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कवींन बी मेरी माँ

क्वीन बी मेरी माँ ( आज मेरी माँ का जन्म दिन है वह कितने वर्ष की हो गयी हैं हम जानना नहीं चाहते ) डॉ शोभा भारद्वाज मेरी माँ के पिता अर्थात मेरे जागीरदार नाना कालेज मेंप्रिंसिपल और जाने माने अंकगणित के माहिर थे . मेरी नानी अंग्रेजों के समय में विदेशीवस्तुओं का बहिष्कार ( पिकेटिंग



गीतिका

"गीतिका"दरवाजे पर ओस गिरी थीखलिहानों में कोश गिरी थीदिल्ली की सड़कों पर रेलाआंदोलन की धौस गिरी थी।।बहुत मनाया सबने मन कोउठा पटक में रोष गिरी थी।।कसक मसक कर रात गुजरतीदिन निकला पर जोश गिरी थी।।गरम रजाई और दुशालाब्रेड बटर पर सोस गिरी थी।।धन सबका बिल अन्नदाता काबिच मंडी बा- होश गिरी थी।।दूल्हा बिन बारात



गीतिका

"गीतिका" देख रहे सब नित एक ख्वाबमैं माली और मेरा गुलाबहाथों में जहमत का प्यालामर्म सुकर्म पै चढ़ी शराब।।देखो कितने पेड़ धरा परजश्न जतन बिन हुए खराब।।नहीं नाचते मोर वनों मेंकौन बाँचता खुली किताब।।सेल फोन पर सुबह सुहानीशाम थिरकती लिए ख़िताब।।नई फसल जल राख हो रहीब्यर्थ बह रहे नदी के आब।।'गौतम' गमला रखो सज



दिल्ली बड़ी दूर है, किसान भाई! #ज़हन

वह भागने की कोशिश करे कबसे,कभी ज़माने से तो कभी खुद से...कोई उसे अकेला नहीं छोड़ता,रोज़ वह मन को गिरवी रख...अपना तन तोड़ता।उसे अपने हक़ पर बड़ा शक,जिसे कुचलने को रचते 'बड़े' लोग कई नाटक!दुनिया की धूल में उसका तन थका,वह रोना कबका भूल चुका।सीमा से बाहर वाली दुनिया से अनजान,कब पक कर तैयार होगा रे तेरा धान?उम्



डर के साये में अमेरिकन प्रजातांत्रिक व्यवस्था

डर के साए में अमेरिकन प्रजातांत्रिक व्यवस्था डॉ शोभा भारद्वाजकैपिटल बिल्डिंग परधावा, अमेरिकन प्रजातंत्र की छवि पर दाग लगा गया विश्व की सबसेपुराने लोकतंत्र की गरिमा पर ट्रम्प समर्थकों में चरम पंथी विचारधारा केउपद्रवियों ने संसद के बाहर एवं भीतर हंगामा कर प्रश्न चिन्ह लगा दिया .अत : 46वेंराष्ट्



मान लो सरकार

मान लो सरकारदुनियाँ का हर दर्द भुलाया बिसराया जा सकता है।बस अपने दर्द न दे वरना ये दर्द पत्थरों के वार से, ज्यादा घाव देते है, कोमल जिंदगी को नासूर बना देते है।इसमें कोई भी मलहम काम नही करता सिवा आपसी प्यार के। कहने को तो कहते है लोग, जलने से पहले धुँआ उठता जरूर है। लेकिन जब जिंदा लाशें जलती है तो उ



धनहर और मनहर

धनहर और मनहरधनहर मनहर दोनो साथी और संघाती है।गंगा में धनहर नाव तो मनहर पतवार है।बीज बोता धनहर खेत मे, ध्यान मनहर देता है।ट्यूबवेल धनहर का बरहा होता मनहर का।फसल बड़ी हुई धनहर की काटता मनहर है।धनहर फसल लाया शहर में मनहर गांव में।धनहर की झोली भरी मनहर की जेब ऊँची हो गई।धनहर की कोठी हवेली, मनहर की झोपड़ी



दोहा गीतिका

"दोहा गीतिका"क्यों मानव से भी बड़ा, होता चला विकासकुछ सोएं मरुभूमि पर, कुछ का घर आकाशक्या गरीब खाता नहीं, पिचका उसका पेटकुछ क्यों होटल खेलते, बावन पता ताश।।बैंक व्याज देता नहीं, कर्ज है कमरतोड़मध्यमवर्गी खिन्न है, क्या खाएं घर घास।।वोट बहुत है कीमती, सस्ता क्यों इंसानक्यों कुर्सी वर माँगती, जनता से वि



धन्यवाद आपको

कैसे करूं मैं सभी का धन्यवाद,सोचता रहा दिन भर;आपकी ये शुभकामनाएं,खुशनुमा बना देती दिन के हर पल को।कैसे करूं मैं साधुवाद,शब्दों में व्यक्त करना है मुश्किल इन पलों को।जन्मदिवस पर मिलने वाली ये शुभकामनाएं,जीवन सार्थक करें हर पल को।बहुत कुछ पा लेता इंसान,मिलती इन सबकी सदि



."गीतिका"

विश्व हिंदी दिवस पर दिली बधाई स्वीकारें मित्रों.....जय माँ शारदा!"गीतिका"हिंदी की पहचान पूछते, बिंदी का अपमान पूछतेदशों दिशाओं में है चर्चित हिंदी का नुकशान पूछतेलूटा है लोगों ने भारत बोली भाषा हुई नदारतअंग्रेजों ने बहुत सताया मुगल तुग़ल घमसान पूछते।।भारतीय भाषा न्यारी है फिर भी अंग्रेजी प्यारी हैमन



