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व्‍यवस्‍था में नम्‍बर पावर गेम की एंट्री

व्‍यवस्‍था में नम्‍बर पावर गेम की एंट्री नम्‍बरगेम और पावर गेम के चलते प्राय: देशों की लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था पर अब सवाल उठनेलगे हैं:पढे लिखे च विद्वान ज्ञानी लोगो को किनारे कर अब सिर्फ नम्‍बर व पावर गेमपर ध्‍यान दिया जा रहा है:अगर संवैधानिक व्‍यवस्‍था में इसे सुधार किया जाये तोबहुत हद तक लोकतात्रिक



- कसिक जानु छोड़ के पहाड़ -

<!--[if !supportLists]-->- <!--[endif]-->कसिक जानु छोड़ के पहाड़ - एकलि पराणी बसि इन डानों मेंजा, फिर एगो पूष को यो जाड़ , ओ ओ कसी जानु छोड़ के पहाड़, -नानतिन न्हेगि छोड़ बेर घरा, गोरू- बाछि बेचि , छाती ढुंग धरा, पाथर की धुरी, चाक में छौ खावा , देवतोंक थाना लागि रई जावा,खेतीबाड़



कांग्रेस में सब ठीक नहीं, क्या‍ सोनिया कांग्रेस को बचा पायेंगी?

वरिष्‍ठो के आक्रोश ने पार्टी में सोच पैदा कीएक साल से ददक रही चिंगारी अब आग का रूप लेने लगीक्‍या आपस में लडकर पार्टी दो फाड होगी?क्‍या देश से कांग्रेस का अस्तित्‍व मिटाने का सपना साकार होने वाला है? “सोनिया जी, पार्टी को महज इतिहास का हिस्सा बनकर रह जाने से बचा लें: परिव



एक दिया वीर सैनिकों के नाम

एक दिया वीर सैनिकों के नाम डॉ शोभा भारद्वाजदीपावली से एक दिन पहले बार्डर पर आतंकियों को भारत की सरहद के अंदर भेजने उनके द्वारा कश्मीर की धरती को रक्त रंजित करने के लिए निरंतर गोले एवं मोर्टार दागे गये हमारे इस गोलाबारी में भारतीय सेना के चार जवान और बीएसएफ के एक एसआई शहीद हो गए. सेना के कुल पांच जवा



सब्‍जी का आधार मूल्‍य तय करने की होड !

सब्‍जी का आधार मूल्य तय करने की होड !केरल में सब्‍जीउत्‍पादन बढकर चौदह दशमलव बहत्‍तर लाख टन हो गया है: यह वह राज्‍य है जहां प्राय: हरघर के आंगन में किसी न किसी सब्‍जीफल फूल की खेती होती हैं: मसालों की खेती भी वे घरों में करते हैं अब केरल के मुख्‍यमंत्रीपी विजयन ने इस



भगवान

होड़ लगी है भगवान तेरे दर पर सीष झुकाने की माँ बाप से लड़कर ही सही जल्दी है तेरे दर पर आने की होड़ लगी है भगवन..... भूके को एक रोटी न दे पर जल्दी है तेरा भोग लगाने की होड़ लगी है भगवन ........ प्यासे को पानी न दे पर जल्दी



माँ कात्यायनी वन्दना

हरिगीतिका छन्द,2212 2212 2, 212 2212हे! मात! नत मस्तक नमन नित,वन्दना कात्यायनी।अवसाद सारे नष्ट कर हे, मात! मोक्ष प्रदायनी।हे! सौम्य रूपा चन्द्र वदनी, रक्त पट माँ धरिणी।हे! शक्तिशाली नंदिनी माँ, सिंह प्रिय नित वाहिनी।माथे मुकुट है स्वर्ण का शुभ, पुष्प कर में धारिणी।हे! मात!नत मस्तक नमन नित,वन्दना कात



युवा

जल रही हो जिसमें लौ आत्मज्ञान की समझ हो जिसको स्वाभिमान की हृदय में हो जिसके करुणा व प्रेम भरा बाधाओं व संघर्षों से जो नहीं कभी डरा अपनी संस्कृति की हो जिसको पहचान भेदभाव से विमुख करे सबका सम्मान स्वदेश से करे जो प्रेम अपरम्पार जानता हो चलाना कलम व तलवार राष्ट्र निर्माण में जो सदैव बने अगुवा वास्तव



प्रेम परिधि

बिंदु और रेखा में परस्पर आकर्षण हुआ तत्पश्चात् आकर्षण प्रेम में परिणत धीरे-धीरे रेखा की लंबाई बढ़ती गई और वह वृत्त में रूपांतरित हो गयी उसने अपनी परिधि में बिंदु को घेर लिया अब वह बिंदु उस वृत्त को ही संपूर्ण संसार समझने लगा क्योंकि उसकी दृष्टि प्रेम परिधि से परे देख पाने में असमर्थ हो गई थी कुछ समय



आलिंगन

पृथक् थी प्रकृति हमारी भिन्न था एक-दूसरे से श्रम ईंट के जैसी सख़्त थी वो और मैं था सीमेंट-सा नरम भूख थी उसको केवल भावों की मैं था जन्मों-से प्रेम का प्यासा जगत् बोले जाति-धर्म की बोली हम समझते थे प्यार की भाषा प्रेम अपार था हम दोनों में मगर ना जाने क्यों नहीं होता था हमारा मिलन पड़ा प्रेम का जल ज्यों



पास और दूर

वो जब मेरे पास थी थी मेरी ज़िंदगी रुकी हुई अब वो मुझसे दूर है ज़िंदगी फिर से चल पड़ी जब था उसके पास मैं मैं नहीं था कहीं भी मुझमें अब केवल मैं ही मैं हूँ वो कहीं नहीं है मुझमें जब थी मेरे पास वो था उसे खोने का डर खोकर उसको हो गया अब हर डर से बेख़बर ✍️आलोक कौशिक



‘‘न्यूटन के गति‘‘ का नियम क्या ‘‘अपराधिक राजनीति पर भी लागू होता है?

