नेहरू

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और कितनी शहादत चाहिए नेहरू गाँधी परिवार से

राहुल गांधी अपने व्यक्तित्व व परिवारिक लोकप्रियता के कारण जनता के दिलों में अपना एक अलग मुकाम रखते हैं और जनता के दिलों में राहुल गांधी के व उनके परिवार के प्रति यह प्यार विपक्षी भाजपा को इस कदर खटकता है कि वे कुछ भी करें तो भी और कुछ न करें तो भी उसे मुद्दा बनाकर देश



गुस्सा, आशिकी और सादगी.....जीवन के हर रंग को जीते थे जवाहरलाल नेहरू

200 साल गुलामी झेलने के बाद जब भारत ने आजादी हासिल की थी। ये पूरे देश के लिए बहुत खुशी का पल था और उन आत्मा को शांति भी प्राप्ति हुई होगी जिन्होंने अपने जन्म से हर सांस आजादी के लिए लगा दी। बहुत से क्रांतिकारियों ने अपने प्राण गवां दिये क्योंकि भारत को आजाद करना था। फ



गांधी की विरासत के उत्तराधिकारी नेहरू

गाँधी जी की विरासत के उत्तराधिकारी नेहरू. गाँधी जी ने क्यों नेहरू जी को अपना उत्तराधिकारी चुना? कुछ लोग नेहरू की बुराई करने इस हद तक चले जाते है कि शक होता है कि क्या वाकय पटेल लौहपुरुष थे? 3000 करोड़ की मूर्ति एक लौहपुरुष की य



महात्मा गांधी को मारने वाले शख्स की अस्थिया आज तक नहीं हुई विर्सजित

हिंदू धर्म में किसी की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है, शव को मुखाग्नि दी जाती है औऱ फिर उसकी अस्थियों को गंगा जी में प्रवाहित किया जाता हैं। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से मृतक की आत्मा को शांति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जिनक



इस लेख को पढ़ते ही आप नहीं रह जाएंगे सामान्य व्यक्ति

अगर हम किताबें पढ़ना शुरू करें तो पाएंगे कि इस दुनिया में जो कुछ भी नया हो रहा है वो नया नहीं है। तमाम नए विचारों को सदियों पहले से ही सोचा जा रहा है और उस पर काम भी किया जा रहा है।गौरतलब है कि हम अपने सभी विचारों को अपना मानते हैं और नया भी पाते हैं उसके बाद भी हम सा



10 अनजान बातें, जिनसे पता चलता है कि नरेंद्र मोदी, नेहरू के सबसे बड़े फॉलोवर हैं !!

नेहरू. नरेंद्र. दो शख्स. दो शख्सियतें. एक देश के पहले प्रधानमन्त्री एक देश के (अब तक के) अंतिम. एक कांग्रेस से एक भाजपा से. दोनों के बीच अंतर ढूंढने चलें तो इतने मिलेंगे कि एक स्टोरी नहीं उस पर शायद एक सीरीज़ चल पड़े. लेकिन हमें दोनों के बीच कुछ स्ट्राइकिंग समानताएं भी



क्या आपको पता है नेहरू जी का राजनैतिक सफर किस प्रदेश से शुरू हुआ था?

देश भर में पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आज 129वीं जयंती मनायी जा रही है। 14 नवंबर 1889 को जन्मे पंडित नेहरू की जयंती को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि नेहरू को बच्चों से बहुत प्यार था और वो नेहरू को चाचा कहकर बुलाते



ये सिर्फ इंटरनेट ही बतलाएगा आपको नेहरू के बारे में ?

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जीवन और व्यक्तित्व को लेकर सोशल मीडिया पर कई अफवाहें हैं। उनके नाम को लेकर इंटरनेट पर कई लोग आपत्तिजनक बातें करते हैं। नेहरू के बारे में वर्चुअल वर्ड में अफवाहों की भरमार है। देश के पहले प्रधानमंत्री के बारे में कई अफवाहें हैं,



बाल दिवस पर जानिये नेहरू जी के बारे में

1.स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री और 6 बार कांग्रेस अध्यक्ष के पद को सुशोभित करने वाले (लाहौर 1929, लखनऊ 1936, फैजपुर 1937, दिल्ली 1951, हैदराबाद 1953 और कल्याणी 1954) पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर, 1889 को इलाहाबाद में हुआ।2. हैरो और कैम्ब्रिज में पढ़ाई कर 191



केरल ब्लॉस्टर्स ने एक नई ,अज्ञात दुनिया में प्रवेश किया

मंगलवार को नेहरू स्टेडियम में टोयोटा यारीस ला लीगा विश्व प्री-सीजन फुटबॉल टूर्नामेंट शुरू होने पर केरल ब्लॉस्टर्स एक नई अज्ञात दुनिया में प्रवेश करेंगे।पहली बार, भारतीय सुपर लीग पक्ष एक प्रतिस्पर्धी माहौल में विदेशी क्लबों के खिलाफ खुद का परीक्षण करेगा, पहले



क्या नेहरू के रक्षा मंत्री रहे वी के मेनन की अय्याशी के कारण भारत 1962 में चीन से हार गया?

चीन के साथ लड़ाई में भारत क्यों हारा? क्या इसके पीछे नेहरू और उनके कुछ ‘करीबियों’ का ‘करेक्टर’ जिम्मेदार था? क्या नेहरू के रक्षा मंत्री रहे वी के मेनन ‘केरेक्टर’ के ढीले थे? क्या इन लोगों की अय्याशी भारत को भारी पड़ी? क्या इन्होंने अपनी अय्याशी के कारण भारत को हरवा दिया?



“बाल-दिवस” ( Children’s Day, 14 नवम्बर )

आजादीके बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जन्म-जंयती को“ बाल-दिवस ” के रूप में मनाया जाता है । इस दिन बच्चों के अधिकार, देखभाल और शिक्षा के बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है । भारत के अलावाबाल दिवस दुनिया भर में अलग अलग तारीखों पर मनाया जात



खगोलशास्त्र और ज्योतिष- भाग 3

यह लेख मेरे द्वारा कुछ WhatsApp समूहों पर १८ अगस्त २०१६ से २७ नवम्बर २०१६ तक सम्प्रेषित चर्चा का संकलन है. पाठकों की सुविधा के लिए इसे 6 खण्डों में प्रकाशित कर रहा हूँ.आज की चर्चा के दो उद्देश्य हैं- एक पिछले सप्ताह की चर्चा को आगे बढ़ाना और दूसरा पिछले सप्ताह की च



जय भारत जय!

जय भारतीय रक्षक वीर,मत लेना विरोधियों का खीर-नीर,विरोधियों का सीना देना चीर,जैसे ही कर्तव्य पथ पर वे हों अधीर। तुम्हें देशभक्त शीश नवाते,तुम्हारी जीत के जश्न मनाते,तुम हम सभी क





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