वैष्णव जन तो ते नर कहिये पीर पराई जान रे ( स्वच्छता अभियान )

वैष्णव जन तो ते नर कहिये पीरपराई जान रे (स्वच्छता अभियान ) डॉ शोभा भारद्वाज महात्मा गाँधी जी की 150 वींजयंती के अवसर पर सूर्या संस्थान नोएडा में आयोजित सर्वधर्म समभाव गोष्ठी के अवसरपर विभिन्न धर्म गुरु के भाव पूर्ण प्रवचनों को सुनने का अवसर मिला | सफाईकर्मचारियों द्वारा तैयार जलपान सबने गृहण किया



करीना कपूर को कुछ नहीं कहा बैकलेस होने पर और जब मैं योगा करते वक्त बैकलेस हुई तो मुझे उसी के लिए ट्रोल किया गया:अबिगेल पांडे | आई डब्लयू एम बज

सुंदर और टैलेंटेड टीवी अभिनेत्री अबिगेल पांडे, जिन्हें आखरी बार कलर्स के शो शक्ति अस्तित्व के एहसास की में कैमियो किरदार में देखा गया था उन्हें योगा में काफी रुचि है।“मैं पिछले चार वर्षों से व्यायाम के इस पारंपरिक भारतीय रूप का अनुसरण कर रही हूं। मैंने पहली बार वजन कम करन



हाथी

क्या किसी ने कहीं किसी हाथी को मरते देखा है जिसकी सूंड में चींटी घुस गई हो? ये कहावत बनाने वाला बहुत ज्ञानी रहा होगा. हमारे देश में ज्ञान की कमी नहीं है, उनके ज्ञान को समझने वालों की कमी थी लेकिन अब वो भी नहीं रही. ज्ञान बाट



हाथ पैर में झनझनाहट के कारण hath pair me jhunjhanaht ke karan

हाथ पैर में झनझनाहट के हाथ पैर में झनझनाहट के मुख्य कारणआपको भी कभी ऐसा महसूस हुआ है कि आपके हाथ पैरों में अजीब सी झुनझुनी हो रही है, और कई बार इसमें दर्द भी महसूस हो सकता है। ऐसा होने पर हम किसी भी चीज को छुते है तो हमे उसका अहसास भी नही होता। ऐसी अवस्था में हाथ-पैरों में सुईयां चुभने जैसा गहरा अहस



कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ,वायनाड के रोड शो में लहराते चाँद तारे वाले हरे झंडे

कांग्रेस अध्यक्ष के रोड शो में लहराते चाँद तारे वाले हरे झंडे डॉ शोभा भारद्वाज कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी अमेठी के अलावा केरल के वायनाड से भी पर्चाभरा देश का संविधान हक देता है| वह अमेठी से लगातार सांसद रहे हैं फिर उन्होंनेवायनाड से भी चुनाव लड़ने का फैसला क्यों किया? उन



ईरानी खानम मुझे जीना सिखा गयी

ईरानी खानम मुझे जीना सिखा गयी पार्ट - 2 डॉ शोभा भारद्वाज इंकलाब ने हमारे सपने तोड़ दिए ईरान में बदअमनी फैल रही थी योरोपियन डाक्टरपहले ही जा चुके थे पाकिस्तानी डाक्टर जाह्दान के रास्ते अपने देश लौट गये भारतीयडाक्टरों के लिए उनके सिफारतखाने ने एक साथ निकालने का इंतजाम किया डाक्टर साहबसबसे बाद में



"गज़ल" हाथ कोई हाथ में आ जाएगा मान लो जी साथियाँ भा जाएगा

बह्र 2122, 2122 212, काफ़िया, आ स्वर, रदीफ़- जाएगा"गज़ल" हाथ कोई हाथ में आ जाएगा मान लो जी साथियाँ भा जाएगालो लगा लो प्यार की है मेंहदी करतली में साहिबा छा जाएगा।।मत कहो की आईना देखा नहींनूर तिल का रंग बरपा जाएगा।।होठ पर कंपन उठे यदि जोर कीखिलखिला दो लालिमा भा जाएगा।।अधखुले है लब अभी तक आप केखोल दो मु



संत महात्माओं के हाथो संजय अमान की पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समरोह सम्पन्न

संत महात्माओं के हाथो संजय अमान की पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समरोह सम्पन्न मुंबई - पवार पब्लिशर कोलकाता द्वारा प्रकाशित , कवि ,पत्रकार , संजय अमान की लिखी तीसरी पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समारोह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सभागार में दिनाँक ३० सितम्बर को संपन्न हुआ। यह पुस्तक मुम्बई महानगर के



“कुंडलिया” आती पेन्सल हाथ जब, बनते चित्र अनेक।

“कुंडलिया”आती पेन्सल हाथ जब, बनते चित्र अनेक। रंग-विरंगी छवि लिए, बच्चे दिल के नेक॥ बच्चे दिल के नेक, प्रत्येक रेखा कुछ कहती। हर रंगों से प्यार, जताकर गंगा बहती॥ कह गौतम हरसाय, सत्य कवि रचना गाती। गुरु शिक्षक अनमोल, भाव शिक्षा ले आती॥ महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी



विश्व हाथी दिवस पर जानिए इससे जुड़ी बातें

वे बुद्धिमानी होते हैं। वे परिवार उन्मुख भी होते हैं। उनकी यादाश्त बहुत तेज़ होती हैं| वो भावनाओं को महसूसकरने में सक्षम होते हैं, गहन दुःख से लेकर आनंद के किनारे खुशी के साथ-साथसहानुभूति और आश्चर्यचकित करने वाली आत्म-जागरूकता होती है इ



