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स्पर्श

स्पर्श (यादों का) मैं खेल रही हूं तेरे आंगन में, क्योंकि मैं आज भी तुम्हारी मुस्कान हूं। तुम ही कहते थे ना,तुम मेरे होंठों की मुस्कुराहट में हों। जब मेरे अंतर्मन में कोई बात लगती है मैं आज भी तुम्हारी मुस्कान को ले आती हूं अपने होंठो पर, तुम अपनी गिलगिली उंगलियों को मेरे होंठों पर रख देते थे ना, जब



आशा और सफलता

जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो सोच सकारात्मक बनाए रखने के साथ ही मन मेंआशा को जगाए रखना आवश्यक है | सकारात्मक सोच और आशावान व्यक्ति से किसी भी प्रकारकी निराशा और चिन्ता कोसों दूर भागते हैं जिसके कारण उसका मन और शरीर दोनों स्वस्थबने रहते हैं और वह अपनी सफलता के लिए उचित दिशा में प्रयास कर पाता है…



काली मिर्च है बहुत कमाल की

आज के समय में लोगों की गलत लाइफस्टाइल कई तरह की बीमारियों की वजह बनती हैं। अमूमन किसी भी तरह की परेशानी होने पर लोग दवाईयों का ही सहारा लेना पसंद करते हैं लेकिन अगर आप चाहें तो बिना दवाईयों के भी बहुत सी छोटी-छोटी परेशानियों को आसानी से दूर कर सकते हैं। खासतौर से, आपकी किचन में मौजूद काली मिर्च एक ऐ



चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के लिए करियर टिप्स !

चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के लिए करियर टिप्स !चार्टर्ड अकाउंटेंसी !! देश का सबसे कठिन कोर्स। एक कोर्स जो अनगिनत नौकरी प्रोफाइल के लिए दरवाजे खोलता है। एक एकल पेशा जो नाम और शोहरत दोनों देता है। एक ऐसा पेशा जो सबसे बड़ी चुनौती लगती है।इस लेख में, हम आपके साथ कुछ करियर टिप्स साझा कर रहे हैं, जो आसानी से



सूर्य का मकर राशि में गोचर

सूर्य का मकर राशि में संक्रमण 2019पौष शुक्लअष्टमी,सोमवार 14 जनवरी 2019 को सायं सात बजकर बावन मिनट के लगभग उत्तराषाढ़ नक्षत्र मेंरहते हुए राहू केतु के मध्य बव करण और सिद्ध योग में भगवान भास्कर मित्र ग्रह गुरुकी धनु राशि से निकलकर शत्रु गृह शनि की मकर राशि में संचार करेंगे | जिसे “मकर संक्रान्ति” के ना



राग : शुभ्रा

राग : शुभ्रा समूचे विश्व में मनाए जानेवाले भिन्न भिन्न त्योहार मानव की उत्सव मनाने की सहज प्रवृत्ति से जुड़े हैं और मौसम से, प्रकृति से इनका एक अटूट रिश्ता है। गणेशोत्सव के आख़िरी दिन गणेशजी को विदा देते समय , और कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कृष्ण का स्वागत करते समय ब



"छंद दुर्मिल सवैया" चित भावत नाहिं दुवार सखी प्रिय साजन छोड़ गए बखरी। अकुलात जिया मन लागत का छड़ राजन काहुँ गए बहरी।

दुर्मिल सवैया ( वर्णिक )शिल्प - आठ सगण, सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा सलगा 112 112 112 112 112 112 112 112, दुर्मिल सवैया छंद लघु से शुरू होता है ।छंद मे चारों पंक्तियों में तुकांत होता है"छंद दुर्मिल सवैया" चित भावत नाहिं दुवार सखी प्रिय साजन छोड़ गए बखरी।अकुलात



केन्द्रीय सरकार का ‘‘आर्थिक आधार’’ पर 10 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय! कितना अधूरा! कितना पूर्ण?

वास्तव में हमारे देश में यदि किसी भी ‘‘सरकार’’ से कोई निर्णय अपने पक्ष में करवाना हो तो सरकार के चुने जाने के 4 साल तक तो वह आपकी मांगे व मुद्दो पर गंभीरता से कोई विचार ही नहीं करती है, क्योकि तब तक वह आपके चुनावी दबाव में ही नहीं होती है। परन्तु चुनावी वर्ष में चुनावी मोड में आ जाने के बाद आपका मु



आखिर क्यों लगाएं दौड़ते हुए घोड़ो की फोटो?? क्या है वास्तु अनुसार इसका लाभ(फायदा)..

