.... जरा याद करो कुर्बानी

🔴 संजय चाणक्य '' ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानी !!जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी !!''जश्न-ए-आजादी की 70 वी वर्षगाठ़ पर अपने प्राणों की आहुति देकर मां भारती को मुक्त कराकर इबादत लिखने वाले अमर शहीदों को सलाम! इन योद्वाओं को जन्म देने वाली जगत जनन



आज़ादी के नारे और मुद्दों की बिरयानी।

एक स्वतत्र संप्रभुता सपन्न राष्ट्र में जब लोगनारे लगाते हैं, “हमें चाहिये आज़ादी।” तो बड़ी विडम्बना सी लगती है। साथ ही कुछ आशंकाएजन्म लेती है। आजकल नागरिकता संशोधन बिल का कुछ लोग विरोध कररहे हैं। विरोध किसी भी मुद्दे पर हो कुछ लोगों का प्रिय नारा आज़ादी का नारा है। यहनारा एक विद्रोह के नारे जैसा लगता ह



अद्भुत है तिरुपति बालाजी का इतिहास | Tirupati Balaji History

भारत में बहुत सारे ऐतिहासिक मंदिर हैं जिनकी अपनी अलग ही कहानी है। इन्हीं मंदिरों में एक हैं तिरुपति बालाजी है जिसकी मान्यता कुछ ऐसी है, जहां जाने से लोगों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला की



क्या है जीएसटी और इसके फायदे? | What is GST in Hindi

TAX को लेकर हर साल देश में कोई ना कोई बदलाव आता ही रहता है। कभी कोई सरकार अपने फायदे के लिए टैक्स बदलती है तो कभी कोई सरकार लेकिन इन सबमें आम आदमी पिस कर रह जाता है। आप कोई भी चीज खरीदते हैं जैसे Books, Biscuits, TV, Fan या पानी की बोतल और कुछ भी सर्विसेसज जैसे होटल र



सद्गुरु जग्गी वासुदेव के 25 आध्यात्मिक विचार | Sadhguru Jaggi Vasudev Quotes in Hindi

इंसान अपनी जिंदगी में बहुत सी चीजों को लेकर परेशान रहता है और अगर उसे कोई अच्छे से समझा दे तो उसे एक दिलासा मिल जाता है। ऐसे कई आध्यात्मिक गुरू हैं जो जिंदगी के बारे में बहुत सारी अच्छी बातें बताते हैं, उनमें से एक हैं सद्गुरु जग्गी वासुदेव (Sadhguru Jaggi Vasudev) जी



कुछ अपने दर्द की भी कहानी लिखा करो

कुछ अपने दर्द की भी कहानी लिखा करो , यू ना ज़िन्दगी को त्याग का श्रंगार बनाया करो । तस्वीर न बदलती फैम बदलने से ,खुद को उम्मीदो पर खड़ा होकर तो देखो । दो पल की ये ज़िन्दगानी ,हँसते हँसते जी कर तो देखो । यू तो आँखे आशब्दिक तौर पर सबकुछ बयां कर देती,खुद को खुद की प्रेर



Sketches from Life: आराम बड़ी चीज़ है

रिटायर होने के बाद गोयल साब बड़े रिलैक्स महसूस कर रहे हैं. साढ़े तीन बरस बड़े से बैंक की रीजनल मैनेजरी करी थी कोई मज़ाक नहीं था. अब जा के शान्ति मिली ज़रा सी. बीयर की चुस्की लेते हुए मुस्करा दिए. अब ना तो किसी की ट्रान्सफर की सिफारिश का लफड़ा, ना लोन देना है, ना हेड ऑफिस को जवा



कौन था करिश्माई विद्रोही बिरसा मुंडा? | Birsa Munda Biography Hindi

Birsa Munda एक ऐसा नाम जो भारत के आदिवासी स्वसंत्रता सेनानी के रूप में जाना जाता है। वे एक लोकनायक थे जिनकी ख्याती अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में काफी लोकप्रिय हुए थे। उनके द्वारा चलाए जाने वाले सहस्त्राब्दवादी आंदोलन ने बिहार और झारखंड में लोगों पर खूब प्र



भारतीय बेटियों के लिए चल रही हैं 5 मुख्य सरकारी योजनाएं, पूरी जानकारी के बाद ही उठाएं लाभ

भारत में लड़कियों को देवी मां का स्वरूप कहा जाता है और यहां पर साल में दो बार 9-9 दिन इन लड़कियों की खूब अराधना की जाती है। मगर जहां एक ओर बेटियों की पूजा होती है वहीं दूसरी ओर लोग उन्हें हमेशा गलत निगाहों से ही देखते हैं। बेटी के जन्म पर ही माता-पिता को उनकी शादी से जुड़ी चिंताएं होने लगती हैं क्यो



आतंकवाद क्या हैं?