‘‘न्यूटन‘‘ क्या भारतीय राजनीति को ‘‘न्यूट्रल‘‘ कर देगें?मैं विज्ञान का छात्र रहा हूं। बचपन में मैंने पढ़ा है कि ‘‘न्यूटन के गति‘‘ के तीसरे नियम के अनुसार ‘‘हर क्रिया के बराबर (समान) और विपरीत प्रतिक्रिया होती है‘‘। प्रसिध्द वैज्ञानिक ‘‘न्यूटन‘‘ ने अपनी पुस्तक ‘‘प्रिंसीपिया मैथमैटिका‘‘ (वर्ष 1687) के



तुम्हारी याद

कवितातुम्हारी याद तुम यादों से विस्मृत हो जाओ सम्भव नहीं है ये ,तुम पटल से उतर जाओ स्वीकृत नहीं है ये । न करो याद तुमफ़र्क पड़ता है क्या ?न करो विश्वास तुमसमय रुकता है क्या ?श्वास तो चलते हैंहृदय भी धड़कता है दोनों ही के स्पंदन मेंध्वनि हो या प्रतिध्वनि तुमसे ही होकर आती



जंगली जानवरों पर करंट कनेक्‍शन !

जंगली जानवरों पर करंट कनेक्‍शन !छत्‍तीसगढ के जंगलों में अवैध शिकार, लकड़ी की कटाई और अवैध परिवहन अब एक समस्‍या बनती जा रही है: हालाकि सरकार की तरफ से इस पर लगाम लगाने सहित कई उपाय भी किये जा रहे हैं किन्‍तु लगता है यह पर्याप्‍त्‍ नहीं है:हाल के दिनों में जो घटनाएं सामने आई है वह यह निष्‍कर्ष निकालता



आराध्य पिता जी

यह कविता मेरे आराध्य पिता जी को समर्पित:-देखो दिवाली फिर से कुछ, यादें लाने वाली है।पर तेरी यादों से पापा, लगती खाली-खाली है।।याद आता है पापा मुझ को साथ में दीप जलाना।कैसे भूलूँ पापा मैं वो, फुलझड़ियां साथ छुटाना।।दीपावली में पापा आप, पटाखे खूब लाते थे।सबको देते बांट पिता जी, हम सब खूब दगाते थे।।तेरे



नौकरी का भूत

[12/09/2020 ]*नौकरी का भूत* (व्यंग्य-कविता)पढ़ लिख के मैं बड़ा हुआ जब, ये मन में मैने ठाना ।जिन सब का था कर्ज पिता पर, वो मुझको जल्द चुकाना ।नौकरी की आस को लेकर, निकला घर से मतवाला ।सफल सफर करके भैया मैं, पहुच गया हूँ अम्बाला।***दो महिनें तक करी नौकरी , मन को थी कुछ ना भायी ।पता चला कुछ भर्ती निकली



सफर यादों का

तेरा धरती से यूँ जाना, मेरा धरती में रह जाना ।अखरता है मुझे हर पल, तेरा मुझसे बिछुड़ जाना ।मेरी साँसों में तेरा नाम, मेरी धड़कन में तेरा नाम ।मेरे ख्वाबों में तू ही तू,



कान की व्यथा कान की जुबानी

कान की व्यथा कान की जुबानी इस दुनिया में कोई पूर्ण नहीं है… सभी अपूर्ण हैं। कोई सुखी नहीं है सभी दुखी हैं। जिसके पास सबकुछ है फिर भी वो उसका भोग आनन्द पूर्वक न करके जो नहीं है या जो अप्राप्य है उसके लिए दुखी है। सभी के मन में कोई न कोई व्यथा है जिसने आहत कर रखा है। औरों की बात तो छोड़ो एक दिन कान बेच



गरीब और असहाय लोगो की डोर किसके हाथ में?

गरीब औरअसहाय लोगो की डोर किसके हाथ में?यूपी केहाथरस रेप कांड ने पिछले दो चार दिनो में देश के आम लोगो को अपने बोर में सोचने व समझने का मौका दिया कि वे‍ किस तरहकतिपय लोगों की कठपुती बने समाज में जी रहे हैं: यह भी लगभग साफ हो गया कि उनकेऊपर किन लोगों की मर्जी चलती है: मीडिया को भी यह समझने का मौका मिल



एक और हैवानियत….अंघेरी रात में पुलिस ने जलाई चिता?

एक और हैवानियत….अंघेरी रात में पुलिस ने जलाई चिता?हृाथरस में इंसानों के बीच मौजूद राक्षसो ने फिर अपना असली रूप दिखाया और हम एक बार फिर वही डायलाग दोहरा रहे हैं जो इससे पहले मानवता को शर्मसार करने की अन्‍य घटनाओं के समय हुआ: कडी सजा देगे



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