“कुंडलिया”पकड़ो साथी हाथ यह हाथ-हाथ का साथ।

“कुंडलिया”पकड़ो साथी हाथ यह हाथ-हाथ का साथ। उम्मीदों की है प्रभा निकले सूरज नाथ।।निकले सूरज नाथ कट गई घोर निराशा। हुई गुफा आबाद जिलाए थी मन आशा॥ कह गौतम कविराय कुदरती महिमा जकड़ो। प्रभु के हाथ हजार मुरारी के पग पकड़ो॥-१बारिश में छाता लिए डगर सुंदरी एक। रिमझिम पवन फुहार नभ पथ



यदा यदा ही धर्मस्य - हाथ

गहाथ (2000) के यदा यादा हाय धर्मस्या गीत: यह मनोज वाजपेयी, तबू, ओम पुरी और अनुपम खेर अभिनीत गथ से एक प्यारा गीत है। यह ओम पुरी, करसन सरगाथिया और सुलेमान द्वारा गाया जाता है और सलीम सुलेमान द्वारा रचित है।हाथ (Ghaath )यदा यदा ही धर्मस्य की लिरिक्स (Lyrics Of Yada Yada Hi Dharmasya )यदा यदा ही धर्म



हाथ (Ghaath )

'गथ' एक 2000 हिंदी फिल्म है जिसमें मनोज वाजपेयी, तबू, ओम पुरी, अनुपम खेर, शीबा, रविना टंडन, अर्धद वारसी, मुकेश तिवारी, इरफान खान, जॉनी लीवर और राजू खेर प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हमारे पास गथ के एक गीत गीत हैं। सलीम सुलेमान ने अपना संगीत बना लिया है। ओम पुरी, करसन सरगाथिया और सुलेमान ने इन गीतों को ग



ए मालिक तेरे बन्दे हम - दो आँखें बारह हाथ

Aye Malik Tere Bande Hum Lyrics of Do Aankhen Barah Haath (1957): This is a lovely song from Do Aankhen Barah Haath starring V Shantaram, Sandhya, David and Date. It is sung by Lata Mangeshkar and V Shantaram and composed by Vasant Desai.दो आँखें बारह हाथ (Do Aankhen Barah Haath )ए मालिक तेरे बन्दे



दो आँखें बारह हाथ (Do Aankhen Barah Haath )

"Do Aankhen Barah Haath" is a 1957 hindi film which has V Shantaram, Sandhya, David, Date, Ulhas, B M Vyas, S K Singh, Paul Sharma, Baburao Pendharkar, Gajendra, Samar and Sunil in lead roles. We have one song lyrics and one video song of Do Aankhen Barah Haath. Vasant Desai has composed its music.



“मुक्तक” हाथ न छोडूंगी साँवरिया

“मुक्तक”हाथ न छोडूंगी साँवरिया आज पकड़ में आई बाँसुरिया। छूने नहिं दूँगी कांभरिया पिया माखन मिश्री गागरिया। चाहे ज़ोर लगा लो जितना नहीं पीछे हटूँगी कृष्णा- रंग दूँगी तोरी नगरिया मनमोहन मधुवन की डगरिया॥महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी



क्या आप जानते है ...??? (सिनेमा जगत के मशहूर निर्माता, निर्देशक और अभिनेता वी. शांताराम)

सिनेमाजगत के पितामह और 40 से भी ज्यादा फिल्मों का निर्देशन कर चुकेमशहूर निर्माता और अभिनेता वी शांताराम का आज 116वांजन्मदिवस है । गूगल ने आज अपना डूडल वी. शांताराम कोसमर्पित किया है। शांताराम का नाम फिल



“डोर पकड़े हाथ”

“डोर पकड़े हाथ” अरमान बेईमान हम ठहरे नादान बांवरी भीड़ है नदी में नीर है घहरा गई बिहान छोड़ गई निशान जर्जरित नाव है खड़े सैकड़ों पाँव है दाँव दाँव घाव है उडी पतंग कटी पतंग डोर पकड़े हाथ है दिखे अपना गाँव है॥ महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी



21 सितम्बर 2015

काका हाथरसी के हास्य दोहे!

हिंदी के प्रसिद्ध व्यंगकार एवं हास्य कवि, "काका हाथरसी" के दोहे:अक्लमंद से कह रहे, मिस्टर मूर्खानंद,देश-धर्म में क्या धरा, पैसे में आनंदअँग्रेजी से प्यार है, हिंदी से परहेज,ऊपर से हैं इंडियन, भीतर से अँगरेज#अंतरपट में खोजिए, छिपा हुआ है खोट,मिल जाएगी आपको, बिल्कुल सत्य रिपोट#अंदर काला हृदय है, ऊपर ग



शिक्षकों का ‘अकाल’ फिर भी शिक्षा का अधिकार

गिरिजा नंद झासबके लिए जरूरी होनी चाहिए शिक्षा। समझने में लगे साठ साल से ज़्यादा का वक़्त। मगर, मुसीबत अब भी अपनी जगह बरकरार। वज़ह, इन साठ सालों में हमने लोगों को पढ़ाया ही कितना कि पढ़ाने वाले को तैयार कर पाते। एक तो सबको शिक्षा मिली नहीं। जिन्हें मिली, उसमें से ज़्यादातर नाम पता लिखने के काबिल मात्



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x