क्या कम उम्र की लड़कियों को होता है PCOD? जानिए इसके उपचार

फिल्म पैडमैन में अक्षय कुमार ने एक ऐसा मुद्दा उठाया जिसपर लोग बात नहीं करते। वो है महिलाओं को होने वाली माहवारी जिसे बहुत से लोग एक बीमारी समझते हैं। ये एक संवेदनशील मुद्दा है जो जिसके लिए महिलाओं को अलग-अलग तरीके से सहना पड़ता है। मासिक धर्म एक सामान्य प्रक्रिया है जो हर 21-35 दिनों में महिलाओँ को



एक लड़की का अनजान शहर में सुरक्षित रहने के टिप्स

भारत में यदि आप एक लड़की हो और आपको कभी अकेले किसी नए अनजान शहर में जाना पड़े और वहां रहना पड़े तो बेशक बहुत चिंताजनक बात हो सकती है. खासकर जब हम किसी को भी न जानते हों. आपके लिए बहुत ही चिंताजनक बल्कि डरावना साबित हो सकता है यदि आप सिंगल हो औ



मैं क्या करूँ जब मुझे कोई सुनसान राह में छेड़ने की कोशिश करे

किस्सा -1 मैं बाज़ार से कुछ सामान खरीद कर घर की ओर जा रही थी. रस्ते में एक बुजुर्ग आदमी मुझे हल्का सा टकराता हुआ तेजी से निकला, मुझे लगा शायद गलती से हुआ. थोड़ी दूर जाने पर वो आदमी आगे सड़क किनारे खड़ा हुआ था.उस बुजुर्ग आदमी ने मुझे देखकर एक अजीब से हंसी मेरी तरफ फेंकी. उस समय मुझे इतना गुस्सा आया लगा



मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करने के लिए करें यह योगासन

मासिक धर्म में हर स्त्री के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण उसे कई तरह के कष्ट सहने पड़ते हैं। कुछ महिलाओं को तो अनियमित माहवारी की ही समस्या रहती है। कुछ महिलाओं को अत्यधिक दर्द तो कुछ को हैवी ब्लीडिंग, वहीं कुछ महिलाएं बेहद कमजोरी महसूस करती हैं। वैसे तो यह समस्या तीन-चार दिन में स्वतः



लड़कियों में 16 वर्ष की उम्र में होने वाले अहम बदलाव

जैसा कि हम सभी जानते है कि बदलते समय के साथ ही सभी लोगों में शारीरिक परिवर्तन देखने को मिलते है जब कोई लड़का या लड़की 16 साल के उम्र के पड़ाव को पार कर लेते है तो उनके शरीर और सोच में काफी सारे बदलाव होने लगते है। बात जब लड़कियों की होती है तो उनमें इस सिलसिले की शुरुआत 14 वर्ष की उम्र के साथ ही नजर



स्त्रियों के लिए आज भी सुरक्षित नहीं माहौल

आज के दौर में भले ही स्त्रियों ने अपनी काबिलियत से हर क्षेत्र में परचम लहराया हो, लेकिन फिर भी देश का माहौल उनके लिए आज भी सुरक्षित नहीं है। आज के समय में भी जब एक लड़की घर से निकलती है तो उसके वापिस लौट आने तक उसके माता-पिता को चिंता ही लगी रहती है। इतना ही नहीं, बहुत से क्षेत्र में माता-पिता अपनी ल



ईश्वर की अद्भुत कृति औरत

ईश्वर की अद्भुत कृति “औरत”...ख़ूबसूरती,दृढ़ इच्छाशक्ति, विद्वत्ता और सद्गुणों का एक बेहतरीन मेल “औरत”…प्रेम,स्नेह, सम्मान, उमंग, उछाह और उत्साहका एक बेहतरीन मेल “औरत”…क्योंकि ईश्वर ने अपनी इस अद्भुत कृति की रचनाही की है निर्माण के लिए,सृजन के लिए, सम्वर्धन और पोषण के लिए मानवमात्र के मार्ग दर्शन के लि



वो काटा

(मेरी अपनी एक सखी के जीवन की सत्य घटना पर आधारित कथा –अन्त में थोड़े से परिवर्तन के साथ)वो काटा“मेम आठ मार्च में दो महीनेसे भी कम का समय बचा है,हमें अपनी रिहर्सल वगैरा शुरू कर देनी चाहिए…” डॉ सुजाता International Women’sDay के प्रोग्राम की बात कर रही थीं |‘जी डॉ, आप फ़िक्र मत कीजिए,आराम से हो जाएगा… आ



महिलाओं की कमजोरी दूर करने के अचूक उपाय

आजकल के व्यस्तता भरे जीवन में सभी लोगों को खान-पान का आहार बदल रहा है जिस कारण से अक्सर महिलाओं को रोगों से घिरा रहना पड़ता है कभी मोटापा के कारण तो कभी कमजोरी व थकान के कारण। सबसे अधिक दिक्कत तो युवतियों को तब होती है जब उनका मासिक धर्म चक्र आता है जिससे उनके शरीर मे



