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महान वैज्ञानिक मैडम क्यूरी

महान वैज्ञानिक मैडम मैरी क्यूरी पार्ट -1 डॉ शोभा भारद्वाज ‘भौतिक एवं रसायन शास्त्री दोनों में नोबल पुरूस्कारप्राप्त करने वाली मैरी स्क्लाडोवका क्यूरी’ आज के छात्रों की रूचि साईंस सब्जेक्ट पढने में कम होगयी हैं वह शार्ट कट में ऐसी पढ़ाई करना चाहते हैं जिसमें बड़ा पे पैके



चलो चले हम हिंदी सीखें

हिंदी पत्रकारिता के दिवस पर हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालती श्री मती मनीषा राम रक्खा की कविता ,इन्होने फिजी वासी ,भारतवंशियों को हिंदी का महत्व समझाने , हिंदी लिखने पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया एवं हिंदी साहित्य के शिक्षण का महत्व पूर्ण कार्य किया आज भी वह हिंदी विकास के लिए निरंतर प्रयत्न शील हैं



मेरी माँ

मेरी माँ डॉ शोभा भारद्वाज मेरी माँ 90 वर्ष पूरे कर चुकी हैं हम भारतीय के लिए हर दिन माँ पिता के सम्मान का दिन है हाँ आज विश्व मदर्स डे है . कुछ समय से मेरी अम्मा के हाथ में हर वक्त गीता रहती हैं गीता की हर टीका वह पढ़ चुकी हैं तुलसी कृत राम चरित्र मानस का सुंदर काण्ड का पाठ रोज करती हैं कहती हैं मैं



तृण धरि ओट कहती वैदेही

तृण धरी ओट कहती वैदेही डॉ शोभा भारद्वाज कोरोना काल में सभी भयभीत हैं ऐसे में संकट मोचन हनुमान ही सहारा हैं .रावण जगा उसने प्रभात के सूर्य को अपनी लाल आँखों से देखा सबसे पहले कैद में रखी गयी सीता का रुख किया उसके पीछे उसकी रानियाँ उंघती हुई आ रही थी , बगल में मन्दोदरी हीरों से जड़ित सोने के पात्र में



भगवती सीता की खोज ,लंका में संकट मोचन हनुमान का प्रवेश

भगवती सीता की खोज , लंका में संकट मोचक हनुमान का प्रवेश डॉ शोभा भारद्वाज विशाल सागर को पार कर श्री हनुमान लंका पहुंचे लेकिन नगर में प्रवेश कैसे करें ?वह एक ऊँचे घने वृक्ष की छाया में घुटनों के बल बैठे थे उन्होंने हाथ जोड़ कर कहा मेरा श्री राम पर अटूट विश्वास है वही मुझे मार्ग दिखलायेंगे .सामने चारो



बल बुद्धि विद्या निधान श्री हनुमान ( हनुमान जयंती के उपलक्ष में )

बल बुद्धि विद्या निधान श्री हनुमान (हनुमान जयंती के उपलक्ष में )डॉ शोभा भारद्वाज ब्रम्हा सृष्टि का निरंतरनिर्माण कर रहे थे सृष्टि निर्माण से लेकर अब तक जीवन कोचलाने वाली वायू प्राणियों के जीवन का आधार है इससे जीवधारी हवा में साँस लेते हैवृक्ष एवं पेड़ पौधे वायु को शुद्ध करते हैं .मंद पवन बह रही थीक



भय प्रगट कृपाला दीन दयाला

भय प्रगट कृपाला दीन दयाला डॉ शोभा भारद्वाज ब्रम्हा के पुत्र महर्षि पुलस्त्य कुल में जन्मा रावण ऋषि विश्वश्रवा एवं उनकी दूसरी पत्नी कैकसी की सन्तान था यह तीन भाई रावण कुम्भकर्ण , विभीषण बहन का नाम स्रूपनखा था चारो ने वन में जाकर कठोर तप किया रावण ने अग्नि कुंड में अपने हाथ से सिर काट कर आहुति दे द



मस्त-मस्त सी मेरी प्रिय

मस्त-मस्त सी आँखें प्रिय, मस्त-मस्त से होंठ प्रिय।मध्यम-मध्यम धड़कन तेरी,नयन कंटीले विशाल प्रिय।पलकें तेरी विजय पताका, और भौंह तेरा अभिमान प्रिय।मस्त-मस्त से कन्दुक कपोल, अति काली घटा से केश प्रिय।हैं अद्भुत तेरे वक्ष हिमालय, और मध्यम-मध्यम स्वास प्रिय।ग्रीवा तेरी शंख



आई एम आल्सो ए डाक्टर

आई एम आल्सो ए डाक्टर डॉ शोभा भारद्वाज न्यूज चैनलों पर कोरोनाकी खबरे सुनना मेरी आदत बन गयी है . सिंगापुर में बेटी का फोन आया माँ पापा अपनाध्यान रखना कोशिश करना घर से बाहर न निकलना पड़े कोरोना में भर्ती मरीज का साथी केवलमोबाईल होता है .चिंता मुम्बई में रहनेवाले बेटे की थी . उच्च पदासीन बेटा वैसे घर



