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Inspirational Hindi poetry on life - भरोसा  ; अर्चना की रचना

आज की सच्ची घटना पर आधारित हिंदी कविता सारांश -: दोस्तों ये घटना आज सुबह की है , जो कि मेरी दैनिक दिनचर्या है कि मैं रोज़ सुबह उठते ही परिंदों को दाना डालती हूँ तब अपने दिन की शुरुआत करती हूँ , पर आज इस घटना ने मुझे एक कविता की सोच दी जो मैं आप लोगों से साँझा कर रही हू



Motivational Hindi poetry on life - हाँ ; अर्चना की रचना

जीवन पर आधारित विचारणीय कविता आज की कविता शायद कुछ लोगो को भावुक करेया कुछ लोगों को सोचने पर मजबूर करेमेरा काम है आप लोगों तक एक सोच पहुँचाना किसी ने अपनाई तो शुक्रिया वख्त ज़ाया किया तो माफ़ करे……शीर्षक – : हाँतुम उस दिन जो हाँ कर देते तो किसी को नया जीवन देते पर तुम्हारी



Hindi poetry on Relationships - थोड़ी सी नमी ; अर्चना की रचना

बनते बिगड़ते रिश्तों पर आधारित कविता थोड़ी सी नमी तूफानों को आने दो मज़बूत दरख्तों की औकात पता चल जाती है पेड़ जितना बड़ा और पुराना हो उसके गिरने की आवाज़ दूर तलक़ आती है सींचा हो जिन्हें प्यार से उन्हें यूं बेजान देख करएक आह सी निकलती हैपर उसे जिंदा रखने की ललक सब में कहा होती



Hindi love poetry on sentiments - इस बार ; अर्चना की रचना

प्रेम में भावनाओं पर हिंदी कविता इस बार सोचती हूँ, क्या इस बार तुम्हारे आने परपहले सा आलिंगन कर पाऊँगी या तुम्हें इतने दिनों बाद देख ख़ुशी से झूम जाउंगी चेहरे पे मुस्कान तो होगी पर क्या वो सामान्य होगी तुम्हें चाय का प्याला दे क्या एक मेज़बान की तरह मिल पाऊँगी तुम सोफे पर



Hindi poetry on life - मैं कुछ भूलता नहीं ; अर्चना की रचना

जीवन पर आधारित हिंदी कविता मैं कुछ भूलता नहीं मैं कुछ भूलता नहीं ,मुझे सब याद रहता है अजी, अपनों से मिला गम, कहाँ भरता हैसुना है, वख्त हर ज़ख़्म का इलाज है पर कभी-२ कम्बख्त वख्त भी कहाँ गुज़रता है मैं अब बेख़ौफ़ गैरों पे भरोसा कर लेता हूँ जिसने सहा हो अपनों का वार सीने पे , वो



Hindi love poetry On Occasion of Holi - मैं तो तेरी होली ; अर्चना की रचना

होली के अवसर पर एक प्रेम भरी हिंदी कविता मैं तो तेरी होली…ओ रे पिया मैं तो तेरी होली तन मन धन सब वारा तुझपे तेरे पीछे मैंने अपनी सुद्बुध खो ली ओ रे पिया मैं तो तेरी होली रूप श्रृंगार से रिझाया तुझको स्वाद से भी लुभाया तुझको पत्नी ,माँ,प्रेमिका और सेविका चारों रूप से समर्प



A Hindi poetry about life -लाज़मी सा सब कुछ ; अर्चना की रचना

जीवन पर आधारित हिंदी कविता लाज़मी सा सब कुछ मुझे वो लाज़मी सा सब कुछ दिलवा दो जो यूं ही सबको मिल जाता है न जाने कौन बांटता है सबका हिस्सा जिसे मेरे हिस्सा नज़र नहीं आता है बहुत कुछ गैर लाज़मी तो मिला अच्छे नसीबो से पर लाज़मीसा सब कुछ मेरे दर से लौट जाता है न छु सकूँ जिसे , बस



A hindi poetry on true love - दरख्वास्त ; अर्चना की रचना

प्रेम पर आधारित हिंदी कविता दरख्वास्तसुनो, मुझे अपना बना लो मन को तो लूभा चुके होअब मुझे खुद में छुपा लो हूँ बिखरी और बहुत झल्ली सी अपनी नज़रों में पगली सी पर तुम्हारी नज़रों से जब खुद को देखा लगने लगी भली भली सी सुनो, इन नज़रों में ता उम्र मुझको बसा लोसुनो, मुझे अपना बना लो



inspirational Hindi poetry on life - सच ; अर्चना की रचना

जीवन पर आधारित प्रेरणात्मक हिंदी कविता सच कितना सरल है, सच को स्वीकार कर जीवन में विलय कर लेनासंकोच ,कुंठा और अवसाद को खुद से दूर कर लेना जिनके लिए तुम अपने होवो हर हाल में तुम्हारे ही रहेंगे,कह दोगे जो हर बात दिल कीतो उनसे रिश्ते और गहरे ही जुड़ेंगे कितना सरल है , औरों की



Hindi poetry on friends of benefits - मतलब की धूल; अर्चना की रचना

मतलबी दोस्ती पर आधारित हिंदी कविता मतलब की धूलवख्त की तेज़ धूप ने सब ज़ाहिर कर दिया है खरे सोने पर ऐसी बिखरी की उसकी चमक को काफ़ूर कर दिया है जब तक दाना डालते रहे चिड़िया उन्हें चुगती रही हुए जब हाथ खाली तो उसकी चोंच ने ज़ख़्मी कर दिया हैजब तक मेज़बान थे घर में रौनक लगी रही शाम



