें और भी चार चाँद लगा दिए । वक्त के साथ इंसानी कारीग



धर्म के नाम पर इतना गोरख धंधा क्यों ? …ओशो

आज के समय में ‘ओशो’ द्वारा धर्म के सम्बंध में काही गई बातें कितनी सटीक और विचारणीय है, एक बार गौर से पढिए... ...धर्मों के कारण ही,धर्मों का विवाद इतना है, धर्मों की एक दूसरे के साथ इतनी छीना-झपटीहै । धर्मों का एक दूसरे के प्रति विद



हिन्दी आशुलिपि (शॉर्टहैंड) सीखने के बाद किन-किन विभागों में नौकरी मिल सकती है ।

हिन्दी आशुलिपि (शॉर्टहैंड) सीखने के बाद किन-किन विभागों में नौकरीमिल सकती है । हिन्दी-अंग्रेजी शॉर्टहैंड सीखने के बाद कई राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीयकम्पनियों में स्टेनोग्राफर की नौकरी मिल सकती है । नई दिल्ली स्थित कर्मचारी चयनआयोग प्रत्येक वर्ष स्टेनोग्राफर ग्रेड-डी और ग्रेड-सी स्तर के परीक्षा का आयोजनकर



आप धीरे-धीरे मरने  लगते हैं..!!

नोबेल पुरस्कार विजेता स्पेनिश कवि पाब्लो नेरुदा की कविता “You Start Dying Slowly” का हिन्दीअनुवाद... 1) * आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं,अगर आप :*- करते नहीं कोई यात्रा,- पढ़ते नहीं कोई किताब,- सुनते नहीं जीवन की ध्वनियाँ,- करते नहीं किसी की तारीफ़ । 2) * आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं,जब आप :*- मार डाल



सोचते कैसे हैं

लिखने के लिए सोच ते कैसे हैं



एक बार इस कविता को दिल से पढ़िये , शब्द शब्द में गहराई है

जब आंख खुली तो अम्‍मा कीगोदी का एक सहारा थाउसका नन्‍हा सा आंचल मुझकोभूमण्‍डल से प्‍यारा थाउसके चेहरे की झलक देखचेहरा फूलों सा खिलता थाउसके स्‍तन की एक बूंद सेमुझको जीवन मिलता थाहाथों से बालों को नोंचापैरों से खूब प्रहार कियाफिर भी उस मां ने पुचकाराहमको जी भर के प्‍



“बाल-दिवस” ( Children’s Day, 14 नवम्बर )

आजादीके बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जन्म-जंयती को“ बाल-दिवस ” के रूप में मनाया जाता है । इस दिन बच्चों के अधिकार, देखभाल और शिक्षा के बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है । भारत के अलावाबाल दिवस दुनिया भर में अलग अलग तारीखों पर मनाया जात



मिलिए 12 साल के 'साबरी' से जो न देख सकते हैं न सुन सकते हैं, लेकिन कई हस्तियों के दिल जीत चुके हैं !

अगर आपको हर बात बच्चों का खेल लगती है, तो आप बहुत योग्य हैं या फिर बिलकुल नहीं। 12 साल के साबरी वैंकट जिस राह पर हैं, वो तो बच्चों की राह है ही नहीं। साबरी अपनी उम्र से अलग ही पहचान रखते हैं। 12 साल का बच्चा मतलब 'वही जो गेम खेलता है, साइकिलिंग करता है' लेकिन इस 12 साल के बच्चे में 12 हजार गुण हैं ज



क्या आप इनके बारे में जानते है !! “कत्थक क्वीन” सितारा देवी...

, मशहूर कत्थक नृत्यांगना सितारा देवी को आज दिनांक 08.11.2017(बुधवार) को गूगल ने 'डूडल' बनाकर ‘कत्थक क्वीन’ सितारा देवी के 97वें जन्मदिवस परउनको सम्मान दिया है । कत्थक नृत्यांगना के रूप में जानी जाने वाली सितारा देवीकिसी परिचय की मोहताज नहीं है । उन्होंने सफलता का जो शिखर हासिल किया था, वहां तक पहुंच



महात्मा गाँधी एवं लाल बहादुर शास्त्री “जन्म-जयंती”

आज (2 अक्‍टूबर) को राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी औरपूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री की जयंती है । 2अक्‍टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्‍मे मोहनदासकरमचंद गांधी आगे चलकर भारतवासियों के लिए ‘बापू’ बन गए । वहीं ठीक 35 साल बाद, मुगलसराय में शास्‍त्री ने जन्‍म लि



क्या आप “अशिमा चटर्जी” के बारे में जानते है ???

अशिमाचटर्जी : आजभी देश में कई जगह ऐसी हैं जहाँ पर लड़कियों को पढ़ाया नहीं जाता है । अगरहम सन् 1920 और 1930कीबात करें तो उस समय लड़कियों क



कायनात खरीद लाया...

चरागों में तुझको ढूंढा, खुशबुओं में तुझको पाया,पता तेरा मालूम न था, तभी तो यह लुत्फ पाया।पिछली गली में साया कोई अंधेरे में गुनगुनाता था,तेरे लिए जो खरीदी थी पाजेब, मैं उसको दे आया।पगली ही थी, चीथरों में लिपटी दुआएं बांट रही थी,मेरी कोट में पड़ा गुलाब मैं उसके पल्लू में बांध आया।भुट्टे बेचती बुढ़िया न



लेख--- देश में असुरक्षित होता बचपन

आज समाज की स्थिति में असामाजिक तत्वों का समावेश अधिक होता जा रहा है, फिर हम नए भारत का निर्माण किसके लिए कर रहें हैं? जब देश के वर्तमान ही भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं, फ़िर क्या बात की जाए? किस संस्कृति और आचरण को महत्व दिया जाए? इस बाज़ार में सब नंगे नजऱ आ रहें हैं। आज समाज को हवशीपने का जो ज्वार लगा



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