दिल्ली की छठ

वक्त ने सब कुछ उल्टा कर दिया । इस बार की छठ, टपऔर छत पर।सब कुछ सूना है, नहर,नदी,तालाब।



कोरोना काल में हुआ नायाब सौंदर्यीकरण!

सपनो का शहर रायपुर कोरोना काल में हुआ नायाब सौंदर्यीकरण! कई सपने अब भी पूरे होने बाकी, ट्रेफिक के जंजाल से कब मुक्ति मिलेगी?क्‍या सौंदर्यीकृत स्‍थलों के रखरखावपर भी उसी तरह ध्‍यान रहेगा जैसा इन्‍हे बनाया गया?छत्‍तीसगढ की राजधानी रायपुर कोनिखारने में छत्‍तीसगढ सरकार को अभूतपूर्व सफलता मिली है यह काम



हरिणी छंद "राधेकृष्णा नाम-रस"

हरिणी छंद "राधेकृष्णा नाम-रस"मन नित भजो, राधेकृष्णा, यही बस सार है।इन रस भरे, नामों का तो, महत्त्व अपार है।।चिर युगल ये, जोड़ी न्यारी, त्रिलोक लुभावनी।भगत जन के, प्राणों में ये, सुधा बरसावनी।।जहँ जहँ रहे, राधा प्यारी, वहीं घनश्याम हैं।परम द्युति के, श्रेयस्कारी, सभी परिणाम हैं।।बहुत महिमा, नामों की ह



दिल की गहराई



दिल की गहराई

मैंने देखी है गहराई दिल की, अनुमान ना लगा पाया था मैं,घाव इतनी गहराई तक लगा कैसे;दिल तो बडा छोटा सा लेकिन,उसमें चोंट इतनी गहरी क्यों हैं,इतने पर भी दिल से आह तक ना निकली,सब कुछ छिपा कर रखा ,घाव गहरा होने पर भी ,सामने टीस ना उभरने दी इसने;कभी कभी इस दिल ने धोखा भी खाया,उफ़



हर पल हलचल

भूमिका:-प्रस्तुत कविता में जीवन के विभिन्न रूपों व पारिस्थितियों को, समय के माध्यम से समेटने की कोशिश रही है। साथ ही पाठक को यह दर्शाने का प्रयासहै कि नकारात्मक हालात जीवन का ही अंग हैं,अतः इनसे चिंतित न हो। अंत तक मानसिकता कोसकारात्मक बनाए रखने की कोशिश ही एक दिन सफलता दिलाएगी।हर पल, हलचलVIMAL KISH



रंग और स्वाद

पीले की खीर बनाई, हरे की सब्जी।आज कल के बच्चों को क्या समझाऊ?बैठ गली में, खेल रहे दोस्तो संग पब्जी।



तन्हाई ये तन्हाई

तन्हाई ये तन्हाई , डरा देती है ये तन्हाई; ज़िन्दगी में कई बार,गुजरा हूं इस तन्हाई से;दिल धड़कता है,जब सामना होता है तन्हाई से।बचपन से ही उठ गया, मां बाप का वह साया;वृद्धावस्था से जूझ रहे, नाना नानी का मिला साया;बालपन से ही तन्हा था,मिली मामा



चरित्र का चीरहरण

झूठा सम्मान पाने के लिए ,मैंने कभी चरित्र की इमारत नहीं खड़ी की; लोगों को दिखाने के लिए, मैंने कभी चरित्र की खांट नहीं बुनी;धन कमाने के लिए,मैंने



हीरो

हर व्यक्ति अपनी जीवन का हीरो स्वयं होता है जीवन में कठिनाइयां न हो तो इंसान कि परख नहीं हो सकती अगर हम मुश्किलों से डर जाए और घबरा कर भाग्य को दोष देने लगें तो इससे उत्थान कैसे संभव है रावण के बिना राम राम न होते बिना कंस के आतंक के कृष्ण कृष्ण न होते



भारतीय राजनीति में ‘सवालों’ के ‘जवाब’ के ‘उत्तर’ में क्या सिर्फ ‘सवाल’ ही रह गए हैं?

