मानस



सेल्फ़ी क्या है? और युवा इसके पीछे पागल क्यों हैं?

आइये मिलते है नेहा से एक २० वर्षीय युवती है जिसे सेल्फ़ी लेने की आदत सी है वह जहां जाती है वहाँ अपनी 4-5 सेल्फ़ी लेती है, और फिर उन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारो के बीच दिखाती (शेयर करती) है। दोस्तों नेहा सिर्फ एक उदहारण है कि आज के युवाओं में सेल्फ़ी का कितना क्रेज है,हर सेकंड अकेले फेसबुक पर दस



इमोशनल ब्लैकमेलिंग से कैसे निपटें?

जानू ! क्या तुम नही चाहते, मैं पार्टी में सबसे अलग दिखूं ! मेरी सारी ड्रेसेस ओल्ड फैशन की हो गयीं हैं, तो प्लीज़! मेरे लिए नई ड्रेस ला दो। शीतल ने राहुल से प्यार भरे अंदाज़ में कहा। ऐसा अक्सर होता था, जब भी शीतल को अपनी कोई बात मनवानी होती, तो वह किसी न किसी तरह से अपनी बात मनवा कर ही रहती, राहुल ज



हम काल्पनिक कहानियां क्यों पढ़ते हैं?

हम अपनी सोच और भावनाओं को पंख देने के लिए काल्पनिक कथा और कहानियां पढ़ते हैं। कल्पना की दुनिया अनोखी होती है; उसका वास्तविक घटना और लोगों से मेल होता भी है, और कभी कभी नहीं भी होता। पर काल्पनिक चरित्र और लोग हमें अकसर प्रभावित करते हैं।हम उनके साथ जुड़ते हैं, उनसे मेलजोल करते हैं, और देखते ही देखते



क्या सेक्स के प्रति लोगों का जोश घट रहा है ?

हैरानी की बात है, ऐसे युग में, जहां सेक्स के बारे में हर जगह से हमें पूरी जानकारी मिल रही है, ताकि इस विषय पर कोई भी अज्ञात ना रहे, हमारे रोज़ के जीवन में इस स्वाभाविक प्राकृतिक हरकत का घटाव नज़र आ रहा है।सांख्यिकीय रूप से जांच करने पर पता चलता है, की 16-44 वर्षीय लोगों में, महिलाएं महीने में ४.५ बा



उदास धुनों को सुनना हमें क्यों अच्छा लगता है?

क्या आपने कभी महसूस किया है कि उदास धुनों या संगीत को सुनना आपको अच्छा क्यों लगता है?अरे भई, आप अकेले नहीं हैं! अधिकतर लोग हैं, जिन्हे उदास धुनों को सुनना अच्छा लगता है। लेकिन इन धुनों को सुनकर वे दुखी नही होते इतना तो पक्का है।ऐसा क्यों होता है?जब आप दुखी या उदास होते हैं, तो आपको भूख नही लगती और



भावनाओं को समझने की कला

दूसरों को समझने के लिए उनके जज़्बातों को नाम देना ज़रूरी है।"मैं तंग आ चुकी हूँ... अब और नहीं, मैंने सोच लिए है, की मैं उससे जल्द ही ब्रेक अप कर लूंगी", ऐसी बातें हमको रोज़ सुनने को मिलती हैं। हमारे दोस्त हमसे अपने दिल की बात करते हैं। ऐसी स्थिति में, हम कैसा जवाब देते हैं? ज़्यादा तर समय हम कहते हैं "त



तुलसी और श्री रामचरितमानस

बचपन में एक निबंध पढ़ा था उसमें ‘मेरा प्रिय ग्रंथ’ के अंतर्गत रामचरितमानस को आधार बनाया गया था। उस समय थोड़ा अटपटा सा लगा था। शायद इसलिए कि उसे तो हम धार्मिक ग्रंथ के रूप में जानते थे। प्रिय जैसा संबोधन कुछ अलग सा लगा था। जैसे प्यारी मां, प्यारे पिता जैसी बात समझ में नहीं आती । मां, मां है, पिता, पिता



