मोटिवेशनल

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मैं कौन खामखां !

सही कहा है किसी समझदार ने कि अपने तो फिर जी लेने दें लेकिन समाज में ' मैं कौन खामखां ' की मानसिकता वाले जान लेकर ही मानना चाहते हैं।माता-पिता भले ही मान लें-संतान बालिग है, अपना निर्णय लेने को स्वतंत्र है। जहां रहे खुश रहे । संतान ने भी सार्वजनिक रूप से माफ करने की गुहार लगा ली हो। भले ही अपने किए क



कीर्तन क्या है और कैसे करें

सबसे पहले हम ये जाने की कीर्तन का सही अर्थ क्या है.Kirtan का सही अर्थ मैंने अभी कुछ दिन पहले सुप्रसिद्ध भागवत वाचक Goswami Shri Pundrik Ji Maharaj से जाना उनोहने जो बताया में आज आप लोगो से शेयर करती हूँ.Goswami Shri Pundrik Ji Maharaj के अनुसार हम जब किसी एक विशेष भगव



आपकी सफलता में सलाहकार की भूमिका

संजय कुमार सुमन sk.suman379@gmail.comदोस्तो सलाहकार ये ऐसा सब्द है, जो कि हम सब के जीवन मे लागू होता है।ऐसा कोई व्यक्ति नही जिसे अपने जीवन मे किसी की सलाह की आवश्यकता नही पड़ी हो। कभी अपने व्यापार संबंधी या फिर अपने निजी जीवन संबंधी हमे



बूँद-बूँद करके सागर भरता है

एक सज्जन है किराये के मकान में रहते है, छोला भठूरे का ठेला लगते हैं, उसकी कमाई से गुजरा होता है, मकान का किराया 1500 रूपए है, वो बिना नागा किये हर महीने किराया भर देते हैं, ऐसा करने का गुप्त रहस्य ये है की वे रोज 50 रूपये निश्चित तारीख को एक डिब्बे में डालते जाते हैं, जो माह पूरा होते होते है 1500 र



बुरा नहीं अकेला पन…

अकेला पन को ईश्वरीय वरदान समझे, न की कोई अभिशाप ! ईश्वरीय ज्योति पुंज मानव ! तू अकेला चल …महान व्यक्ति सदैव अकेले चलते आये हैं इस अकेले पन को अपने लक्ष्य को पूरा करने में लगा दे। सकारात्मक रवैया अपनाते हुए जिंदगी की महत्ता समझ इसका एक-एक क्षण भरपूर जिएँ, सदैव यही याद रखें कि दुनिया में अकेले आए थे,



top motivational inspirational shayari:-प्रेरणादायक बेहतरीन 17 शायरी

आज हम आपके लिए कुछ चुनिंदा जोशवर्धक और प्रेरणादायक शायरी (top motivational inspirational shayari) लेकर आए हैं जिन्हें पढ़कर आप उत्साह से भर जाएंंगे। आज के समय में जितनी निराशा फैली हुई है ऐसे में ये वाक्य टॉनिक का काम करेंगे। स्टूडेंट ये शायरियां ध्यान से पढ़ें क्यों



बच्चों व् माता-पिता के लिए स्वर्ग क्या है ??

बच्चों के लिये भगवान,संसार और स्वर्ग वो माता-पिता है जो अपने बच्चों के देख-भाल और पालन पोषण की कोई कमी नही रखते ! संसार के छोटे-बड़े,अच्छे-खराब सभी तरह के विषम परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराते है ! उनके कष्ट कम और हरने का प्रयास करते है और अनुभव से सकारात्मक संदेश दे



स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर जानते हैं, क्यों मानते है युवा उन्हें आपना आदर्श : National Youth Day

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोल्कता के एक कायस्थ परिवार में हुआ था, उनका असली नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था, वह एक शिक्षित परिवार से थे, उनके पिता कोल्कता हाई कोर्ट में वकील थे, वह बचपन में बेहद शरारती थे लेकिन उनके घर का माहोल बेहद अध्यात्मिक और धार्मिक था, दर्शन, धर्म, इतिहास, सामाजिक विज





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