नारी



फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां....

1.सोनल 33 साल की है. 7 साल हो गए शादी को. 5 साल का एक बेटा है. सोनल के पति इंटरनेट सर्विस कंपनी में काम करते हैं. सोनल हाउसवाइफ है. बेटा स्कूल से लौट आए उसके बाद सोनल की दोपहरें खाली होती हैं. छोटी बहन आई थी तो उसने सोनल का फेसबुक अकाउंट बना दिया. सोनल ने शादी की एल्बम बन



देश और समाज के विकास में महिलाओं का योगदान अहम्

-स्वाति आनंदनारी ईश्वर की उत्कृष्ट सृष्टि है । कहते है कि नारी को देवी का रूप मन जाता है।देश के सम्पूर्ण विकास में इस देवी की भागीदारी अनिवार्य है। किसी भी समाज या देश के विकास में नारी का योगदान महत्वपूर्ण होता है। किसी भी राष्ट्रनिर्माण या समाज के विकास में जब तक न



नेल्स बढ़ने का तरीका

हाथों के लंबे नाखूनों पर रंग-बिरंगी नेल पॉलिश की बात ही कुछ और होती है। हालांकि, कुछ महिलाओं के चाहते हुए भी नाखून लंबे नहीं होते और दूसरी महिलाओं के लंबे, मजबूत और खूबसूरत नाखून उन्हे उदास करते हैं। नेल्स बढ़ने का तरीका मगर हम में से कई महिलाओं को नाखून अ



जब दिल्ली IPS अफसर पति पर पत्नी ने लगाया मार पीट का आरोप, तो जनता का क्या

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक महिला ने अपने पति पर दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. महिला का नाम नम्रता है. खास बात ये है कि इनके पति आईपीएस अधिकारी हैं. नाम है अमित निगम. और दिल्ली में इनकी पोस्टिंग है.दोनों की शादी 27 नवंबर 2015 को हुई थी. साढ़े तीन साल हो चुके हैं शादी को. हमारे रिपोर्टर उस्मान चौधर



कौन दिखे ये अल्हड किशोरी सी

चंचल नैना . फूल सी कोमल , कौन दिखे ये अल्हड किशोरी सी ? रूप - माधुरी का महकता उपवन - लगे निश्छल गाँव की छोरी सी ! मिटाती मलिनता अंतस की मन प्रान्तर में आ बस जाए रूप धरे अलग -अलग से - मुग्ध, अचम्भित कर जाए किसी पिया की है प्रतीक्षित -- लिए मन की चादर कोर



ईश्वर की अद्भुत कृति औरत

ईश्वर की अद्भुत कृति “औरत”...ख़ूबसूरती,दृढ़ इच्छाशक्ति, विद्वत्ता और सद्गुणों का एक बेहतरीन मेल “औरत”…प्रेम,स्नेह, सम्मान, उमंग, उछाह और उत्साहका एक बेहतरीन मेल “औरत”…क्योंकि ईश्वर ने अपनी इस अद्भुत कृति की रचनाही की है निर्माण के लिए,सृजन के लिए, सम्वर्धन और पोषण के लिए मानवमात्र के मार्ग दर्शन के लि



महिला दिवस :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल से दिव्यभूमि भारत में नारियों का सम्मान देवियों की तरह किया गया है | नारी को देवी रूप मानकर सदैव से पूजा जाता रहा है | मनुस्मृति में लिखा भी है :- "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता" अर्थात जहाँ नारियों की पूजा होती है वहाँ देवता निवास करते हैं | सनातन मान्यता है कि नारी के बिना सृष



अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ( 8 मार्च)

8 मार्च को आप भीअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की तैयारियों में लगे होंगे ।अब तक कुछ लोगों को मैसेज भी भेज दिया होगा और कुछ बहुत ख़ास लोगों को फ़ोन करकेबधाई भी दे दी होगी ।लेकिन क्या आप ये जानते हैं किअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है और ये मनाना कब शुरू हु



महिला दिवस क्यों मनाते है ? || Why Celebrate Women's Day

महिला दिवस क्यों मनाते है? प्रत्येक वर्ष के 8 मार्च को विश्व महिला दिवस में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं को सम्मान देने के उद्देश्य से उत्साहपूर्वक मनाया जाता है, और इससे महिला सशक्तिकरण का संदेश भी पूरी दुनिया तक पहुंचाया जाता है। इसक



प्यार का दंश या फर्ज

प्यार का दंश या फर्ज तुलसीताई के स्वर्गवासी होने की खबर लगते ही,अड़ोसी-पड़ोसी,नाते-रिश्तेदारों का जमघट लग गया,सभी के शोकसंतप्त चेहरे म्रत्युशैय्या पर सोलह श्रंगार किए लाल साड़ी मे लिपटी,चेहरे ढका हुआ था,पास जाकर अंतिम विदाई दे रहे थे.तभी अर्थी को कंधा देने तुलसीताई के पति,गोपीचन्दसेठ का बढ़ा हाथ,उनके बे



क्या यूनिफार्म सिविल कोड की जरुरत है

हाल के माननीय सुप्रीम कोर्ट का तीन तलाक कोअसैम्बधानिक करार देने से ,फिर से यूनिफार्म सिविल कोड की मांग समाज मे उठाने लगी है | यूनिफार्म सिविल कोडक्या है ?यहनियमो का वह सेट है जो भारत मे विभिन्न पर्सनल लॉ को समाप्त कर एक ही पर्सनल लॉबनाएगा जो सभी धर्मो पर लागु होगा | हलाकि इस सम्बन्ध मे अभी तक सरकार