फटी जींस फैशन या बाजारवाद की देन

फटी जींस फैशन या बाजारवाद की देन डॉ शोभा भारद्वाज मेरा लड़का बड़ी पोस्ट पर समझ लीजिये बॉस था रोज फार्मल पहनताथा शुक्र वार को पहनने के लिए इकलोती जींस थी रगड़- रगड़ कर धोने से रंग भी उड़ गयाघिस भी गयी इसके अंडर में काम करने वाली लड़कियों में चर्चा चली सर की जींस बहुतसैक्सी हैं उसके सहायक ने कहा अरे कहा शुक



सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है डॉ शोभा भारद्वाज लाहौर सेंट्रल जेल ,23 मार्च 1931 को भोर ,इंकलाब ज़िंदा बाद के नारों से जेल की दीवारे थर्रा उठी थी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने अपने हाथ जोड़े और अपना प्रिय आज़ादी गीत गाने लगे-कभी वो दिन भी आएगाकि जब आज़ाद हम होंगेंये अपनी ही ज़मीं होगीये अपन



पर्शियन समाज को नौरोज की शुभकामनाएं

पर्शियन समाज को नौरोज की शुभकामनायेंडॉ शोभा भारद्वाज पर्शियन संस्कृति में नव वर्ष (नौरोज) सोलर हिजरी कलंडर के अनुसार बहार (बसंत) का पहला दिन है .21 मार्च को नौरोज ईरान ,टर्की ,सीरिया इराक ,एवं खुर्द समाज में धूमधाम से मनाया जाता है ,पर्व में होली का उल्लास चैत्र मास के नवरात्रों ,बैसाखी एवं ईस्टर



ऊधौ मोहिं ब्रज बिसरत नाहीं संदर्भ, प्रसंग सहित व्याख्या । Udhav Mohi Braj Bisrat Nahi Soordas Ke Padp । Up Board Hindi 10th Syllabus

इस देख को पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें - Udhav Mohi Braj Bisrat Nahi Soordas Ke Pad Explanation



बच्चों को सिखाएं आदर्श

सबसे पहले हम बात करेंगे बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा और संस्कार के बारे में। जैसा कि हम सब जानते ही हैं कि बच्चे का पहला स्कूल उसका घर होता है । वो अपने बड़ों को देखता है और उन्हीं से सीखता है। जो भी परिवार के लोग उसे बताते हैं दुनिया के बारे में वह उसी को सच मानकर चलता है और उसी के आधार पर व्यवहार



विचित्र अहसास

बिचित्र अहसास डॉ शोभा भारद्वाज जीवन में कई बार बेहद रोमांचक घटित होता है . ईरान के खुर्दिस्तान प्रांत की राजधानी सन्नंदाज के आखिरी छोर के अस्पताल में मेरे पति डाक्टर एवं इंचार्ज थे बेहद ख़ूबसूरत घाटी थी .उन दिनों वहाँ ईरान इराक में युद्ध चलता रहता था ,कभी रुक जाता फि



किसान आन्दोलन बनाम महत्वकांक्षा

किसान आन्दोलन बनाम महत्वकांक्षा डॉ शोभा भारद्वाज देश को आजादी मिली लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी राशन में लाल या सफेद गेहूं ( चोकर जैसा ) वह भी लंबी कतारों में लग कर मिलता था यह गेहूं अमेरिका और कनाडा से आता .1962 एवं 1965 में भारत को दो युद्ध पहला चीन के साथ दूस



स्यापा (मातम ) क्या अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता है ?

स्यापा ( मातम ) क्या अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रताहै ? डॉ शोभा भारद्वाज किस्सा पंजाब का है,पहले किसी सम्मानित वृद्ध की मृत्यू होती थी अपना वैभव व दुःख दिखाने के लिएरुदालिया बुलाई जाती इनकी बकायदा मंडलियाँ थीं इनके कई किस्से भी हैं.एक वृद्ध सेठ लालाजी के नाम से मशहूर था की मृत्यू हुई भरापूरा परिवार था ल



इंटरनेशनल मीडिया भारत की छवि खराब करता रहता है

इंटरनेशनल मीडियाभारत की छवि खराब करता रहता हैं डॉ शोभा भारद्वाज मेरी बेटी, अमेरिका की बेस्ट यूनिवर्सिटी मेंपढ़ी सिंगापूर में उच्च पदाधकारी ,मोटे –मोटे आंसू बहाती हुई सुबक रही थी . उसने सिंगापुर टाईम्स , गार्जियन, न्यूयार्कटाइम्स ,वाशिंगटन पोस्ट पढ़ी ,बीबीसी मेंखबरे देखीं घबरा गयी हमसे प्रार्थना कर



नाम के पहले अक्षर से जानिए कैसे हैं आप...

राज खोल देता है आपके नाम का पहला अक्षरअंक ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति के नाम के पहले अक्षर से संपूर्ण व्यक्तित्व का खुलासा किया जा सकता है। आपके नाम का पहला अक्षर आपके व्यक्तित्व के कई राज़ उजागर करता है. यह आपके स्वभाव, चरित्र, पसंद-नापसंद, हाव-भाव आदि के बारे में बताता है।अंक ज्योतिष के अनुसार



सुख समृधि के लिए करें नमक का ये गुप्त उपाय

नमक सिर्फ खाने को स्वादिष्ट ही नहीं बनाता बल्कि नमक में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने की भी अद्भुत शक्ति होती है। वास्तु शास्त्र की मानें तो नमक में बुरी शक्तियों को दूर करने की बहुत शक्ति होती है। विस्तार से पढें



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