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परियों की कहानी हिन्दी में । परियों की खूबसूरत कहानी। Pari Story in Hindi 2019.

परियों की कहानी परीलोक में परियों की एक राजकुमारी थी। वह छोटे बच्चों से बहुत प्यार करती थी। एक दिन राजकुमारी नई तय किया कि बच्चों के स्कूल के सबसे स्वस्थ बच्चे को ढेर सारे तोहफे और वरदान देगी।राजकुमारी अपने उड़नखटोले पर बैठ कर बच्चों के स्कूलों का निरिक्षण करने लगी। र



"Archana Ki Rachna" A Hindi Poetry Blog based based on life. : Preview "धुंध "

तुझ में उलझा हूँ इस कदर केअब कुछ भी सुलझता नहीं हर तरफ एक धुंध सी हैजो तेरे जातेकदमो से उठी है इसमें जीने की घुटनको मैं बयां कर सकता नहींहर जरिया बंद कर दियातुझ तक पहुंचने कापर एक तेरे ख्यालको कोई दरवाज़ारोक पाता नहींमैं जानता हूँ के तून आएगा अब कभीमेरा हाल भी पूछने क



Archana Ki Rachna: Preview ""पिता ""

लोग कहते हैं , मैं अपने पापा जैसे दिखती हूँ,एक बेटे सा भरोसा था उनको मुझपरमैं खुद को भाग्यशाली समझती हूँ।मैं रूठ जाती थी उनसे, जब वो मेरे गिरने पर उठाने नहीं आते थेपर आज समझती हूँ , वो ऐसा क्यों करते थेआज मैं अपने पैरों पे हूँ , उसी वजय सेदे कर सहारा वो मुझे हमेशा के लि



Archana Ki Rachna: Preview "कुछ कही छूट गया मेरा "

तुम अपना घर ठीक सेढूंढना ,कुछ वहींछूट गया मेराढूंढ़ना उसे , अपने किचन मेंजहाँ हमने साथ चाय बनाई थीतुम चीनी कम लेते होये बात तुमने उसे पीने के बाद बताई थीउस गरम चाय की चुस्की लेकरजब तुमने रखा था दिल मेरातुम अपना किचन ठीक सेढूंढना , कुछ वही छूट गया मेराढूंढना उसे , उस परदे



Archana Ki Rachna: Preview "तेरी याद "

मैंने घर बदला औरवो गलियाँ भी फिर भी तेरी याद अपने संग इस नए घर में ले आया एक मौसम पार कर मैं फिर खड़ी हूँ, उसी मौसम की दस्तक पर, वही गुनगुनाती ठंड और हलकी धुंध,जिसमे कभी तू मुझे आधी रात मिलने आया वो एक पल में मेरा बेख़ौफ़ हो कुछ भी कह जाना ,और फिर तुझे अजनबी जान कसमसा जाना



Archana Ki Rachna: Preview "नियति का खेल "

जब हम बुरे समय सेगुजरते हैं अपने ईश्वर को यादकरते हैं सब जल्दी ठीक हो जाये यही फरियाद करते हैं भूल कर उस ईश्वरका जीवन संघर्ष हम सिर्फ अपनी बातकरते हैंचलो आओ याद दिलातीहूँ एक रोचक बातजो तुम सब को भी है यादजब उस ईश्वर नेअवतार लिया धरती पेतो वो भी दर्द से अछूता न थाकहने को



Archana Ki Rachna: Preview "पुनर्विचार"

क्या कोई अपने जीवन सेकिसी और के कारणरूठ जाता है ? के उसका नियंत्रण खुद अपने जीवनसे झूट जाता है? हां जब रखते हो,तुम उम्मीद किसीऔर से,अपने सपने को साकार करने कीतो वो अक्सर टूट जाता हैजब भरोसा करते हो किसी पेउसे अपना जान कर,खसक जाती हैपैरों तले ज़मीन भीजब वो "अपना"अपनी मत



Archana Ki Rachna: Preview "नव प्रभात "

रात कितनी भी घनी हो सुबह हो ही जाती है चाहे कितने भी बादलघिरे होसूरज की किरणें बिखरही जाती हैंअंत कैसा भी होकभी घबराना नहींक्योंकि सूर्यास्त का मंज़रदेख कर भीलोगो के मुँह सेवाह निकल ही जाती हैरात कितनी भी घनी होसुबह हो ही जाती हैअगर नया अध्याय लिखना होतो थोड़ा कष्ट उठाना ह



