नादानी

आज का सुवचन



अब पीएम के 'कार्यों और बयानों' का आंकलन होना ही चाहिए!

2014 के लोकसभा चुनाव में भारत की जनता ने भारी बहुमत से गुजरात के मुख्यमंत्री को भारत के प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बिठाया. शुरू के कुछ सालों में जनता और कई विश्लेषक पीएम के कार्यों का मिला-जुला आंकलन करते रहे, तो कइयों ने उन्हें 'हनीमून पीरियड' के रूप में 'सख्त विश्लेषण' से छूट भी दी. पर अब लगभग ढ़ाई



मन्त्र में विघ्‍न दूर करने की शक्ति होती है!

आप यह जान लें कि मन्त्र में विघ्‍न दूर करने की शक्ति होती है। भौतिक विज्ञान के जानकार कहते हैं कि ध्वनि कुछ नहीं है मात्र विद्युत के रूपान्तरण के। जबकि अध्यात्म शास्त्री कहते हैं कि



प्रभाव

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चर्चा

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सबसे बड़ी भूल

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दिवालिया

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भक्ति

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जिन्दगी एक जुआ हैं

जिन्दगी एक जुआ की तरह हैं ,जिसमे ताश के पत्तों की तरह जीवन की खुशियाँ बखर जाती हैं .जब तक जीवन में सुखों का अंबार लगा रहता हैं तब तक हमें उन लम्हों अ आभास ही नहीं होता हैं जो हमारी हंसती ,मुस्कराती ,रंग - बिरंगी दुनियां में घुसपैठ कर बैठती हैं और जीवन की खुशनुमा लम्हों की लड़ीबिखर कर ,छितर कर गम हो ज



दीर्घायु

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जीवन एक मौसम की तरह होता हैं

ईन्सानी जिन्दगी को कुदरत ने अपने नियमों से उसके पूरे स्प्फ्र को मौसमों की तरह बाँट रखा हैं .क्योकि जिन्दगी एक मौसम की तरह होता हैं .कब उसके जीवन में बसंत भार कर दे की मनुष्य सब विपदाओं से मिले दुखित नासूर को भूलकर एक रंग - बिरंगी सपनों की दुनियां की मल्लिका बना दे .और कब यह हरा - भरा जीवन सुखी जीवन



अनोखा प्यार ई बुक के रूप में उपलब्ध

यह उपन्‍यास अनोखा प्‍यार एक सुन्‍दर लड़की और बदसूरत लड़के बादल की अनोखी प्रेम कहानी है। इस अनोखी प्रेम कहानी के लिए मैं क्‍या कहूं नायिका वसुन्‍धरा के शब्‍दों को ही यहां अंकित कर रहा हूं-'आज मुझे यह कटु अनुभव हुआ कि किसी को भी न तो अपने से अधिक सुन्दरता और न ही अधिक कुरूपता की ओर आकर्षित होना चाहिए।



सरल जीवन

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अहंकार

अहंकार व्यक्ति को पतित करता है इसीलिए अंकारी का सिर सदैव नीचा होता है। अहंकारी दूसरों की सुनता नहीं है इसलिए सत्य सदैव उससे छिप रहता है। घट-घट में ईश्वर व्याप्त है जो यह समझता है उसे सबमें ईश्वर के दर्शन होते हैं  और उससे अहंकार कोसों दूर हो जाता है, ऐसे में वह कुकर्म भी नहीं करता है। तब सहज, सरल व 



महान

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जीवन त्योहारों जैसा होता हैं

मौसमों की तरह बदलते जीवन में आपदाओं विपदाओं का आवागमन होता रहता हैं .फिर भी हम जीवन को त्यौहारों ,उत्सवों,पर्वो की तरह जीते हैं .जीवन त्यौहारों जैसा हैं,जिसे हम हंसी ख़ुशी हर हाल में मनाते हैं .जीवन में होली के रंगों की तरह रंग - बिरंगी सुख दुःख के किस्से होते हैं -. कभी नीला रंग खुशियों की दवा देता



सेल्फी - खुद को देखने का नया तरीका

पुराने जमाने में राजा राजवाडे  किसी चित्रकार    से अपनी तस्वीरें  बनवाया करते थे l फिर  कैमरे आए , तस्वीरें  चित्रकार की जगह कैमरे  बनाने लगी, तब भी कोई अगर आपकी फोटो खींचता था ,तब जाकर आपको आपकी तस्वीर  मिल पाती थी । पर अब जमाना बदल चुका है । आज इस 21वी सदी में  जहाँ इंसान को हर तरह की आज़ादी देने क



जीवनएक अमूल्य धरोहर हैं

 जिंदगी तमाम अजब - अनूठे कारनामों से भरी हैं .ईन्सान अपनी तमाम भरपूर कोशिशों के बाबजूद भी उस पर सवार होकर अपनी मनमर्जी से जिन्दगीं नहीं जी पाता .वह अपनी ईच्छानुसार मोडकर उस पर सवारी नहीं कर सकता .क्योकि जिन्दगीं कुदरत का एक घोडा हैं अर्थात जिन्दगीं की लगाम कुदरत के हाथों में हैं जिस पर उसके सिवाय कि



तुलना

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तराजू सम जीवन

म्हारा जीवन तराजू समान हैं जिसमें सुख और दुःख रूपी दो पल्लें हैं और डंडी जीवन को बोझ उठाने वाली सीमा पट्टी हें .काँटा जीवन चक्र के घटने वाले समयों का हिजाफा देता हैं .सुख दुःख के किसी भी पल्ले का बोझ कम या अधिक होनें पर कांटा डगमगाने लगता हैं सुख दुःख रूपी पल्लों की जुडी लारियां उसके किय कर्मो की सू



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