आतंकवाद एक ऐसा तत्व है जो जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित कर रहा हैं। आधुनिक समय मे आतंकवाद एक राजनीतिक मुद्दे के साथ-साथ एक कानूनी व सैनिक मुद्दा भी बन गया है। यह देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी हैं, किन्तु यह है क्या? आतंकवाद को परिभाषित नहीं किया जा स



दुनिया के सबसे ताकतवर सेनापति नेपोलियन के अनमोल विचार

दुनिया के महान सेनापतियों में एक नेपोलियन बोनापार्ट का नाम भी आता है। जिन्होंने फ्रांसीसी क्रांतिकरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्होंने कुशलता, बुद्धिमता और कूटनातिज्ञ के चलते यूरोप का नक्शा बदल कर रख दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने अनपी विवेकशीलता के चलते फ्रांस की जर्जर सेना को आधुनिक और शक्ति



क्यों मनाते हैं Indian Army Day? जानिए भारतीय सेना से जुड़ी 15 महत्वपूर्णं बातें

भारतीय आर्मी का नाम सुनते ही हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है, ऐसा इसलिए क्योंकि सेना के जवान देश की रक्षा करने के लिए अपनी जान की परवाह भी नहीं करते हैं। इस साल देश अपना 18वां सेना दिवस यानी Indian Army Day 2020 मना रहा है और इस खास अवसर पर सैन्य परेडों, सैन्य प्रदर्शनियों व दूसरे कई कार्



उत्तरायण उत्सव (मकर संक्रांति)

यह सत्य है कि मनुष्य के जीवन की दिशा और दशा में परिस्थितियों का बहुत बड़ा योगदान होता है। लेकिन खुशियों का संबंध मनुष्य की प्रकृति और उसके दृष्टिकोण से होता है। जीवन प्रतिपल परिवर्तित होता है। प्रत्येक दिन नवीन चीजें घटित होती हैं। नवीनता का बोध होना आवश्यक है। उससे भ



Mahatma Gandhi:'बापू' की पुण्यतिथि के दिन क्यों मनाया जाता है 'बलिदान दिवस'?

17वीं शताब्दी के अंत में अंग्रेज व्यापार करने के बहाने भारत में घुसे और पूरे देश पर धीरे-धीरे कब्जा कर लिया। ब्रिटिश सरकार की हुकुमत पूरे देश पर चलने लगी और इन्होंने कुछ साल नहीं बल्कि 200 साल से ज्यादा भारत को गुलाम बनाकर रखा। भारत की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गई थी और इस दौरान कुछ क्रांतिकारी लोग



Republic Day 2020: क्या है इस 71वें गणतंत्र दिवस पर सबसे खास? जानिए इस दिन से जुड़ा इतिहास

भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां की लगभग 130 करोड़ की जनता को भारत का कानून मानना होता है। अगर किसी को किसी कानून या किसी बात से परेशानी हैं तो वे इसका विरोध कर सकते हैं। देश ने 15 अगस्त, 1947 को अंग्रेजों से आजादी हासिल की थी और 26 जनवरी, 1950 को भारत का कानून लागू



आभार शब्दनगरी

आज का दिन एक बार फिर बीती यादों की ओर लिए जा रहा है ।आज ही के तीन साल पहले शब्दनगरी पर टििप्पणी के लिए बनाये गए अकाउंट ने मेरी जिंदगी बदल दी थी। उन सभी पाठकों और सहयोगियों की ऋणी रहूँगी, जिन्होंने मेरी इस शानदार रचना यात्रा में मुझे अतुलनीय सहयोग दिया। आभार...आभार



विवेकानंद के बहाने

विवेकानन्द के बहानेविजय कुमार तिवारीस्वामी विवेकानन्द जी ने उद्घोष किया था,"उठो,जागो और तब तक नहीं रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये।"भारत के उन्हीं महान सपूत की आज जन्म-जयन्ती है।बहुत श्रद्धा पूर्वक याद करते हुए मैं उन्हें नमन करता हूँ।आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है और उनके चरणो में श्रद्धा-सुमन



ईशावास्योपनिषद के आलोक में

ईशावास्योपनिषद के आलोक मेंविजय कुमार तिवारीवेदान्त कहे जाने वाले उपनिषदों ने भारतीय जनमानस को बहुत प्रभावित किया है और हमारी चेतना जागृत की है।आज हमारे युवा पथ-भ्रमित और विध्वंसक हो रहे हैं,उन्हें अपने धर्म-ग्रन्थों विशेष रुप से वेदान्त के रुप में जाना जाने वाले उपनिषदों को पढ़ना और उनका अनुशीलन करन



खबरों से कहां गायब हो गया विकास ?

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ऐतरेय ब्राह्मण का व्याख्यान क्यों?

ब्राह्मण ग्रंथ ही वेद के सर्वाधिक निकट तथा उसे समझने के आधार ग्रंथ है।ऐतरेय ब्राह्मण सभी ब्राह्मण ग्रंथों में पुराना व जटिल ग्रंथ है।ब्राह्मण ग्रंथों के मिथ्या अर्थों के कारण संसार में पशुबलि नरबलि मांसाहार नशा आदि पापों का उदय हुआ और इन पापों के लिए वेदादि शास्त्रों



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