भारतीय राजनीति का एक स्वर्णिम युग रहा है। जब राजनीति के धूमकेतु डॉ राम मनोहर लोहिया, अटल बिहारी बाजपेई, बलराम मधोक, के. कामराज, भाई अशोक मेहता, आचार्य कृपलानी, जॉर्ज फर्नांडिस, हरकिशन सिंह सुरजीत, ई. नमबुरूदीपाद, मोरारजी भाई देसाई, ज्योति बसु, चंद्रशेखर, तारकेश्वरी सिन्हा जैसे अनेक हस्तियां रही है।



गंगा दशहरा

गंगा दशहराआज गंगा दशहरा और कल निर्जला एकादशी | गंगा दशहरावास्तव में दश दिवसीय पर्व है जो ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा से आरम्भ होकर ज्येष्ठशुक्ल दशमी को सम्पन्न होता है | इस वर्ष तेईस मई को गंगादशहरा का पर्व आरम्भ हुआ था, आज पहली जून को इसका समापन हो रहा है | मान्यता है किमहाराज भगीरथ के अखण्ड तप से प्रसन



शहर तेरा, गाँव मेरा

शहर तेरा, गाँव मेरा"हम तेरे शहर में आए है मुसाफ़िर की तरह, कल तेरा शहर छोड़ जाएंगे साहिल की तरह, शहरों में सह मिलते है। गुलशन में गुल खिलते है। सारे शहर में आप जैसा कोई नही। दो दीवाने शहर में। सारे शहर के शराबी मेरे पीछे पड़े। सारे शहर में कैसा है बवाल। एक अकेला इस शहर में, मोहम्मद के शहर में, शहर की ल



सब सेवक बन गए है।

सब सेवक बन गए है।पेड़ में बैठने वाले पंछी कहाँ जाएंगे? जब पेड़ ही धरा में समा जाए। इस वजह से पेड़ की तुलना प्रवासी मजदूर व प्राइवेट नौकरी से है।अगर नदी का पानी सूख भी जाए, तब भी नाव नदी में रहेगी पानी न सही रेत काफी है। इस वजह से नदी की तुलना सरकारी नौकरी से है।पहाड़ो में औषधि है, राजनीति में पैसा है। स



जानू की बाते।

जानू की बाते।कोरोना कोरोना सब कोई कहे, भूखा कहे न कोई।एक बार मन भूखा कहे, सौ दो सौ की भीड़ होए।मोदी अंदर सबको रखे, घर से बाहर न निकले कोई।मन की बात मोदी करे, सो बाहर उसकी चर्चा होए।मम्मी एफबी में लिपटी रहे, बेटा-बेटी बैठे टीवी संग।साथी शिकायत करने लगे,पापा नौकरी से आए तंग।एक बार सिंग्नल मिले, भीड़ स्ट



रूक जाइए

पैदल निकल गये हजारों लाखों लोग उसी पथ पर, जहां कोरोनावायरस के जीवन और उन पथगीरों के मौत के निशान हैं। क्यों निजामुद्दीन जैसे मकतब, मरकज हाटसपाट बन वायरस के, बढ़ा रहे कोरोना का फैलाव हैं? बार्डर, सरहद पर उतरी जनता, आने वाले खतरे से क्या अंजान है? कल तक जिस शहर को अपना माना, आज उसे छोड़ चल देना, इन स



ये शहर है… मेरा !

ये शहर है… मेरा !कल तक जहाँ रंगीनियाँ थीं , आज ख़ामोशी है , बेचैनी है । लगता है ,दस्तक दी है फिर किसी तूफ़ान ने ,हर तरफ़ भाग दौड़ है , आज ,धर्म -जाति से परे सब साथ हैं !इस तूफ़ान से लड़ने के लिए सब तैयार !वैसे , शक्ति तो साथ में ही है । तूफ़ान तो हर बार अलग- अलग वेश में आता



क्या आप सीनियर सिटिजन के पुनर्विवाह के पक्ष मे हैं?

रिटायर हो जाने या अधिक अवस्था हो जाने पर व्यक्ति अकेला हो जाता है, विशेष कर तब जब उसका जीवनसाथी सदगति को प्राप्त हो चुका हो। क्या आप ऐसे वरिष्ठ जनों के चेहरे पर मुस्कान नहीं देखना चाहते? यदि हां तो क्या आप इनके पुनर्विवाह के पक्षधर है?



www.bsebinteredu.in Bihar Board 12th Admit Card 2020 डाउनलोड करें

Bihar Board Inter Admit Card 2020 Released www.bsebinteredu.in: Hello Friends, Bihar Board Inter Admit Card 2020 jaari kar diya gya hai jise aapke dwara ab download kiya ja sakta hai aur ise download karne ki puri jankari aap sabhi ko is article me di ja rahi hai. Aapko p



छात्रों अपना कैरियर चौपट मत कीजिये

छात्रों अपना कैरियर चौपट मतकीजिये डॉ शोभा भारद्वाज किसी भी छोटे बच्चों सेपूछिए बड़े होकर आप क्या बनोगे वह तुरंत उत्तर देंगे डाक्टर ,नर्स ,इंजीनियर फाईटरपायलट ,कलक्टर ,पुलिस का बड़ा आफिसर’ इंजीनियर,आर्मी आफिसर , साईंटिस्ट नेता यारियल्टी शो में डांसर या गायक |एक प्रवासी भारतीय नासा के साईंटिस्ट दम्पत्त



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