narendra modi

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जागरूक जनता ही करेगी स्वच्छ भारत का निर्माण

जागरूक जनता ही करेगी स्वच्छ भारत का निर्माण 2 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान को अक्टूबर 2017 में तीन वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान के मकसद की बात करें तो इसके दो हिस्से हैं, एक सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ सफाई तथा दूसरा भारत के गाँवों को खुले



राजनीति, खुन्नस और बिहार चुनाव

राजनीति की वर्तमान दुनिया में यदि दो बड़े विरोधियों की बात की जाय तो निश्चित रूप से नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का नाम सबसे ऊपर आएगा. वैसे, नरेंद्र मोदी के कई कट्टर विरोधी रहे हैं, लेकिन चर्चित तो नीतीश कुमार ही हुए हैं. मोदी का विरोध नीतीश कुमार ने राजनीति से परे हटकर व्यक्तिगत स्तर पर भी निभाया



थरूर ने कुरेदा गुलामी का ज़ख्म!

कांग्रेस नेता और संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की ओर से महासचिव पद का चुनाव लड़ चुके शशि थरूर आजकल काफी चर्चा में हैं. चर्चा की कई वजहें हैं, जिनमें एक सोनिया गांधी द्वारा उनको साफगोई के लिए डांट पड़ना था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनकी काउंटर तारीफ़ करना भी चर्चा के कारणों में शामिल रहा है.



एडजस्टमेंट, करप्शन और संसदीय मर्यादा

संसद के चालू सत्र में मध्य प्रदेश के कटनी से दिल्ली आए कुछ बच्चे संसद की कार्यवाही देखकर निराश हो गए थे. स्कूल की शिक्षिका की इस बाबत प्रतिक्रिया थी कि 'हम इन बच्चों को इतनी दूर से यहां संसद की कार्यवाही दिखाने लाए, संसद चली नहीं. ये तकरीबन हर रोज़ की कहानी है. जो लोग संसद की कार्यवाही देखने आते हैं



स्पष्ट, साहसिक और दूरदर्शी हो विदेश नीति

देश में जबसे नरेंद्र मोदी सरकार ने कार्यभार संभाला है, तबसे उन्होंने जबरदस्त तरीके से विदेश यात्राएं की हैं. इस बात के लिए उनकी सराहना और आलोचना दोनों की जा रही है. कोई कह रहा है कि उनकी यात्राओं से भारत का गौरव और रूतबा बढ़ रहा है, तो कोई कह रहा है कि वह कूटनीति की बजाय किसी 'इवेंट मैनेजर' की तरह शो



विवादित राजनीति का स्थापित नाम

कांग्रेस की केंद्र सरकार के तमाम घोटालों के बाद जब अन्ना हज़ारे का जबरदस्त आंदोलन खड़ा हुआ तो उसकी तुलना जेपी द्वारा किये गए इमरजेंसी के दौरान आंदोलन से की गयी. इस आंदोलन के आउटपुट के रूप में देखा जाय 'अरविन्द केजरीवाल' ही दिखते हैं. व्यवस्था बदलने की इस लड़ाई से एकमात्र अरविन्द की उत्पत्ति ही हो सकी.



दिल्ली चुनाव पर मिथिलेश की कुण्डलिया - Poem on Delhi Election, Politics, BJP, AAP, Congress by Mithilesh

आया चुनाव नजदीक है, बन लोकतंत्र की लाज देखो, सुनो परखो जरा, यह है ज़रूरी काज। यह है ज़रूरी काज, नाच नेता की देखो। छल कपट दंश प्रपंच, वक्त पर तुम भी समझो। कहते 'अनभिज्ञ' सही, दूर हो मोह व माया शांत बुद्धि से वोट दो, दिन तुम्हारा आया। साठ साल तक राज में, ना उभरा दूजा और | कांग्रेस की दुर्गति में, यह





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