तकदीर की दशा

मेरी तो तकदीर में यही लिखा है,इसी बहाने अपना दोष तकदीर पे मढ़ता है; तुम्हारी तो तकदीर बहुत ही अच्छी है,कह के अपनी तकदीर को कोसता है;चल छोड़ यार मेरी तकदीर में वह नहीं ,कह के दिल को संतोष दिलाता है;मेरी तो तकदीर साथ ही नहीं देती,कह के अपनी तक



सफाई कर्मचारियों के हक और अधिकारों की दास्तां को बयां करती हुई नरेंद्र वाल्मीकि की कविता 'आखिर कब तक'

आखिर कब तकआखिर कब तककरते रहोगे अमानवीय कामढोते रहोगे मलमूत्रमरते रहोगे सीवरों मेंनिकालते रहोगे गंदी नालियाँढोते रहोगे लाशेंआखिर कब तकसहोगे ये जुल्मकब तक रहोगेखामोश ?सुनो सफाईकर्मियों !अब बजा दोबिगुलइन गंद



सत अभिशप्त

धर्म धर्म का उफान उठा है, मानव धर्म कोई ना निभाएं। चील, कव्वे, गिध, गधा, कुत्तों का नाम लेकर एक इंसान दूजे को कोसे, पर खुद के अंदर झांकने का इरादा ना पाए। बेटी पिता को बिठा साइकिल पर मीलों सफर कर, अपने गांव घर ले आए। पढ़ें लिखे लोगों के बीच भूख से व्याकुल हथिनी, खानें के नाम पर धोखा खाएं। कदमों के छ



सफाई कामगार समुदाय को उनके पुशतैनी कार्यो को छोड़ने की अपील करती हुई नरेन्द्र वाल्मीकि की कविता "छोड़ दो"

छोड़ दोआधुनिकता केदौर मेंनित नई-नईखोज हो रही है।कभी मंगल तोकभी चाँदपर बसने की टोह हो रही है।ये सबदेखते हुए भीतुम -नही सीख रहे हो,अभी भीजीवन ज



युवा कवि नरेन्द्र वाल्मीकि की समाज को प्रेरित करने वाली कविता "उजाले की ओर"

उजाले की ओर हमारे पूर्वजहमारा अभिमान है,हमारे पूर्वज इसदेश की मूल संतान हैं,हमारे पूर्वज कभीशासक हुआ करते थेइस देश के।हमारे पूर्वजों कोगुलाम बनाकरकराये गये घृणित कार्यअब समय आ गया हैइन कार्यों को छोड़ने काअपने पूर्वजों के गौरव कोआगे बढ़ान



बुरे लोगों के साथ बुरा क्यों नहीं होता

बुरे लोगों के साथ बुरा क्यों नहीं होता एक साधक ने एक यश प्रश्न किसी आचार्य के आगे रख दिया कि है आचार्य बुरे लोगों के साथ बुरा क्यों नहीं होता उन्हें उनके बुरे कर्मों की सजा क्यों नहीं मिलती अपितु अच्छे लोगों के साथ ही सदैव बुरा क्यों होता है।आचार्य दो मिनट मौन रहने



अपनी सोच , अपना कर्म।

यदि आप सकारात्मक सोचेंगे तो आपके जिवन में भी सकारात्मक होगा। उदाहरण के लिए यदि आप गाडी से कहिंं जा रहे हो और तब अचानक से आपको एक्सिडेंट का ख्याल आता है, यहांं ध्यान देने वाली बात यह है कि आपने स्वयम ही एक्सिडेंट को अपने दिमाग में जगह दी इसलिए एक्सिडेंट होना तय है , इससे बचने के लिए अपने आसपास सकारात



कर्मयोग - कर्म के लिए कर्म

गीता– कर्मयोग अर्थात कर्म के लिए कर्म “गीता जैसा ग्रन्थ किसी को भी केवलमोक्ष की ही ओर कैसे ले जा सकता है ? आख़िर अर्जुन को युद्ध के लिये तैयार करनेवाली वाली गीता केवल मोक्ष की बात कैसे कर सकती है ? वास्तव में मूल गीता निवृत्तिप्रधान नहीं है | वह तो कर्म प्रधान है | गीता चिन्तन उन लोगों के लिये नहीं ह



जानिए भाग्य बड़ा या कर्म

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वैष्णव जन तो ते नर कहिये पीर पराई जान रे ( स्वच्छता अभियान )

वैष्णव जन तो ते नर कहिये पीरपराई जान रे (स्वच्छता अभियान ) डॉ शोभा भारद्वाज महात्मा गाँधी जी की 150 वींजयंती के अवसर पर सूर्या संस्थान नोएडा में आयोजित सर्वधर्म समभाव गोष्ठी के अवसरपर विभिन्न धर्म गुरु के भाव पूर्ण प्रवचनों को सुनने का अवसर मिला | सफाईकर्मचारियों द्वारा तैयार जलपान सबने गृहण किया



