नक्सलवाद का अंत सरकार की दृढ इच्छा शक्ति पर निर्भर है

नक्सल वाद का अंत सरकार की दृढ इच्छा शक्ति परनिर्भर है डॉ शोभाभारद्वाज नक्सलवाद से हम जूझ रहे हैं उसकी शुरूआत पश्चिमी बंगालके गावँ नक्सलबाड़ी में सशस्त्र आन्दोलन द्वारा क्रान्ति की विचार धारा से हुई थीयह कम्यूनिस्ट विचारधारा के बीच में पनपने वाला आन्दोलन है इनके थ



सोनार बांग्ला देश .स्वर्ण जयंती समारोह

सोनार बांग्ला देश ‘स्वर्णजयंती समारोह’डॉ शोभा भारद्वाज ईरान में प्रवास के दौरान बंगलादेशी डाक्टर अनीसइनके मित्र अक्सर हमारे घर आते थे उनका बचपन पाकिस्तान में बीता था वहाँ उनके पितासरकारी अधिकारी थे. डॉ अनीस बहुत अच्छी उर्दू बोलते थे हमारे परिवार से प्रेम काकारण भी भाषा थी वैसे विदेशों में हम रा



धरती का दोहन ' विश्व जल दिवस '

धरती का दोहन ‘विश्व जल दिवस ‘डॉ शोभा भारद्वाज शीतल निर्मल मीठा जल मन एवं आत्मा दोनों को तृप्त कर देता है चार दिन तक पूर्वी दिल्ली ने पानी की भयंकर किल्लत देखी कारण अंडर ग्राउंड पाईप में लीकेज था आस पास के घरों के अंडरग्राउंड में सीलन आने लगी पाईप की मरम्मत का काम तेजी से चला इस बीच पानी का हा-ह



पर्शियन समाज को नौरोज की शुभकामनाएं

पर्शियन समाज को नौरोज की शुभकामनायेंडॉ शोभा भारद्वाज पर्शियन संस्कृति में नव वर्ष (नौरोज) सोलर हिजरी कलंडर के अनुसार बहार (बसंत) का पहला दिन है .21 मार्च को नौरोज ईरान ,टर्की ,सीरिया इराक ,एवं खुर्द समाज में धूमधाम से मनाया जाता है ,पर्व में होली का उल्लास चैत्र मास के नवरात्रों ,बैसाखी एवं ईस्टर



सैनिक की होली ....

सैनिक की होली....*** तुम रंग रंगी बरसाने की, हम केसरिया टोली रे, आओ प्रिय दोनों खेलें, रंगों की आँख मिचौली रे। लाल गुलाबी हरा बसंती , सारे रंग रंगाना जी, सपनों में आ ज



श्री मती ज्योति सक्सेना ,ॐ विश्रांति विचार प्रवाह की अध्यक्षा

श्री मती ज्योति सक्सेना, ॐ विश्रांति विचार प्रवाह की अध्यक्षा डॉ शोभा भारद्वाज आरडब्लूए सेक्टर 11 की महा सचिव ‘अंजनाभागी जी ने श्रीमती ज्योति सक्सेना जी के व्यक्तित्व से मेरा परिचय कराया एवं जनसमाज के प्रति उनकी लगन एवं कल्याणकारी कार्यों पर प्रकाश डाला मैं उनसे मिलीसादगी की मूर्ति समाज सेवा में सम



आत्मसम्मान - एक अधिकार

रोज की जिंदगी में हम लोग कई बार ऐसी परिस्थितियों से गुजरते हैं जब हमें समझौते करने पड़ते हैं , कभी रिश्तों में तो कभी अपने सपनों से । रोज ना जाने हम ना चाहते हुए भी जाने कितने समझौते कर लेते हैं सिर्फ यही सोच कर कि ठीक तो है ना । अगर मेरे ये करने से कोई रिश्ता बचता है तो ठीक तो है ना । अगर मेरे ये क



जन्नतनशीन आयशा ,दुआओं में याद रखना

जन्नतनशीन आयशा,दुआओं में याद रखना डॉ शोभा भारद्वाज 25 फरवरी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले आयशा साबरमतीकी गोद में समा गयी वह पढ़ी लिखी थी जीना चाहती थी. वह केवल 23 वर्ष की थी .उसकेशौहर आरिफ ने सोचा था वह चुपचाप सदैव के लिए अपने मायके में सो जायेगी लेकिन आयशाने चुपचाप जिन्दगी को अलविदा नहीं कहा अप



विचित्र अहसास

बिचित्र अहसास डॉ शोभा भारद्वाज जीवन में कई बार बेहद रोमांचक घटित होता है . ईरान के खुर्दिस्तान प्रांत की राजधानी सन्नंदाज के आखिरी छोर के अस्पताल में मेरे पति डाक्टर एवं इंचार्ज थे बेहद ख़ूबसूरत घाटी थी .उन दिनों वहाँ ईरान इराक में युद्ध चलता रहता था ,कभी रुक जाता फि



स्यापा (मातम ) क्या अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता है ?

