माँ

वरदान हैं, माँ का दुध शिशु के लिए-Wardaan Hai Maa Ka Dudh Shishu Ke Liye

वरदान समान हैं, माँ का दुध नवजात शिशु के लिएशिशु के जन्मम के पश्चात स्तननपान एक स्वारभाविक क्रिया है। स्तननपान के बारे में सही ज्ञान के अभाव के कारण बच्चों में कुपोषण एवं संक्रमण जैसे रोग हो जाते है। स्तनपान की प्रक्रिया शिशु के लिए संरक्षण और संवर्धन का काम करता है।



माँ , बेटा और प्रश्न

माँ से फिर पूछता नन्हा "क्या हुआ फिर उसके बाद?""निरुत्तर माता, कुछ पल को चुप होती,मुस्कुराकुर फिर, नन्हे को गोद में भर लेती,चूमती, सहलाती, बातों से बहलाती,माँ से फिर पूछता नन्हा "क्या हुआ फिर उसके बाद? माँ, विह्वल सी हो उठती जज्बातों से,माँ का मन, कहाँ ऊबता नन्हे की बातों से?हँसती, फिर गढ़ती इक नई



खूनी कफ़न

न वर्दी, न तिरंगा, यह तो खूनी कफ़न हैं ।वर्दी मे हसता खिलखिलाता मेरा सपूत दिखता हैं वह चेहरा मेरी आंखो मे चमकता हैं। उसकी बाजुओ मे लटकती बंदूक खिलौना लगती हैं। वह उस खिलौने से न खेल सका। वह उस पल को न समझ सका न खेल सका, अपनी पत्नी, माँ, बच्चों को छोड़ गया, रोने की किलकारी सब मे, लिपटे कफ़न तिरंगे मे



दूसरा तो दूसरा ही होता है

।। दूसरा तो दूसरा ही होता है।। संबंध तो वही है;जिसमें तोड़ने का विकल्प होता ही नहीं। रिश्ता तो वही है; जिसमें छोड़ने का विकल्प होता ही नहीं।।चलो बात करें, चलो कुछ बात करें;एकदम ही निजी रिश्ते की;एकदम ही अंतरंग रिश्ते की;एकदम ही पूरे पूरे व्यक्तिगत संबंध कीचलो बात करें, चलो कुछ बात करें।।( दूसरा से य



माँ

पहला शब्द पहला टीचर पहला स्कूल मेरी माँ . पहला संश पहला दोस्त पहला प्यार मेरी माँ सुपर माँ है मेरी माँ



घर या दुकान (कार्यस्थल) पर वास्तु अनुसार यहाँ मन्दिर होने से होती हैं माँ लक्ष्य प्रसन्न, होती है धन की बरसात, बनते हैं बिगड़े काम.....

यह सच है कि ईश्‍वर सर्वव्यापी हैं और वे हमेशा सबका कल्याण ही करेंगे, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि दिशाओं के स्वामी भी देवता ही हैं। अत: आवश्यक है कि पूजा स्थल बनवाते समय भी वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान रखा जाए।वास्तु विज्ञान के अनुसार देवी-देवताओं की कृपा घर पर बनी रहे, इसके लिए पूजाघर वास्तुदोष से



मन का भंवर

मन का भंवर अकस्मात मीनू के जीवन में कैसी दुविधा आन पड़ी????जीवन में अजीव सा सन्नाटा छा गया.मीनू ने जेठ-जिठानी के कहने पर ही उनकी झोली में खुशिया डालने के लिए कदम उठाया था.लेकिन .....पहले से इस तरह का अंदेशा भी होता तो शायद .......चंद दिनों पूर्व जिन खावों में डूबी हुई थी,वो आज दिवास्वप्न सा ल



भगवान शिव की कथाओं का अनसुना पहलु, दो नहीं बल्कि 6 पुत्रों के पिता थे शिव

आपने भगवान विष्णु के पुत्रों के नाम पढ़े होंगे। नहीं पढ़ें तो अब पढ़ लें- आनंद, कर्दम, श्रीद और चिक्लीत। विष्णु ने ब्रह्मा के पुत्र भृगु की पुत्री लक्ष्मी से विवाह किया था। शिव ने ब्रह्मा के पुत्र दक्ष की कन्या सती से विवाह किया था, लेकिन सती तो दक्ष के यज्ञ की आग में कूदकर भस्म हो गई थी। उनका तो को



नदी तुम माँ क्यों हो...?

नदी तुम माँ क्यों हो...?सभ्यता की वाहक क्यों हो...?आज ज़ार-ज़ार रोती क्यों हो...? बात पुराने ज़माने की है जब गूगल जीपीएसस्मार्ट फोन कृत्रिम उपग्रह पृथ्वी के नक़्शे दिशासूचक यंत्र आदि नहीं थे एक आदमीअपने झुण्ड से जंगल की भूलभुलैया-सी पगडं



माँ

ये कविता एक माँ के प्रति श्रद्धांजलि है। इस कविता में एक माँ के आत्मा की यात्रा स्वर्गलोक से ईह्लोक पे गर्भ धारण , बच्ची , तरुणी , युवती , माँ , सास , दादी के रूप में क्रमिक विकास और फिर देहांत और देहोपरांत तक दिखाई गई है। अंत में कवि माँ क