ये TV स्टार किड्स जिन्होंने कमाई में कई बॉलीवुड स्टार्स को पीछे छोड़ा , नंबर 3 को देख की कमाई जानकार उड़ जायेंगे होश

टीवी शोज़ मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन है। डेली आने वाले टीवी सीरियल और शोज़ के बिना हम एंटरटेन नहीं हो पाते। ये टीवी सीरियल हमारे डेली रूटीन में शामिल है। हम अपने पसंदीदा टीवी शो देखने के लिए अपने सभी ज़रूरी काम वक़्त पर निपटा लेते हैं। ताकि हमारा कोई भी एपिसोड छूट न जाए। तो



कर्म

कर्म करो तो फल मिलता है आज नहीं तो कल मिलता है जितना गहरा अधिक कुआँ हो उतना मीठा जल मिलता है जीवन के हर कठिन प्रश्न काजीवन से ही हल मिलता है



आओ पितरों को याद करें :---- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि मनुष्य जन्म लेने के बाद तीन प्रकार के ऋणों का ऋणी हो जाता है | ये तीन प्रकार के ऋण मनुष्य को उतारने ही पड़ते हैं जिन्हें देवऋण , ऋषिऋण एवं पितृऋण के नाम से जाना जाता है | सनातन धर्म की यह महानता रही है कि यदि मनुष्य के लिए कोई विधान बनाया है तो उससे निपटने या मुक्ति



कर्म-सन्यास योग

इच्छाएं ना हो तो जीवन ठहर जाएगा, इच्छाएं ही हो तो जीवन ज़हर हो जाएगा. कृष्ण ने कहा कि मैंने मन बनाया है जो इच्छाओं के पीछे भागता है, मैंने बुद्धि दी जो इन इच्छाओं पर नियंत्रण कर सके और शरीर या देह दी है, जो किर्यान्वित कर सके.



यदा यदा ही धर्मस्य

गीता में कृष्ण ने कहा कि हे भारत (अर्जुन) ! जब जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब- तब ही मैं व्यक्त रूप में प्रकट होता हूँ. लेकिन वही गीता में अर्जुन से कहा है कि मैं इस सृष्टि का प्रयोजक हूँ इसलिए कर्मो से नहीं बंधता. कर्म से वो बंधते



ईरान में आया तगड़ा भूकंप

ईरानी शहर कर्ममानह के पास 5.9 तीरवता का भूकंप आया है | तस्नीम समाचार एजेंसी ने रविवार को बताया की इसमें एक की मौत और 58 घायल हो गए है| तस्नीम के मुताबिक यह दुर्घटना, क



कर्म और त्याग

सनातन धर्म में कर्म और धर्म दोनों की ही व्याख्या की गई है , पर तथाकथित हिन्दू इन दोनों ही शब्दों का अर्थ अपनी सुविधा के अनुकूल प्रयोग करते रहे है. सनातन धर्म की सुंदरता इसमें है कि उसमे सभी विचार समा जाते है. यही कारण है कि लोग



दिल दिया है जां भी देंगे - कर्मा

Dil Diya Hai Jaan Bhi Denge lyrics of Karma (1986): This is a lovely song from Karma starring Dilip Kumar, Anil Kapoor, Poonam Dhillon and Sridevi. It is sung by Kavita Krishnamurthy and Dilip Kumar and composed by Laxmikant and Pyarelal.कर्मा (Karma )दिल दिया है जां भी देंगे की लिरिक्स (Lyrics Of



कर्मा (Karma )

'कर्म' 1 9 86 की हिंदी फिल्म है जिसमें दिलीप कुमार, अनिल कपूर, पूनम ढिल्लों, श्रीदेवी, जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, अनुपम खेर, शक्ति कपूर, दारा सिंह रंधवा, टॉम आल्टर, बीना, बिंदू, दान धनोआ, मुकरी, जुगल हंसराज, सतीश कौल, न्यूटन, विजू खोटे, विनोद नागपाल, शशि पुरी, शरत सक्सेना, शम्मी, सीएस दुबे, सुभाष घ



क्यों होता है रेल के अंतिम डिब्बे पर X का निशान, वजह बड़ी ही दिलचस्प

अगर आपने गौर किया हो तो हर ट्रेन के आखिरी डिब्बे पर एक निशान देखा होगा। यह निशान 'x' का है, लेकिन क्या आप जानते है कि यह निशान क्यों होता है और इसका मतलब क्या है? नियमानुसार यह निशान हर ट्रेन की आखरी बोगी पर होना अनिवार्य है।लास्ट बोगी पर बना यह 'X' का निशान पीले रंग और स



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