कहानी



पहचान : उपन्यास अंश

यहकोतमा और उस जैसे नगर-कस्बों में यह प्रथा जाने कब से चली आ रही है कि जैसे ही किसी लड़के के पर उगे नहीं कि वह नगर के गली-कूचों को ‘टा-टा’ कहके ‘परदेस’ उड़ जाता है।कहते हैं कि ‘परदेस’ मे सैकड़ों ऐसे ठिकाने हैं जहां नौजवानों की बेहद ज़रूरत है। जहां हिन्दुस्तान के सभी प्रान्त के युवक काम की तलाश में आते है



प्रणय पात्र

रोहित का मोबाईल फिर बजा. अब तक न जाने कितनी बार बज चुका था. इतनी बार बजने पर उसे लगा कि कोई तो किसी गंभीर परेशानी में होगा अन्यथा इतने बार फोन न करता. अनमना सा हारकर रोहित ने इस बार फोन उठा ही लिया. संबोधन किया हलो..उधर से आवाज आई...भाई साहब नमस्कार, गोपाल बोल रहा हूँ. बह



नरगिस

पता नहीं नरगिस नाम क्यों रखा गया था उसका। सांवली सूरत, कटीले नक्श और बड़ी अधखुली आंखों के कारण ही नरगिस नाम रखा गया होगा। नरगिस बानो। बिना बानो के जैसे नाम में कोई जान पैदा न होती हो। नाम कितना भी अच्छा क्यों न हो तक़दीर भी अच्छी हो ये ज़रूरी नहीं। नरगिस अपने नाम के मिठास और खुश्बू से तो वाकिफ़ थी लेकि



उपहार

एक विप्र का मित्र किसी महात्मा का शिष्य बन गया। विप्र को यह बात अच्छी नहीं लगी। वह उस महात्मा के पास जाकर उनको गालियां देने लगा। JYOTISH NIKETAN: उपहार



“दीया और माँटी”

“दीया और माँटी” राम राम झिनकू काका, कैसे हैं आप.......सब खैरियत तो है न......... कब पधारे बबुआ, बहुत दिन बाद गांव याद आया...........ठीक हूँ बचवा, अब क्या हाल और क्या चाल, न चाक में दम रहा न इन बाजुवों में। मैं मॉंटी और मेहनत सब के सब बूढ़े हो गए। अब तो दीये पर लाली भी नही



दांपत्य का द्रोणगिरि

भगवान राम ने अयोध्या लौटकर राजपाट संभाल लिया था. अयोध्या की जनता बेहद प्रसन्न थी कि आखिर रामराज्य आ ही गया. वैसे जो लोग भरत के राज्य में अपनी सेटिंग बिठा चुके थे, रामराज्य में भी खुश थे. आखिर राजा ही तो बदला था, बाकि सारे महकमे तो वैसे



"भागवत की कजरी"

कहानी....... आज कजरी बहुत खुश है मैके जाने का उसका सपना पूरा होने वाला है। है न अजीब बात, किसी लड़की को मैके जाने का सपना देखना पड़े यह कम हैरत की बात नहीं है। झिनकू भैया की लाड़ली कजरी, केवल उनकी ही बेटी नहीं बरन पूरे गाँव की दुलारी बेटी है। गरीबी तब खटक जाती है जब वह कि



द्वंद ... जारी है.

द्वंद ... जारी है. राजस्थान के चाँदा गाँव में स्नेहल एक घरेलू जाना पहचाना नाम था. गाँव के कान्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली स्नेहल पढ़ाई में अव्वल थी. मजाल कि उसके रहते कोई कक्षा में प्रथम आने की सोच भी लेता. इसके साथ वह थी भी बला की खूबसूरत. घर- बाहर सब उसे प्यार करते थे,



तुम्हारे बाद

खबर आयी कि 'बाबा' का अस्पताल में देहांत हो गया है | खबर ऐसी कि कानो को विश्वास न हो | पर सत्य सामने था, जिसपर अविश्वास नहीं किया जा सकता था | सभी लोग अस्पताल की तरफ भागे जहां 'बाबा' ने अंतिम साँसे ली थी | अस्पताल की साड़ी औपचारिकताएं ख़त्म कर रात बारह बजे उनके पार्थिव शरीर को उनके घर लाया गया | कड़



मजबुरी

आलीशान बंगले में एक अंधी महिला ने प्रवेश किया। स्टाफ मे नई सेविका ने उत्सुकतावश हेड से पूछा। "ये कौन है?"स्टाफ हेड - "मैडम के बच्चे चीकू की देखभाल के लिए..."सेविका - "पर ये तो देख नहीं सकती? क्या मैडम या साहब को दया आ गई इस बेचारी पर और कहने भर को काम दे दिया?"स्टाफ हेड - "तुझे साहब लोग धर्मशाला वाल



