नहीं



क्यों है लॉकडाउन की मजबूरी

समाज की उत्पति से लेकर आजतक विश्व एक हीथ्यूरी पर चल रहा है कि समाज में वर्चस्व किस का होगा। जंगलराज को नकेल डालकर कुछव्यवस्थाएं स्थापित हो गईं लेकिन जिनके साथ अन्याय होता था उन्होंने प्रतिरोध जारीरखा। वर्तमान युग में विश्व की ओर से फेस की जा रही समस्याओं का मुख्य कारण पश्चिमजगत और उनका अंधानुकर



अंतिम विदाई

बरसात का मौसम था | शाम से ही हल्की-हल्की बारिश होते - होते रात में कडकडाती बिजली के साथ किसी तूफानी घटना की ओर इशारा करने लगी । पत्नी तो मेरी बाहों में बंधते ही मेरे प्यार को रो



प्रदर्शनकारियों एवं उनके नेताओं के अटपटे बोल

प्रदर्शन कारियों के अटपटे बोल डॉ शोभा भारद्वाजवारिस पठान का भाषण सुन कर हैरानी हुई .वह कुछ भी बोल सकते हैं धमका सकते हैंइनके अनुसार संविधान अभिव्यक्ति की आजादी देता है परन्



लाडला वोट बैंक

लाडला वोट बैंक डॉ शोभा भारद्वाज सीएए का विरोध करतामुस्लिम समाजपाकिस्तानी चैनलोंएवं प्रिंटमीडिया मेंसुर्खियाँ बटोररहा है उनके अपनेयहाँ अल्पसंख्यक बेजुबान हैंउनकी जर जमीन धर्म,बच्चियाँ ,जीवन,मरणोपरान्त संस्कार का हक कुछ भी सुरक्षित नहींहै कम उम्र की नादान बच्चियां उठा लेतेहैं कलमापढ़ा कर उनका अधेड़बाल



आनन्द स्कौलर शिप

आनन्द स्कौलरशिपडॉ शोभा भारद्वाज नौएडा नया नया बसा था छोटे बच्चों के लिए स्कूलों की जरूरत थी हमारे परिवार का प्राईमरी तक स्कूल था | एक नेपाली, गोरे चिट्टे नेपाली लड़के को साथ लाया आपको स्कूल में काम करने के लिए किसी की जरूरत होगी यह लड़का ढाबे में काम करता मझे मिला लेकिन वहाँ बहुत दुखी था अत : आपके



प्याज पर हाय -हाय क्यों ?

प्याज पर हाय हाय क्यो ? डॉ शोभा भारद्वाज आजकल सेलिब्रिटी प्याज के टौप्स दिखा रहीं हैं पहनते हैं या नही पता नहीं हाँसोशल मीडिया में चर्चित होने का तरीका अवश्य है |हमारे यहाँ एक एनआरआई परिचितमहिला आईं उनका यूएस में अपना रेस्टोरेंट था जिसमें भारतीय व्यंजन बनाये जाते है



गुनगुनाह ट

कविता गुनगुनाहट क्या तुम्हारी रगों में अपने भारत की मिट्टी से सुगंधित रक्त नहीं बहता ,क्या यहां के खेतों में उगा सोना तुम्हारे सौंदर्य में व्रद्धि नहीं करता ,क्या यहां की नदियां , झरने और दूर - दूर तक फैले हरे - भरे मैदान तुम्हारे अन्दर के संगीत का कारण नहीं बनते ,क्या उंचे - उंचे पेड़ों से सज्जित ह



काली बिल्ली रास्ता काट गयी ( सच्ची लघू कहानी)

काली बिल्ली रास्ता काट गई, (सच्ची लघु कथा)डॉ शोभा भारद्वाजमेरे डाक्टर पति भारत सरकार की तरफ से ईरान भेजे गये थे अत: हम बर्षो परिवार सहित ईरान के खुर्दिस्तान प्रांत में रहे थे उन दिनों ईरान एवं ईराक में युद्ध चल रहा था हम इराक ईरान की सीमा से अधिक दूर नहीं रहते थे लेकिन युद्ध असर यहाँ कम था बमवर्षक व



नागरिकता संशोधन बिल

नागरिकता संशोधन बिल डॉ शोभा भारद्वाजदिल्ली में जामिया मिलिया में स्टूडेंट के हिंसक प्रदर्शन देख कर हैरानी हुई प्रदर्शन किस लिए? क्या नागरिक संशोधन के बिरोध मेंलेकिन बिल से मुस्लिम समाज को क्या परेशानी है? वह किनके समर्थन के लिए हंगामा कर रहे हैं ? संसद के दोनों सदनोंमें लम्बी बहस के बाद लोकसभा एवं



आखिर! ‘न्याय’-‘इंसाफ’! इंसानियत एवं ‘न्यायप्रिय’ तरीके से ‘कैसे’ व ‘कब’ मिलेगा। ‘‘जन भावनाओं’’ से ‘‘न्याय व्यवस्था’’ नहीं ‘‘लोकतंत्र’’ चलता है।

6 दिसम्बर सुबह जैसे ही टीव्ही पर हैदराबाद की रेप पीडि़ता ‘‘दिशा’’ की वीभत्स हत्या के चारों अभियुक्तों के एनकाउंटर में मारे जाने की खबर आयी, लगभग पूरे देश में एक अजीब सी खुशी का माहौल पसर गया। तब से चारांे तरफ अधिकांश खुशी ही खुशी व्यक्त करते हुये एक ही आवाज आ रही है कि ‘‘इंसाफ’’ मिल गया है। देश में



साफ्ट कॉर्नर

लघुकथासाफ्ट कॉरनर " मैं जानती हूँ कि आपके दिल में मेरे लिये एक खास किस्म का साफ्ट कॉरनर है परन्तु मेरे लिये आप एक अच्छे और शायद सच्चे दोस्त हैं ,इसके अलावा कुछ नहीं । इसे ही मान लिजिये प्लीज क्योंकि उसी नाते मैं आपको ,अपनी कोई भी बात बड़ी बेबाकी से कह लेती हूँ । " शिखा ने अपनी चिर परिचित मासूमीयत



जीवन में असफलता के 10 मुख्य कारण...

