poem



Birds can't shop – Dr. Dinesh Sharma

Birds can't shop – Dr.Dinesh SharmaI wrote these lines seven years ago when I observedhundreds of parrots descending on my Litchi trees and destroying most of thefruits. This continues even today and I barely get a few fruits to taste andeat...Thisparrot I have named RampageSteals my Litchi with bra



क्या होती है माँ

तुझे कुछ होने पर जिसकाकलेजा छलनी हो जातावो होती है माँखुद जमीन पर सोकरतुझे अपनी बिस्तर पर सुला देवो होती है माँखुद कितनी भी तकलीफ में होबस तुम्हे देखकर मुस्करा देवो होती है माँखुद कितनी भी भूखी होलेकिन तुम्हे अपने हिस्से काभी खाना खिला देवो होती है माँखुद कभी स्कूल ना गई होलेकिन तुम्हे पढ़ाने के लिएअ



Hindi poetry on childhood life - अजूबी  बचपन ; अर्चना की रचना

बचपन की यादों आधारित हिंदी कविता अजूबी बचपन आज दिल फिर बच्चा होना चाहता है बचपन की अजूबी कहानियों में खोना चाहता है जीनी जो अलादिन की हर ख्वाहिश मिनटों में पूरी कर देता था,उसे फिर क्या हुक्म मेरे आका कहते देखना चाहता है आज दिल फिर बच्चा होना चाहता हैमोगली जो जंगल में बघ



Hindi poetry on patriotism and love - शूरवीर ; अर्चना की रचना

देशभक्ति प्रेम पर हिंदी कविता शूरवीर आज फिर गूँज उठा कश्मीर सुन कर ये खबरदिल सहम गया और घबरा कर हाथ रिमोट पर गया खबर ऐसी थी की दिल गया चीर हैडलाइन थी आज फिर गूँज उठा कश्मीर फ़ोन उठा कर देखा तो उनको भेजा आखिरी मेसेज अब तक unread था न ही पहले के मेसेज पर blue tick था ऑनला



मदर्स डे की कविता पढ़ेंगे - mothers day poems in hindi

इस लेख में आप मदर्स डे की कविता पढ़ेंगे - mothers day poems in hindi -मदर्स डे माँ के सम्मान में मनाया जाता है. मातृत्व, मातृ बंधन व् परिवार में माँ के महत्त्व को सेलिब्रेट करता, इस मदर्स डे की आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं. हमारे भारतीय समाज में माँ को भगवान के समान दर्ज



देश की महान लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान की आत्मकथा

सुभद्रा कुमारी चौहान भारत की महान लेखिका और कवियत्री थीं ,इस में आप केसरिया पुरूस्कार से सम्मानित (subhadra kumari chauhan biography in hindi ) सुभद्रा कुमारी चौहान जीवनी पढ़ेंगे -सुभद्रा कुमारी चौहान (subhadra kumari chauhan) हिंदी साहित्य का एक चमकता सितारा थीं | जि



हां मैं आज़ाद हिंदुस्तान लिखने आया हूं Poem on india

भूखे, गरीब, बेरोज़गारअनाथों और लाचार कीदास्तान लिखने आया हूं,हां मैं आज़ाद हिंदुस्तान लिखने आया हूं। एक ही कपड़े में सारे मौसम गुज़ारने वाले,सूखा, बाढ़ और ओले से फसल बर्बाद होने पर रोने और मरने वालेकर्ज़ में डूबे हुए उस अन्नदाता किसान की ज़ुबान लिखने आया हूं,हां मैं आज़



चुनावी मेंढक Poem on Delhi election

फिर से निकलेंगे चुनावी मेंढक इस चुनाव में,वो घोषणाओं के पुल बांधेंगे, लोगो को लालच देकर बहलायेंगे और फुसलायेंगे, सभी जाति-धर्मों के लोगों से अलग -अलग मिलकर उनका दुखड़ा गाएंगे,नीले सियार के वेश में आकर खुद को शेर बताएँगे, चुनाव जीतने के लिए ये दंगा भी करवाएंगे,फिर से होंगे नए-नए वादे, जुमले जुमलों का



Archana Ki Rachna: Preview " मैं बदनाम "

ऐसा क्या है जो तुम मुझसेकहने में डरते हो पर मेरे पीछे मेरी बातें करते हो मैं जो कह दूँ कुछ तुमसे तुम उसमें तीन से पांचगढ़ते होऔर उसे चटकारे ले करदूसरों से साँझा करते होमैं तो हूँ खुली किताबबेहद हिम्मती और बेबाक़रोज़ आईने में नज़रमिलाता हूँ अपने भीतर झाँक, फिरऐसा क्या है जो



Archana Ki Rachna: Preview "देखो फिर आई दीपावली"

देखो फिर आई दीपावली, देखो फिर आई दीपावलीअन्धकार पर प्रकाश पर्व की दीपावली नयी उमीदों नयी खुशियों की दीपावली हमारी संस्कृति और धरोहर की पहचान दीपावली जिसे बना दिया हमने "दिवाली"जो कभी थी दीपों की आवलीजब श्री राम पधारे अयोघ्या नगरीलंका पर विजय पाने के बादउनके मार्ग में अँ