स्यापा ( मातम ) क्या अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रताहै ? डॉ शोभा भारद्वाज किस्सा पंजाब का है,पहले किसी सम्मानित वृद्ध की मृत्यू होती थी अपना वैभव व दुःख दिखाने के लिएरुदालिया बुलाई जाती इनकी बकायदा मंडलियाँ थीं इनके कई किस्से भी हैं.एक वृद्ध सेठ लालाजी के नाम से मशहूर था की मृत्यू हुई भरापूरा परिवार था ल



कवींन बी मेरी माँ

क्वीन बी मेरी माँ ( आज मेरी माँ का जन्म दिन है वह कितने वर्ष की हो गयी हैं हम जानना नहीं चाहते ) डॉ शोभा भारद्वाज मेरी माँ के पिता अर्थात मेरे जागीरदार नाना कालेज मेंप्रिंसिपल और जाने माने अंकगणित के माहिर थे . मेरी नानी अंग्रेजों के समय में विदेशीवस्तुओं का बहिष्कार ( पिकेटिंग



इंटरनेशनल मीडिया भारत की छवि खराब करता रहता है

इंटरनेशनल मीडियाभारत की छवि खराब करता रहता हैं डॉ शोभा भारद्वाज मेरी बेटी, अमेरिका की बेस्ट यूनिवर्सिटी मेंपढ़ी सिंगापूर में उच्च पदाधकारी ,मोटे –मोटे आंसू बहाती हुई सुबक रही थी . उसने सिंगापुर टाईम्स , गार्जियन, न्यूयार्कटाइम्स ,वाशिंगटन पोस्ट पढ़ी ,बीबीसी मेंखबरे देखीं घबरा गयी हमसे प्रार्थना कर



Sweet Pagal Rap Song लेखक दीनदयाल सरोज

Sweet सा पागल हू ,मस्ती में रहता हु देख भाई तेरा अब वीडियो में रहता है ,पहले तो भाई तेरा isqa में रहता था ,जब भी कॉल आता बिजी बताता था ,दोस्त मेरे मुह पे गाली दे जाते थे जब मेरा Call Busy जो आता था लड़की थी Temu गांव उसकी भानु कहती थी Sweet



माँ के आशीष बिना जीत कहाँ होती है,I

माँजिस्म से रूह तक ,एक-एक रुआँ होती है,वो तो माँ है सारी, दुनियाँ से जुदा होती है, उसकी प्यारी सी, थपक आँख सुला देतीहै,माँ तो पलकों से, भर- भर के दुआ देती है ये जो दौलत है, बेखोफ़ जिगर, शौहरत, हैमाँ के आँचल की, हल्की सी हवा होतीहै I चाहे दुनियाँ ही, रुके, सांस भले थम जाये,माँ की मम



पाकिस्तान आज के युग में भी कुफ्र काफिर की मानसिकता से ग्रस्त है

पाकिस्तान आज केयुग में कुफ्र काफिर की मानसिकता से ग्रस्त है डॉ शोभा भारद्वाज मजहब के नाम पर पकिस्तान का निर्माण हुआ थायहाँ अल्पसंख्यको को पाकिस्तान में निरंतरनिशाना बनाया जाता रहा है .इस्लाम के सभीअनुयायी मुसलमान कहलाते हैं हैं लेकिन फिरभी वह कई पंथों में बंटे हैं अलग – अलग पन्थ के मुस्लिम भी सुर



आज सात जनवरी है , मेरा दर्द

आज सात जनवरी है मेरा दर्द डॉ शोभा भारद्वाज आन्दोलन के नाम पर शर्तेमनवाने के लिए सड़के रोक लेना कभी इस जाम में फंसी सीरियस रोगियों ,प्रसव पीड़ा सेतड़पती महिलाओं को ले जाती एम्बूलेंस , थ्रीव्हीलर या गाड़ियां जिनमें सीरियस मरीज निराशासे रास्ता रोके खड़े लोगों के सामने गिड़गिड़ाते स्वजन प्लीज रास्ता दे दीजिय



वैक्सीन पर सियासत क्यों ?

वैक्सीनपर सियासत क्यों?डॉशोभा भारद्वाज ईरानमें चाय पीने का अलग ढंग है घर में हर वक्त चाय हाजिर रहती है .वहाँ की चाय औरकहवा खाने मशहूर हैं शाम को कहवा खानों में किस्सा गोई चलती है घरों में भी ठंड केदिनों में अलादीन मिट्टी के तेल का स्टॉप जलता रहता है घर भी गर्म करता है उस परउबलने के लिए पानी रख देते



आशनाई मित्तल फ्रॉम हैदराबाद कॉल गर्ल्स विल एअसे योर टेंशन्स

Hyderabad Escorts ServicesAshnai Mittal from Hyderabad Call Girls Will Ease Your TensionsAvailthe services of call girl Ashnai Mittal from Hyderabad Call Girls services to ease allmisery and frustrations in life and pave way for ultimate bliss and enjoymentin life. Since the time that a person reach



प्रजातंत्र का नया ट्रेंड .धरने , रेल, सड़के रोकना , डेरे डाल कर राजधानी घेरना

प्रजातंत्र का नयाट्रेंड , धरने, सडकें रोकना, डेरे डाल कर, राजधानी घेरना डॉ शोभा भारद्वाज कृषि कानून किसानोंके हित में है या नहीं यह विचारणीय विषय है लेकिन अनेक नेता अपनी राजनीतिक जमीनतलाशने के चक्कर में किसान नेताओं के साथ दिन में बैठे दिखाई देते हैं बेशकउन्होंने अपने घर गमले में धनिया या बैगन उग



देश में ‘‘लोकतंत्र‘‘ ‘‘खत्म’’ हो गया है! राहुल गांधी! सही!/?

महामहिम राष्ट्रपति को किसानों के मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसदों द्वारा अपने नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध मार्च कर ज्ञापन सौंपने की अनुमति देने के बजाए धारा 144 लागू किये जाने पर राहुल गांधी को यह कहना पड़ गया कि देश में ‘‘लोकतंत्र समाप्त‘‘ हो गया है। रात्रि की अंधकार की गहरा



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x