एहसास

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साथ लाया है हमें ...

इन हवाओं में महसूस किया है तुम्हें ... मेरे दिल के एहसासों ने छुआ है तुम्हें ... इस चेहेकती बारिश ने बताया है मुझे .. कि मेरे खयालो ने कितना सताया है तुम्हे... आसमां में ठहरे इस सूरज की लालिमा ने ... कहा है मुझे किमेरे इश्क़ का रंग चड़ा है तुम्हे...



बेवजह

जब तलक हाथ ये हाथों में तुम्हारा ना थातेरे नाम का चर्चा भी हमको गँवारा ना थातुझसे मिलने के बाद ही तो एहसास हुआबेवजह हमने अपने दश्त को सँवारा ना थाशिशिर मधुकर



आजकल मैं अहसासों के बलबूतों पर जी रहा हूँ।

आजकल मैं अहसासोंके बलबूतों पर जी रहा हूँ।मुझे हर क्षण मिलती हुई ऊर्जा के सबूतों पर जी रहा हूँ।मैं एक कदम बढ़ाता हूँ,खुश होता हूँ ..फिर उसका स्वाद लेकर,मैं एक कदम और बढ़ाता हूँ....इस तरह, खुद कि खिदमतों पर जी रहा हूँ...आजकल मैं अहसासोंके बलबूतों पर जी रहा हूँ।सुबह ध्यान की गहराइयों में शेंध मारता हूँचु





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