Happy New Year Wishes , SMS And Quotes 2017

धमाकेदार Facebook और WhatsApp SMS And Quotes for New Year दोस्तों बस कुछ दिनों में नया साल आने वाला है और आप को अपने प्रियजनों को बधाई संदेस भी भेजना होगा । khayalrakhe.com आप के लिए लाया है एक से बढकर एक Happy New Year Wishes SMS and Quotes जो आपके अपनों को....... http://www.khayalrakhe.com/20



51 वेबसाइट्स जहाँ से आप कुछ नया सीख सकतें हैं

इंटरनेट ने आज दुनिया को समेट कर रख दिया हैं। अब किसी भी देश का इंसान अपने घर पर ही किसी भी देश के बारे में जान या पढ़ सकता है वहाँ पढ़ाई जाने वाली किसी भी शिक्षा को वो अपने घर पर ही इन्टरनेट की मदद से सीख सकता हैं। ऑनलाइन लार्निंग (Learning online) यानी ऑनलाइन सीखने या



विजयादशमी



दो पत्ती का श्रमनाद !

 पसीने से अमोल मोती देखे हैं कहीं ?कल देखा उन मोतियों को मैंनेबेज़ार ढुलकते लुढ़कतेमुन्नार की चाय की चुस्कियों का स्वादऔर इन नमकीन जज़्बातों का स्वादक्या कहा ....बकवास करती हूँ मैं !कोई तुलना है इनकी ! सड़कों पर अपने इन मोतियों की कीमतमेहनतकशी की इज़्ज़त ही तो मांगी है इन्होंनेसखियों की गोद में एक झपकी ले



कामागाटा मारू घटना

पिछले दिनों 18 मई 2016 को कनाडा के प्रधान मंत्री ने 1914 की कामागाटा मारू घटना के लिए अपनी सरकार की ओर से माफ़ी मांगीकोमागटा मारू,बाबा गुरदित्त सिंह,जहाज, वैनकूवर,कनाडा, Sketches from Life: कामागाटा मारू घटना



गुरू पूर्णिमा

गुरू पूर्णिमा 



काम कोई भी छोटा नहीं होता

काम कोई भी छोटा नहीं  होताएक समय की बात है समुद्र के किनारे  मछुआरों की बस्ती में हेमंत नाम का मलाह रहता था वह अपनी कश्ती से यात्रियों को एक किनारे से दुसरे किनारे लाने ले जाने का काम करता था इस काम से उसे ज्यादा पैसे तो मिलते नहीं थे पर दाल रोटी चलती जाती थी उसका परिवार खुश था उसका बड़ा बेटा राहुल भ



काश कमीना काम न होता

अपने प्रेमी के संग स्वच्छंद रंगरेलियां मनाने की हवस में अंधी, एक कलयुगी माँ द्वारा ,अपने मासूम बच्चों की तकिये से गला घोंट कर निर्मम हत्या करने की खबर से आहत होकर लिखी गयी और खरे कटु सत्य को उजागर करती कविता -*******************************************@@@@@@@ काश कमीना काम न होता @@@@@@@************



काम करो ,कुछ नाम करो

@@@@@ काम करो , कुछ नाम करो @@@@@ ********************************************************** काम करो ,कुछ नाम करो ,पर नहीं देश बदनाम करो | भय को दूर भगाओ तुम ,जमीर को जगाओ तुम | दुखियों का तुम दुःख हरो | काम करो ,कुछ नाम करो ,पर नहीं देश बदनाम करो || धन खूब कमाओ तुम ,पर पूरा कर चुकाओ तुम | ईमान से त



हम होंगे कामयाब

हम होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाबहम होंगे कामयाब एक दिन ओ हो मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास,हम होंगे कामयाब एक दिन॥हम चलेंगे साथ-साथ, डाल हाथों में हाथहम चलेंगे साथ-साथ एक दिनओ हो, मन में है विश्वास, पूरा है विश्वासहम चलेंगे साथ-साथ एक दिन॥होगी शांति चारों ओर, होगी शांति चारों ओरहोगी शांति चारों



व्यापारी

 जय श्री कृष्ण,,::::::::---||||••••|||||~__आर.के .श्री.मानवेंद्र जी मेरा आपको कोटि कोटि प्रणाम,,आप महान विचारक हैं,आपके। विचारों को में रोज पढ़ता हूँ,और अपने जीवन मे उतरता हूँ,लेकिन आपके एक विचार से मुझे तकरार हैं,क्योंकि मेरा भी व्यापार हैं,आज का मेरा यह लेख आप तक पहुँच



वैलंटाइन डे !