समय का उधार (कहानी) #मोहितपन

पणजी स्थित निजी पर्यटन कंपनी में सेल्स मैनेजर आनंद कुमार एक अरसे बाद कुछ दिनों की छुट्टियों पर अपने घर अलीगढ आया था। पहले कभी कॉलेज हॉस्टल से छुट्टियों में घर लौटकर जो हफ़्तों की बेफिक्री रहती थी वो इस अवकाश में नहीं थी। रास्ते में ही आनंद को काम में कुछ अधूरे प्रोजेक्ट्स की बेचैनी सता रही थी। माँ, प



तुमने शब्द पढ़े है ! लेकिन महसूस किया है कभी ? ~ Ignored Post | Top Intereating Post

शब्द ों को पढ़ा है तुमने! बोला है! महसूस किया है क्या कभी ?किसी शब्द की गर्दन पर उंगली रख कर सहलाया है कभी?किसी शब्द के सीने पर कान लगाकर धडकनें सुनी है उसकी? तुम कहोगे एक शब्द की इतनी हस्ती ही नहीं! शब्द



Raiders of the Labyrinth - हिंदी नावेल - Part 4 भूलभुलैया का रहस्य

अगले दिन वह तीनो एक साथ Amrita के laptop पर - Tara का mail पढ़ रहे थे ।Dear Amrita ,Mackenzie Collection की एक ही copy है ASB मेँ । यह एक rare book है । कुछ साल पहले Harvard library ने हमें gift किया था । मैने पूरा chapter 8 - scan करके attach कर दिया है ।उम्मीद है तुम जल्द ही Calcutta आओगी ।Tara Ban



Raiders of the Labyrinth - हिंदी नावेल - Part 3 भूलभुलैया का रहस्य

Amrita जब उठी तब उसके सर मेँ headache था । उसने time देखा । 11 बज चुके थे ।उसने मन ही मन Gautam को बहुत सारी गालियाँ दी । Dance कि याद आने पर उसका mood ख़राब हो जाता था । वह Tracy को भूलना चाहती थी ।शायद Gautam सही था - वह दोनो loser थे - इसलिये साथ थे । उसने कसम खाई कि वह ज़िंदगी मेँ कभी Gautam का चे



"पर्दा में बेपर्दा" कहानी

अजी, सुन रहे हैं बिहाने बिहाने कहाँ जूता चमका रहे हैं। घर- परिवार, नात- बात, अड़ोसी- पडोसी से भी मतलब पड़ता है, सबसे व्यवहार बना के रखना चाहिए। ऐ छोटूवा देख तो निकल गए क्या? बोलो भागवान बिना तुम्हारा दर्शन किए, कैसे निकल सकता हूँ, मेरे सगुन की सिधरि, कुंहको..... आज बहुत परो



Raiders of the Labyrinth - Part 2 भूलभुलैया का रहस्य

रात को Amrita को नींद नहीं आ रही थी | वो Gautam से अपनी पहली मुलाकात के बारे में सोच रही थी |The Love and the SexGautam एक दिन अपने startup के बारे मेँ सोचता हुआ अपनी car की तरफ जा रहा था । तभी पीछे से एक आवाज आई ।" Excuse me . क्या आपको पता है कि Narajuna Apartments कहाँ है ?"उसने देखा । आवाज एक खू



श्राद्ध

लाला चतुर्भुज अपने पिता की इकलौती संतान थे, अतः पिता की वणिक बुद्धि और व्यापार उन्हें पूरा पूरा मिला. पिता प्यार से उन्हें चतुर कहा करते थे, और वे यथानाम तथागुण चतुर ही थे. पिताजी के कड़वे तेल के धंधे को रिफाइंड आयल बिजनेस में बदलकर उ



कद्दू ले लो (धर्मनिरपेक्ष कहानी) #मोहितपन

एक महत्वपूर्ण संदेश देती यह ऑडियो कहानी.*) – Youtube: http://goo.gl/AeI1Bv*) – SoundCloud: http://goo.gl/klCe7H *) – Vimeo: http://goo.gl/uaQ4IhDuration – 5 Minutes 28 Seconds



दी सीक्रेट वर्ल्ड ऑफ़ एरियरीटी : फिल्म समीक्षा ( एनिमेशन )

वैसे तो मुझे एनिमेशन फिल्मे देखना कुछ ख़ास पसंद नहीं है , इसके बावजूद मैंने अब तक ढेर सारी एनिमेशन फिल्मे देखि है ! जिनमे से सिर्फ गिनी चुनी फिल्मे ही उल्लेखनीय है !यह फिल्म भी उन्ही यादगार और प्यारी फिल्मो में से एक है , मैंने किसी के आग्रह पर यह फिल्म देखि थी ,वैसे मै बहुत कम फिल्मे अंग्रेजी में दे



विधि मंत्री की विकलाँग विधा

(यह लेख हमने कुछ वर्ष पूर्व लिखा था और कई स्थानों पर प्रकाशित हुआ था, परंतु भारत देश में घोटाले, घोटालेबाज व घोटालागाथाएँ, धर्म की भांति सनातन हैं, अतः यह लेख आज भी सामयिक है, सुधी पाठकों की सेवा में इस वेबसाईट पर भी समर्पित)कुछ समय प



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