Hindi poetry based on relationships - कहाँ तक साथ चलोगे ; अर्चना की रचना

रिश्तों पर आधारित हिंदी कविता कहाँ तक साथ चलोगे सबसे जुदा हो कर पा तो लिए तुमको मैंने पर ये तो बोलो कहाँ तक साथ चलोगे ?न हो अगर कोई बंधन रस्मो और रिवाजों का क्या तब भी मेरा ही साथ चुनोगे बोलो कहाँ तक साथ चलोगे ?एक धागे में पिरोई माला तक सिमित रहेगा प्यार तुम्हारा या इस गठ



Motivational Hindi Poetry on life - वख्त की आज़मायिश ; अर्चना की रचना

जीवन पर आधारित हिंदी कविता वख्त की आज़मायिशये जो मेरा कल आज धुंधला सा है सिर्फ कुछ देर की बात है अभी ज़रा देर का कोहरा सा हैधुंध जब ये झट जाएगी एक उजली सुबह नज़र आएगी बिखरेगी सूरज की किरण फिर से ये ग्रहण सिर्फ कुछ देर का है अभी जो अँधेरा ढीठ बना फैला हुआ है तुम्हें नहीं पता,



Hindi love poetry based on sentiments- मेरा श्रृंगार तुमसे ;अर्चना की रचना

प्रेम में स्त्री की भावना को दर्शाती हिंदी कविता मेरा श्रृंगार तुमसे दर्पण के सामने खड़ी होकर, जब भी खुद को सँवारती हूँ उस दर्पण में तुमको साथ देख,अचरज में पड़ जाती हूँशरमाकर कजरारी नज़रें नीचे झुक जाती हैं पर कनखियों से तुमको ही देखा करती हैं यूं आँखों ही आँखों में पूछ लेती



Hindi poetry on life of river and women - शिवांशी ; अर्चना की रचना

नदी और स्त्री जीवन को दर्शाती हिंदी कविता शिवांशी मैं शिवांशी , जल की धार बन शांत , निश्चल और धवल सी शिव जटाओं से बह चली हूँ अपने मार्ग खुद ढूँढती और बनातीआत्मबल से भरपूर खुद अपना ही साथ लिए बह चली हूँ कभी किसी कमंडल में पूजन को ठहर गई हूँ कभी नदिया बन किसी सागर में विलय



Hindi poetry on woman - मेरे जैसी मैं ; अर्चना की रचना

नारी पर आधारित एक विचारणीय हिंदी कविता मेरे जैसी मैं मैं कहाँ मेरे जैसी रह गयी हूँ वख्त ने बदल दिया बहुत कुछमैं कोमलांगना से काठ जैसी हो गई हूँमैं कहाँ मेरे जैसी रह गयी हूँ समय के साथ बदलती विचारधारा ने मेरे कोमल स्वरुप कोएक किवाड़ के पीछे बंद तो कर दिया है पर मन से आज



Hindi inspirational poetry based on love - करम - अर्चना की रचना

प्रेम पर आधारित प्रेरक हिंदी कविता करम मेरे महबूब का करम मुझ पर जिसने मुझे, मुझसे मिलवाया है नहीं तो, भटकता रहता उम्र भर यूं ही मुझे उनके सिवा कुछ भी न नज़र आया है लोग इश्क में डूब कर फ़ना हो जाते हैं पर मैंने डूब करअपनी मंजिलोंको रु ब रु पाया है मेरे महबूब का करम मुझ पर जि



Hindi poetry on Mother and child love - आँखों का नूर ; अर्चना की रचना

कल उस बात को एक साल हो गया वख्त नाराज़ था मुझसे न जाने कैसे मेहरबान हो गया मेरी धड़कन में आ बसा तू ये कैसा कमाल हो गयाकल उस बात को एक साल हो गया रोज़ दुआ भी पढ़ी और आदतें भी बदलीसिर्फ तेरी सलामती की चाहत रखना मेरा एक एकलौता काम हो गया कल उस बात को एक साल हो गया सिर्फ तू ही मे



Hindi poetry on Friendship - दोस्ती हिंदी कविता ; अर्चना की रचना

चलो थोडा दिल हल्का करें कुछ गलतियां माफ़ कर आगे बढें बरसों लग गए यहाँ तक आने में इस रिश्ते को यूं ही न ज़ाया करें कुछ तुम भुला दो , कुछ हम भुला देंकड़ी धूप में रखा बर्तन ही मज़बूत बन पाता है उसके बिगड़ जाने का मिटटी को क्यों दोष दें कुछ तुम भुला दो , कुछ हम भुला देंयूं अगर दफ़न



Life Inspiring Hindi poetry based on love - छल ; अर्चना की रचना

जीवन और प्रेम पर आधारित हिंदी कविता छल छल और प्यार में से क्या चुनूँजो बीत गया उसे साथ ले कर क्यों चलूँपतंग जो कट गई डोर से वो खुद ही कब तक उड़ पायेगी हालात के थपेडों से बचाने को उसको फिर नयी डोर का सहारा क्यों न दूंजो शाख कभी फूलों से महकी रहती थी वो पतझड़ में वीरान हो चली



Inspirational Hindi poetry on love and life - वख्त ; अर्चना की रचना

ज़िन्दगी और प्रेम पर आधारित प्रेरणात्मक हिंदी कविता वख्त वख्त जो नहीं दिया किसी ने उसे छीनना कैसा उसे मांगना कैसा छिनोगे तो सिर्फ २ दिन का ही सुख पाओगे और मांगोगे तो लाचार नज़र आओगे छोड़ दो इसे भी वख्त के हाल पर जो जान कर सो गया , उसे जगाना कैसावख्त जो किसी के साथ गुज़ार आये



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