वेलनटाइन डे ! क्या है ? इसके क्या क्या रूप है भारतीय दर्शन में आप किसी घटना या प्रसंग किस प्रसंग से आप इसे जोड़ कर देखते है क्या यह प्यार की अनुभूति है अथवा वासना का प्रदर्शन क्या यह अदम /ह्वा से आदिशक्ति/आदिशिव राति/कामदेव राधा /कृष्ण  नेतिक/अनैतिक अथवा आधुनिक युग के प्रदर्शन मंच हॉलीवुड से बालीवुड



शिक्षित होने का अर्थ, नहीं होने का अनर्थ

गिरिजा नंद झाहम नाहक ही इस बात को ले कर हकलान होते रहे हैं कि यह देश निरक्षरों का देश है। अनपढ़ और गंवारों का देश है। देश को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि यहां के ‘उच्चतम’ शिक्षा प्राप्त नौजवानों में किसी काम के छोटे या बड़े होने में भेद नहीं करते। शिक्षा अपनी जगह और काम अपनी जगह। शिक्षा इंसान को समझ



शिक्षकों का ‘अकाल’ फिर भी शिक्षा का अधिकार

गिरिजा नंद झासबके लिए जरूरी होनी चाहिए शिक्षा। समझने में लगे साठ साल से ज़्यादा का वक़्त। मगर, मुसीबत अब भी अपनी जगह बरकरार। वज़ह, इन साठ सालों में हमने लोगों को पढ़ाया ही कितना कि पढ़ाने वाले को तैयार कर पाते। एक तो सबको शिक्षा मिली नहीं। जिन्हें मिली, उसमें से ज़्यादातर नाम पता लिखने के काबिल मात्



मुहावरा

जिसकी लाठी उसकी भैंस



काम-काज चुस्त, याददाश्त दुरुस्त

अक्सर हम अपना मोबाइल, किताबें, चाभियां या कोई और ज़रूरी चीज़ें भूल जाते हैं, और अफ़सोस करते हैं अपनी खराब याददास्त पर. कितना अच्छा हो यदि थोड़ी सी सावधानी और थोड़े से प्रयास हमारी याददास्त को बेहतर कर दें !एक सादे कागज़ पर अपनी पसंद के कोई भी तीन शब्द लिखें. उनका क्रम एक बार ध्यान से देख लें. अब उस कागज़ क



स्वाइनफ्लू से फीका न हो होली का रंग

मौसम के बदलते रंग और बारिश के साथ ठंड पलटने से स्वाइन का खतरा बढ़ गया है । इस होली अपने करीबियों को गले लगाकर होली की बधाई देने या होली के जश्न के लिए किसी रेन या पूल पार्टी का हिस्सा बनने से पहले एक बार जरूर सोच लें कि कहीं आपका त्यौहारों का यह खुमार आपको स्वाइन फ्लू की चपेट में तो नहीं ला रहा। इस



शब्दों की होली

तेरे संग खेली मैंने , अपने शब्दों की होली , यही बात अब तक मैंने , तुमसे नहीं है बोली ।। कोई रंग न बिखेरा , न गुलाल ही उड़ाया , सुन्दर यह रूप अपना , बस शब्दों से सजाया ।। अपनी कल्पना से सजा दो , अब शब्दों की रंगोली, लाए मंगल और सौभाग्य , सबके जीवन मे ये होली ।।



होली के रंग

अबकी होली, खेलो रंग इतना , अपनों संग मनाओ होली, जी चाहे जितना , छोटी छोटी बातें है , छोटी छोटी खुशियाँ , तुम भी ज़रा हँस लो आज, जब हस्ती है ये दुनिया, न बुरा सोचो किसी का , हर मन हो खुशियाँ समाई , करो कुछ ऐसा , की लगे प्रेम के रंग होली है लाई ।



शब्दनगरी की पहली होली

यह शब्दनगरी की आप सब के साथ पहली होली है । पूरे शब्दनगरी संगठन के लिए ये सौभाग्य और अत्यंत हर्ष का मौका है जब हम और आप, अपने शब्दो के रंगो से इस पावन पर्व पर एक दूसरे पर रंगो की बौछार करेंगे । होली बसंत व प्रेम-प्रणव का पर्व है । रंगो का यह लोकप्रिय पर्व वसंत का संदेशवाहक भी है। फाल्गुन मा



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x