मनुष्य योनि में मानव जीवन का सद्पयोग - सिलिकॉन वैली छोड़ कर रहे आर्गेनिक खेती |

वर्तमान भारतीय शिक्षा व्यबस्था जो की ब्रिटिश हुक़ूमत के समयानुसार भारतीय मूल्यों व् सभ्यता-संस्कृति को सामान्य भारतीय जन-मानस के मन-मष्तिस्क में स्वयं का ही परिहास कराकर पच्छिमी भौतिक वैज्ञानिक शिक्षा को ही सर्वमान्य परपेछित कर आज के भारतीय युवा-वर्ग को सीमित बौद्धिक छमताओ में किसी श्रापबंध से बांध



चप्पल वाला दुध

रमेश को बहुत आश्चर्य हुआ।मोन उसके हाथ में चप्पल पकड़ा रहा था। रमेश ने लेने से मना किया तो मोनू रोने लगा। रमेश के मामा ने समझाया, भाई हाथ में पकड़ लो, वरना मोनू दुध नहीं पियेगा। रमेश ने चप्पल हाथ में ले लिया। फिर मोनू एक एक करके मामा , फिर मामी के हाथ में चप्पल पकड़ाते गया। ज



पाँच रूपये

बात लगभग अस्सी के दशक की है . जितने में आजकल एक कप आइसक्रीम मिलता है , उतने में उनदिनों एक किलो चावल मिल जाया करता था. अंगिरस 6 ठी कक्षा का विद्यार्थी था. उसके पिताजी पोस्ट ऑफिस में एक सरकारी मुलाजिम थे. साईकिल से पोस्ट ऑफिस जाते थे. गाँव में उनको संपन्न लोगो में नहीं , त



इंडियन कॉमिक्स फैंडम अवार्ड्स 2018 #ICFA_2018

भारतीय कॉमिक्स संसार से जुड़े कलाकारों और प्रशंसकों के कार्य और कल्पना को सलामी देते इंडियन कॉमिक्स फैंडम अवार्ड्स का इस वर्ष का संस्करण शुरू हो चुका है . अपने पसंदीदा कलाकारों को विभिन्न श्रेणियों में नामित करें. अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित लिंक पर जायें - Indian Comi



मैं रथ का टूटा हुआ पहिया हूं - डॉ. धर्मवीर भारती | Hindi Poem | Dharmvir Bharti

श्री धर्मवीर भारति हिंदी साहित्य के प्रयोगवादी कवि थे | डॉ. भारति हिंदी की साप्ताहिक पत्रिका 'धर्मयुग' के प्रधान संपादक थे। भारत सरकार द्वारा 1972 में डॉ. धर्मवीर भारती को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। रथ का टूटा हुआ पहिया हूं धर्मवीर भारति की सर्वश्रेस्ट और लोकप्रिय कविताओं में से एक है | महाभारत



रविंद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कहानियां - भिखारिन (Bhikharin story in hindi by Rabindranath Tagore) अन्धी प्रतिदिन मन्दिर के दरवाजे पर जाकर खड़ी होती,

रविंद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कहानियां - भिखारिन (Bhikharin story in hindi by Rabindranath Tagore)अन्धी प्रतिदिन मन्दिर के दरवाजे पर जाकर खड़ी होती, दर्शन करने वाले बाहर निकलते तो वह अपना हाथ फैला देती और नम्रता से कहती- "बाबूजी, अन्धी पर दया हो जाए।"वह जानती थी कि मन्दिर में आने वाले सहृदय और श्रद्ध



काबुलीवाला - रवींद्रनाथ टैगोर | Rabindranath Tagore story in hindi - Kabuliwala

रविंद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कहानियां - काबुलीवाला (Kabuliwala story in hindi by Rabindranath Tagore)मेरी पाँच वर्ष की छोटी लड़की मिनी से पल भर भी बात किए बिना नहीं रहा जात



महादेवी वर्मा की 11 प्रसिद्ध कवितायेँ - Mahadevi verma poems in hindi

महादेवी वर्मा हिंदी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से एक है |शचीरानी गुर्टू ने भी महादेवी वर्मा की कविता (Mahadevi verma poems) को सुसज्जित भाषा का अनुपम उदाहरण मान



"सोशल मीडिया पर साहित्य, लाभ या हानि"

"सोशल मीडिया पर साहित्य- लाभ या हानि" "हानि लाभ जीवन मरन जस अपजस बिधि हाथ", बाबा तुलसी दास जी ने कुछ भी नहीं छोड़ा, हर विषय पर कटु सत्य को उजागर कर गए। काश उस समय सोशल मीडिया होता तो हमें अपने मन से कुछ भी लिखने की जरूरत न पड़ती और हम कट, पेष्ट या गूगल सर्च करके उन्हीं के विचार छाप देते और सम्मानित हो



साहित्य का महाकुम्भ इस साल और भी बड़ा, और भी भव्य

'साहित्य आज तक' फिर लौट आया है. इसके साथ ही नवंबर के मध्य में राजधानी में फिर से सज रहा है साहित्य के सितारों का महाकुंभ. तीन दिनों के इस जलसे में हर दिन साहित्य और कलाप्रेमी देख और सुन सकेंगे शब्द, कला, कविता, संगीत, नाटक, सियासत और संस्कृति से जुड़ी उन हस्तियों को, जिन्ह