मेन्टल हेल्थकेअर बिल 2013

 भारत अब धीरे धीरे स्वच्छ बन रहा है। कलंक और गलत भावनाओं से मुक्त होने के लिए भारत सरकार ने अहम कदम उठाया है, मेन्टल हेल्थ केयर बिल 2013 को राज्य सभा ने सोमवार को  पास किया है, और उसे जल्द ही लोक सभा में भी पढा जाएगा।पिछले दिन quora में किसी ने मुझसे पूछा, कि वह  एसपर्जर सिंड्रोम (Asperger’s Syndrom



संत प्रवर तुलसीदास - श्रद्धा सुमन

वेद,पुराण,उपनिषद जैसे सब ग्रंथों का सार। शिव-मानस सदा रहा है,इनका शुभ आगार।।जगद्गुरु ने उसी तत्व का,लेकर फिर आधार। रचा राम का निर्मल विस्तृत चरित अपार।।शिवशंकर के वरद हस्त का पाकर आशीर्वाद। किया श्रवण "तुलसी" ने उर में रामकथा संवाद।।भाव समाधि में किया फिर,झूम-झूम कर गान। रामचरितमानस से उपजा,जन-जन का



मोर दास कहाइ नर आसा। करइ तौ कहहु काह बिस्वासा।।७/४५/३

मोर दास कहाइ नर आसा। करइ तौ कहहु काह बिस्वासा।।७/४५/३---------------------------------------------------------------श्रीरामचरितमानस के उत्तरकांड में श्रीरामजी अपनी प्रजा के सम्मुख जो अपने विचार रख रहे हैं उनमें यह एक चौपाई बड़ी मार्मिक और गूढ़ है। प्रायः हम अपने आप को रामभक्त मान इतराते हैं और यह भी म



अवसाद चिकित्सा के विभिन्न उपाय

 (यह लेख सुप्रसिद्ध साइकेट्रिस्ट (मनोरोग-विशेषज्ञ) डॉक्टर सुशील सोमपुर के द्वारा लिखे लेख का हिंदी रूपांतरण है।) जो व्यक्ति अवसाद की स्थिति से गुजर रहा होता है, उसके लिए ये कोई पाप की सजा या किसी पिछले जन्म के अपराध की सजा के जैसी लगती है, और जिन लोगों का उपचार किया गया और वे बेहतर हो गए उन्हें ये क



आर्ट आफ ' र्टार्चिंग '.....!!​

तारकेश कुमार ओझाबाजारवाद के मौजूदा दौर में आए तो मानसिक अत्याचार अथवा उत्पीड़न यानी र्टार्चिंग या फिर थोड़े ठेठ अंदाज में कहें तो किसी का खून पीना... भी एक कला का रूप ले चुकी है। आम - अादमी के जीवन में इस कला में पारंगत कलाकार कदम - कदम पर खड़े नजर आते हैं। एक आम भारतीय की मजबूरी के तहत कस्बे से महा



'हिन्दी' हिन्द की संवादमानस है

मैं हिन्दी में ख़ुदा से दुआ करता हूँ दुनिया को हिन्दी से मोहब्बत हो जाए हिंदी में प्यार दें, हिंदी से प्यार लें,जहाँ' के लोगों को इस तरह हिन्दी से प्यार हो जाए,कि जो प्यार हिन्दी, हिन्दुस्तानियों, हिंदी साहित्य के ह्रदय में है गहरा भरा वह विश्व-मानवता की जुबां' का राग, दिलों का तरन्नुम बन जाए ।एक महा



श्रीरामचरितमानस की डिज़िटल रिकॉर्डिंग जारी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस की आकाशवाणी द्वारा प्रस्तुंत विशेष डिजिटल रिकार्डिंग जारी की। Prime Minister Narendra Modi released digital recordings of epic Ramcharitmanas, produced by All India Radio. यह विश्व स्तर पर श्रोताओं तक पहुंचने के लोक प्रसारक आकाशवा



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