empowerment

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Hindi poetry on women empowerment - आज की नारी ; अर्चना की रचना

महिला सशक्तिकरण पर हिंदी कविता आज की नारी मैं आज की नारी हूँ न अबला न बेचारी हूँ कोई विशिष्ठ स्थानन मिले चलता है फिर भी आत्म सम्मान बना रहा ये कामना दिल रखता है न ही खेला कभी women कार्ड मुश्किलें आयी हो चाहे हज़ार फिर भी कोई मेरी आवाज़ में आवाज़ मिलाये तो अच्छा लगता है



A Hindi poetry on International women day - क्यों ; अर्चना की रचना

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हिंदी कविता क्यों क्यों एक बेटी की विदाई तक ही एक पिता उसका जवाबदार है ?क्यों किस्मत के सहारे छोड़ कर उसको कोई न ज़िम्मेदार है?क्यों घर बैठे एक निकम्मे लड़के पर वंश का दामोदर है ?क्यों भीड़ चीरती अपना आप खुद लिखती ए



Archana Ki Rachna: Preview " मेरी ज़िन्दगी का रावण "

अपनी ज़िन्दगी के रावणअब मुझे जलाने हैंमान मर्यादा लोक लाजके बंधन अब मुझेभुलाने हैंमैं प्यारी और दुलारी थीजब तक अपनीउपेक्षा सेहती रहीतुम्हारे बेटा बेटी के दुर्भाव मेंमैं अपने अधिकार छोड़ती रहीतुम्हारी इस मानसिक सोचसे मुखौटे अब हटाने हैंअपनी ज़िन्दगी के रावणअब मुझे जलाने हैंतु



महिला सशक्तिकरण

तितली के पंखों के जैसे रंग बिरंगे सपने हो नहीं किसी गैर के रंग बस मेरे अपने होमेरे सपनो की डोर बस मेरे हाथ होमन चाहे जहाँ उड़ चलू इस पार या उस पार कोमेरी सोच की लहरों का आकाश अपार होकब, कहाँ, किस ओर को जाना है ऐसा न कोई ख्याल होबाहों



Tejaswita Khidake: your life your choice

Women, I feel sorry for most of them who didn't even realized their strengths and reason behind their existence. sometimes I get confused while thinking about them, that how can I help them who don't know tha



असम की पहली महिला आईपीएस अधिकारी जिसने मार गिराया आतंकियों को

यूपीएससी परीक्षा में उसे 85 वें रैंक (पूरे भारतमे)के साथ, “संजुक्ता पाराशर” एक आरामदायक डेस्क काम के लिए चुनी जा सकती थीं। जवाहरलाल विश्वविद्यालय से Ph.Dकरने के बाद औरदो साल बेटे के होने के बावजूद उन्होनें एक कठिन रास्ता चुना जैस्पर चलते हुए वो हर रोज आतंक से लड़ रही



बेटी को तू क्यो मार रहा है ।।

ये केसा दौर आ गया इंसान खुद ही खुद को मार रहा है ।बेटे की अती चाहत में बेटी को तु क्यों मार रहा है ।।अपने मान समान के कारण ग़लत क़दम तु क्यों उठा रहा है ।बेटे की अती चाहत में बेटी को तु क्यो मार रहा है ।।बेटीयॉं घर की लक्ष्मी है पगले बेटीयॉं घर की शान है ।बेटियों की ही बदौलत से तो यह सारा संसार है ।





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