महिला



महिला

'महिला' सृष्टि का अनमोल ख़जाना महिला है बहुत महाना त्याग, बलिदान की सच्ची मूरत नारी की है सृष्टि पर



महिला दिवस पर विशेषः कभी खुद के लिए भी जीने दो

स्त्री, कहने को भले ही एक छोटा सा नाम लेकिन मानो उसमें पूरा संसार समाया है। वह एक बेटी है, एक पत्नी, एक बहू और एक मां और न जाने कितने ही रूपों में वह अपने कत्र्तव्यों का निर्वहन चुपचाप करती है। फिर चाहे स्त्री गृहिणी हो या कामकाजी, वह दुनिया की एक ऐसी इंसान है, जिसके नसीब में कभी छुट्टी नहीं लिखी हो



बेटियां अच्छी, लेकिन चाह फिर भी एक बेटे की ही

आज अंतरराष्टीय महिला दिवस के दिन जब पूरे विश्व में महिलाओं की कामयाबी, उनके गुणों व क्षमताओं का बखान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर फिर भी लोग मन ही मन एक बेटे की ही आस करते हैं। यह सच है कि आज के समय में स्त्रियों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन हर मोर्चे पर किया है। मैरी काॅम से लेकर मानुषी छिल्लर, हि



अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ( 8 मार्च)

8 मार्च को आप भीअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की तैयारियों में लगे होंगे ।अब तक कुछ लोगों को मैसेज भी भेज दिया होगा और कुछ बहुत ख़ास लोगों को फ़ोन करकेबधाई भी दे दी होगी ।लेकिन क्या आप ये जानते हैं किअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है और ये मनाना कब शुरू हु



अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (Happy Women's Day)

आज पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस(Happy Women's Day) मना रहा है, इसी को ध्यान में रखते हुए गूगल ने भी अपना आज का डूडल (Google’s Doodles) महिलाओं के नाम समर्पित किया है और नारी के प्रति अपने सम्मान को बताया है। गूगल में बेहतरीन तरीके से लगभग 14 भाषाओं में महिलाओं



महिला दिवस : फ्लाइंग ऑफिसर भावना कंठ ने रचा इतिहास, लड़ाकू विमान मिग 21 को अकेले उड़ाने वाली दूसरी महिला अफसर बनी

8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। तो आइये इस अवसर पर जानते हैं देश की उन बेटियों के बारे में जिन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर ना सिर्फ एक मुकाम पाया बल्कि लाखों भारतीयों की रॉल मॉडल बन गई है।फ्लाइंग ऑफिसर भावना कंठ वायुसेना की फ्लाइंग ऑफिसर भावना कंठ ने एक नया इतिहास रच दिया है. वह वायुसेना की



अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ

सर्वप्रथमसभी को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ | नारी सदा से सशक्त रहीहै शारीरिक,मानसिक तथा आध्यात्मिक स्तरों पर, और आज की नारी तो आर्थिक स्तर पर भी पूर्ण रूप से इतनी सशक्त औरस्वावलम्बी है कि उसे न तो पुरुष पर निर्भर रहने की आवश्यकता है न ही वह किसी रूपमें पुरुष से कमतर है |हमसभी ज



नारी - हिम्मत कर हुंकार तू भर ले

#नारी - हिम्मत कर हुंकार तू भर ले#नारी के हालात नहीं बदले,हालात अभी, जैसे थे पहले,द्रौपदी अहिल्या या हो सीता,इन सब की चीत्कार तू सुन ले। राम-कृष्ण अब ना आने वाले,अपनी रक्षा अब खुद तू कर ले,सतयुग, त्रेता, द्वापर युग बीता,कलयुग में अपनी रूप बदल ले।लक्ष्य कठिन है, फिर भी



महिला दिवस क्यों मनाते है ? || Why Celebrate Women's Day

महिला दिवस क्यों मनाते है? प्रत्येक वर्ष के 8 मार्च को विश्व महिला दिवस में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं को सम्मान देने के उद्देश्य से उत्साहपूर्वक मनाया जाता है, और इससे महिला सशक्तिकरण का संदेश भी पूरी दुनिया तक पहुंचाया जाता है। इसक



सुमन पवन बोदानी बनी पाकिस्तान की पहली हिन्दू महिला जज, रचा इतिहास

पाकिस्तान में लड़कियों के लिए कई कड़े नियम होते हैं। वहां रहने वाले लोगों को इन नियमों को मानना भी होता है, लेकिन कहते हैं ना कि जहां चाह वहां राह। एक ऐसा ही वाक्या पाकिस्तान में घटा है जिसके चलते वहां पर पहली बार कोई हिंदू महिला जज बनी हैं। बता दें सुमन पवन बोदानी नाम की ये महिला पहली महिला सिविल ज



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