किसान vs सरकार

किसान vs सरकारकिसान मजदूर एक सिक्के के दो पहलू इस जहाँ में बने।किसान बिन मजदूर अधूरा, मजदूर बिन किसान अधूरा।किसान का खेत लहराए मजदूर और खुद के पसीने से। वक्त अब इतना बदल गया, बैल की जगह ट्रैक्टर आ गया।डेगची बेलचा की जगह, खेत किनारे ट्यूबवेल लग गया।घर जमीन के बाद, रेल कॉरिडोर के साथ हाईवे भी बन गए।रे



आज सात जनवरी है , मेरा दर्द

आज सात जनवरी है मेरा दर्द डॉ शोभा भारद्वाज आन्दोलन के नाम पर शर्तेमनवाने के लिए सड़के रोक लेना कभी इस जाम में फंसी सीरियस रोगियों ,प्रसव पीड़ा सेतड़पती महिलाओं को ले जाती एम्बूलेंस , थ्रीव्हीलर या गाड़ियां जिनमें सीरियस मरीज निराशासे रास्ता रोके खड़े लोगों के सामने गिड़गिड़ाते स्वजन प्लीज रास्ता दे दीजिय



पंजाब के किसानों का आंदोलन

वर्त्तमान में दिल्ली की सीमा पर चल रहे पंजाब के किसान आंदोलन की जो रूप रेखा है वह एक आदर्श हो सकती है। लम्बे संघर्ष की रणनीतिक तैयारी गजब की है। रसद सप्लाई। थोड़े थोड़े दिन बाद लोगों का घर लौटना और नये लोगो का आकर जुड़ना। मौसम के हिसाब से कपड़ों का इंतजाम। मेडिकल सुविधाएँ



देश में ‘‘लोकतंत्र‘‘ ‘‘खत्म’’ हो गया है! राहुल गांधी! सही!/?

महामहिम राष्ट्रपति को किसानों के मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसदों द्वारा अपने नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध मार्च कर ज्ञापन सौंपने की अनुमति देने के बजाए धारा 144 लागू किये जाने पर राहुल गांधी को यह कहना पड़ गया कि देश में ‘‘लोकतंत्र समाप्त‘‘ हो गया है। रात्रि की अंधकार की गहरा



माटी

माटी को संवारने वाला अन्न का दाता काली सड़कों पर अपने हक के लिए अड़ा है। खुले रूप से मिले सबको ताजा ताजा, पैकेटों में बंद होकर बिकने वाली चीजें, उनके हक और न्याय के लिए अड़ा है। लाल बहादुर शास्त्री ने दिया था नारा... "जय जवान जय किसान" आज दोनों को एक दूसरे के सामने खड़ा देखा है। राजनिति ने बेटियां,



SIP Mutual Fund क्या है इसमे invest कैसे करे

सिप म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा इन्वेस्ट करके पाये दोगुना लाभ। जो और कहीं नही मिलेगा। SIP Mutual fund kya hai isme invest kaise kareSIP Mutual fund से बहुत लोग तो परिचित होंगे और बहुत लोग इसके बारे में नही जानते होंगे। यदि आप अपना पैसा जमा करना चाहते हैं तो sip mutual fund be



चेहरे पर मुस्कान लौटाती आशाएं

बुंदेलखण्ड की हीरा नगरी कहे जाने वाला पन्नाजिला वास्तव में आदिवासी बहुल क्षेत्र है। इसी पन्ना जिले के देवेन्द्रनगरविकासखण्ड के ग्राम फुलवारी



‘‘गांधी‘‘ के ‘‘साथ‘‘व ‘‘गांधी‘‘ के ‘‘बिना‘‘ ही कांग्रेस का ‘‘अस्तित्व एवम नियति‘‘ है।

पूर्व में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की कांग्रेस हाई कमांड को लिखी गई ‘चिट्ठी’ पर सोनिया गांधी के ‘‘बुलावे’’ पर इन समस्त ‘‘तथाकथित असंतुष्टों‘‘ व नाराज नेताओं की एक चिंतन बैठक हुई। ‘चिंता’ की सीमा तक कांग्रेस की ‘‘चिंताजनक स्थिति‘‘ हो जाने के कारण बैठक को उपयोगी बनाने हेतु‘‘ चिंतन बैठक‘‘ का नाम देना तो



जम्मू कश्मीर में जिला विकास परिषद के चुनाव परिणाम अमन शांति की और बढ़ते कदम हैं

जम्मूकश्मीर में जिला विकास परिषद के चुनाव परिणाम अमन शांति की और बढ़ते कदम डॉ शोभाभारद्वाज जम्मूकश्मीर में जिला विकास परिषद के चुनाव संसद द्वारा धारा 370 की समाप्ति के बाद हुएगुपतार गठ्बन्धन का चुनावों में हिस्सा लेना परोक्ष रूप से अनुच्छेद 370 कीसमाप्ति पर स्वीकृति थी 370 का काल गुजर गया . महबूबा



16 दिसम्बर 1971 भारत के इतिहास का स्वर्णिम दिवस

16 दिसम्बर 1971भारत के इतिहास का स्वर्णिम दिवस डॉ शोभा भारद्वाज गवर्नर जर्नल माउंटबेटन ने अखंड भारत के विभाजन पर टिप्पणी करते हुए कहा था (भारत, एवं पाकिस्तान,पाकिस्तान के दो हिस्से थे पश्चिमी पाकिस्तान एवं पूर्वी पाकिस्तान उनके बीच लगभग1600 किलोमीटर की दूरी थी) ‘24 वर्ष बाद पूर्वी पाकिस्त



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