तिल गुड़ खाइए मीठा - मीठा बोलिए - मकर संक्राति

हल्दी और कुमकुम का टीकालगाकर हो शुभारंभ.तिल और गुड़ की मिठास वाणी में जाए घुल.सुगंधित सुमन से सुवासित हो मनमंदिर.अनंत आकाश में अपना अस्तित्व दर्ज कराए रंगबिरंगी पतंग.धनु राशि से मकर में जब हो सूर्य का आगमन तब मानते सभी मिल जुलकर मैत्री और स



अनुशासन

तलब बरकरार रहनी चाहिए हासिल तक, थोड़ा सा अनुशासन गर पहुंचना है साहिल तक. बेहतरीन रवैया भी अपनाएं मरते दम तक, मंजिल न मिले तो भी डगर यही है काबिल तक. जैसे जब तलक प्यार सीमित है खुद तक, नहीं मिलता कभी किसी को वो भी जाहिर तक. बर्तन भी बनने से पहले जाता है आग तक, यूं ही न



डार्क सर्कल्स के लिए खीरे का कैसे करें प्रयोग।

डार्क सर्कल्स तब होते हैं जब आपकी आंखों के नीचे की ब्लड वेसल्स कमज़ोर हो जाती हैं या जब किसी तरह का इस पर दबाव पड़ता है। अंडर-आई डार्क सर्कल के कुछ कारणों में अत्यधिक नमक का सेवन, प्रदूषण, नींद की कमी और तनाव के कारण शामिल हैं। हालांकि अगर हम इस ओर ध्यान दें तो इस समस्य



वर्क-फ्रॉम-होम

वेबसाइट- jobsforher.comयह जॉब पोर्टल खासतौर से उन महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया है, जो अपने कॅरियर से कुछ समय ब्रेक लेने के बाद दोबारा जॉब की तलाश में हैं। आपको इस पोर्टल पर ज



कविता

👇इस लिंक पर Click करके पढ़ें:- कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष



सैलाब

इंसान की कीमत दूनिया में कुछ भी तो नहीं रह गई है, इंसानियत की लत स्वार्थ के सैलाब में कहीं बह गई है. किसी को किसी के दर्द से कोई पीड़ा नहीं होती यहां, अपना अपना राग अपनी अपनी डफली ही रह गई है, झूठ और बेईमानी का जाल फैल चुका है चारों तरफ, सच्चाई और ईमानदारी की इमारत तो



वह लड़की

जूठे बर्तन साफ़ करती वह,दूध के बर्तन की चिकनाई चेहरे पर मलतीहै।कपड़ों के मैले बचे सर्फ़ में पैर डालउन्हें रगड़ती है, धोती है।झाड़ू लगाते समयआईने में स्वयं को निहारतीचुपके सेमुँह पर क्रीम या पाऊडर लगामंद मंद मु



और उसने रिश्वत नहीं दी ….......

मंटूबड़ा खुश था । प्राइमरी में टीचर लगे उसेअभी साल भर भी नहीं हुआ था कि सरकार द्वारा प्रायोजित डी-एड पाठ्यक्रम के लिए उसकानामांकन हो गया । प्राइमरी स्तर के बालकों कोपढ़ाने के लिए डी-एडकी पढाई काफी महत्वपूर्ण है । समय परसमस्त शिक्षक सेंटर पहुँच गए । पाठ्यक्रमप



भारत में “मी टू” आंदोलन की प्रासंगिकता

<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <w:ValidateAgainstSchemas></w:Val



अब महिला सम्मान को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए ।

<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w



चीख

किसी एक को तो उस की आवाज़ सुनाई दी होगी. वो चीख रही होगी बहुत जोर से चिल्लाई भी होगी, बाप भाई और दोस्त जैसा कोई नहीं था आस पास, बार बार माँ बहन की कसमें उसने दिलाई भी होगी. कैसी दरिंदगी कैसा घिनौना कृत्य किया ज़ालिमों ने, शरीर उसका था, अंतरात्मा अपनी जलाई भी होगी. बेह



सुधार की कैसी चाह ?

है जुटे हुए कुछ लोगसुधार में.है जुटे कुछ लोग आधुनिकताकी दुहाई देकर पंरपराओं कोप्राचीन बताने में.तो कुछ पंरपराओं की आड़ लेकरबदलाव को ठुकराने में.है जुटे हुए कुछ लोगअपनी ही बात सही मनवाने में.उनकी इच्छाओं का नहीं कोईअंत, सिर्फ इसलिए जुटे है व



संविधान दिवस (26 नवम्बर)

: संविधान की प्रस्तावना : हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी , धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचा



कहीं आप अपने बच्चों को भेड़चाल का हिस्सा तो नहीं बनाना चाहते है।

<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <



व्हाट इस गूगल ?

टेस्ट डिस्क्रिप्शन



मुर्गा बांग क्यों देता है?

अगर भोर में जगाने के लिए तो दिन में क्यो?



जीवन आपा-धापी “एजिटे-शन” है ...

ठँडी मीठी छाँवकभी तीखा “सन” है जीवन आपा-धापी“एजिटे-शन” है इश्क़ हुआ तो बसझींगालाल



महफ़िल

महफ़िल ए दुनियां से चले जाय दूर कही, इस जहाँ में यू बिन तेरे कुछ रखा नहीं. चाह में तेरी गुज़ार दी यूँही एक उम्र हमने ,तेरी चाहत ने हमे कही का रखा ही नहीं. तफ़रीए दुनियां लिख दिए अफ़साने अपने, अफ़साने लिखने



और कितनी शहादत चाहिए नेहरू गाँधी परिवार से

राहुल गांधी अपने व्यक्तित्व व परिवारिक लोकप्रियता के कारण जनता के दिलों में अपना एक अलग मुकाम रखते हैं और जनता के दिलों में राहुल गांधी के व उनके परिवार के प्रति यह प्यार विपक्षी भाजपा को इस कदर खटकता है कि वे कुछ भी करें तो भी और कुछ न करें तो भी उसे मुद्दा बनाकर देश



गीत सुनता हूं

<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <w:ValidateAgainstSchemas></w:Val



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x