मन का भंवर

मन का भंवर अकस्मात मीनू के जीवन में कैसी दुविधा आन पड़ी????जीवन में अजीव सा सन्नाटा छा गया.मीनू ने जेठ-जिठानी के कहने पर ही उनकी झोली में खुशिया डालने के लिए कदम उठाया था.लेकिन .....पहले से इस तरह का अंदेशा भी होता तो शायद .......चंद दिनों पूर्व जिन खावों में डूबी हुई थी,वो आज दिवास्वप्न सा ल



नारी तू नारी हैं

नव रसो की खान,आशा है, अभिलाषा है त्यागमयी ममतामयी जीवन की परिभाषा है श्रद्धासमर्पण दृश्यविहीन सी माया की परछाई ईश्वर की भरपाई करने तू जगत में आई बहुतेरे रूप तेरे बहुकार्यो में पारंगत तू शाश्वत अनुराग से भरी दुआये लुटाती तू बिना जताएअंतर्मन को पढ, चिन्ता भय मुक्त करती सौभाग्यवती भव मे हाथ उठे, सदैव आ



फर्क

फर्क सतयुग मे औरत यमराज से अपने पति को जीत लिया।त्रेता युग मे औरत पुरुष एक समान थे।अहिल्या बहाल हुई। पर अंत मे सीता हरी गई। द्वापर मे औरतों पर उंगली उठने लगी राधा ने प्यार किया, मीरा ने प्रेम किया। रुकमनी ने विवाह किया।अंत मे द्रोपदी का चीर हरन हुआ ।कलयुग मे सभी नारी-नारी चिल्ला रहे हैं, नारी को मज



बिहार: डायन करार देकर महादलित बुज़ुर्ग महिला की चाकू से काटी जीभ |

बिहार में महिलाओं के साथ बलात्कार, छेडछाड़, अपहरण, दहेज के लिए हत्या एवं प्रताड़ना के मामलें तेजी से बढ़ा है। बिहार में इस बढ़ते हुए महिला अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताज़ा मामले की बात करें तो बिहार के रोहतास जिले के तिलौथु थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने



मिसालः सरपंच ने की अनोखी शादी, फैसला सुन दूल्हे का चेहरा देखती रह गई दुल्हन, मां-बाप भी हैरान

देश के एक सरपंच ने बेहद अनोखी शादी करके मिसाल पेश की। ऐन मौके पर दूल्हे का फैसला सुनकर दुल्हन उसका चेहरा ही देखती रह गई, वहीं मां बाप और गांव वाले भी हैरान हैं।हरियाणा में रोहतक जिले के कलानौर क्षेत्र के तैमूरपुर गांव के सरपंच ने अपनी शादी में कन्या भ्रूण हत्या न करने का भी संदेश दिया। शादी में सात



गोद में बच्चा लेकर रिक्शा चलाती है यह मां,इसके जज्बे के आगे पुरुषों की हिम्मत भी जवाब दे जाएगी

मां. एक ऐसा शब्द है जो दिल को बेहद सुकून देता है। घर संभालने के लिए मां दिन-रात एक कर देती है। 24 घंटे ड्यूटी होती है इनकी। सुबह उठकर खाना बनाना, काम पर जाना, घर की छोटी सी छोटी बातों का ख्याल रखना..ऐसा सिर्फ मां ही कर सकती है। मां के जज्बे



मैं बैरी सुग्रीव पियारा ,अवगुण कवन नाथ मोहि मारा

मैं बैरी सुग्रीव पियारा ,अवगुण कवन नाथ मोहि मारा डॉ शोभा भारद्वाज ‘श्री ब्रम्हा’ सृष्टि के निर्माता सुमेरुपर्वत पर विचरण कर रहे थे मान्यता है उनके प्रताप से धरती पर पहले बानर का जन्महुआ ब्रम्हा उसे रक्षराज के नाम से पुकारते थे वह ब्रम्हा के साथ रहता पर्वत परविचरण करता ,खेलता मनचाहे फल खाता अपने एक



इस पीपल के पौधे को इतनी इज़्ज़त और सुरक्षा क्यों मिलती है, जिसकी आधी भी सुरक्षाऔर इज़्ज़त हमारे देश की बेटियों को नहीं मिलती

भारत कहने को तो एक महान देश है, पर मैं नहीं मानती... क्यों क्योंकि जिस देश में बड़े-बड़े मंचों पर, चुनावी रैलियों में, महिला सशक्तिकरण की डिबेटों में, तो एक औरत को देवी का दर्ज़ा दिया जाता है, उसी देश में उसकी सुरक्षा मुद्दा नहीं बनता, बल्कि उसकी सुरक्षा से ज़्यादा एक पीपल के



लिज्जत पापड़ के सफलता की कहानी : 7 औरतों ने 80 रुपये उधार लेके की थी शुरुआत

15 मार्च 1959 को साउथ मुंबई की 7 औरते ने मिलकर एक ऐसा बिसनेस शुरू किया, जिसके बारे में किसीने सोचा भी नहीं था। इन औरतो ने पापड़ बनाने का काम शुरू किया ताकि को खुद भी कुछ पैसे कमा सके, पहले दिन पापड़ बेचकर जिन्होंने सिर्फ 50 पैसे की कमाई की थी आज वो उसी पापड़ की कंपनी की कमाई 1600 करोड हैं। 7 औरतों न



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