Archana Ki Rachna: Preview "बदला हुआ मैं "

जब भी अपने भीतर झांकता हूँ खुद को पहचान नहीं पाता हूँ ये मुझ में नया नया सा क्या है ?जो मैं कल था , आज वो बिलकुल नहींमेरा वख्त बदल गया , या बदलाअपनों ने हीमेरा बीता कल मुझे अब पहचानता, क्या है ? मन में हैं ढेरो सवालशायद जिनके नहीं मिलेंगे अ



Archana Ki Rachna: Preview "कुछ दिल की सुनी जाये "

चलो रस्मों रिवाज़ों को लांघ करकुछ दिल की सुनी जाये कुछ मन की करी जाये एक लिस्ट बनाते हैं अधूरी कुछ आशाओं कीउस लिस्ट की हर ख्वाहिश एक एक कर पूरी की जाये कुछ दिल की सुनी जाये कुछ मन की करी जाये कोई क्या सोचेगा कोई क्या कहेगा इन बंदिशों से परे हो के थोड़ी सांसें आज़ाद हवा मे



Archana Ki Rachna: Preview "उमीदों का खेल"

क्या ज़्यादा बोझिल है जब कोई पास न हो या कोई पास हो के भीपास न हो ?कोई दिल को समझा लेता है क्योंकि,उसका कोई अपनाहै ही नहींपर कोई ये भुलाये कैसेजब उसका कोई अपनासाथ हो के भी साथ न होजहाँ चारो ओर चेहरोंकी भीड़ हो अपनापन ओढ़ेअपनी ज़रूरत पर सब दिखेपर गौर करना, जब तुमने पुकारातो



Archana Ki Rachna: Preview "गाडी के दो पहिए"

मैं स्त्री हूँ , और सबकासम्मान रखना जानती हूँ कहना तो नहीं चाहतीपर फिर भी कहना चाहती हूँ किसी को ठेस लगे इस कविता सेतो पहले ही माफ़ी चाहती हूँ सवाल पूछा है और आपसेजवाब चाहती हूँक्या कोई पुरुष, पुरुष होने का सहीअर्थ समझ पाया हैया वो शारीरिक क्षमता को हीअपनी पुरुषता समझ



Archana Ki Rachna: Preview " वो पुराना इश्क़ "

वो इश्क अब कहाँ मिलता है जो पहले हुआ करता था कोई मिले न मिलेउससे रूह का रिश्ताहुआ करता थाआज तो एक दँजाहीसी सी है,जब तक तू मेरी तब तक मैं तेराशर्तों पे चलने की रिवायतसी है ,मौसम भी करवट लेने से पहलेकुछ इशारा देता हैपर वो यूं बदला जैसे वो कभीहमारा न हुआ करता थामोहब्बत में



कैसे बने CA जानिए विस्तार से

आज सीए कोर्स उन छात्रों की पहली पसंद का विषय बना हुआ है जो एकाउंट्स और फ़ाइनेंस के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते है | सीए कोर्स एक प्रोफेशनल कोर्स है और केवल कॉमर्स ही नहीं साइंस और आर्ट्स के छात्र भी इस कोर्स को करके एकाउंट्स और



अमृत पान

मैं पंख विहीन खग केतु, यह समय भुजंग प्रचंड विकराल।



aaj ka media dalali par utaru he sirf ek tarfa khabron kaka parsar Kiya jata taki desh me jo mahangai bjp netao ki balatkar kand or bharasta he woh ki

Desh ke halat or durdasha ki zimmedar agar koi he to woh dalal media jo sirf dekhne walo ko Pakistan me kitni mahangai he ye batayenge lekin ye nahi batayenge ki hamare desh bharat me kya horaha he ya fir bjp ka gungan gayenge desh ki berozgari ke or bjp netao ke balatkar ki ghatnao ke bareme nahi d



Aise javanon ko Inam Dena Sahi



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Dil Dil se juda na ho kabhiteri ankhe kabhi nam na ho



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CA का रिजल्ट जानने के ये है तरिके

CA छात्रों के मन में हलचल है और वो बेसब्री इंतज़ार रहता है कीCA का रिजल्ट कब आएगा | CA फाउंडेशन , सीए इंटरमीडिएट और CA फाइनल के रिजल्ट छात्र ICAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते है | आपको बता दें की C



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