जीवन में असफलता के 10 मुख्य कारण... क्या आप बार-बार अपने जीवन में असफलता प्राप्त कर रहे हैं? क्या आप सोचने लगे हैं कि आपकी असफलता का मुख्य कारण आपका भाग्य है? अगर हाँ ! तो इस पोस्ट के द्वारा असफलता के 10 मुख्य कारण को पढ़ें और अपने जीवन में failure के सही कारणों को समझें। हो सकता



अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस भारत में भी मनाया जाने लगा है है

अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस भारत में भी मनाया जाने लगा हैडॉ शोभा भारद्वाजभारतीय समाजिक व्यवस्था में कन्या को देवी का दर्जा देकर पूजा जाता है लेकिन समाज पुरुष प्रधान माना जाता है लड़का , आज भी गाँव में किसी के घर से थाली पीटने की आवाज आती है आस पड़ोस समझ जाता है उनके घर में पुत्र रत्न ने जन्म लिया है |पह



लडके लड़किया दोस्त नहीं by नीतेश शाक्य

लडके लड़कियां प्रेमी प्रेमिका बन सकते दोस्त नहीं प्रेम बासना कर सकते स्नेह नहीं, लड़कियां कहती एक या उससे अधिक दोस्त है, मेरे अनुभव के अनुसार यह बात अपने परिवार वालों से झूठ बोलती है| जबकि यह सच है कि हमने लडके लड़कियों पर मनोविज्ञानिकी अध्ययन किया उससे यह बात बिल्कुल हकीकत सिद्ध होती | हमारे लेख पड़ने



युगो-युगो तक

युगो-युगो तक टूट कर गिर जाने सेउम्र कम नहीं हो जाती,आसमान मे चमकोगे तारो की तरह।आकार के छोटा बड़ा हो जाने सेकोई भूल नहीं पाता,ईद-बकरीद,पूर्णिमा, करवाचौथ मे चाँद पूजा जाता।एक रंग मे ऊग कर,उसी रंग मे डूबजाने से औकाद कम नहीं होती।बन आंखो की रोशनी सारेजहाँकी, छठ पर्व मे सम्मानित किया जाता।सूख कर,धूल-बनकर



लौह पुरुष सरदार पटेल ,सच्ची श्रद्धांजली धारा 370 ,35A की समाप्ति है

स्वर्गीय सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजली धारा 370, 35 a की समाप्ति है डॉ शोभा भारद्वाज 15 अगस्त 1947 देश आजाद हुआ अधिकाँश प्रांतीय कांग्रेस समितियों के सरदार पटेल के पक्ष में होने के बाद भी गांधी जी कीइच्छा का सम्मान करते हुए नेहरू जी देश के प्रधान मंत्री बनाया गया ,पटेल उपप्रधान मंत्री एवं गृह मं



बोझ

लघुकथाबोझक्या पुरूष, क्या स्त्री, क्या बच्चे , सब के सब आधुनिकता के घोड़े पर सवार फैशन की दौड़ में भाग रहे थे और वह किसी उजबक की तरह ताक रहा था । गाँव से आया वह पढा लिखा आदमी, भूल से , एक भव्य माल में घुस आया था और अब ठगा-सा खड़ा था।उसकी नजर एक आदमी पर पड़ी जो एक स्टील के बेंच पर बैठा था। उसके पास



महर्षि बाल्मीकि की जयंती के शुभ अवसर पर महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित रामायण की भूमिका

‘महर्षि बाल्मीकि’ द्वारा रचित रामायण की भूमिका डॉ शोभा भारद्वाज महाराज जनक की पुत्री अयोध्या के राजाधिराज श्री राम की गर्भवतीभार्या सीता निशब्द गंगा को प्रणाम कर उनमें प्रवेश कर गई | सीता को भगवती गंगामें ही अपना सुरक्षित घर नजर आया| उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे भागीरथी उन्हें बुला रही हों |भगवती गंग



साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने आखिर गलत क्या कहाँ ?

भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जो पूर्व में भी अपने कई बयानों के कारण मीडिया व देश की राजनीति में न केवल चर्चित रही, बल्कि उनके बयानों के कारण भाजपा को शर्मिदंगी भी उठानी पड़ी है, व पार्टी की किरकिरी भी हुई है। प्रधानमंत्री तक को पार्टी की छवि बचाने के लिये यह कहना पड़ा कि गोड़से को देशभक्त बता



टीबी के उपचार में आसान घरेलू उपाय | TB Ka Gharelu Ilaz In Hindi

भारत देश में टीबी रोग एक महारोग के रुप में फैल चुका है टीबी के कारण वर्षभर में लाखों लोगों की मौत हो जाती है इसका एक प्रमुख कारण यह भी इस रोग के बारें में लोगों में जानकारी का अभाव है। टीबी मानव शरीर में माइकोइक्टीरियम ट्युबरक्लोसिस बैक



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