बादल ने पूछा धरती से

बादल ने पूछा धरती से तुंम इतनी सहनशील कैसे रहती होमें बदली बरसा दूँ तो तुममिटटी की सुगंध बिखेर देती होझूम झूम कर बरसूं तो जल समेट लेती होबरसा दूँ ओले तो दर्द सहकर भी कुछ नही कहती होधरती मुस्काई, बोली तुंम भी पिता की तरहबच्चों के



माँ का दर्द

काश चिड़िया चहचहाती, मेरे आँगन मेंज़िन्दगी फिर मुस्कुराती,मेरे आँगन में ब्याह दी बिटिया सयानी, रच गई घर-बार मेबेटे की वो ही कहानी, हैं बहू के प्यार मेझान्झने कब झन झनझनाती, मेरे आँगन में अख़बार के प़न्ने पलटते, दिन मे वो, सौं स



बच्ची के साथ ड्यूटी करती महिला सिपाही की तस्वीर वायरल, खुश होकर डीजीपी ने किया ट्रांसफर

झांसी में एक महिला सिपाही के छह माह की बच्ची के साथ लगातार ड्यूटी करने का फल मिल गया। काम के प्रति उसके समर्पण को देखते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने इस महिला सिपाही को उसके घर आगरा के पास पोस्टिंग देना का आश्वासन दिया। अब सिपाही अर्चना को उसके गृह जनपद आगरा के करीब तैनाती मिलेग



चपैय्या छंद, हे माँ जग जननी, तुम्हरी अवनी, नाम रूप जगदंबा। शक्ति पीठ बावन, अतिशय पावन, नमन करूँ माँ अंबा।।

जय नव दुर्गा ^^ जय - जय माँ आदि शक्ति - छंद, शिल्प विधान, 10, 8, 12 मात्रा पर यति, प्रथम दो यति पर सम तुकांत, व प्रथम द्वितीय चरण का सम तुकांत....... ॐ जय माँ शारदा.......!शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ जगत जननी नवदुर्गा के 51 शक्तिपीठ को नमन करते हुए आप सभी को हार्दिक बधाई, ॐ जय माता दी!"चवपैय



दुर्गा पूजा पर निबंध हिंदी में

दुर्गा पूजा के महत्त्व पर निबंध हिंदी में-Essay on Durga Pooja.दुर्गा पूजा पर निबंध: हम भारत देश में रहते है यहाँ विभिन्न धर्मो के लोग आपस में भाईचारे के साथ रहते है जैसे- हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई| और अलग अलग धर्मो को मानते है| दुर्गा



कश्मीर में सौतेली मां के कहने पर बच्ची से गैंगरेप, आंखें निकालीं

जम्मू-कश्मीर में 9 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या की खौफनाक घटना सामने आई है. सौतेली मां और सौतेला भाई सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. 23 अगस्त से ही लड़की गायब थी. उरी के रहने वाली लड़की के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज भी कराई थी. 2 सितंबर तो लड़की की डिकम्पोज्ड बॉडी बारामूला के पास



World Breastfeeding Week 2018: पार्लियामेंट हाउस हो या रैम्प, जब ब्रेस्टफीडिंग करती माओं की ये तस्वीरें हुईं Viral

ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding) को बढ़ावा देने के लिए हर साल 1 से 7 अगस्त के बीच ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाया जाता है. इस साल ब्रेस्टफीडिंग वीक की थीम है "Breastfeeding: Foundation for Life". वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक नवजात बच्चे के शुरुआती 6 महीने सिर्फ उन्हें मां का



“कुंडलिया”ममता माँ की पावनी छाया पिता दुलार।

“कुंडलिया”ममता माँ की पावनी छाया पिता दुलार। वंश बेल सम्यक प्रकृति चर्चित बालक प्यार॥ चर्चित बालक प्यार रार कब करते तरुवर। शिशु से है संसार स्नेह का सागर प्रियवर॥ कह गौतम कविराय हृदय की मोहक क्षमता। खेल रहा प्रिय गोद पिता मन विह्वल ममता॥ महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी



तुझको मैंने यह दिल दे दिया (Tujhko Maine Yeh Dil De Diya )- माँ तुझे सलाम

तुजको मेन ये दिल दे दीया का गीत मा तुजहे सलाम (2002): यह सनी देओल, तबू, अरबाज खान और मोनाल अभिनीत मा तुजहे सलाम का एक प्यारा गीत है। यह अल्का याज्ञिक द्वारा गाया जाता है और साजिद-वाजिद द्वारा रचित है।माँ तुझे सलाम (Maa Tujhe Salaam )तुझको मैंने यह दिल दे दिया (Tujhko Maine Yeh Dil De Diya ) की लिर



वन्दे मातरम (Vande Mataram )- माँ तुझे सलाम मूवी टाइटल सांग

मा तुजहे सलाम - वंदे मातरम के गीत मा तुजहे सलाम (2002): यह सनी देओल, तबू, अरबाज खान और मोनाल अभिनीत मा तुजहे सलाम का एक प्यारा गीत है। यह शंकर महादेवन द्वारा गाया जाता है और साजिद-वाजिद द्वारा रचित है।माँ तुझे सलाम (Maa Tujhe Salaam )वन्दे मातरम (Vande Mataram ) मूवी टाइटल सांगकी लिरिक्स (Lyrics



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