गुरुदेव

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गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर की एक रचना का अंश

मै अनेक वासनाओं को प्राणपन से चाहता हूँ;तूने मुझे उनसे वंचित रख, बचा लिया.तेरी यह निष्ठुर दया मेरे जीवन के कण कण में व्याप्त है.तूने आकाश, प्रकाश, देह, मन, प्राण बिना मांगे दिए हैं.प्रतिदिन तू मुझे इस महादान के योग्य बना रहा है;अति इच्छा के संकट से उबार कर...मित्रों , अर्थात अपने आप को अति इच्छा के



बाबा जयगुरुदेव राजनैतिक संगत का गठन किया गया

जयपुर। बाबा उमाकांत महाराज के सानिध्य में संचालित बाबा जयगुरुदेव धर्म विकास संस्था द्वारा संबंध बाबा जयगुरुदेव राजनैतिक संगत की एक राष्ट्रीय गोष्ठी में लखनऊ कार्यक्रम में बाबा जयगुरुदेव राजनीतिक संगत का गठन किया गया। राजनैतिक संगत के राष्ट्रीय प्रभारी आशुतोष शर्मा (जय



05 सितम्बर 2015

प्यारे शिक्षक

अनुपम कृति ईश्वर की हमारे लिये ,कड़क की बोली लेकिन प्रेम की छाह,तल्लीनता आपकी हमारे अध्यापन में,परेशानियों को हल करने की चाबी,सुखद है तेरी छाया पाकर हम,नमन है तुमको हे! गुरुदेव।





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