प्रिय मित्रों/पाठकों, आज के प्रतिस्पर्धा के इस दौर में हर कोई सफलता पाना चाहता है, लेकिन मेहनत के बाद भी सफल नहीं हो पाता है। इसका ये अर्थ नहीं होता है कि उस व्यक्ति की मेहनत में किसी तरह की कमी है।जीवन में सफलता हासिल करने के लिए सबसे जरूरी होता है इंसान को ऊर्जावान होना. स्वस्थ होना।अगर आप ऊर्जा स



09 जनवरी 2019

जब डर आपको सार्थक काम करने से रोक रहा है।

मैं हाल ही में एक दोस्त के साथ एक चर्चा कर रहा था जो अपने आप को उस उद्देश्यपूर्ण कार्य को करने से रोक रहा है जो वह सोचता है कि वह आगे बढ़ना चाहता है।क्या उसे रोक रहा है?खुद को सार्वजनिक रूप से रखने का डर। असफलता का डर। राय बनने का डर। गलत रास्ता चुनने का डर। काफी अच्छ



अभिनेता नसीरूद्दीन शाह अपने देश में डरे हुये हैं

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने देश में डरे हुए हैं ?डॉ शोभा भारद्वाज वह आज के भारत में अपने बच्चों को लेकर बहुत डरे हुए हैं. ''मुझे इस बात का डर लगता है कि कहीं मेरेबच्चों को भीड़ ने घेर लिया और उनसे पूछा कि तुम हिंदू हो या मुसलमान? मेरे बच्चों के पास इसका कोई जवाब नहीं होगा. क्योंकि मैंने मेरेअनुसार अ



"देशज गीत" सजरिया से रूठ पिया दूर काहें गइल नजरिया के नूर सैंया दूर काहें कइल

"देशज गीत" सजरिया से रूठ पिया दूर काहें गइलनजरिया के नूर सैंया दूर काहें कइलरचिको न सोचल झुराइ जाइ लौकीकोहड़ा करैला घघाइल छान चौकीबखरिया के हूर राजा दूर काहें गइल..... सजरिया से रूठ पिया दूर काहें गइलकहतानि आजा बिहान होइ कइसेझाँके ला देवरा निदान होइ कइसेनगरिया के झूठ सैंया फूर काहें कइल..... सजरिया स



"गीतिका" अभी है आँधियों की ऋतु रुको बाहार हो जाना घुमाओ मत हवाओं को अजी किरदार हो जाना

मापनी-1222 1222 1222 1222, समान्त- आर का स्वर, पदांत- हो जाना"गीतिका"अभी है आँधियों की ऋतु रुको बाहार हो जानाघुमाओ मत हवाओं को अजी किरदार हो जानावहाँ देखों गिरे हैं ढ़ेर पर ले पर कई पंछीउठाओ तो तनिक उनको सनम खुद्दार हो जाना।।कवायत से बने है जो महल अब जा उन्हें देखोभिगाकर कौन रह पाया नजर इकरार हो जाना



BJP से सांसद चंदेल, कुंवर पुष्पेंद्र सिंह जीवनपरिचय

2019 लोकसभा चुनाव कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और हमीरपुर, उत्तर प्रदेश (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से भारतीय आम चुनाव, 2014 जीत चुके हैं। पुष्पेंद्र सिंह चंदेल का जन्म 8 अक्टूबर 1973 को महोबा (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनके पिता का नाम राजा हरपाल सिंह चंदेल और माता का



BJP से सांसद संजीव बाल्यान जीवनपरिचय

2019 लोकसभा चुनाव संजीव बाल्यान भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। 2014 में लोकसभा में उन्हें मुज़फ्फरनगर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय आम चुनाव के लिए चुना गया था। जिसमें उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के कादिर राणा को चार लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया। संजीव बाल्यान मई 2



मिरर इमेज वर्ड्स

At Gandhi Polytechnic, Alumini Function Signing Autographs. Check the Speed -Mirror Writing in English Language - YouTube



आशियाना नहीं धोखा हैं

आशियाना नहीं धोखा हैं.डीडीए फ्लैट, यह नाम अपने आप मे बहुत बड़ा हैं दिल्ली शहर के लिए यह लाईन उस औरत केज़ुबान से सुना जिसने पहली बार सावदा घेवरा के फ्लैटों मे अपने कदमो को रखा थाजिसके पापा ने 1985 मे एक घर होने की चाहत को सजाया था। वह सफदर जंग कालोनी से आएथे उनके पास अपनी कार थी उसमे पाँच लोग सवार थे।



सर्दियों में खांसी-जुकाम ने कर दिया है परेशान, अपनाएं यह बेजोड़ नुस्खे

कपकपाती ठंड अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आती हैं। खासतौर से, इस मौसम में खांसी-जुकाम होना बेहद आम है। फिर चाहे बात बच्चों की हो या बड़ों की, हर किसी को इस सर्दी के मौसम में खांसी-जुकाम उन्हें अपनी जद में ले ही लेता है। यह एक आम बीमारी होने के बावजूद भी काफी तकलीफदेह होती है। नाक बंद होने की स्थि



फिर आज तुम्हारी याद आयी

फिर आज तुम्हारी याद आयी,फिर मैंने तुम पर एक गीत लिखावहीं लिखा जो लिखता आया हूँतुमको फिर अपना मीत लिखा।फिर आज तुम्हारी याद आयी...जिन कदमों की आहट भर से,बढ़ जाती है लय इन सांसों कीउन कदमों को लिखा बांसुरीसांसों की लय को संगीत लिखा।फिर आज तुम्हारी याद आयी....मेरी नजरों से तो हो ओझल तुमपर फिर भी हो मेरे



शुक्र का वृश्चिक में गोचर

शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर सर्वप्रथम सभी को नववर्ष 2019 कीहार्दिक शुभकामनाएँ | आज मंगलवार एक जनवरी को प्रातः नौ बजकर पचास मिनट पर बुध कागोचर धनु राशि में हुआ है, और आज ही रात्रि आठबजकर तैतालीस मिनट के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीतितथ



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