काव्यों की महान रचनाकार श्री महादेवी वर्मा जी | Mahadevi Verma

काव्य रचनाओं में निपुण महान रचनाकार श्री महादेवी वर्मा जी |Mahadevi Verma:-काव्यों रचनाओं में निपुण महान श्री महादेवी वर्मा जी का जन्म सन् 26 मार्च 1907 को उत्तरप्रदेश के फ़र्रुख़ाबाद नामक क्षेत्र में हुआ था। वर्मा जी के जन्म के संबंध में सबसे विशेष बात यह थी कि



"याद आते हैं वो बचपन के दिन "

बचपन के दिन - कल याद आ गया मुझको भी अपना बचपनखुश हुई बहुत पर आँख तनिक सी भर आयी गांवों की पगडण्डी पर दिन भर दौड़ा करती कुछ बच्चों की दीदी थी। दादी की थी राजदुलारी रोज़ सुनती छत पर दादाजी से परियो की कहानी झलते रहते वो पंखा पर थक कर मैंसो जाती घर कच्चे थे चाची लीपा



शहर के पेड़ से उदास लगते हो...

दबी जुबां में सही अपनी बात कहो,सहते तो सब हैं......इसमें क्या नई बात भला!जो दिन निकला है...हमेशा है ढला!बड़ा बोझ सीने के पास रखते हो,शहर के पेड़ से उदास लगते हो...पलों को उड़ने दो उन्हें न रखना तोलकर,लौट आयें जो परिंदों को यूँ ही रखना खोलक



"गुलज़ार गली" Part-1

"गुलज़ार गली" भाग-१ hindi poem"तुम्हे जाना तो खुद पे हमें तरस आ गया,तमाम उम्र यूँही हम खुद को कोसते रहें"............"गुलज़ार गली" यही नाम था उस गली का....मैने कभी देखा नहीं था बस सुना था, हर किसी के ज़ुबान पे बस उसी गली की चर्चा रहती "गुलज़ार गली" |तकरीबन डेढ़ महीन



महान कवि सुमित्रानंन्दन पंत जी की जीवनशैली व उनकी अमर कवितायें

सुमित्रानन्दन पन्त जी का जीवन परिचय - ( Biography of Sumitranandan Pant) महान कवि सुमित्रानंदन पन्त जी का जन्म कुर्मांचल प्रदेश में अल्मोड़ा जिला के कौसानी नामक ग्राम में सन् 1900 ई. में हुआ था और इनके माता-पिता द्वारा रखा गया बचपन का नाम गुसाईं दत्त था | इनके जन्म के कुछ घंटों बाद ही इनकी माता ज



महारानी लक्ष्मीबाई की शहादत और उनकी स्मृति में कुछ पंक्तियां

भारत को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए 1857 की क्रांति में महारानी लक्ष्मीबाई का योगदान आज भी लोगों को याद है और यह देश के सभी युवाओं के लिए एक तरह से प्रेरणा की श्रोत मानी जाती हैं। जिनका जन्म 19 नवंबर 1828 को एक मराठा ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके बचपन का नाम मणिकर्णिका था और लोग इन्हें प्यार स



ख़ुद पंछी क्यों ना बन जाए- एक सुन्दर कविता

कविता जो दिल को छू जाये पंछी क्या सोचे वो क्या जाने, पंछी बन जो उड़ना ना जाने. नहीं कल को सोच पछताना, क्या होगा सोच ना घबराना. सोने का पिंजरा पसंद नहीं, पेड़ों पर जाकर सो जाना. दाना-पानी का व्यापार नहीं, सोने-चांदी की भी चाह नहीं. जो है सब तेरा - मेरा है,



इंतज़ार तो कमबख़्त कमाल सा होता है

"एक एक पल एक एक साल सा होता है, इंतज़ार तो कमबख़्त कमाल सा होता है. मुश्किल होता है वक्त मगर बेहद सशक्त, अच्छे अच्छों को भी एहसास सा होता है. तनहा रहना सब के लिए आसान नहीं है, फेल होते हुए भी दीदार पास सा होता है. इतना जल्दी सब कुछ मन सोचे हर कुछ, आदतन मन का अजीब हाल



"तेरे जाने से" दिल को छू जाने वाली सुन्दर कविता

" तेरे जाने से,अब ये शहर वीरान हो गया, तेेेेरे जादू का असर अब जाने कहा खो गया तेरी पायल की झंकार से, ये सारा शहर जाग जाता था, अब उन झंकारो का खतम नामों-निशान हो गया, बहुत ढूँढ़ा मैनें तुझे मुशाफिरों की तरह, भटकता रहा,छिपता रहा,कायरो की तरह, अब तक तो ये शहर भी पूरा सुनसान हो गया,



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हिंदी की सर्वश्रेष्ठ कवितायेँ एवं गीत. Best Hindi Poems के इस संग्रह में हम लेकर आये है हिंदी कवितायेँ , हिंदी काव्य, हिंदी गीत, ग़ज़ल ।कविता एक ऐसी प्रयोजनीय वस्तु है जो संसार के सभ्य और असभ्य सभी जातियों में पाई जाती है. जब इतिहास न था, न विज्ञान था और न ही दर्शन तब भी कुछ थी तो वो थी कवितायेँ | कवि



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