सबसे अच्छी दोस्त

सबसे अच्छी दोस्त-मनोहर चमोली ‘मनु’निहारिका ने राजेश से कहा-‘‘पापा। कल स्कूल में पेरेंट्स मीटींग है। आप आओगे न?’’राजेश नोटबुक पर झुका हुआ था। निहारिका की ओर देखे बिना बोला-‘‘साॅरी बेटी। कल आॅपिफस में जरूरी मीटींग हैं। बट डोंट वरी। मम्मी से कहो। वो चली जाएंगी।’’निहारिका उदास हो गई। धीरे से बोली-‘‘मम्म



बर्थडे स्पेशल - बिहार के गाँव में जन्मा हिंदी का एक महान साहित्यकार "रामधारी सिंह दिनकर"

हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को सिमरिया, ज़िला मुंगेर, बिहार में एक सामान्य किसान के घर में हुआ था। रामधारी सिंह दिनकर एक ओजस्वी राष्ट्रभक्त कवि के रूप में जाने जाते थे। उनकी कविताओं में छायावादी युग का प्रभाव होने के कारण श्रृंगार के भी प्रमाण मिलते हैं।दिनकर द



बिहार में लगेगा साहित्य का कुंभ, राजनगर में होगा मधुबनी लिटरेचर फेस्टिवल

बिहार का मिथिला क्षेत्र अपनी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक आचार-विचार और प्राचीन धरोहरों के लिए जाना जाता है. वहीं, साहित्यिक रूप से भी मिथिला का इतिहास समृद्ध रहा है. साहित्य और संस्कृति हमारी वैभवशाली परंपरा को प्रकट करने के माध्यम हैं. इसी परंपरा को मिथिला क्षेत्र में फिर



Teacher's Day- हर किसी के जीवन में ऐसे गुरु होने चाहिए

“ एक अच्छा शिक्षक एक मोमबत्ती की तरह होता है, जो खुद जलकर दूसरों के लिए पथ-प्रदर्शक का कार्य करता है ।"शिक्षण सबसे महान व्यवसायों में से एक है और यह एक ऐसा कार्य है, जो न केवल बच्चे को विभिन्न विषयों और ज्ञानक्षेत्र के बारे में विस्तृत



रात भर छाए रहे बादल

रात भर छाए रहे बादल / प्रतीक्षा में भोर की और उनसे झरती नेह रस की हलकी हलकी बूँदें भिगोती रहीं धरा बावली को नेह के रस में...बरखा की इस भीगी रुत में पेड़ों की हरी हरी पत्तियों / पुष्पों से लदी टहनियों के मध्य से झाँकता सवेरे का सूरज बिखराता है लाल गुलाबी प्रकाश इस धरा पर..



क्या आप जानते है ?? (अंग्रेजी भाषा के ‘शब्दकोश’ के सर्जक सैमुएल जॉनसन)

सैमुएल जॉनसन (Samuel Johnson) 18वीं शताब्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार , प्रसिद्ध लेख क'> अंग्रेजी लेखक और आलोचक थे । आज उनका308वां जन्मदिन है । उनकी सबसे प्रसिद्ध उपलब्धि “अंग्रेजी भाषा का शब्दकोश ” या “इंगलिशडिक्सनरी” बनाने की रही है, जिसकी मदद से लोगोंको अंग्रे



दुख जैसा है, तभी अपना है

तेरा मिलना बहुत अच्च्छा लगे है, कि तू मुझको मेरे दुख जैसा लगे है...ये चर्चा, किसी के हुस्न की नही है। ना ये बयान है किसी के संग आसनाई के लुत्फ की। सीधे-सहज-सरल लफ्जों में यह तरजुमा है एक सत्य का। सच्चाई यह कि अपनापन और सोहबत की हदे-तकमील क्या है।अपना क्या है? कौन है?... वही जो अपने दुख जैसा है! मतलब



खुला ख़त, आपकी (ज़ीरो बटे सन्नाटा) इण्टरनेट स्पीड के नाम

नमस्कार!!! खुला ख़तपिछले कुछ समय से ट्रेंड पर चल रहा है। मुख्यतः ये ख़त किसी (गैर) ज़िम्मेदार संस्थाको उससे त्रस्त एक अस्तित्त्वहीन(मान लो) मानुस के बीच संवाद स्थापित करने का साधनहोता है, जिसको (गैर) ज़िम्मेदार संस्था को छोड़कर बाकी सब पढ़ लेते हैं। आज अपनी ज़िन्दगीसे त्रस्त होकर मैंने भी एक ख



स्वर्गीय लेखक वेद प्रकाश शर्मा जी को श्रद्धांजलि (1955-2017)

कहते हैं कि हरिद्वार में रहने वाले गंगा जी में नहीं नहाते। वैसे नहाते तो होंगे पर कहने का मतलब यहाँ कुछ और है…कि जो बात करने में बहुत आसान हो उसे हम “ये तो कभी भी हो जाएगा” कहकर टाल देते हैं। आज प्रख्यात लेखक वेद प्रकाश शर्मा जी के निधन का समाचार मिला। 2015 में Parshuram Sharma जी का साक्षात्कार लिय



'सफलता सूत्र' में अपनी रचनाएं प्रकाशित कराएं एवं पारिश्रमिक पाएं.

अपनी सोई हुई रचनात्मक क्षमता को जगाएं एवं नवीन सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें।'सफलता सूत्र' में अपनी रचनाएं प्रकाशित कराएं एवं पारिश्रमिक पाएं.➤ सबरंग के लिए आप ज्ञानवर्द्धक, रोचक, मनोरंजक, ज्ञान-विज्ञान, स्वास्थ्य, कला, संगीत, अध्यात्म, सफलता, साहित्य, कहानी, कविता, लघुकथा,



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